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ट्रंप ने शी जिनपिंग से फ़ोन पर बात करने के बाद क्या कहा

ट्रंप ने कहा कहा कि उनकी और शी जिनपिंग की बातचीत में व्यापार, ताइवान, रूस-यूक्रेन युद्ध, ईरान और चीन की उनकी प्रस्तावित यात्रा पर चर्चा हुई.

सारांश

लाइव कवरेज

प्रियंका झा, दीपक मंडल

  1. राहुल गांधी पूर्व सेना अध्यक्ष की अप्रकाशित किताब लेकर संसद पहुंचे

    लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी बुधवार को संसद में पूर्व सेना प्रमुख एमएम नरवणे की उस अप्रकाशित किताब की कॉपी लेकर पहुंचे, जिसपर पिछले तीन दिनों से विवाद हो रहा है.

    दरअसल, कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने कारवां मैगज़ीन में एक अप्रकाशित किताब (फ़ॉर स्टार्स ऑफ़ डेस्टिनी) पर छपे लेख के अंश सोमवार को संसद में पढ़ने की कोशिश की थी. यह किताब पूर्व सेना प्रमुख जनरल मनोज मुकुंद (एमएम) नरवणे ने लिखी है.

    जिस पर भाजपा के नेताओं ने आपत्ति जताई और कहा कि अप्रकाशित किताब के अंश कैसे पढ़े जा सकते हैं.

    बुधवार को संसद परिसर में किताब की प्रति दिखाते हुए राहुल गांधी ने पत्रकारों से कहा, "सरकार कह रही है कि ये किताब नहीं है, स्पीकर कह रहे हैं कि ये किताब नहीं है. भारत के हर युवा को देखना चाहिए ये किताब है. ये नरवणे जी की किताब है. इसमें उन्होंने पूरा अकाउंट लिखा है, लद्दाख का. और मुझे कहा गया है कि मैं इस बुक को कोट नहीं कर सकता हूं."

    राहुल गांधी ने किताब पढ़ते हुए कहा, "यहां पर जो मेन लाइन है, प्रधानमंत्री ने कहा- जो उचित समझो, वो करो. चीफ़ ऑफ़ आर्मी स्टाफ़, जनरल नरवणे ने जी ने राजनाथ सिंह को फोन किया और कहा कि देखिए कैलाश रिज पर चाइनीज़ टैंक आ गए हैं, हमें क्या करना है. पहले राजनाथ सिंह जी ने उनको रिप्लाई नहीं किया. उन्होंने (सेना अध्यक्ष) जयशंकर जी से पूछा, एनएसए से पूछा, राजनाथ सिंह जी से पूछा. कोई रिप्लाई नहीं आया."

    राहुल गांधी ने किताब के हवाले से कहा, "फिर उन्होंने (सेनाध्यक्ष) राजनाथ सिंह जी को फोन किया. तो राजनाथ सिंह जी ने कहा कि मैं टॉप से पूछता हूं. टॉप का ऑर्डर था कि अगर चाइनीज़ फोर्सेज़ अंदर आएंगे, तो उन पर बिना हमसे पूछे फ़ायर नहीं करना है. नरवणे जी और हमारी सेना उनपर फ़ायर करना चाहती थी क्योंकि टैंक्स हमारी टेरिटरी में आ गए थे. नरेंद्र मोदी जी ने मेसेज दिया कि देखिए, जो उचित समझो वो करो."

    राहुल गांधी जिस अप्रकाशित किताब के कुछ अंश पढ़ रहे थे, मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक़ वह किताब जनवरी 2024 में बाज़ार में आने वाली थी लेकिन भारतीय सेना इस किताब की जांच कर रही है.

    लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने सोमवार को नियम 349 (1) का हवाला देते हुए कहा था कि किसी भी किताब, ईमेल पर चर्चा कैसे सदन में हो सकती है.

    उन्होंने कहा, "मैंने रूल बुक पढ़ी हुई है. नियम और परंपरा रही है कि अख़बार की कटिंग, किताब और ऐसे विषय जो प्रमाणिक नहीं हैं, उन पर सदन में चर्चा की परंपरा नहीं रही है."

    सत्ता पक्ष नियमों का हवाला देते हुए राहुल गांधी के पत्रिका के अंश पढ़ने पर आपत्ति जता रहा है.

  2. प्रियंका गांधी ने राहुल गांधी की लोकसभा स्पीकर को लिखी चिट्ठी पर क्या कहा?

    कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी अपने भाई और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के बचाव में उतरी हैं. राहुल गांधी ने लोकसभा स्पीकर ओम बिरला को चिट्ठी लिखकर यह कहा था कि उन्हें संसद में बोलने नहीं दिया जा रहा, जो गहरी चिंता पैदा करता है.

    बुधवार को संसद पहुंचने पर प्रियंका गांधी से जब इस बारे में सवाल किया गया तो उन्होंने कहा, "राहुल गांधी जी एक पब्लिक सोर्स से कोट कर रहे हैं, लेकिन फिर भी उन्हें बोलने नहीं दिया जा रहा है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने खुद ही संजय बारू जी को कोट किया है. सत्ता पक्ष के लोग खुद कभी मैगज़ीन तो कभी किसी किताब को संसद में कोट करते रहे हैं."

    संजय बारू पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के मीडिया सलाहकार रह चुके हैं और उन्होंने 'द एक्सीडेंटल प्राइम मिनिस्टर' नाम की किताब लिखी थी.

    उन्होंने कहा, "संसद लोकतंत्र का मंदिर है. इसमें पूरे देश की आस्था है. परंपरा रही है. ऐसा हुआ है कि कभी चीन पर चर्चा हुई है, विदेशी मामलों पर चर्चा हुई है. हमेशा खुलकर चर्चा हुई है. विपक्ष हो या सरकार हो सबने अपना पक्ष रखा है."

    पूर्व सेना प्रमुख एमएम नरवणे की अप्रकाशित किताब का ज़िक्र करते हुए प्रियंका गांधी ने कहा, "असल में ये लोग डर गए हैं कि क्या बातें निकलने वाली हैं. जहां तक मेरी जानकारी है इस पुस्तक में ऐसी बातें लिखी गई हैं कि क्राइसिस के समय जब चीन की सेना हमारे बॉर्डर पर थी, तब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और टॉप लीडरशिप का क्या रिएक्शन रहा."

    दरअसल, कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने कारवां मैगज़ीन में एक अप्रकाशित किताब (फ़ॉर स्टार्स ऑफ़ डेस्टिनी) पर छपे लेख के अंश सोमवार को संसद में पढ़ने की कोशिश की थी. यह किताब पूर्व सेना प्रमुख जनरल मनोज मुकुंद (एमएम) नरवणे ने लिखी है.

    राहुल गांधी ने लोकसभा में सोमवार को कहा, "इस पत्रिका में नरवणे जी ने कहा है कि यह उनका संस्मरण है. जो सरकार प्रकाशित नहीं होने दे रही है. मैं इसमें से सिर्फ़ पांच लाइन पढ़ना चाहता हूं." जिस पर भाजपा के नेताओं ने आपत्ति जताई और कहा कि अप्रकाशित किताब के अंश कैसे पढ़े जा सकते हैं.

  3. राहुल गांधी की लोकसभा स्पीकर को चिट्ठी पर बोले केंद्रीय मंत्री रिजिजू

    लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस नेता राहुल गांधी की लोकसभा स्पीकर ओम बिरला को लिखी चिट्ठी पर केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने प्रतिक्रिया दी है.

    उन्होंने कहा, "उसका जवाब दे दिया है. हम लोग भी रुक-रुक के थक गए, लेकिन वो बोलते ही नहीं हैं. बोलते हैं नियम से बाहर बोलेंगे. हम लोगों ने दो दिन इंतज़ार किया. बाकी को भी तो बोलने का मौका मिलना चाहिए न. मर्ज़ी से थोड़े ही बोलेंगे, ये पार्लियामेंट ऑफ़ इंडिया है, यहां नियम से बोलना पड़ता है."

    इससे पहले राहुल गांधी ने मंगलवार को लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को एक चिट्ठी लिखी थी. उन्होंने इसमें लिखा, "अध्यक्ष महोदय, कल जब मैं राष्ट्रपति के अभिभाषण पर बोल रहा था तो आपने मुझे उस मैग़ज़ीन को ऑथेंटिकेट करने के लिए कहा, जिसका मैं हवाला देना चाहता था. आज मैंने दस्तावेज़ की पुष्टि करते हुए स्पीच शुरू करनी चाही."

    उन्होंने कहा कि लंबे समय से ये परंपरा रही है कि सदन में जो सदस्य किसी दस्तावेज़ का हवाला देना चाहते हैं, उन्हें उसकी पुष्टि करनी होती है. एक बार यह हो जाने के बाद स्पीकर सदस्य को डॉक्यूमेंट का हवाला देने की इजाज़त दे देते हैं.

    उन्होंने लिखा, "आज लोकसभा में मुझे बोलने से रोकना न सिर्फ़ परंपरा का उल्लंघन है बल्कि इससे यह गहरी चिंता भी पैदा होती है कि विपक्ष के नेता के तौर पर मुझे राष्ट्रीय सुरक्षा के मुद्दों पर बोलने से जानबूझकर रोकने की कोशिश की जा रही है. यह दोहराना ज़रूरी है कि राष्ट्रीय सुरक्षा राष्ट्रपति के अभिभाषण का अहम हिस्सा था, जिसपर सदन में चर्चा होनी चाहिए."

  4. चीन में मानवाधिकार समूहों का दावा- भ्रष्टाचार पर रिपोर्ट करने वाले दो पत्रकार हिरासत में लिए गए, कोह ईव, बीबीसी न्यूज़

    मानवाधिकार समूहों और कार्यकर्ताओं ने चीन के सिचुआन प्रांत में एक वरिष्ठ अधिकारी के कथित भ्रष्टाचार को उजागर करने के बाद दो खोजी पत्रकारों को हिरासत में लिए जाने को लेकर चेताया है.

    राइट्स ग्रुप का कहना है कि स्वतंत्र पत्रकार लियू हू और वू यिंगजियाओ को उनकी खोजी रिपोर्ट प्रकाशित होने के बाद रविवार को पुलिस ने हिरासत में ले लिया.

    आलोचक लंबे समय से चीन में मीडिया को दबाने से जुड़े वाकयों पर चिंता जताते रहे हैं. चीन में पत्रकारों को इससे पहले भी मुक़दमों का सामना करना पड़ा है.

    चेंगदू पुलिस ने सोमवार को कहा कि लियू और वू सरनेम वाले दो व्यक्ति 'झूठे आरोप लगाने' और 'अवैध व्यावसायिक गतिविधियों' के मामलों में जांच के दायरे में हैं. गिरफ़्तार हुए लोगों में से एक की उम्र 50 और दूसरे की 34 साल बताई गई है.

    चीन की सरकार की ओर से अभी तक इन गिरफ़्तारियों पर कोई बयान नहीं है.

    लियू चीन के एक जाने-मामने खोजी पत्रकार हैं. उन्हें इससे पहले साल 2013 में भी गिरफ्तार किया जा चुका है. उस समय ये गिरफ़्तारी एक हाई रैंक अधिकारी पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाने के बाद मानहानि के संदेह में हुई थी.

    मगर 2014 में रिहाई के बाद लियू ने अपनी खोजी पत्रकारिता को जारी रखा और सोशल मीडिया पर अपनी रिपोर्टें प्रकाशित की.

  5. राजस्थानः ब्रिटेन से आए दो पर्यटकों को भारत छोड़ने का नोटिस, पुलिस ने क्या बताया?, मोहर सिंह मीणा, बीबीसी हिन्दी के लिए

    राजस्थान पुलिस के क्रिमिनल इनवेस्टिगेशन डिपार्टमेंट (सीआईडी) ने ब्रिटेन से पुष्कर पहुंचे दो ब्रितानी नागरिकों को भारत छोड़ने के लिए कहा है. दोनों टूरिस्ट के ख़िलाफ़ इमीग्रेशन एंड फॉरेंसिक एक्ट 2025 के तहत दो फ़रवरी को यह कार्रवाई की गई है.

    ब्रिटेन के नागरिक लेविश गेब्रिल दी और उनकी दोस्त एनुएशी इमा क्रिस्टीन पर यह कार्रवाई फ़लस्तीन के समर्थन में स्टिकर लगाने की वजह से हुई है.

    सीआईडी के पुष्कर प्रभारी सब इंस्पेक्टर शक्ति सिंह ने बीबीसी को फ़ोन पर बताया, "21 जनवरी को हमें सूचना मिली थी कि कुछ दुकानों के बाहर फ़लस्तीन के समर्थन में स्टिकर लगाए गए हैं. हमने तलाश की और दोनों ब्रिटिश नागरिकों को पकड़ा. उन्होंने स्वीकार किया है कि ये स्टिकर उन्होंने लगाए थे."

    शक्ति सिंह ने बताया कि दोनों के सामान की तलाशी में स्टिकर भी मिले हैं. इसकी रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को भेज दी गई है. रिपोर्ट के आधार पर दोनों ब्रितानी नागरिकों को भारत छोड़ने के लिए दो फ़रवरी को नोटिस जारी किया गया था.

    दोनों नागरिक भारत से वापसी की टिकट करवा रहे हैं. कुछ दिन में वह भारत से वापस यूके लौट जाएंगे.

    सीआईडी के मुताबिक दोनों ब्रिटिश नागरिकों के सोशल मीडिया अकाउंट की डीटेल्स, फोन नंबर साइबर सेल में जांच के लिए भेजे गए हैं. शक्ति सिंह ने बताया कि फ़लस्तीन के समर्थन वाले स्टिकर लगाने के कारण पूछने पर दोनों ने सीआईडी को बताया कि वे इंटरनेट पर देखे कंटेंट से प्रभावित थे. हालांकि, दोनों की इलेक्ट्रोनिक डिवाइस से मालूम होगा कि वह किसके संपर्क में थे.

    पुष्कर में बड़ी संख्या में इसराइल के पर्यटक भी रहते हैं, इन स्टिकर के बाद पुष्कर में इसराइली मूल के लोगों की क्या प्रतिक्रिया है. बीबीसी के इस सवाल पर शक्ति सिंह कहते हैं, “हमने इसराइल के लोगों के एक प्रतिनिधि से बात की है उन लोगों ने इसमें कोई दिलचस्पी नहीं दिखाई.”

    सीआईडी के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक राजेश मीणा ने इस मामले पर बयान जारी कर बताया कि, “आने वाले समय में भी वीजा नियमों का उल्लंघन करने वाले विदेशी नागरिकों को चिह्नित कर भारत से डिपोर्ट किए जाने तथा ब्लैकलिस्ट किए जाने की कार्रवाई की जाएगी.”

  6. ममता बनर्जी एसआईआर के ख़िलाफ़ सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान ख़ुद रहेंगी मौजूद

    सुप्रीम कोर्ट बुधवार को पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की ओर से राज्य में चल रहे मतदाता सूची के स्पेशल इन्टेंसिव रिविज़न के ख़िलाफ़ दी गई अर्ज़ी पर सुनवाई करेगा.

    ममता बनर्जी की पार्टी तृणमूल कांग्रेस ने उनकी एक तस्वीर शेयर की है, जिसमें ममता बनर्जी काले कोट में सुप्रीम कोर्ट की ओर बढ़ती हुई दिख रही हैं. इस तस्वीर पर लिखा है, "ममता बनर्जी सुप्रीम कोर्ट में एसआईआर को चुनौती देंगी."

    सुप्रीम कोर्ट की वेबसाइट पर मौजूद जानकारी के अनुसार, मुख्य न्यायाधीश जस्टिस सूर्य कांत, जस्टिस जॉयमाला बाग़ची और जस्टिस विपुल एम पंचोली की बेंच एसआईआर के ख़िलाफ़ दायर याचिकाओं पर सुनवाई करेगी.

    मामले में ममता बनर्जी, मोस्तारी बानो और टीएमसी सांसद डेरेक ओ ब्रायन, डोला सेन की ओर से अर्ज़ी दायर की गई है.

    इससे पहले, 19 जनवरी को सुप्रीम कोर्ट ने कई निर्देश जारी करते हुए कहा कि पश्चिम बंगाल में एसआईआर प्रक्रिया पारदर्शी होनी चाहिए और इससे किसी तरह की असुविधा नहीं होनी चाहिए.

    सोमवार को ममता बनर्जी ने पार्टी नेताओं और कुछ एसआईआर से प्रभावित परिवारों के साथ मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार से मुलाक़ात की.

    ममता बनर्जी पश्चिम बंगाल में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण को रोकने की मांग कर रही हैं.

  7. क्रिटिकल मिनरल की खोज से द्विपक्षीय सहयोग तक, जयशंकर और रुबियो की मुलाक़ात में क्या-क्या हुआ?

    भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर ने अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो से वॉशिंगटन डीसी में मुलाक़ात की. इस दौरान दोनों नेताओं ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बीच हुई ट्रेड डील का स्वागत किया. साथ ही महत्वपूर्ण खनिजों की खोज और खनन में द्विपक्षीय सहयोग को औपचारिक रूप देने पर भी चर्चा की.

    बुधवार को अमेरिका की ओर से आयोजित की जा रही पहली क्रिटिलक मिनरल्स मिनिस्टीरियल बैठक से पहले जयशंकर और मार्को रुबियो ने द्विपक्षीय वार्ता की.

    इस बैठक के बाद एस जयशंकर ने एक्स पर लिखा, "अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो से मिलकर खुशी हुई. हमने व्यापक पहलुओं पर बातचीत की, जिसमें द्विपक्षीय सहयोग का एजेंडा, क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दे शामिल रहे."

    उन्होंने लिखा, "भारत-अमेरिका रणनीतिक साझेदारी के जिन पहलुओं पर चर्चा हुई, उनमें व्यापार, ऊर्जा, परमाणु, रक्षा, महत्वपूर्ण खनिज और प्रौद्योगिकी शामिल हैं. हमारे साझा हितों को आगे बढ़ाने के लिए विभिन्न तंत्रों की बैठकों पर सहमति भी बनी."

    वहीं, अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने भी जयशंकर के साथ मुलाक़ात की तस्वीर पोस्ट की और साथ में लिखा, "भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर से मिलकर महत्वपूर्ण खनिजों की खोज में हमारे द्विपक्षीय सहयोग पर चर्चा की. साथ ही ये भी चर्चा हुई कि दोनों देशों के बीच नई आर्थिक संभावनाओं के रास्ते कैसे खोल सकते हैं. हमने अमेरिका और भारत के बीच हुए व्यापार समझौते की भी सराहना की."

  8. मुंबई हवाई अड्डे पर एयर इंडिया और इंडिगो विमान के विंग टकराए, डीजीसीए ने क्या बताया?

    मंगलवार शाम मुंबई एयरपोर्ट पर एयर इंडिया और इंडिगो के विमानों के विंग्स के सिरे आपस में टकरा गए. सभी यात्री सुरक्षित हैं.

    मामले में विमानन नियामक डायरेक्टोरेट जनरल ऑफ सिविल एविएशन (डीजीसीए) ने भी बयान जारी किया है.

    डीजीसीए के मुताबिक, "तीन फ़रवरी 2026 को मुंबई एयरपोर्ट पर एयर इंडिया की फ़्लाइट AI2732 डिपार्चर से पहले एम4 की ओर खड़ी थी. वहीं, इंडिगो की फ्लाइट A320 लैंडिंग के बाद उसी ओर बढ़ रही थी."

    डीजीसीए के मुताबिक, टैक्सीइंग के दौरान दोनों विमानों के दाएं विंगटिप्स आपस में टकरा गए. हालांकि, अब दोनों ही एयरक्राफ़्ट को जांच के लिए भेज दिया गया है. डीजीसीए ने बताया है कि मुंबई ऑफ़िस से अधिकारी जांच के लिए साइट पर पहुंच गए हैं.

    समाचार एजेंसी पीटीआई ने एयर इंडिया के प्रवक्ता के हवाले से बताया कि फ्लाइट संख्या AI2732 मुंबई से कोयंबटूर जा रही थी और देरी से उड़ान भर रही थी. टेकऑफ़ से पहले जब ये विमान टैक्सीवे में इंतज़ार कर रहा था, तभी दूसरी एयरलाइन के विमान से संपर्क में आ गया.

    प्रवक्ता ने बताया, "दोनों एयरक्राफ्ट के विंगटिप्स संपर्क में आए, नतीजतन हमारे विमान के विंगटिप को नुकसान पहुंचा. एहतियाती तौर पर विमान को बाकी तकनीकी जांच के लिए उड़ान भरने से रोक दिया गया है. सभी यात्रियों को सुरक्षित विमान से बाहर निकाल लिया गया है."

    वहीं, इंडिगो के प्रवक्ता ने एक बयान में कहा कि हैदराबाद से मुंबई पहुंचे उनके विमान की विंगटिप टैक्सींग के वक्त दूसरे विमान के विंगटिप से संपर्क में आ गई.

    प्रवक्ता ने कहा, "सभी यात्रियों को पार्किंग के बाद सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया. एयरक्राफ्ट की जांच चल रही है. प्रोटोकॉल के मुताबिक, संबंधित अधिकारियों को फौरन सूचित किया गया और इस मामले की जांच चल रही है."

    ये घटना मंगलवार शाम साढ़े सात बजे मुंबई एयरपोर्ट की है, जिसे भारत के सबसे व्यस्ततम हवाईअड्डों में से एक माना जाता है.

  9. जेमिमा रॉड्रिग्स की दिल्ली कैपिटल्स लगातार चौथी बार महिला प्रीमियर लीग के फ़ाइनल में पहुंची, आरसीबी से होगा मुक़ाबला

    वीमेन प्रीमियर लीग के एलिमिनिटेर मुक़ाबले में मंगलवार को दिल्ली कैपिटल्स ने गुजरात जायंट्स को सात विकेट से हरा दिया. टॉस जीतकर दिल्ली की टीम ने पहले गेंदबाज़ी की.

    गुजरात जायंट्स ने दिल्ली को 169 रनों का लक्ष्य दिया था, जिसे दिल्ली कैपिटल्स ने 15.4 ओवर में ही हासिल कर लिया. दिल्ली की ओर से कप्तान जेमिमा रॉड्रिग्स ने 23 गेंदों पर 41 रनों की पारी खेली. इससे पहले लिजेल ली ने भी 43 रनों का योगदान दिया.

    दिल्ली कैपिटल्स लगातार चौथी बार महिला प्रीमियर लीग के ख़िताबी मुक़ाबले में पहुंची है. हालांकि, वह पिछले तीनों सीज़न में ख़िताब अपने नाम नहीं कर सकी.

    अब पांच फ़रवरी यानी गुरुवार को वडोदरा में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (आरसीबी) और दिल्ली कैपिटल्स के बीच ख़िताबी मुक़ाबला होगा.

  10. अमेरिका ने कहा, 'यूएसएस अब्राहम लिंकन की ओर बढ़ रहे ईरानी ड्रोन को मार गिराया'

    अमेरिकी सेना ने एक प्रवक्ता ने कहा है कि मंगलवार को अरब सागर में एक ईरानी ड्रोन को "आक्रामक तरीके से" अमेरिकी विमानवाहक पोत के करीब आते वक्त मार गिराया गया.

    यूएस सेंट्रल कमांड के प्रवक्ता कैप्टन टिम हॉकिन्स के मुताबिक, यूएसएस अब्राहम लिंकन युद्धपोत से उड़ान भरने वाले एक एफ़-35सी स्टेल्थ फ़ाइटर जेट ने विमानवाहक पोत और उस पर मौजूद कर्मियों की सुरक्षा की खातिर 'आत्मरक्षा में' इस ड्रोन को मार गिराया.

    जब ड्रोन पोत के करीब आया, उस समय यह जहाज़ ईरान के तट से करीब 500 मील दूर था और ड्रोन किस इरादे से पोत की ओर बढ़ा था, यह भी स्पष्ट नहीं था.

    इस घटना में किसी भी अमेरिकी उपकरण को नुकसान नहीं पहुंचा और न ही किसी सैनिक को चोट आई.

    यह मामला ऐसे समय सामने आया है, जब अमेरिका इस क्षेत्र में अपनी सैन्य मौजूदगी बढ़ा रहा है और उसका ईरान के साथ तनाव चरम पर बना हुआ है.

    अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने यह धमकी दी है कि अगर ईरान परमाणु समझौते पर बात नहीं करता है तो वह उसके ख़िलाफ़ सैन्य कार्रवाई कर सकते हैं.

    ईरानी ड्रोन गिराने के बाद व्हाइट हाउस की प्रेस सेक्रेटरी कैरोलीन लेविट ने फॉक्स न्यूज़ से कहा कि अमेरिका और ईरान के बीच इस सप्ताह के आख़िर में बातचीत प्रस्तावित है.

    उन्होंने कहा, "ट्रंप हमेशा सबसे पहले कूटनीतिक रास्ता अपनाने के लिए प्रतिबद्ध रहते हैं. लेकिन उनके पास हमेशा कई विकल्प होते हैं, जिनमें सैन्यबल का इस्तेमाल भी शामिल है."

  11. नमस्कार!

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