तस्वीरों में सऊदी के एयर बेस पर अमेरिकी सैन्य विमान क्षतिग्रस्त हालत में दिखा

बीबीसी वैरिफ़ाई ने कुछ तस्वीरें वैरिफ़ाई की हैं जिनमें सऊदी अरब के एक एयर बेस पर एक अमेरिकी कमांड और कंट्रोल विमान दो हिस्सों में टूटा हुआ दिखाई दे रहा है.

सारांश

लाइव कवरेज

रौनक भैड़ा, सुमंत सिंह

  1. दुनिया की सबसे बड़ी स्मेल्टर फ़ैक्ट्रियों में से एक एल्युमिनियम बहरीन पर हमला

    एल्युमिनियम बहरीन

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    इमेज कैप्शन, एल्युमिनियम बहरीन कंपनी ने कहा नुक़सान का अभी आकलन किया जा रहा है (फ़ाइल फ़ोटो)

    दुनिया की सबसे बड़ी स्मेल्टर फ़ैक्ट्रियों (धातु गलाने की फ़ैक्ट्री) में से एक 'एल्युमिनियम बहरीन' पर हमला हुआ है.

    बहरीन की कंपनी एल्युमिनियम बहरीन ने कहा कि उसके दो कर्मचारियों को शनिवार को ईरान के हमले में हल्की चोटें आईं.

    कंपनी ने कहा, "नुक़सान का अभी आकलन किया जा रहा है. हमारे लोगों की सुरक्षा और सलामती हमारी सबसे बड़ी प्राथमिकता है."

    इस महीने की शुरुआत में 'एल्युमिनियम बहरीन' ने बताया था कि उसने अपनी तीन रिडक्शन लाइनें बंद कर दी हैं. ये उसकी कुल उत्पादन क्षमता का 19% हिस्सा हैं.

    कंपनी ने ऐसा इसलिए किया क्योंकि स्ट्रेट ऑफ़ होर्मुज़ बंद होने से कामकाज प्रभावित हुआ था.

    ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड्स कॉर्प्स ने शनिवार को कहा कि उन्होंने 'एल्युमिनियम बहरीन' और यूएई की 'एमिरेट्स ग्लोबल एल्युमिनियम' को निशाना बनाया है.

    यह हमला ईरान के दो स्टील प्लांट्स पर हुए हमलों के जवाब में किया गया.

    यूएई की कंपनी ने शनिवार को पुष्टि करते हुए कहा कि प्लांट को "गंभीर नुक़सान" हुआ है. कई कर्मचारी घायल हुए हैं, लेकिन किसी की चोट जानलेवा नहीं है.

  2. अब तक ईरान के 11 हजार से ज़्यादा ठिकानों को निशाना बनाया गया- अमेरिकी सेना

    अमेरिकी सेना

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    इमेज कैप्शन, अमेरिका का दावा अब तक के हमलों में ईरान के 150 से ज़्यादा विमान नष्ट या क्षतिग्रस्त हुए (सांकेतिक तस्वीर)

    यूएस सेंट्रल कमांड (सेंटकॉम) ने बताया है कि ईरान के ख़िलाफ़ जब से युद्ध शुरू हुआ, तब से अब तक उसके 11,000 से ज़्यादा ठिकानों पर हमला किया गया.

    रिपोर्ट में कहा गया है कि इन हमलों में ईरान के 150 से ज़्यादा विमान नष्ट या क्षतिग्रस्त हुए.

    सेंटकॉम ने कहा, "ईरानी हुकूमत की सुरक्षा व्यवस्था को तोड़ने के लिए ठिकानों पर हमले किए जा रहे हैं, ख़ासकर उन जगहों पर जो तुरंत ख़तरा पैदा कर रही हैं."

    ग़ौरतलब है कि अमेरिका-इसराइल ने ईरान पर इस साल 28 फ़रवरी को हमले शुरू किए थे. पहले ही दिन ईरान के सुप्रीम लीडर आयतुल्लाह अली ख़ामेनेई समेत कई शीर्ष नेता मारे गए.

    हालांकि, इस बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि ईरान बातचीत करना चाहता है.

    ट्रंप के दावे के बाद भी ईरान की ओर से अभी तक बातचीत या युद्धविराम को लेकर सकारात्मक प्रतिक्रिया नहीं आई है.

  3. अमेरिका में डोनाल्ड ट्रंप के ख़िलाफ़ किस वजह से हो रहे बड़े प्रदर्शन

    अमेरिका

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    इमेज कैप्शन, ट्रंप के ख़िलाफ़ पूरे अमेरिका में 'नो किंग्स' रैलियां आयोजित की गईं

    अमेरिका के कई शहरों में शनिवार को ट्रंप प्रशासन के ख़िलाफ़ व्यापक प्रदर्शन हुए हैं. यह 'नो किंग्स' रैली का तीसरा दौर है, जिसमें पहले भी लाखों लोग शामिल हुए थे.

    आयोजकों का कहना है कि वे राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की नीतियों के ख़िलाफ़ प्रदर्शन कर रहे हैं. इनमें ईरान में जंग, संघीय इमिग्रेशन कार्रवाई और बढ़ती महंगाई शामिल हैं.

    अमेरिका के सभी 50 राज्यों में 3,200 से अधिक स्थानों पर प्रदर्शन करने की योजना बनाई गई थी.

    आयोजकों ने कहा, "ट्रंप हमें तानाशाह की तरह चलाना चाहते हैं. लेकिन यह अमेरिका है, यहाँ ताक़त जनता की है, किसी नक़ली राजा या उनके अरबपति दोस्तों की नहीं."

    प्रदर्शन

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    इमेज कैप्शन, शनिवार को न्यूयॉर्क, वॉशिंगटन डीसी और लॉस एंजेलिस समेत कई शहरों में प्रदर्शन हुए

    व्हाइट हाउस के प्रवक्ता ने इन प्रदर्शनों को 'ट्रंप डिरेंजमेंट थेरेपी सेशन' बताया और कहा कि इनकी परवाह सिर्फ़ वही लोग करते हैं जिन्हें इन्हें कवर करने के लिए पैसे दिए जाते हैं.

    शनिवार को पूरे दिन लगभग हर बड़े अमेरिकी शहर में प्रदर्शन हुए, जिनमें न्यूयॉर्क, वॉशिंगटन डीसी और लॉस एंजेलिस शामिल हैं.

    वॉशिंगटन डीसी के डाउनटाउन में दोपहर भर रैलियां चलीं. लोग राजधानी की सड़कों पर मार्च करते रहे. प्रदर्शनकारियों ने लिंकन मेमोरियल की सीढ़ियों पर भी प्रदर्शन किया.

    कई बड़े डेमोक्रेट नेताओं ने सेंट पॉल में स्टेट कैपिटल बिल्डिंग के बाहर मंच पर भाषण दिए.

    'नो किंग्स' प्रदर्शों की शुरुआत पिछले साल जून में राष्ट्रपति ट्रंप के जन्मदिन पर हुई थी, जिसमें अनुमानित 40 से 60 लाख लोगों ने 2,100 विरोध प्रदर्शनों में भाग लिया था.

  4. ईरान जंग पर चर्चा करने के लिए पाकिस्तान पहुंचे इन देशों के विदेश मंत्री

    शहबाज़ शरीफ़

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    इमेज कैप्शन, पाकिस्तान ने अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत की मेज़बानी की पेशकश भी की है (फ़ाइल फ़ोटो)

    मिस्र के विदेश मंत्री बद्र अब्देलत्ती और तुर्की के विदेश मंत्री हाकान फ़िदान पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद पहुंचे हैं.

    पाकिस्तानी विदेश मंत्रालय ने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म एक्स पर इसकी जानकारी दी.

    पाकिस्तान का विदेश मंत्रालय ने शनिवार को ही बताया था कि तुर्की, मिस्र और सऊदी अरब के विदेश मंत्री 29 और 30 मार्च को इस्लामाबाद पहुंच रहे हैं.

    विदेश मंत्रालय के बयान में कहा गया कि सऊदी अरब के विदेश मंत्री प्रिंस फ़ैसल बिन फ़रहान अल सऊद, तुर्की के विदेश मंत्री हाकान फ़िदान और मिस्र के विदेश मंत्री बद्र अब्देलत्ती इस्लामाबाद आएंगे.

    बयान के मुताबिक़, इन देशों के विदेश मंत्री क्षेत्र में तनाव कम करने के प्रयासों समेत कई मुद्दों पर विस्तार से चर्चा करेंगे. वो पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ़ से भी मुलाक़ात करेंगे.

    पाकिस्तान के उप प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री इसहाक़ डार ने कहा कि देश 29-30 मार्च को सऊदी अरब, तुर्की और मिस्र के विदेश मंत्रियों की मेज़बानी करेगा.

    उन्होंने एक्स पर साझा किए गए बयान में लिखा कि वे "गहरी चर्चा" करेंगे, जिसमें "क्षेत्र में तनाव कम करने के प्रयास" भी शामिल होंगे.

    पाकिस्तान ने अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत की मेज़बानी की पेशकश भी की थी. इस हफ़्ते की शुरुआत में पाकिस्तान के विदेश मंत्री इसहाक़ डार ने कहा था कि 'अप्रत्यक्ष बातचीत' पाकिस्तान के ज़रिए संदेशों के आदान-प्रदान से हो रही है.

    डोनाल्ड ट्रंप ने भी इस हफ़्ते पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ़ की एक्स पोस्ट का स्क्रीनशॉट लेकर उसे ट्रुथ सोशल पर साझा किया था. उस पोस्ट में शरीफ़ ने कहा था कि 'पाकिस्तान बातचीत की मेज़बानी करने के लिए तैयार है.'

  5. आईपीएल 2026: विराट कोहली को लेकर मोहम्मद कैफ़ के पोस्ट की क्यों हो रही चर्चा

    विराट कोहली

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    इमेज कैप्शन, विराट कोहली ने सनराइजर्स हैदराबाद के ख़िलाफ़ 38 गेंदों पर नाबाद 69 रन बनाए

    पूर्व भारतीय क्रिकेटर मोहम्मद कैफ़ ने रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के लिए विराट कोहली की शनिवार को खेली गई पारी की जमकर तारीफ़ की है.

    मोहम्मद कैफ़ ने एक्स पर लिखा, "सोचिए, ऑस्ट्रेलिया में दो बार शून्य पर आउट होने के बाद कहा गया कि विराट कोहली का समय ख़त्म हो गया है. लेकिन उनके पिछले 10 स्कोर सफ़ेद गेंद वाले क्रिकेट में हैं - 74, 135, 102, 65, 131, 77, 93, 23, 124 और इस मैच में नाबाद 69 रन."

    दरअसल, विराट कोहली ने आईपीएल 2026 के पहले मैच में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु को चिन्नास्वामी स्टेडियम में सनराइज़र्स हैदराबाद के ख़िलाफ़ आसान जीत दिलाई.

    कोहली ने 38 गेंदों पर 69 रन बनाया, उन्होंने अपनी पारी में 4 चौके और 5 छक्के लगाए.

    मैच से पहले भी मोहम्मद कैफ़ ने आरसीबी और विराट कोहली को लेकर एक एक्स पोस्ट किया था.

    इसमें उन्होंने लिखा, "आरसीबी और विराट कोहली को 'डिफ़ेंडिंग चैंपियंस' कहलाने का गौरव पाने में 18 साल लग गए. इस सीज़न में देखना होगा कि पहले से ही जबरदस्त फ़ॉर्म में चल रहे विराट और ज़्यादा कामयाबी के लिए कितने बेताब हैं."

    कैफ़ ने लिखा, "आरसीबी और विराट, क्या शानदार कहानी है. उन्होंने कभी हार नहीं मानी. वो लगातार कोशिश करते रहे. ज़िंदगी एक मैराथन है, सब्र रखो, दौड़ते रहो, तुम अपने लक्ष्य तक ज़रूर पहुंचोगे."

    आईपीएल के इस सीज़न में दूसरे दिन यानी आज, मुंबई इंडियंस और कोलकाता नाइट राइडर्स के बीच मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में शाम 7.30 बजे मैच खेला जाएगा.

  6. युद्ध शुरू होने के बाद शनिवार को ईरान पर सबसे अधिक हमले हुए

    तेहरान का कार रिपेयर वर्कशॉप

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    इमेज कैप्शन, 28 मार्च को इसराइल-अमेरिका के हमलों में क्षतिग्रस्त तेहरान का कार रिपेयर वर्कशॉप

    ईरान के साथ अमेरिका और इसराइल की जंग शुरू होने के बाद ईरान पर शनिवार को सबसे ज़्यादा हमले हुए हैं.

    ह्यूमन राइट्स एक्टिविस्ट्स न्यूज़ एजेंसी (एचआरएनए) का कहना है कि 28 मार्च को ईरान में कम से कम 701 हमले दर्ज किए गए हैं.

    एजेंसी का कहना है कि युद्ध शुरू होने के बाद यह एक दिन में दर्ज किए गए सबसे अधिक हमले हैं.

    एजेंसी की रिपोर्ट के मुताबिक़, इन हमलों में से 74% हमले ईरान की राजधानी तेहरान में हुए हैं.

    एजेंसी का कहना है कि अब तक इस संघर्ष में 1,551 ईरानी आम नागरिक मारे गए हैं, जिनमें कम से कम 236 बच्चे भी शामिल हैं.

    28 फ़रवरी को शुरू हुए इस युद्ध को क़रीब एक महीना हो गया है.

    हालांकि, कुछ देश ईरान और अमेरिका के बीच मध्यस्थता कराने की कोशिश कर रहे हैं, जिनमें भारत के पड़ोसी देश पाकिस्तान का नाम भी सामने आ रहा है.

  7. पाकिस्तान के 20 जहाज़ों को होर्मुज़ स्ट्रेट से गुजरने की अनुमति मिली- इसहाक़ डार

    इसहाक़ डार

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    इमेज कैप्शन, इशाक डार ने बताया कि हर दिन दो जहाज़ स्ट्रेट ऑफ़ होर्मुज़ पार करेंगे (फ़ाइल फ़ोटो)

    पाकिस्तान के उप प्रधानमंत्री इसहाक़ डार ने जानकारी दी है कि उनके देश के जहाज़ों को होर्मुज़ स्ट्रेट से गुज़रने के लिए बड़ी छूट मिली है.

    इसहाक़ डार ने बताया, "ईरान ने पाकिस्तानी झंडे वाले 20 और जहाज़ों को स्ट्रेट ऑफ़ होर्मुज़ से गुज़रने की इजाज़त देने पर सहमति जताई है."

    उन्होंने बताया कि हर दिन दो जहाज़ स्ट्रेट ऑफ़ होर्मुज़ पार करेंगे. ईरान ने अभी इसकी पुष्टि नहीं की है.

    हालिया संघर्ष शुरू होने के बाद से ईरान ने स्ट्रेट ऑफ़ होर्मुज़ को लगभग बंद कर दिया है. यह दुनिया के सबसे ज़रूरी तेल परिवहन मार्गों में से एक है.

    दुनिया का लगभग 20% तेल और लिक्विड नेचुरल गैस (एलएनजी) आमतौर पर इसी रास्ते से गुज़रता है, लेकिन बीबीसी वेरिफ़ाई के विश्लेषण में दिखा है कि रोज़ाना यातायात लगभग 95% कम हो गया है.

    इसहाक़ डार ने कहा कि ईरान के साथ यह समझौता 'शांति का संकेत' है जो क्षेत्र में स्थिरता लाने में मदद करेगा.

    गौरतलब है कि इससे पहले पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ़ ने जानकारी दी कि उन्होंने शनिवार को ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेज़ेश्कियान से फ़ोन पर 'विस्तार से' बातचीत की है. उन्होंने कहा कि यह बातचीत 'एक घंटे से ज़्यादा' चली.

  8. यमन के हूती विद्रोहियों ने इसराइल पर दागी दूसरी मिसाइल

    हूती विद्रोहियों की ओर से दागी गई मिसाइल

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    इमेज कैप्शन, ईरान समर्थित समूह ने इसराइल पर एक क्रूज़ मिसाइल दागी जिसे गिरा दिया गया (तस्वीर: 28 मार्च, 2026 को वेस्ट बैंक के हेब्रोन शहर पर इसराइल की ओर दागी गई मिसाइलें देखी गईं)

    यमन के हूती विद्रोहियों ने इसराइल पर दूसरी मिसाइल दागी है और ड्रोन से हमले किए हैं.

    यह जानकारी सीएनएन और टाइम्स ऑफ़ इसराइल दोनों ने बताई है. हालांकि, इसराइल ने कहा कि उसने यमन से छोड़ी गई एक मिसाइल को रोक लिया.

    ईरान समर्थित इस समूह ने इसराइल पर एक क्रूज़ मिसाइल छोड़ी, जिसे गिरा दिया गया. इससे पहले हूती विद्रोही समूह ने एक बैलिस्टिक मिसाइल इसराइल पर दागी थी.

    इसराइली मीडिया चैनल 12 और टाइम्स ऑफ़ इसराइल ने अलग से यह भी बताया है कि दक्षिणी इसराइल के इलात शहर पर ड्रोन हमला हुआ, जोकि यमन की ओर से किया गया था.

    इससे पहले हूती विद्रोहियों ने कहा था कि उन्होंने कई बैलिस्टिक मिसाइलें दागी हैं जो 'संवेदनशील इसराइली सैन्य ठिकानों' को निशाना बनाने के लिए थीं.

    हूती इसे पलटवार हमला बता रहे हैं, उनका कहना है, "पहले इसराइल ने ईरान, लेबनान, इराक़ और फ़लस्तीनी इलाक़ों को निशाना बनाया. इसके जवाब में अब इसराइल पर हमले हो रहे हैं."

  9. नमस्कार!

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