नेपाल के लोगों से भारत के पीएम मोदी की अपील- शांति व्यवस्था बनाए रखें
इमेज स्रोत, Getty Images
इमेज कैप्शन, पीएम मोदी ने पोस्ट किया है कि नेपाल की स्थिरता, शांति और समृद्धि भारत लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है
भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नेपाल के हालात को लेकर एक्स पर पोस्ट किया है. पीएम मोदी ने नेपाल के लोगों से शांति व्यवस्था बनाए रखने की अपील की है.
पीएम मोदी ने एक्स पर पोस्ट किया, "आज हिमाचल प्रदेश और पंजाब के दौरे से लौटने के बाद कैबिनेट कमिटी ऑन सेक्यूरिटी की बैठक में नेपाल के घटनाक्रम को लेकर विस्तार से चर्चा हुई."
"नेपाल में हुई हिंसा हृदयविदारक है. यह जानकर बहुत पीड़ा हुई कि इसमें अनेक युवाओं की जान गई है."
"नेपाल की स्थिरता, शांति और समृद्धि हमारे लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है. मैं नेपाल के अपने सभी भाई-बहनों से विनम्र अपील करता हूं कि वे शांति-व्यवस्था बनाए रखें."
यूक्रेन ने कहा- रूस के हवाई हमले में 24 लोगों की मौत और 19 घायल
इमेज स्रोत, Vadym Filashkin/Telegram
इमेज कैप्शन, दोनेत्स्क के क्षेत्रीय नेता ने हमले वाले इलाक़े से तस्वीर साझा की, जिसमें डाक सेवा देने वाली गाड़ी क्षतिग्रस्त नज़र आ रही है
रूस के हवाई हमले में मंगलवार को पूर्वी यूक्रेन में 24 लोगों की मौत हो गई और 19 लोग घायल हो गए. स्थानीय अधिकारियों ने इसकी जानकारी दी.
राष्ट्रपति वोलोदिमीर ज़ेलेंस्की ने कहा, "प्रभावित पीड़ित मासूम लोग थे जो दोनेत्स्क में यारोवा इलाके में अपनी पेंशन लेने पहुंचे थे."
यूक्रेन के गृह मंत्री इहोर क्लीमेंको ने बताया कि रूस ने गाइडेड एयर बम से हमला किया है.
अधिकारी ने लोगों से इलाके को खाली कर के सुरक्षित जगहों पर जाने की अपील की है.
हमले की फुटेज साझा करते हुए ज़ेलेंस्की ने कहा, "रूस के हालिया हमले को बयां करने के लिए कोई शब्द नहीं है."
रूसी सेना की तरफ से इस हमले के संबंध में कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है.
एशिया कप 2025 में भिड़ेंगे भारत-पाकिस्तान, कप्तानों ने क्या कहा
इमेज स्रोत, Getty Images
इमेज कैप्शन, टी-20 एशिया कप 2025 में भारत का पहला मैच बुधवार को यूएई के साथ होगा.
टी-20 एशिया कप 2025 की शुरुआत से पहले सभी टीमों के कप्तानों ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की.
इसमें भारत और पाकिस्तान के कप्तानों से जब पूछा गया कि क्या दोनों देशों के बीच मौजूदा हालातों को देखते हुए क्या वो अपने खिलाड़ियों को 'अधिक आक्रामक' नहीं होने जैसे कोई निर्देश देंगे?
इसके जवाब में भारतीय कप्तान सूर्यकुमार यादव ने कहा, "हम जब भी मैदान पर होते हैं, हमारे अंदर आक्रामक भावनाएं होती ही हैं."
उन्होंने कहा, "मुझे नहीं लगता कि बिना आक्रामक भावनाओं के आप खेल सकते हैं. मैं कल मैदान में उतरने के लिए बेहद उत्साहित हूं."
पाकिस्तान के कप्तान सलमान अली आगा ने कहा, “किसी भी खिलाड़ी को कुछ भी कहने की ज़रूरत नहीं. सभी खिलाड़ी एक-दूसरे से अलग हैं.”
उन्होंने कहा कि तेज गेंदबाज़ तो हमेशा ही आक्रामक रहते हैं. आप उन्हें नहीं रोक सकते, क्योंकि इसी से उन्हें खेलने की प्रेरणा मिलती है."
"इसलिए जो भी खिलाड़ी मैदान पर आक्रामक होना चाहते हैं, मैं उनका स्वागत करता हूं."
टी-20 एशिया कप 2025 यूएई में आयोजित हो रहा है. इसमें भारत और पाकिस्तान सहित 8 टीमें हिस्सा ले रही हैं.
पहला मैच मंगलवार को अफ़ग़ानिस्तान और हांगकांग के बीच होगा. जबकि, भारत का पहला मुक़ाबला बुधवार को यूएई के साथ होगा.
नेपाल में पीएम ओली के इस्तीफ़े और जारी प्रदर्शन के बीच राष्ट्रपति पौडेल ने क्या अपील की?
इमेज स्रोत, Getty Images
इमेज कैप्शन, नेपाल में जारी विरोध प्रदर्शन में अब तक 22 लोगों की जान जा चुकी है (फाइल फोटो)
नेपाल के राष्ट्रपति रामचंद्र पौडेल ने प्रदर्शनकारियों समेत सभी नागरिकों से तनावपूर्ण स्थिति का शांति से समाधान खोजने में सहयोग करने का आग्रह किया है.
राष्ट्रपति की तरफ से मंगलवार को एक बयान जारी किया गया. इसमें बताया गया है कि प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली का इस्तीफ़ा स्वीकार कर लिया गया है.
आगे कहा गया है कि एक लोकतंत्र में नागरिकों की मांगें बातचीत और संवाद के जरिए सुलझाई जा सकती हैं. इसमें जेन-ज़ी के प्रतिनिधि भी शामिल होंगे.
राष्ट्रपति ने सभी पक्षों से संयम बरतने, देश को और नुकसान ना पहुंचाने और बातचीत में शामिल होने की अपील की है.
दोहा में हमास के नेताओं पर हमले के बाद क्या बोले इसराइली प्रधानमंत्री नेतन्याहू?
इमेज स्रोत, Reuters
इमेज कैप्शन, क़तर की राजधानी दोहा में इसराइली हमले के बाद क्षतिग्रस्त इमारत
दोहा में हमास के सीनियर नेताओं पर हमले के बाद इसराइल के प्रधानमंत्री बिन्यामिन नेतन्याहू की तरफ से बयान आया है.
प्रधानमंत्री नेतन्याहू के कार्यालय की तरफ से जारी बयान में कहा गया, "हमास के शीर्ष आतंकी नेताओं पर हुआ हमला पूरी तरह इसराइल की स्वतंत्र कार्रवाई थी."
बयान में आगे लिखा गया, "इसराइल ने शुरू किया, इसराइल ने इसे पूरा किया और इसराइल इसकी पूरी जिम्मेदारी लेता है."
क़तर में इसराइली हमले के बाद अमेरिकी दूतावास ने अपने नागरिकों को दी ये सलाह
इमेज स्रोत, Reuters
इमेज कैप्शन, क़तर के विदेश मंत्रालय ने इसराइली हमले को अंतरराष्ट्रीय क़ानूनों का गंभीर उल्लंघन करार देते हुए इसकी निंदा की है
दोहा में हमास के सीनियर नेताओं पर इसराइली हमलों के बाद क़तर में अमेरिकी दूतावास ने एडवाइज़री जारी की है.
अमेरिकी दूतावास के आधिकारिक एक्स हैंडल पर इसकी जानकारी दी गई है.
क़तर में मौजूद अमेरिकी दूतावास ने एडवाइजरी में अपने नागरिकों को 'जहां हैं वहीं पर सुरक्षित रहने' को कहा है.
इसराइल की सेना ने बताया कि उसने हमास के सीनियर नेताओं के ख़िलाफ़ 'सटीक हमले' किए हैं.
हमास के एक अधिकारी ने बीबीसी को बताया कि वार्ता के लिए उनके प्रतिनिधिमंडल को दोहा में उस समय निशाना बनाया गया, जब एक बैठक चल रही थी.
क़तर के विदेश मंत्रालय ने इस हमले को अंतरराष्ट्रीय क़ानूनों का गंभीर उल्लंघन करार देते हुए इसकी निंदा की है.
इसराइली हमले पर क़तर के विदेश मंत्रालय ने ये कहा
इमेज स्रोत, Getty Images
इमेज कैप्शन, इसराइली सेना ने मंगलवार को हमास के सीनियर नेताओं के ख़िलाफ़ क़तर की राजधानी दोहा में 'सटीक हमले' किए हैं
दोहा में हमास के सीनियर नेताओं को निशाना बनाकर किए गए इसराइली हमलों के बाद क़तर के विदेश मंत्रालय का बयान आया है.
क़तर के विदेश मंत्रालय ने इस हमले को अंतरराष्ट्रीय क़ानूनों का गंभीर उल्लंघन करार देते हुए इसकी निंदा की है.
क़तर के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता डॉक्टर माजिद अंसारी ने कहा कि हमले की चपेट में दोहा का एक आवासीय परिसर आया, जहां हमास की राजनीतिक शाखा के कई नेता रहते हैं.
उन्होंने कहा कि हमले अंतरराष्ट्रीय क़ानूनों का घोर उल्लंघन और क़तर के लिए गंभीर ख़तरा हैं.
बयान में कहा गया, "क़तर इस हमले की कड़ी निंदा करता है और वह ये पुष्टि करता है कि इसराइल के इस लापरवाही भरे बर्ताव और लगातार क्षेत्रीय सुरक्षा से छेड़छाड़ को बर्दाश्त नहीं करेगा."
नेपाल विरोध प्रदर्शन: ओली का इस्तीफ़ा, ‘जेन-जी’ ने फूंकी संसद- दिनभर- पूरा दिन, पूरी ख़बर मोहन लाल शर्मा और मोहम्मद शाहिद से...
इस लेख में Google YouTube से मिली सामग्री शामिल है. कुछ भी लोड होने से पहले हम आपकी इजाज़त मांगते हैं क्योंकि उनमें कुकीज़ और दूसरी तकनीकों का इस्तेमाल किया गया हो सकता है. आप स्वीकार करने से पहले Google YouTube cookie policy और को पढ़ना चाहेंगे. इस सामग्री को देखने के लिए 'अनुमति देंऔर जारी रखें' को चुनें.
चेतावनी: बीबीसी दूसरी वेबसाइट्स की सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है. YouTube सामग्री में विज्ञापन हो सकते हैं.
पोस्ट YouTube समाप्त
ब्रेकिंग न्यूज़, क़तर की राजधानी दोहा में हमास के सीनियर नेताओं पर इसराइल ने किया हमला
इमेज स्रोत, Reuters
इमेज कैप्शन, धमाकों की आवाज़ सुने जाने के बाद दोहा में कई जगह धुआं उठता देखा गया
इसराइल की सेना ने बताया है कि उसने हमास के सीनियर नेताओं के ख़िलाफ़ 'सटीक हमले' किए हैं.
आईडीएफ़ के बयान में हालांकि, ये नहीं बताया गया है कि ये हमले वास्तव में किस जगह किए गए हैं.
लेकिन समाचार एजेंसी एएफ़पी के मुताबिक, दोहा में धमाकों की आवाज़ें सुनी गईं और धुआं उठते देखा गया है.
वहीं हमास के एक अधिकारी ने बीबीसी को बताया है कि वार्ता के लिए उनके प्रतिनिधिमंडल को दोहा में उस समय निशाना बनाया गया, जब एक बैठक चल रही थी.
पाकिस्तान: पंजाब के टोबा टेक सिंह ज़िले में जब बाढ़ के बीच नाव से पहुंची दुल्हन
इमेज स्रोत, Rescue1122
इमेज कैप्शन, पाकिस्तान में पंजाब का टोबा टेक सिंह ज़िला बाढ़ से सबसे अधिक प्रभावित है.
पाकिस्तान के बाढ़ प्रभावित पंजाब
प्रांत के टोबा टेक सिंह ज़िले में रेस्क्यू टीमों ने एक विवाह को संपन्न कराया
है.
बीबीसी उर्दू के मुताबिक़, बाढ़
प्रभावित इलाके में एक दूल्हा अपनी दुल्हन को नाव से शादी के लिए लाया और दुल्हन
की विदाई की तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल हो रही हैं.
इस इलाक़े में सभी ज़मीनी रास्ते
पानी में डूब गए थे, जिसके बाद दुल्हन को रेस्क्यू बोट में ले जाया गया.
इमेज स्रोत, Rescue1122
सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो क्लिप में दुल्हन को लाल रंग की पोशाक पहने, हाथों में चूड़ियां और गजरे पहने, पर्स पकड़े, एक नाव पर चढ़ते हुए देखा जा सकता है, जहां एक बचावकर्मी उसे लाइफ़ जैकेट पहना रहा है.
एक अन्य क्लिप में, बचावकर्मी दूल्हा-दुल्हन के साथ ग्रुप फ़ोटो लेते दिख रहे हैं. सबसे दिलचस्प दृश्य वह है जहाँ एक आदमी नाव में ढोल बजा रहा है और शादी का गीत गा रहा है.
लाहौर से 218 किलोमीटर की दूरी पर स्थित इस इलाक़े में रावी नदी के पानी से बाढ़ आई हुई है. यह बाढ़ से सबसे अधिक प्रभावित इलाक़ा है.
नेपालः पीएम ओली के इस्तीफ़े के बाद सड़कों पर इस अंदाज़ में दिखे प्रदर्शनकारी
नेपाल में प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली के इस्तीफे़ के बाद प्रदर्शनकारी सड़कों पर खुशी ज़ाहिर करते नज़र आए.
पूरे देश में सरकार विरोधी प्रदर्शन बढ़ने के बाद ओली ने मंगलवार की दोपहर पीएम पद से इस्तीफ़ा दे दिया.
इमेज स्रोत, Rajneesh Bhandari/BBC
इमेज कैप्शन, ओली ने कहा कि मौजूदा संकट का संवैधानिक समाधान निकल सके, इसलिए उन्होंने इस्तीफ़ा दिया है.
इमेज स्रोत, Rajneesh Bhandari/BBC
इमेज कैप्शन, नेपाल में प्रधानमंत्री ओली के अलावा कई और मंत्री भी पद से इस्तीफ़ा दे चुके हैं.
कार्टून: देखा आपने?
इमेज कैप्शन, उप राष्ट्रपति चुनाव के मतदान पर आज का कार्टून
नेपाल में जारी 'जेन ज़ी' प्रदर्शन के बीच भारतीयों को सरकार ने दी ये सलाह
इमेज स्रोत, Getty Images
इमेज कैप्शन, नेपाल में जारी विरोध प्रदर्शन में अब तक कुल 21 लोगों की मौत हो चुकी है
नेपाल में हो रहे विरोध प्रदर्शनों के संबंध में भारत सरकार ने मंगलवार को अपने नागरिकों के लिए एडवाइज़री जारी की है.
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट कर इसकी जानकारी दी है.
एडवाइज़री में लिखा है, "नेपाल में उभरते हालात के बीच भारतीय नागरिकों को स्थिति सामान्य होने तक नेपाल जाने से बचने की सलाह दी जाती है."
एडवाइज़री में लिखा है, "नेपाल में मौजूद भारतीय नागारिकों को अपने मौजूदा निवास में ही रहने की सलाह दी जाती है. लोग सड़कों पर बाहर जाने से बचें और सभी एहतियाती क़दमों का पालन करें."
भारत सरकार ने नेपाल प्रशासन की तरफ से जारी स्थानीय सुरक्षा दिशानिर्देशों और काठमांडू में मौजूद भारतीय दूतावास के दिशानिर्देशों का पालन करने को भी कहा है.
किसी भी तरह की ज़रूरत पड़ने पर भारतीय नागरिक काठमांडू में मौजूद भारतीय दूतावास से नीचे दिए नंबरों पर संपर्क कर सकते हैं-
+977- 980 860 2881 (व्हाट्सएप कॉल पर भी उपलब्ध)
+977- 981 032 6134 (व्हाट्सएप कॉल पर भी उपलब्ध)
नेपाल में बढ़ते विरोध प्रदर्शनों के बीच मंगलवार की दोपहर प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली ने इस्तीफ़ा दे दिया. उनके अलावा कई और मंत्री भी इस्तीफ़ा दे चुके हैं.
संयुक्त राष्ट्र के पूर्व अधिकारी ने चेताया, 'ग़ज़ा शहर में कुछ नहीं बचेगा'
इमेज स्रोत, Getty Images
इमेज कैप्शन, इसराइली सेना के हमले के बाद ग़ज़ा शहर के अल-रुया टावर में आग लग गई और ये धुएं से भर गया.
संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार के पूर्व अधिकारी अजीत संघाय ने चेतावनी देते हुए कहा है कि ग़जा़ शहर में इसराइल के हमलों से भारी तबाही मचेगी.
उन्होंने बीबीसी से कहा, “हम जो देखने जा रहे हैं वैसा हमने पहले कभी नहीं देखा है…नागरिकों के गुज़ारे के लिए सभी ज़रूरी चीज़ों को वो नष्ट कर रहे हैं.”
उन्होंने बताया, “नागरिकों की जरूरत की चीज़ें चाहे पानी की टंकी हो या सड़क या इमारतें पूरी तरह बर्बाद हो चुकी हैं. हमने ग़ज़ा के उत्तरी हिस्से में देखा है, सभी ज़रूरी इमारतें जमींदोज हो चुकी हैं. हमें डर है कि ग़ज़ा शहर का भी यही हाल होगा.”
उनका कहना है कि हज़ारों लोग दक्षिण की तरफ जाने की कोशिश करेंगे लेकिन, कुछ फीसदी आबादी अपनी जगह छोड़कर नहीं जाएगी. क्योंकि, उन्हें पता है, एक बार उन्होंने ज़मीन छोड़ दी तो वो दोबारा लौट नहीं पाएंगे.
ग़ज़ा के लोगों को अल-मवासी जाने को कहा जा रहा है, जिसे इसराइल ने मानवीय क्षेत्र घोषित कर रखा है.
संघाय कहते हैं, “एक बात हम सभी को अच्छे से समझ लेनी चाहिए कि मध्य या दक्षिण ग़ज़ा में ऐसी कोई जगह नहीं है जो सुरक्षित है.”
थाईलैंड के पूर्व प्रधानमंत्री थाकसिन शिनावात्रा को एक साल की जेल
इमेज स्रोत, EPA
इमेज कैप्शन, मंगलवार को थाकसिन शिनावात्रा अपनी बेटी पेटोंगर्टान भी कोर्ट में मौजूद थे.
थाईलैंड की शीर्ष अदालत ने पूर्व प्रधानमंत्री थाकसिन शिनावात्रा को एक साल की जेल की सज़ा सुनाई है.
यह फ़ैसला देश के प्रभावशाली राजनीतिक परिवार के लिए एक और झटका माना जा रहा है.
अदालत ने कहा कि थाकसिन ने अपनी पिछली सज़ा का एक हिस्सा ग़ैरकानूनी तरीके से अस्पताल में काटा था, इसलिए अब उन्हें यह सज़ा जेल में भुगतनी होगी.
यह फ़ैसला उनके एक पुराने भ्रष्टाचार मामले से जुड़ा हुआ है.
2006 में सैन्य तख़्तापलट के बाद थाकसिन दुबई में निर्वासित हो गए थे और जब 2023 में लौटे तो उन पर मुकदमा चला और उन्हें आठ साल की जेल की सज़ा हुई.
हालांकि थाकसिन की अपील पर उन्हें राजशाही से माफ़ी मिल गई और सज़ा कम करके एक साल कर दी गई थी.
लेकिन वो एक दिन भी जेल में नहीं रहे और जल्द ही अस्पताल में भर्ती हो गए और वहीं छह महीने तक रहे और फिर परोल पर रिहा हो गए थे.
थाकसिन और उनका परिवार 2001 में उनके पहली बार प्रधानमंत्री बनने के बाद से थाई राजनीति में हावी रहे हैं.
उनकी बेटी पेटोंगटार्न शिनावात्रा को भी अदालत के आदेश पर हाल ही में प्रधानमंत्री पद छोड़ना पड़ा था. अदालत ने कहा कि उन्होंने कंबोडिया के प्रधानमंत्री हुन सेन से जुड़े एक लीक फ़ोन कॉल मामले में नैतिक मानदंडों का उल्लंघन किया था.
कर्नाटक के राज्यपाल को आया फ़र्ज़ी कॉल, खुद को बताया केंद्रीय मंत्री, इमरान क़ुरैशी, बेंगलुरु से बीबीसी हिंदी के लिए
इमेज स्रोत, ANI
इमेज कैप्शन, मध्यप्रदेश से आने वाले थावर चंद गहलोत इस समय कर्नाटक के राज्यपाल हैं.
कर्नाटक के राज्यपाल थावर चंद गहलोत को
शनिवार दोपहर को एक व्यक्ति
ने फ़ोन किया और खुद को केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान बताया.
मध्यप्रदेश से आने वाले वरिष्ठ नेता
गहलोत को क़रीब डेढ़ बजे यह फ़ोन आया था. लेकिन बातचीत के दौरान उन्हें शक हुआ.
कॉलर आईडी पर दिखा नंबर भी असली नहीं
लगा क्योंकि यह नंबर प्रधान के आधिकारिक नंबर से मेल नहीं खाता था.
करीब 15 मिनट बाद उसी व्यक्ति ने दोबारा कॉल किया और खुद को धर्मेंद्र प्रधान
साबित करने की कोशिश की.
इसके बाद गहलोत ने सीधे प्रधान से
संपर्क किया. प्रधान ने अपना नंबर बदलने की बात का खंडन किया.
इस मामले में कर्नाटक की साइबर
क्राइम पुलिस के पास शिकायत दर्ज कराई गई है.
बेंगलुरु के पुलिस आयुक्त सीमांत
कुमार सिंह ने बीबीसी हिंदी को बताया, "हम शिकायत की जांच कर रहे हैं. यह पहचान बदलकर फ़र्जीवाड़े का मामला
है."
नेपाल में तनाव के बीच कई मंत्रियों ने छोड़ा पद, पीएम ओली ने बुलाई सर्वदलीय बैठक
इमेज स्रोत, Getty Images
इमेज कैप्शन, नेपाल के कैबिनेट के कई मंत्री ओली का साथ छोड़ चुके हैं.
नेपाल के प्रधानमंत्री केपी ओली ने आज शाम छह बजे सर्वदलीय बैठक बुलाई है.
दोपहर में एक अपील जारी करते हुए ओली ने कहा कि वह सोमवार को राजधानी सहित देश के विभिन्न हिस्सों में हुए विरोध प्रदर्शनों और उसके बाद की घटनाओं से दुखी हैं.
ओली ने कहा कि संबंधित पक्षों के साथ बातचीत शुरू हो गई है और उनसे शांतिपूर्ण तरीके से बातचीत के माध्यम से समाधान निकालने का आग्रह किया गया है.
ओली ने कहा, "मैं सभी भाइयों और बहनों से विनम्रतापूर्वक अनुरोध करता हूं कि इस कठिन परिस्थिति में संयम बरतें."
प्रदर्शन और मंत्रियों के इस्तीफ़े
सोमवार को नेपाल के युवा सोशल मीडिया पर लगे बैन के खिलाफ भारी संख्या में सड़कों पर उतरे. राजधानी काठमांडू में कुछ युवा संसद परिसर में दाखिल हो गए. प्रदर्शनकारियों के खिलाफ सुरक्षाबलों ने सख्त कार्रवाई की.
कल के प्रदर्शनों के दौरान कम से कम 19 लोगों की मौत हुई है. इनमें से 17 की मौत काठमांडू में हुई है.
इसके बाद से नेपाल की कैबिनेट के कई मंत्रियों ने पद छोड़ना शुरू कर दिया है. अब तक तीन वरिष्ठ मंत्री इस्तीफा दे चुके हैं.
अब से थोड़ी देर पहले पेयजल मंत्री प्रदीप यादव ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है. उससे पहले गृह मंत्री और कृषि एवं पशुधन मंत्री ने इस्तीफ़ा दे दिया है.
यादव ने लिखा, "प्रिय युवा भाइयों और बहनों, आप मेरे पहले सहयोगी और मेरी ऊर्जा व उत्साह के स्रोत हैं. कल शुरू किए गए आंदोलन के समर्थन में और सरकार के दमन के विरोध में, मैं मंत्री के पद से इस्तीफ़ा देता हूँ."
स्वास्थ्य एवं जनसंख्या मंत्री प्रदीप पौडेल ने बीबीसी नेपाली सेवा को बताया है कि वह आज अपने पद से इस्तीफ़ा दे देंगे.
उन्होंने कहा, "सरकार को ज़ेन ज़ी पीढ़ी द्वारा उठाई गई जायज़ मांगों पर ध्यान देना चाहिए था, लेकिन हम इसमें विफल रहे. इसीलिए मैं समस्या के समाधान का मार्ग प्रशस्त करने के लिए इस्तीफ़ा दे रहा हूँ."
इसके अलावा कुछ अन्य सांसदों ने भी इस्तीफ़ा दिया है.
उपराष्ट्रपति चुनावः नतीजों से पहले कांग्रेस नेता शशि थरूर ने कही ये बात
इमेज स्रोत, ANI
इमेज कैप्शन, शशि थरूर ने कहा कि सभी जानते हैं कि संख्या क्या है.
आज उपराष्ट्रपति का चुनाव हो रहा है
और दोनों पक्ष अपने अपने उम्मीदवारों की जीत के दावे कर रहे हैं.
लेकिन कांग्रेस सासंद शशि थरूर ने ऐसी
बात कही जिससे नतीजों का आभास मिलता है.
उन्होंने समाचार एजेंसी पीटीआई से
संसद के बाहर बात करते हुए कहा, “यह बहुत अहम चुनाव है, लेकिन हम जानते
हैं कि संख्या क्या रहने वाली है. हम अपने उम्मीदवार को वोट करेंगे और देखेंगे कि
क्या होता है. लेकिन लोगों को पहले से अंदाज़ा है कि एनडीए वोट हमसे ज़्यादा हैं.”
इस बीच शिवसेना यूबीटी के नेता संजय राउत ने
कहा, “दोनों तरफ़ से क्रास वोटिंग की संभावना है
और सत्तारूढ़ दल के सबसे ज़्यादा ख़तरा है. मोदी सरकार कमज़ोर है.”
एनडीए में
शामिल मंत्री रामदास अठावले ने स्पष्ट बहुमत का दावा किया है.
सीपीआई
राज्य सभा सांसद पी संदोश कुमार ने कहा कि पिछली बार वोट का अंतर 207 था, इस बार
इसके 100 रहने की उम्मीद है.
आज शुरू हुए
मतदान में पहला वोट पीएम मोदी ने किया और इसके बाद मंत्रियों, सांसदों ने वोट करना
शुरू किया.
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने भी वोट किया है.
नेपाल सरकार के एक और मंत्री का इस्तीफ़ा, सरकार पर लगाए ये आरोप
इमेज स्रोत, Ramnath Adhikari/FB
इमेज कैप्शन, रामनाथ अधिकारी नेपाली कांग्रेस नेता हैं और अपनी सरकार पर 'तानाशाही' का आरोप लगाया है.
नेपाल में विरोध प्रदर्शन के दौरान
19 लोगों के मारे जाने के बाद सरकार एक और मंत्री ने इस्तीफ़ा दे दिया है.
कृषि एवं पशुधन मंत्री और नेपाली
कांग्रेस के नेता रामनाथ अधिकारी ने ज़ेन ज़ी प्रोटेस्ट के दौरान बल प्रयोग पर
असंतोष किया है.
उन्होंने बीबीसी न्यूज़ नेपाली सेवा
को बताया कि उन्होंने सोशल मीडिया पर अपने इस्तीफ़े की घोषणा इसलिए की क्योंकि वह
प्रधानमंत्री से मिल पाने में नाकाम रहे.
उन्होंने फ़ेसबुक पर लिखा,
"मुझे यह जानकर ताज्जुब हुआ कि
लोकतंत्र में, सवाल पूछना और शांतिपूर्वक विरोध
करना नागरिकों का स्वाभाविक अधिकार है, यह मानने
के बजाय, हम व्यापक दमन, हत्याओं और बल प्रयोग वाले लोकतंत्र की बजाय
तानाशाही की ओर बढ़ रहे हैं,
उन्होंन लिखा, "जिस पीढ़ी को देश के निर्माण में सहयोग करना चाहिए था, उसके साथ युद्ध जैसा व्यवहार कैसे किया जा रहा है?
इन सवालों के जवाब खोजे बिना सत्ता में बने रहना
मेरे लिए स्वीकार्य नहीं था."
उन्होंने लिखा, "मेरी अंतरात्मा मुझे चेतावनी दे रही है कि छोटे
बच्चों की हत्या और उत्पीड़न के बाद, जिससे
देश शोक में डूबा है, सरकार में सेवा जारी रखना मेरी
नैतिकता और मेरी पार्टी द्वारा मुझे दी गई शिक्षा के ख़िलाफ़ है. मैं अपनी
आधिकारिक ज़िम्मेदारियों से चिपके रहने के लिए खुद को दोषी महसूस करता हूं."
इससे पहले देश के गृह मंत्री रमेश
लेखक ने भी सोमवार को इस्तीफ़ा दे दिया था.
उधर, नेपाली कांग्रेस अध्यक्ष और
पूर्व प्रधानमंत्री शेर बहुदर देउबा के गृह ज़िले में फिल से प्रदर्शन शुरू हो गया
है.
इस बीच अखिल नेपाल फुटबॉल संघ (एएनएफ़ए)
ने एक बयान जारी कर नेपाल बांग्लादेश के बीच फ़ुटबॉल मैच रद्द करने की जानकारी दी
है.