इंदौर के एमवायएच अस्पताल में दो नवजात बच्चों को चूहों के काटने और फिर उनकी मौत के मामले ने नया मोड़ ले लिया है.
इनमें से एक बच्ची को अस्पताल प्रशासन ने लावारिस बताया था. लेकिन बच्ची के परिजन सामने आए हैं और दस्तावेज़ बताते हैं कि उसे धार जिला अस्पताल से रेफर किया गया था.
परिजनों का आरोप है कि वे दो दिन तक अस्पताल के बाहर भूखे-प्यासे बैठे रहे. डॉक्टरों ने उन्हें घर भेज दिया और बाद में बच्ची की मौत के बाद उसे लावारिस घोषित कर दिया गया.
बच्ची को लावारिस बताया था लेकिन परिवार वाले सामने आए
धार जिले के रूपापाड़ा गांव की रहने वाली 25 साल की मंजू कटारा ने बीबीसी से कहा, “मेरी बच्ची को अस्पताल में चूहे ने काट लिया था. इसकी जानकारी देना तो छोड़िए किसी ने यह भी नहीं बताया कि बच्ची की मौत हो चुकी है.”
मंजू और उनके पति देवाराम कटारा की बच्ची को इंदौर के महाराजा यशवंतराव अस्पताल (एमवायएच) में रविवार और सोमवार की दरमियानी रात चूहों ने काट लिया था, जिसके बाद उसकी मौत हो गई.
एमवायएच अस्पताल में अब तक चूहों के काटने से दो नवजात बच्चों की मौत हो चुकी है.
अस्पताल के मेडिकल सुपरिटेंडेंट डॉ. अशोक यादव ने 2 सितम्बर को बीबीसी से कहा था, “मृतक नवजात बच्ची को उसके परिजन अस्पताल के बाहर छोड़कर चले गए थे. प्रबंधन ने उसे इलाज के लिए एनआईसीयू में रखा था.”
बीबीसी को मिले दस्तावेज़ बताते हैं कि बच्ची को 31 अगस्त को धार जिला अस्पताल से एमवायएच रेफर किया गया था. उसे अपूर्ण गुदा की समस्या के कारण सर्जिकल उपचार के लिए भेजा गया था.
परिवार वालों ने कहा उनके साथ धोखा हुआ
जय आदिवासी युवा शक्ति संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष लोकेश मुजाल्दा ने बीबीसी से कहा, “पूरे प्रदेश में यह जानकारी फैली थी कि चूहों के काटने से दो बच्चों की मौत हो गई है. प्रशासन उनमें से एक बच्ची को लावारिस बता रहा था. हमें जब कुछ गड़बड़ी का इनपुट मिला तो संगठन ने अपने नेटवर्क से उस बच्ची के मां-बाप को ढूंढ़ निकाला. उनसे मिलने के बाद पता चला कि अस्पताल इस मुद्दे को दबाना चाहता था.”
बच्ची के पिता देवाराम कटारा ने कहा, “बच्ची को भर्ती कराने के बाद हम दो दिन तक अस्पताल के बाहर रुके, भूखे-प्यासे. अंदर जाने नहीं दिया गया. फिर डॉक्टरों ने कहा घर जाओ, हम फोन पर जानकारी देंगे. हमारे साथ बहुत बड़ा धोखा हुआ है.”
अस्पताल के डीन अरविंद घनघोरिया ने इन आरोपों पर कहा, “बच्ची के परिजन उसे छोड़कर चले गए थे. बच्ची की मृत्यु होने के बाद हमने पुलिस को सूचना दी थी और तय प्रक्रिया के तहत पुलिस जांच कर रही थी.”