वैभव सूर्यवंशी का शानदार शतक, ऑस्ट्रेलिया अंडर 19 के ख़िलाफ़ लगाई छक्के-चौकों की झड़ी
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इमेज कैप्शन, वैभव ने अपनी पारी में 9 चौके और 8 छक्के लगाए
ऑस्ट्रेलिया अंडर-19 के ख़िलाफ़ इंडिया अंडर-19 की टीम मज़बूत स्थिति में पहुंच गई है. यूथ टेस्ट के पहले मैच में भारत की तरफ से वैभव सूर्यवंशी और वेदांत त्रिवेदी ने शतक जड़ा है.
भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच यह टेस्ट मैच ब्रिसबेन में खेला जा रहा है.
14 साल के वैभव ने 86 गेंदों पर नौ चौके और आठ छक्कों की मदद से 113 रन बनाए. वैभव मैच में ओपनर बल्लेबाज़ के तौर पर उतरे. उन्होंने तीसरे विकेट के लिए वेदांत त्रिवेदी के साथ शतकीय साझेदारी निभाई.
ऑस्ट्रेलिया की टीम अपनी पहली पारी में 243 रन बनाकर ऑल आउट हो गई थी. जवाब में भारतीय टीम ने वैभव और वेदांत के शतकों की मदद से पहली पारी में 428 बनाए.
दूसरी पारी में भी ऑस्ट्रेलिया का पहला विकेट 6 रन पर गिर चुका है.
नमस्कार!
अब इस लाइव पेज को विराम देने का वक़्त आ गया है. बीबीसी संवाददाता सुमंत सिंह को दीजिए इजाज़त.
कल सुबह एक नए लाइव पेज के साथ हम फिर हाज़िर होंगे.
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ट्रंप ने हमास को शांति योजना पर प्रतिक्रिया देने के लिए इतना समय दिया
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इमेज कैप्शन, ट्रंप ने शांति योजना को "एक अद्भुत चीज़" बताया है
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि ग़ज़ा में शांति की उनकी योजना पर प्रतिक्रिया देने के लिए हमास के पास "तीन से चार दिन" का समय है.
ट्रंप ने कहा, "अगर हमास इस समझौते को ठुकराता है तो यह एक बहुत दुखद अंत होगा." साथ ही उन्होंने कहा, "अगर यह सफल होता है तो यह बहुत अच्छा होगा."
ट्रंप ने अपनी इस योजना को "एक अद्भुत चीज़" बताया है.
क़तर के विदेश मंत्रालय ने कहा है कि हमास इस प्रस्ताव का "ज़िम्मेदारी से" अध्ययन कर रहा है. बीबीसी की मध्य-पूर्व संवाददाता योलांद नेल के मुताबिक़, हमास को प्रतिक्रिया देने में कई दिन लग सकते हैं.
इस योजना में जंग रोकना, बंधकों की वापसी और ग़ज़ा को चलाने में मदद के लिए एक अंतरराष्ट्रीय "बोर्ड ऑफ़ पीस" बनाना शामिल है.
इस योजना में कुछ शर्तों के पूरा होने पर "फ़लस्तीन को देश के तौर पर मान्यता देने के लिए एक विश्वसनीय रास्ता" भी शामिल है. लेकिन इसराइल के प्रधानमंत्री बिन्यामिन नेतन्याहू का कहना है कि इसराइल इसका "विरोध" करेगा.
भारत ने श्रीलंका को दिया 270 रनों का टारगेट, दीप्ति और अमनजोत ने जड़े अर्धशतक
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इमेज कैप्शन, अमनजोत कौर ने सबसे ज़्यादा 57 रन बनाए
आईसीसी महिला विश्व कप के पहले मुक़ाबले में भारत ने श्रीलंका के सामने 270 रनों का लक्ष्य रखा है. भारत ने 47 ओवरों में आठ विकेट खोकर 269 रन बनाए.
भारत की ओर से आठवें नंबर पर बल्लेबाज़ी करने आईं अमनजोत कौर ने सबसे ज़्यादा 57 रन बनाए. उनके अलावा दीप्ति शर्मा ने 53, हरलीन देओल ने 48 और प्रतिका रावल ने 37 रनों की पारी खेली.
श्रीलंका की ओर से इनोका रणवीरा ने सबसे ज़्यादा चार और उदेशिका प्रबोधनी ने दो विकेट लिए. श्रीलंका ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाज़ी चुनी थी.
270 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी श्रीलंकाई टीम ने दो विकेट गंवा दिए हैं. ख़बर लिखे जाने तक श्रीलंका ने 15 ओवर में दो विकेट खोकर 82 रन बना लिए हैं.
उत्तराखंड के पत्रकार राजीव प्रताप की मौत पर पुलिस ने क्या बताया
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इमेज कैप्शन, उत्तराखंड के डीजीपी दीपम सेठ ने बताया कि राजीव प्रताप की मौत की जांच के लिए एक टीम का गठन किया गया है
उत्तराखंड में पत्रकार राजीव प्रताप की मौत की जांच के लिए एक टीम का गठन किया गया है. यह जानकारी राज्य के डीजीपी दीपम सेठ ने दी है.
उन्होंने बताया कि राजीव प्रताप की मौत की जांच के लिए उत्तरकाशी के डिप्टी एसपी के नेतृत्व में एक टीम का गठन किया गया है. यह टीम सभी साक्ष्यों की दोबारा जांच करेगी.
पत्रकार की मौत पर प्रेस क्लब ऑफ़ इंडिया ने बयान जारी कर दुख जताया है और मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है.
प्रेस क्लब ने अपने बयान में कहा, "राजीव प्रताप के परिवार ने आरोप लगाया है कि उनकी मौत उनके पेशेवर काम से जुड़ी हो सकती है. उन्हें संवेदनशील ख़बरें लिखने के लिए निशाना बनाया गया है."
"मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक़, राजीव की पत्नी ने कहा है कि उनके पति ने उनसे कहा था कि वह 'परेशान थे' और 'कई लोग उन्हें फ़ोन करके जान से मारने की धमकियां' दे रहे थे. उन्होंने आरोप लगाया है कि ये धमकियां उत्तरकाशी ज़िला अस्पताल में शराब पीने की एक वीडियो रिपोर्ट से जुड़ी थीं"
प्रेस क्लब ने कहा कि अगर 'पत्रकारों की हत्या' अपने कर्तव्य को निभाने के लिए की जा रही है तो 'लोकतंत्र गंभीर रूप से ख़तरे में है'.
इसके साथ ही प्रेस क्लब ने इस मामले में पत्रकारिता निकायों और फ़ोरेंसिक विशेषज्ञों की भागीदारी के साथ एक विश्वसनीय, निष्पक्ष और पारदर्शी जांच की मांग की.
उत्तराखंड के पत्रकार राजीव प्रताप 18 सितंबर से गुमशुदा थे. 20 सितंबर को उनकी कार भागीरथी नदी में क्षतिग्रस्त हालत में पाई गई.
28 सितंबर को एनडीआरएफ़, एसडीआरएफ़ और स्थानीय पुलिस को राजीव प्रताप का शव मिला.
भोजपुरी स्टार पवन सिंह की बीजेपी नेताओं से मुलाकात पर चिराग पासवान क्या बोले
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भोजपुरी स्टार पवन सिंह और बीजेपी नेताओं की मुलाक़ात पर केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने कहा कि पवन सिंह के बीजेपी में आने से एनडीए को फ़ायदा होगा.
चिराग पासवान ने कहा, "वो (पवन सिंह) पहले से गठबंधन का हिस्सा थे ही. यकीनन उनके निर्दलीय चुनाव लड़ने से गठबंधन के भीतर चिंताएं उत्पन्न हुईं थीं और सबसे ज़्यादा इसका नुक़सान उपेंद्र कुशवाहा जी को हुआ."
"लेकिन आज जब दोनों के बीच ये मुलाक़ात हो गई है तो जितने मन मुटाव होंगे उन्हें दूर कर लिया गया होगा. मैं मानता हूं कि वो आएंगे तो ज़रूर गठबंधन को लाभ ही मिलेगा."
बीजेपी के राष्ट्रीय महासचिव विनोद तावड़े ने बताया कि मंगलवार को पवन सिंह ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा और राष्ट्रीय लोक मोर्चा प्रमुख उपेंद्र कुशवाहा से मुलाकात की.
उन्होंने कहा, "पवन सिंह जी बिहार विधानसभा चुनाव में एक बीजेपी कार्यकर्ता के रूप में सक्रियता से एनडीए की जीत के लिए काम करेंगे."
पिछले साल लोकसभा चुनाव में बीजेपी ने पश्चिम बंगाल के आसनसोल सीट से पवन सिंह को टिकट दिया था, लेकिन उन्होंने यहां से उम्मीदवारी छोड़कर बिहार की काराकाट लोकसभा सीट से निर्दलीय चुनाव लड़ने का फ़ैसला किया था.
बिहार में एनडीए के दलों के बीच सीटों की साझेदारी में काराकाट लोकसभा सीट राष्ट्रीय लोक मोर्चा के उपेंद्र कुशवाहा के हिस्से में आई थी.
करूर भगदड़: विजय ने स्टालिन से कहा, 'जो करना है मेरे साथ करिए, मेरे कार्यकर्ताओं के साथ नहीं'
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इमेज कैप्शन, करूर में विजय की एक रैली में भगदड़ मचने से कम से कम 40 लोगों की मौत हुई थी
अभिनेता से नेता बने विजय ने तमिलनाडु के करूर में उनकी रैली के दौरान हुई भगदड़ को लेकर एक वीडियो जारी किया है. इसमें उन्होंने घटना पर अफसोस जताया है और मुख्यमंत्री एम. के. स्टालिन पर निशाना साधा है.
सीएम स्टालिन को संबोधित करते हुए विजय ने कहा, "मुख्यमंत्री जी, अगर आप बदला लेना चाहते हैं तो आप जो कुछ भी कर सकते हैं कर लीजिए, लेकिन मेरी पार्टी के कार्यकर्ताओं पर कार्रवाई मत करिए. मैं या तो घर पर रहूंगा या दफ़्तर में. जो करना है कर लीजिए."
विजय ने घटना पर अफ़सोस जताते हुए कहा, "मैंने सिर्फ़ लोगों की सुरक्षा को ध्यान में रखा है. मैंने सावधानी बरतते हुए जगहों को चुना. लेकिन, जो नहीं होना चाहिए था, वह हुआ."
"मैं भी एक इंसान हूं. ऐसे समय में मैं उन्हें छोड़कर नहीं जा सकता. लेकिन मुझे जाना पड़ा, जिससे कि ऐसी घटनाएं होने से रोका जा सके. मुझे यह भी पता है कि मैं कितना भी कहूं, वह एक समाधान नहीं होगा."
विजय ने कहा कि वह लोगों से जल्द से जल्द मिलेंगे. उन्होंने घटना पर सवाल भी उठाए.
उन्होंने कहा, "हम रैली के लिए लगभग पांच ज़िलों में गए. कहीं भी कुछ नहीं हुआ. यह सिर्फ़ करूर में ही क्यों हुआ. लोग सारी सच्चाई जानते हैं. लोग सबकुछ देख रहे हैं... हमारे लिए जो जगहें आवंटित हुई थीं, हम वहीं पर खड़े रहे और बोले. हमने उससे आगे कुछ नहीं किया."
बीते हफ़्ते करूर में हुई एक रैली में भगदड़ मचने से कम से कम 40 लोगों की मौत हुई थी.
बिहार में एसआईआर का डेटा जारी, जानिए कितने वोटर्स हटाए गए और कितने जोड़े गए?
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इमेज कैप्शन, एसआईआर की पहली ड्राफ़्ट सूची में 65 लाख मतदाताओं के नाम हटाए गए थे
चुनाव आयोग ने बिहार में स्पेशल इंटेंसिव रिवीज़न (एसआईआर) का डेटा जारी किया है. इसके मुताबिक़ बिहार में 7.42 करोड़ मतदाता हैं.
चुनाव आयोग के मुताबिक़, 24 जून 2025 को बिहार में 7.89 करोड़ मतदाता थे. एक अगस्त को जारी एसआईआर की पहली ड्राफ़्ट सूची में 65 लाख मतदाताओं के नाम हटाए गए थे.
इसके बाद राज्य में मतदाताओं की संख्या 7.24 करोड़ थी.
चुनाव आयोग ने इसके बाद फिर से 3.66 लाख मतदाताओं के नाम हटाए और 21.53 लाख मतदाताओं को सूची में जोड़ा गया है.
30 सितंबर को जारी आंकड़ों के मुताबिक़ अब राज्य में मतदाताओं की संख्या 7.42 करोड़ है.
बिहार में विधानसभा चुनाव से कुछ महीने पहले चुनाव आयोग ने एसआईआर शुरू किया. इस प्रक्रिया को लेकर राजनीतिक बहस शुरू हुई और इसकी टाइमिंग पर भी सवाल उठे.
चुनाव आयोग ने इसे वोटर लिस्ट को दुरुस्त करने की कवायद बताया जबकि विपक्ष का आरोप है कि यह नागरिकता की जांच की प्रक्रिया है, जो पिछले दरवाज़े से चलाई जा रही है और इसका मकसद बीजेपी के नेतृत्व वाले एनडीए गठबंधन को लाभ पहुंचाना है.
एसआईआर को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने एक अंतरिम आदेश दिया था. कोर्ट ने चुनाव आयोग से कहा था कि वो उन 65 लाख मतदाताओं की लिस्ट जारी करे, जो ड्राफ़्ट लिस्ट में शामिल नहीं किए गए.
पी. चिदंबरम ने बताया, 26/11 हमले के बाद जवाबी कार्रवाई न करने का फ़ैसला कैसे लिया गया
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इमेज कैप्शन, 26/11 हमले के बाद चिदंबरम गृह मंत्री बने थे (फ़ाइल फ़ोटो)
कांग्रेस नेता और पूर्व गृह मंत्री पी. चिदंबरम ने 26/11 हमलों से जुड़ा एक बयान दिया है. उन्होंने कहा कि मुंबई में जब ये हमले हुए उस वक्त दुनियाभर से यह दबाव था कि भारत कोई प्रतिक्रिया या कार्रवाई न करे.
एक न्यूज़ चैनल को दिए इंटरव्यू में पी. चिदंबरम ने यह बात कही है. मुंबई में जब ये हमले हुए थे, उस वक्त शिवराज पाटिल केंद्रीय गृह मंत्री थे. उन्होंने हमले के बाद इस्तीफ़ा दे दिया था. इसके बाद चिदंबरम ने देश के गृह मंत्री के तौर पर पद संभाला था.
पी. चिदंबरम से सवाल किया गया, "जब हमले हुए उस वक्त आपके दिमाग में क्या चल रहा था? क्या बदला लेने का विचार आपके मन में आया?"
इस पर उन्होंने कहा, "जब आतंकवादियों को मार दिया गया, उसके एक दिन बाद मैं गृह मंत्री बना... जब मैं गृह मंत्री बना मेरे पास सुरक्षा बलों और इंटेलिजेंस एजेंसियों की तैयारियों की कोई भी जानकारी नहीं थी. मेरे मन में आया कि हमें कुछ बदला लेना चाहिए. मैंने प्रधानमंत्री और दूसरे लोगों से इस बारे में चर्चा भी की."
"चर्चा का निष्कर्ष काफ़ी हद तक एमईए (विदेश मंत्रालय) और आईएफ़एस (इंडियन फ़ॉरेन सर्विस) से प्रभावित था कि हमें सीधे तौर पर प्रतिक्रिया नहीं देनी चाहिए, बल्कि इसके लिए कूटनीतिक तरीके़ अपनाने चाहिए. उस समय यही निष्कर्ष निकला था और मुझे यही बताया गया था."
चिदंबरम ने कहा, "लेकिन, उस समय पूरी दुनिया हमसे कह रही थी कि जंग शुरू मत करिए. जैसे कोंडोलीज़ा राइस, जो उस समय अमेरिका की विदेश मंत्री थीं. मेरे कार्यभार संभालने के दो या तीन दिन बाद वो मुझसे और प्रधानमंत्री से मिलने आईं और उन्होंने कहा कि प्लीज़ प्रतिक्रिया न दें. मैंने कहा यह फ़ैसला सरकार लेगी."
पी. चिदंबरम के इस बयान पर भारतीय जनता पार्टी के नेता और केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी ने प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने चिदंबरम के बयान का क्लिप भी सोशल मीडिया पर साझा किया है.
प्रह्लाद जोशी ने कहा, "17 साल बाद पूर्व गृह मंत्री चिदंबरम ने वही माना जो देश जानता था. 26/11 की घटना को विदेशी ताकतों के दबाव की वजह से ग़लत तरीक़े से संभाला गया."
एशिया कप फ़ाइनल के हीरो तिलक वर्मा बोले, 'मेरे दिल में था कि देश के लिए जान दे दूंगा'
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इमेज कैप्शन, तिलक वर्मा ने पाकिस्तान के साथ भारत की राइवलरी को लेकर भी बयान दिया है (फ़ाइल फ़ोटो)
एशिया कप फ़ाइनल में पाकिस्तान के ख़िलाफ़ शानदार बल्लेबाज़ी कर भारत को जीत दिलाने और मैच के दौरान प्रेशर को लेकर तिलक वर्मा ने बयान दिया है. उनका कहना है कि ऐसे मैच में काफ़ी दबाव होता है.
तिलक वर्मा ने कहा, "दबाव तो रहता है, दिमाग में बहुत कुछ चल रहा था. देश हमेशा आगे है और भारत सबसे ऊपर है. मेरे दिल में यही था कि देश के लिए जान दे दूंगा. मैंने बचपन से जो सीखा वही किया. उस समय शांत रहकर गेम खेला."
मैच के दौरान पाकिस्तानी खिलाड़ियों से बातचीत पर तिलक वर्मा ने कहा, "जब तीन विकेट गिर गए तब मैं बल्लेबाज़ी कर रहा था. वे लोग तब मेरे ऊपर ज़्यादा आ रहे थे. लेकिन मैंने बेसिक्स को फॉलो किया, ज़्यादा जवाब नहीं दिया. मैच के बाद मैंने जो भी बोला है अच्छे से बोला है, मैच के बीच नहीं बोला."
तिलक वर्मा ने पाकिस्तान के साथ भारत की राइवलरी को लेकर भी बयान दिया है.
उन्होंने सूर्यकुमार यादव के उस बयान पर सहमति जताई, जिसमें उन्होंने कहा था कि अब भारत और पाकिस्तान के बीच कोई मुक़ाबला नहीं है.
ग़ज़ा में शांति की पहल के बीच नेतन्याहू बोले- इसराइली सेना पीछे नहीं हटेगी
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इमेज कैप्शन, व्हाइट हाउस में दौरे के बाद नेतन्याहू का एक वीडियो टेलीग्राम पर साझा किया गया है
इसराइल के प्रधानमंत्री बिन्यामिन नेतन्याहू ने अपने ताज़ा बयान में कहा है कि वह इसराइली सेना को ग़ज़ा से वापस नहीं बुलाने वाले हैं.
व्हाइट हाउस में दौरे के बाद नेतन्याहू का एक वीडियो टेलीग्राम पर साझा किया गया है. इसमें वह उन आलोचकों को निशाना बनाते दिख रहे हैं, जो इसराइली सेना को ग़ज़ा से वापस बुलाने के लिए उन पर दबाव डाल रहे हैं.
नेतन्याहू कह रहे हैं, "वे बार-बार कह रहे हैं कि हमास की शर्तें माननी होंगी. आईडीएफ़ को बाहर निकल जाना चाहिए और हमास फिर से खड़ा हो सकता है और पट्टी का पुनर्निर्माण भी कर सकता है."
उन्होंने कहा, "ऐसा नहीं होने वाला है."
नेतन्याहू ने आगे कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने वादा किया है कि अगर हमास ग़ज़ा में शांति के लिए 20 सूत्रीय योजना को ठुकरा देता है तो वह इसराइल को पूरा समर्थन देंगे.
ट्रंप और नेतन्याहू की सोमवार को व्हाइट हाउस में मुलाक़ात हुई थी. इस बैठक में दोनों नेताओं ने ग़ज़ा में शांति के लिए ट्रंप की 20 सूत्रीय योजना पर चर्चा की.
इस योजना पर इसराइली प्रधानमंत्री ने सहमति जताई है, जबकि हमास अभी इस पर विचार कर रहा है.
आईसीसी महिला विश्व कप: भारत का पहला विकेट गिरा, स्मृति मंधाना हुईं आउट
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इमेज कैप्शन, स्मृति मंधाना आठ रन बनाकर आउट हुईं
आईसीसी महिला विश्व कप 2025 का पहला मैच भारत और श्रीलंका के बीच खेला जा रहा है. श्रीलंका ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाज़ी का फ़ैसला किया है.
ख़बर लिखे जाने तक भारत ने सात ओवरों में एक विकेट खोकर 29 रन बना लिए हैं. स्मृति मंधाना आठ रन बनाकर आउट हो गई हैं. प्रतिका रावल और हरलीन देओल क्रीज़ पर मौजूद हैं.
यह मैच असम के गुवाहाटी में खेला जा रहा है.
आईसीसी महिला विश्व कप का यह तेरहवां एडिशन है. इस टूर्नामेंट में आठ देशों की टीमें हिस्सा ले रही हैं. पहला मैच आज यानी 30 सितंबर को, जबकि फ़ाइनल मुक़ाबला 2 नवंबर को खेला जाएगा.
महिला विश्व कप के इतिहास में ऑस्ट्रेलिया ने सबसे अधिक सात बार, इंग्लैंड ने चार बार, जबकि न्यूज़ीलैंड ने एक बार यह ख़िताब अपने नाम किया है.
भारतीय महिला टीम अब तक विश्व चैंपियन नहीं बन सकी है.
नमस्कार!
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नेपाल के बाद इस देश में 'जेन ज़ी' प्रदर्शन, राष्ट्रपति ने किया सरकार भंग करने का एलान
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इमेज कैप्शन, मेडागास्कर के युवा बिजली, पानी की ख़राब व्यवस्था के ख़िलाफ़ सड़कों पर उतरे थे
मेडागास्कर में युवाओं के प्रदर्शन हिंसक होने के बाद राष्ट्रपति एंड्री रजोएलिना ने सरकार भंग करने का ऐलान किया है.
यह घोषणा कई दिनों से चल रहे युवाओं के नेतृत्व वाले प्रदर्शनों के बाद आई है, जो लंबे समय से जारी पानी और बिजली की कटौतियों के ख़िलाफ़ हो रहे हैं.
सोमवार को एक टेलीविज़न संबोधन में एंड्री रजोएलिना ने कहा, "अगर सरकार को लोगों ने जो ज़िम्मेदारियां सौंपी हैं वो पूरी नहीं हुईं तो हम इसे स्वीकार करते हैं और माफ़ी मांगते हैं."
इन प्रदर्शनों में हज़ारों युवा पिछले गुरुवार से सड़कों पर उतरकर राष्ट्रपति के इस्तीफ़े की मांग कर रहे थे.
संयुक्त राष्ट्र के मानवाधिकार प्रमुख ने बताया है कि इस प्रदर्शन में कम से कम 22 लोग मारे गए और 100 अन्य घायल हुए हैं.
साथ ही मानवाधिकार प्रमुख ने प्रदर्शनकारियों पर सुरक्षा बलों की इस कार्रवाई की निंदा की है.
मेडागास्कर के विदेश मंत्रालय ने संयुक्त राष्ट्र के आंकड़ों को खारिज कर दिया है.
मंत्रालय का कहना है कि ये आंकड़े 'अफ़वाहों या ग़लत जानकारी' पर आधारित हैं.
ब्रेकिंग न्यूज़, पाकिस्तान: बलूचिस्तान के क्वेटा में विस्फोट, कम से कम 9 लोगों की मौत और 32 घायल
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इमेज कैप्शन, पाकिस्तानी अर्धसैनिक रेल पटरी का निरीक्षण करते हुए (सांकेतिक तस्वीर)
पाकिस्तान के बलूचिस्तान प्रांत के क्वेटा में हुए एक विस्फोट में कई लोगों की मौत हुई और कई घायल हुए हैं.
प्रांत के स्वास्थ्य मंत्री की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक़, इस विस्फोट में कम से कम 9 लोगों की मौत हो गई और 32 घायल हो गए.
बीबीसी इस बात की पुष्टि करता है कि यह ब्लास्ट क्वेटा स्थित अर्धसैनिक बल 'फ्रंटियर कोर' के मुख्यालय के पास हुआ है.
प्रांत के स्वास्थ्य मंत्री बख़्त काकर ने बीबीसी उर्दू को बताया कि मृतकों और घायलों में सुरक्षा बल के जवान भी शामिल हैं. विस्फोट के बाद शहर के मॉडल टाउन इलाके से धुआं उठता देखा गया और गोलियों की आवाजें भी सुनी गईं.
क्वेटा के शाहबाज टाउन निवासी हमीद खान ने बीबीसी उर्दू को बताया कि विस्फोट के बाद गोलीबारी की आवाजें भी सुनी गईं.
बीबीसी उर्दू के मुताबिक, विस्फोट के बाद स्थानीय प्रशासन ने क्वेटा के अस्पतालों में आपातकाल लागू कर दिया है और सभी कर्मचारियों को अस्पतालों में ही रहने का निर्देश दिया है.
दिल्ली में बारिश से बदला मौसम, कुछ इलाक़ों में जलभराव
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इमेज कैप्शन, दिल्ली में बारिश के बाद लोगों को गर्मी से थोड़ी राहत मिली है
दिल्ली में कई दिनों से जारी गर्मी के बीच मंगलवार को मौसम अचानक बदल गया.
शहर के कई हिस्सों में तेज़ हवा के साथ बारिश हुई, जिससे तापमान में गिरावट दर्ज की गई.
बारिश के कारण कुछ इलाक़ों में जलभराव की स्थिति बन गई, जिससे लोगों को यातायात में दिक़्क़त का सामना करना पड़ा.
इससे पहले मौसम विज्ञान विभाग ने अनुमान जताया था कि मंगलवार को दिल्ली में आंशिक रूप से बादल छाए रहेंगे और हल्की बारिश या बूंदाबांदी हो सकती है.
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इमेज कैप्शन, मंगलवार की बारिश के बाद दिल्ली के ज़खीरा अंडरपास में पानी भर गया और वाहनों को परेशानी होने लगी
इसराइल ने हमले के लिए मांगी माफ़ी, क़तर ने जवाब में ये कहा
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इमेज कैप्शन, क़तर के प्रधानमंत्री ने राष्ट्रपति ट्रंप का शुक्रिया अदा किया है (फ़ाइल फ़ोटो)
इसराइल ने क़तर पर किए हमलों के लिए माफ़ी मांगी है. क़तर के विदेश मंत्रालय ने एक बयान जारी कर इसकी जानकारी दी.
विदेश मंत्रालय के मुताबिक़, अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप, क़तर के प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री शेख़ मोहम्मद बिन अब्दुलरहमान अल थानी और इसराइल के प्रधानमंत्री बिन्यामिन नेतन्याहू के बीच फ़ोन पर बातचीत हुई.
विदेश मंत्रालय की ओर से जारी बयान में दावा किया गया कि फ़ोन कॉल के दौरान इसराइल ने क़तर पर हमले के लिए माफ़ी मांगी है.
क़तर के प्रधानमंत्री ने 'शांति स्थापित करने की कोशिशों के लिए' डोनाल्ड ट्रंप का शुक्रिया अदा किया है.
बयान में कहा गया कि इसराइली पीएम ने भविष्य में क़तर के किसी भी क्षेत्र को निशाना न बनाने का वादा किया है.
क्या है मामला?
इस महीने की शुरुआत में इसराइल ने दोहा में एक घर में मौजूद हमास नेताओं को निशाना बनाया था.
फ़लस्तीनी संगठन हमास का कहना था कि इस हमले में उसके पांच सदस्य और क़तर के एक सुरक्षा अधिकारी की मौत हुई थी.
लंदन में महात्मा गांधी की प्रतिमा के साथ तोड़फोड़, भारतीय उच्चायोग ने क्या कहा?
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इमेज कैप्शन, भारतीय उच्चायोग ने प्रतिमा के साथ तोड़फोड़ की घटना पर कड़ी निंदा की है. (फ़ाइल फ़ोटो)
लंदन के टैविस्टॉक स्क्वायर में महात्मा गांधी की प्रतिमा के साथ सोमवार को तोड़फोड़ की घटना हुई है. लंदन में मौजूद भारत के उच्चायोग ने इसकी कड़ी निंदा की है.
भारतीय उच्चायोग ने सोशल मीडियो प्लेटफ़ॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में इसकी जानकारी दी.
न्यूज़ एजेंसी एएनआई के मुताबिक़, यह घटना 2 अक्तूबर को वहां होने वाले वार्षिक गांधी जयंती समारोह से कुछ दिन पहले हुई है.
भारतीय उच्चायोग ने एक्स पर अपने बयान में कहा कि लंदन के टैविस्टॉक स्क्वायर में महात्मा गांधी की प्रतिमा के साथ तोड़फोड़ की शर्मनाक घटना हुई है.
बयान में कहा गया, "हम इसकी कड़ी निंदा करते हैं. यह केवल तोड़फोड़ नहीं है, बल्कि अंतरराष्ट्रीय अहिंसा दिवस से तीन दिन पहले अहिंसा के विचार और महात्मा की विरासत पर एक हिंसक हमला है.
भारतीय उच्चायोग ने अपने बयान में कहा कि इस मामले में तत्काल कार्रवाई के लिए स्थानीय अधिकारियों के साथ गंभीरता से उठाया गया है.
उच्चायोग ने कहा, "हमारी टीम मौके पर मौजूद है और प्रतिमा की गरिमा बहाल करने के लिए अधिकारियों के साथ मिलकर काम कर रही है."
अयोध्या में रावण, मेघनाद और कुंभकर्ण के पुतलों को जलाने पर प्रतिबंध, जानिए क्या है मामला, अरशद अफ़ज़ाल ख़ान, बीबीसी हिन्दी के लिए
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अयोध्या में रावण, मेघनाद और कुंभकर्ण के पुतलों को जलाने पर प्रतिबंध लगा दिया गया है. इसके पीछे पुलिस ने सुरक्षा कारणों का हवाला दिया है.
आयोजकों के अनुसार, मध्य प्रदेश, राजस्थान और अन्य राज्यों के कारीगरों ने रावण का 240 फीट, मेघनाद और कुंभकर्ण के 190 फीट ऊँचे पुतलों का निर्माण पूरा किया था.
प्रशासन ने सुरक्षा के मद्देनजर इन पुतलों को दशहरा के दिन जलाने पर रोक लगाई है. यह कार्यक्रम अयोध्या की फ़िल्म कलाकर रामलीला समिति की ओर से आयोजित किया जा रहा था.
अयोध्या के सर्किल ऑफिसर (सीओ) देवेश चतुर्वेदी ने कहा कि सुरक्षा मानकों को ध्यान में रखते हुए यह प्रतिबंध लगाया गया. आयोजन समिति ने अभी तक अनुमति नहीं ली थी. जब पुलिस गश्त के दौरान पुतलों का निर्माण देखा गया, तो कार्रवाई की गई.
चतुर्वेदी ने यह भी कहा कि फ़िल्म कलाकर रामलीला समिति का रावण जलाने का कार्यक्रम पारंपरिक नहीं है.
वहीं फ़िल्म कलाकर रामलीला समिति के संस्थापक अध्यक्ष सुभाष मलिक ने कहा कि मध्य प्रदेश, राजस्थान और अन्य राज्यों के कारीगरों ने रावण और अन्य पुतलों का निर्माण पूरा कर लिया था, जिस पर जलाने से तीन दिन पहले ही प्रतिबंध लगा दिया गया.
ग़ज़ा में शांति बहाल करने की योजना पर मुस्लिम देशों ने जारी किया बयान, ट्रंप पर ये कहा
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इमेज कैप्शन, सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान और तुर्की के राष्ट्रपति रेचेप तैयप्प अर्दोआन (फ़ाइल फ़ोटो)
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और इसराइली प्रधानमंत्री बिन्यामिन नेतन्याहू ग़ज़ा में शांति की नई योजना पर राज़ी हो गए हैं. इस पर कई मुस्लिम देशों ने प्रतिक्रिया दी है.
इस शांति प्रस्ताव का क़तर, जॉर्डन, यूएई, इंडोनेशिया, पाकिस्तान, तुर्की, सऊदी अरब और मिस्र के विदेश मंत्रियों ने स्वागत किया है.
उन्होंने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की नेतृत्व क्षमता और ग़ज़ा युद्ध खत्म करने के लिए उनके प्रयासों का स्वागत किया है.
एक साझा बयान में मंत्रियों ने ट्रंप की शांति स्थापित करने की क्षमता पर भरोसा जताया और कहा कि क्षेत्र में शांति सुनिश्चित करने के लिए अमेरिका के साथ साझेदारी बेहद अहम है.
इसी संदर्भ में मंत्रियों ने ट्रंप के उस ऐलान का स्वागत किया जिसमें उन्होंने युद्ध ख़त्म करने, ग़ज़ा का पुनर्निर्माण करने, फ़लस्तीनी लोगों के विस्थापन को रोकने और व्यापक शांति को आगे बढ़ाने की योजना पेश की.
मंत्रियों ने कहा कि वह इस समझौते को अंतिम रूप देने और लागू करने के लिए अमेरिका और अन्य पक्षों के साथ सकारात्मक और रचनात्मक रूप से जुड़ने को तैयार हैं, ताकि क्षेत्र के लोगों के लिए शांति, सुरक्षा और स्थिरता सुनिश्चित हो सके.