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रूस ने कहा, यूक्रेन के हालिया हमलों का वो कड़ा जवाब देगा

रूस ने हालिया यूक्रेनी हमलों का कड़ा जवाब देने की प्रतिबद्धता ज़ाहिर की है.

सारांश

  • राहुल गांधी ने हिंडनबर्ग और माधबी पुरी बुच मामले में वीडियो पोस्ट करते हुए तीन गंभीर सवाल पूछे.
  • हिंडनबर्ग के आरोपों को लेकर माधबी पुरी बुच और उनके पति का एक और नया बयान सामने आया है.
  • ईरान के नए राष्ट्रपति मसूद पेज़ेश्कियान ने विदेश मंत्री के लिए अब्बास अरागची को नामित किया है.
  • इसराइल ने दक्षिणी ग़ज़ा में ख़ान यूनिस के और इलाक़ों को खाली करने के नए आदेश जारी किए हैं.
  • बांग्लादेश की सुप्रीम कोर्ट के नए मुख्य न्यायाधीश और उनके दो सलाहकारों ने रविवार को शपथ ले ली है.

लाइव कवरेज

अभिषेक पोद्दार

  1. यूक्रेन के राष्ट्रपति ज़ेलेंस्की ने स्वीकारी रूस पर हमले की बात

    यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर ज़ेलेंस्की ने पहली बार यह बात स्वीकार की है कि उनकी सेना ने रूस के कर्स्क क्षेत्र पर हमला किया है.

    शनिवार रात को अपने एक टेलीविज़न संबोधन में राष्ट्रपति ज़ेलेस्की ने कहा है कि यूक्रेन की सेना युद्ध को “आक्रामक क्षेत्र की ओर” धकेल रही है.

    यूक्रेन के अभियान शुरू करने के पांच दिन बाद यह बयान आया है. इस हमले ने रूस को चौंका दिया है और सीमा के दोनों तरफ भारी संख्या में लोगों को बाहर निकालने के लिए प्रेरित किया है.

    यूक्रेन के कीव और सुमी क्षेत्र में रविवार को तड़के सुबह विस्फोट की ख़बरें सामने आई हैं.

    शनिवार को दिए गए अपने संबोधन में राष्ट्रपति ज़ेलेंस्की ने अपने लड़ाकों को धन्यवाद दिया है और बताया है कि उन्होंने रूस के क्षेत्र में की जा रही कार्रवाई के बारे में सेना के वरिष्ठ कमांडर ओलेस्कांद्र सिरस्की से चर्चा की थी.

    उन्होंने कहा है कि यूक्रेन यह बात साबित कर रहा है कि वह न्याय सुनिश्चित कर सकता है और आक्रमण करने वाले पर दबाव भी बना सकता है.

  2. सेबी चीफ़ के ख़िलाफ़ हिंडनबर्ग की रिपोर्ट पर क्या बोलीं महुआ मोइत्रा

    अमेरिकी संस्था हिंडनबर्ग रिसर्च ने अपनी एक रिपोर्ट जारी कर भारत में पूंजी बाज़ार नियामक सेबी की चेयरपर्सन को घेरा है.

    हिंडनबर्ग के रिपोर्ट जारी करने के बाद से ही भारतीय राजनीति में बयानबाज़ियों का दौर शुरू हो गया है.

    हिंडनबर्ग की सेबी चेयरपर्सन के ख़िलाफ़ जारी की गई रिपोर्ट पर टीएमसी नेता महुआ मोइत्रा ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर सेबी की विश्वसनीयता पर सवाल उठाए हैं.

    महुआ मोइत्रा ने लिखा है कि 'सेबी के चेयरपर्सन का अदानी समूह में निवेशक होना सेबी के लिए टकराव और सेबी पर कब्ज़ा दोनों है. समधी सिरिल श्रॉफ कॉपरेट गर्वनेंस कमिटी में हैं. कोई आश्चर्य की बात नहीं है कि सेबी को भेजी गई सारी शिकायतें अनसुनी हो जाती हैं.'

    महुआ मोइत्रा ने अपने एक और ट्वीट में लिखा है कि इस चेयरपर्सन के नेतृत्व में सेबी की ओर से अदानी पर की जा रही किसी भी जांच पर भरोसा नहीं किया जा सकता है. यह सूचना सार्वजनिक होने के बाद सुप्रीम कोर्ट को अपने निर्णय पर दोबारा विचार करना चाहिए.

    महुआ ने कहा है कि यहां तक कि सेबी की चेयरपर्सन भी अदानी के समूह में निवेशक हैं. उन्होंने सीबीआई और ईडी को टैग करते हुए लिखा है कि क्या आप लोग पीओसीए और पीएमएलए के मामलों को दायर करेंगे या नहीं.

  3. पूर्व विदेश मंत्री नटवर सिंह का हुआ निधन, पीएम मोदी ने जताया दुख

    भारत के पूर्व विदेश मंत्री नटवर सिंह का शनिवार रात को 93 साल की उम्र में निधन हो गया है.

    पूर्व विदेश मंत्री ने गुरुग्राम के एक निजी अस्पताल में लंबी बिमारी के बाद अंतिम सांस ली है.

    पीटीआई के मुताबिक़, पारिवारिक सूत्रों का कहना है कि नटवर सिंह का अंतिम संस्‍कार दिल्‍ली में किया जाएगा.

    नटवर सिंह के निधन पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शोक व्यक्त किया है.

    पीएम मोदी ने एक्स पर लिखा है, "नटवर सिंह जी के निधन से दुख हुआ है. उन्होंने कूटनीति की दुनिया में और विदेश नीति में महत्वपूर्ण योगदान दिया है."

    पीएम मोदी ने कहा है कि 'वह अपनी बौद्धिकता और लेखन के लिए भी जाने जाते थे. इस दुख की घड़ी में उनके परिवार और प्रशंसकों के प्रति मैं अपनी संवेदना व्यक्त करता हूं. ओम शांति.'

    पूर्व विदेश मंत्री नटवर सिंह को वर्ष 1984 में पद्मभूषण से सम्‍मानित किया गया था.

    नटवर सिंह 2004-05 में यूपीए की सरकार में भारत के विदेश मंत्री रहे थे.

    नटवर सिंह ने अपनी किताब 'वन लाइफ़ इस नॉट एनफ़' में सोनिया गांधी के प्रधानमंत्री न बनने का एक कारण बताया था, जिसको लेकर काफ़ी विवाद हुआ था.

  4. सेबी चीफ के ख़िलाफ़ हिंडनबर्ग की रिपोर्ट पर कांग्रेस ने क्या कहा

    अमेरिकी संस्था हिंडनबर्ग रिसर्च ने अपनी एक रिपोर्ट में दावा किया है कि सेबी की चेयरपर्सन और उनके पति की 'अदानी मनी साइफ़निंग घोटाले' में उपयोग किए गए ऑफ़शोर फ़ंड्स में हिस्सेदारी रही है.

    हिंडनबर्ग रिसर्च की ओर से जारी की गई नई रिपोर्ट को लेकर कांग्रेस ने बयान जारी किया है. कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने बयान को ट्वीट किया है.

    कांग्रेस की ओर से जारी किए गए बयान में कहा गया है कि हिंडनबर्ग के नए खुलासे से यह मालूम चला है कि सेबी की चेयरपर्सन माधबी पुरी बुच और उनके पति ने बरमूडा और मॉरीशस आधारित उन्हीं ऑफशोर फंड्स में निवेश किया था जिनमें गौतम अदानी के भाई विनोद अदानी और उनके सहयोगी चांग चुंग-लिंग, नास्सर अली और शाहबान अली ने निवेश किया था.

    बयान में कहा गया है कि यह फंड्स बिजली उपकरणों के ओवर इनवॉसिंग से अर्जित किए गए थे. ऐसा माना जा रहा है कि इन फंड्स का प्रयोग सेबी के नियमों का उल्लंघन करते हुए अदानी समुह की कंपनियों में बड़ी हिस्सेदारी हासिल करने के लिए किया गया था.

    बयान में कहा गया है कि इससे 2022 में मधाबी पुरी बुच के सेबी के चेयरपर्सन बनने के बाद उनसे की गई अदानी की मुलाकातों पर सवाल खड़े होते हैं. आपको याद दिलाना चाहेंगे कि उस वक्त सेबी अदानी के लेनदेन से जुड़े मामले की जांच कर रहा था.

    बयान में कहा गया है सरकार को सेबी की ओर से की जा रही अदानी मामले की जांच से जुड़े हितों के संघर्ष को खत्म करना चाहिए.

    बयान में कहा गया है कि सच्चाई तो यह है कि देश के सर्वोच्च अधिकारियों की मिलीभगत का पता 'अदानी मेगा स्कैम' की पूरी जांच के लिए जेपीसी का गठन करके ही लगाया जा सकता है.

  5. हिंडनबर्ग ने जारी की नई रिपोर्ट, इस बार सेबी की चेयरपर्सन को लेकर किया बड़ा दावा

    अमेरिकी संस्था हिंडनबर्ग रिसर्च ने अपनी एक रिपोर्ट में दावा किया है कि सेबी की चेयरपर्सन और उनके पति की 'अदानी मनी साइफ़निंग घोटाले' में उपयोग किए गए ऑफ़शोर फ़ंड्स में हिस्सेदारी रही है.

    हिंडनबर्ग की ओर से जारी की गई रिपोर्ट को लेकर सेबी की चेयरपर्सन माधबी पुरी बुच और उनके पति धवल बुच ने बयान जारी कर अपना पक्ष रखा है.

    समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक़, माधबी बुच और उनके पति ने कहा है- “हम यह बताना चाहते हैं कि हमारे ऊपर लगाए गए निराधार आरापों का हम खंडन करते हैं."

    उन्होंने कहा है कि 'हमारी ज़िंदगी और हमारा वित्तीय लेखा-जोखा खुली किताब की तरह है और पिछले कुछ वर्षों में सेबी को सभी आवश्यक जानकारियां दी गई हैं.'

    माधबी पुरी बुच और उनके पति ने कहा है कि "हमें किसी भी और वित्तीय दस्तावेज़ों का खुलासा करने में कोई झिझक नहीं है, इनमें वो दस्तावेज़ भी शामिल हैं जो उस समय के हैं जब हम एक आम नागरिक हुआ करते थे."

    उन्होंने कहा है कि मामले की पूरी पारदर्शिता के लिए हम उचित समय पर पूरा बयान जारी करेंगे.

    उन्होंने कहा है कि "हिंडनबर्ग रिसर्च के ख़िलाफ़ सेबी ने प्रवर्तन कार्रवाई की थी और कारण बताओ नोटिस जारी किया था. उसी के जवाब में हिंडनबर्ग रिसर्च ने नाम ख़राब करने की कोशिश की है."

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