यूक्रेन में भारतीय दवा कंपनी के वेयरहाउस पर किसने किया हमला?, रूस ने दी ये सफ़ाई
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इमेज कैप्शन, यूक्रेन ने दावा किया था कि राजधानी कीएव स्थित एक भारतीय फ़ार्मास्युटिकल कंपनी पर रूस ने मिसाइल से हमला किया है
कीएव स्थित कुसुम हेल्थकेयर के फार्मेसी वेयरहाउस पर हमले की घटना पर रूस ने स्पष्टीकरण दिया है.
यूक्रेन ने आरोप लगाया था कि 12 अप्रैल को रूस की सशस्त्र सेनाओं ने कीएव स्थित इस वेयरहाउस पर ड्रोन से हमला किया था.
भारत स्थित रूस के दूतावास ने इस संबंध में गुरुवार को एक बयान जारी कर यूक्रेन के आरोपों को ख़ारिज कर दिया है.
रूस ने कहा कि उसकी सेना ने इस भारतीय स्वामित्व वाले सिविलियन ढांचे को न तो निशाना बनाया और न ही उसकी ऐसी कोई योजना थी.
रूसी दूतावास के अनुसार, उस दिन रूसी सैन्य कार्रवाई के कुछ टार्गेट थे. इनमें यूक्रेनी सैन्य उद्योग परिसर का विमान संयंत्र, सैन्य हवाई अड्डे का ढांचा और बख्तरबंद वाहन मरम्मत केंद्र और ड्रोन असेंबली वर्कशॉप शामिल थे.
दूतावास ने बयान में कहा कि संभावना है कि यूक्रेनी वायु रक्षा प्रणाली की कोई मिसाइल लक्ष्य भेदने में विफल रही और आबादी वाले इलाके़ में जा गिरी. इससे कुसुम हेल्थकेयर के वेयरहाउस में आग लग गई. ऐसी घटनाएं पहले भी हो चुकी हैं.
यूक्रेन ने आरोप लगाया था कि कुसुम ग्रुप की यूनिट ‘ग्लैडफार्म’ पर रूस ने ड्रोन से हमला किया.
यूक्रेन ने बुधवार को दावा किया कि यह हमला जानबूझकर किया गया था, क्योंकि कुसुम ग्रुप ने युद्ध के दौरान यूक्रेन को ज़रूरी मानवीय सहायता दी थी.
कर्नाटक कैबिनेट ने जाति जनगणना पर फ़ैसला टाला, ये रही वजह, इमरान क़ुरैशी, बेंगलुरु से बीबीसी हिन्दी के लिए
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इमेज कैप्शन, कर्नाटक सरकार ने पिछड़ा वर्ग आयोग के सर्वे पर लगभग 160 करोड़ रुपये खर्च किए थे.
कर्नाटक कैबिनेट ने जाति जनगणना पर अंतिम फै़सला 2 मई तक टाल दिया है.
सामाजिक-आर्थिक और शैक्षिक सर्वेक्षण ने राजनीतिक हलचल पैदा कर दी है, क्योंकि रिपोर्ट में वोक्कालिगा और लिंगायत जैसी प्रमुख जातियों की आबादी कम बताई गई है.
विशेष रूप से पिछड़ा वर्ग आयोग की रिपोर्ट पर चर्चा के लिए गुरुवार को बुलाई गई कैबिनेट बैठक कई कारणों से निष्कर्ष तक नहीं पहुंच पाई.
कैबिनेट बैठक के बाद पत्रकारों को जानकारी देते हुए कानून मंत्री एच.के. पाटिल ने कहा कि बैठक में कोई अंतिम निर्णय नहीं हो पाने का एक मुख्य कारण यह था कि मंत्रियों को रिपोर्ट के सारांश केवल चार-पांच दिन पहले ही दिए गए थे.
पाटिल ने कहा, "जनसंख्या, पिछड़ापन और शिक्षा से जुड़ी जानकारी इकट्ठा करने के लिए जिन मापदंडों का इस्तेमाल किया गया, उन पर सवाल थे."
वोक्कालिगा और लिंगायत जाति समूह के सदस्यों की ओर से उठाई गई प्रमुख आपत्तियों में से एक यह है कि सर्वे में राज्य के सभी लोगों को शामिल नहीं किया गया है.
लेकिन पाटिल और मुख्यमंत्री सिद्धारमैया का कहना है कि जब 2015 में पिछड़ा वर्ग आयोग को यह सर्वे करने को कहा गया था, तब राज्य की 94.17 फ़ीसदी आबादी को इसमें शामिल किया गया था.
यह रिपोर्ट सिद्धारमैया के पहले कार्यकाल के दौरान ही तैयार हो गई थी, लेकिन एक तकनीकी खामी के कारण पिछड़ा वर्ग आयोग इसे सरकार को सौंप नहीं पाया था.
जगदीप धनखड़ ने कहा- अनुच्छेद 142 लोकतांत्रिक शक्तियों के ख़िलाफ़ एक परमाणु मिसाइल बन गया है
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उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने गुरुवार को न्यायपालिका पर प्रतिक्रिया दी है.
उन्होंने कहा, "ऐसी स्थिति नहीं हो सकती जहां आप भारत के राष्ट्रपति को आदेश दें और वो भी किस आधार पर?"
कुछ दिन पहले ही सुप्रीम कोर्ट ने राज्यपाल द्वारा राष्ट्रपति के विचारार्थ रखे गए विधेयकों पर राष्ट्रपति की मंज़ूरी के लिए समयसीमा तय की थी.
उपराष्ट्रपति ने कहा, "संविधान के तहत आपके पास एकमात्र अधिकार अनुच्छेद 145(3) के तहत संविधान की व्याख्या करना है."
उन्होंने कहा, "जिन जजों ने राष्ट्रपति को आदेश दिया कि यही अब देश का क़ानून होगा, वे संविधान की ताक़त को भूल गए हैं."
"अगर अनुच्छेद 145(3) के तहत किसी चीज़ को संरक्षित किया जाता है तो जजों का वह समूह इससे कैसे निपट सकता है. हमें अब इसके लिए भी संशोधन करने की ज़रूरत है."
जगदीप धनखड़ ने कहा, "अनुच्छेद 142 लोकतांत्रिक शक्तियों के ख़िलाफ़ एक परमाणु मिसाइल बन गया है, जो न्यायपालिका को 24 x 7 उपलब्ध है."
संविधान का अनुच्छेद 142 सुप्रीम कोर्ट को अपने समक्ष किसी भी मामले में पूर्ण न्याय सुनिश्चित करने हेतु आदेश जारी करने की शक्ति देता है. इस ताक़त को सुप्रीम कोर्ट की पूर्ण शक्ति के रूप में भी जाना जाता है.
धनखड़ ने कहा, “हाल ही में एक फ़ैसले में राष्ट्रपति को निर्देश दिया गया है. हम किस दिशा में जा रहे हैं? देश में क्या हो रहा है? हमें बेहद संवेदनशील होना चाहिए. सवाल यह नहीं है कि कोई पुनर्विचार याचिका दायर करता है या नहीं. हमने इस दिन के लिए लोकतंत्र की कभी उम्मीद नहीं की थी. राष्ट्रपति को समयबद्ध तरीके से निर्णय लेने के लिए कहा जाता है और यदि ऐसा नहीं होता है, तो यह क़ानून बन जाता है.”
बांग्लादेश और पाकिस्तान के रिश्तों पर आमना बलोच और मोहम्मद यूनुस ने क्या कहा?
इमेज कैप्शन, आमना बलोच 15 सालों में बांग्लादेश का दौरा करने वाली पहली पाकिस्तानी विदेश सचिव हैं.
बांग्लादेश की अंतरिम सरकार के मुख्य सलाहकार मोहम्मद यूनुस ने गुरुवार को पाकिस्तान के साथ संबंधों को मज़बूत करने पर चर्चा की.
उन्होंने पाकिस्तान के साथ आपसी सहयोग और व्यापार को बढ़ाने पर ज़ोर दिया है.
मोहम्मद यूनुस ने पाकिस्तानी विदेश सचिव आमना बलोच से जमुना स्टेट गेस्ट हाउस में मुलाक़ात की.
मुख्य सलाहकार ने बलोच से कहा, "कुछ बाधाएं हैं. हमें उनसे पार पाने के लिए रास्ते तलाशने होंगे और आगे बढ़ना होगा."
पिछले मुद्दों को स्वीकार करते हुए बलोच ने कहा कि बांग्लादेश और पाकिस्तान को चाहिए कि वे दोनों देशों के बीच मौजूद संभावनाओं का "पूरा इस्तेमाल करने के रास्ते खोजें."
बलोच ने कहा, "हमारे पास अपने-अपने स्तर पर बहुत बड़ा घरेलू बाज़ार है और हमें इसका इस्तेमाल करना चाहिए. हम हर बार मौक़ा नहीं गंवा सकते."
मुख्य सलाहकार ने कहा कि बांग्लादेश और पाकिस्तान को दोनों देशों के लोगों के बीच संबंध मज़बूत करने के लिए सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आदान-प्रदान बढ़ाना चाहिए.
उन्होंने कहा कि बांग्लादेश और पाकिस्तान बहुपक्षीय और क्षेत्रीय मंचों जैसे सार्क, ओआईसी और डी-8 में मिलकर काम करते रहेंगे.
दिनभर- पूरा दिन, पूरी ख़बर: वक़्फ क़ानून को लेकर सरकार ने किन प्रावधानों पर किया वादा?
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तेजस्वी ने कहा- बिहार में भ्रष्टाचार और अपराध ही असल में डबल इंजन
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इमेज कैप्शन, बिहार के पटना में गुरुवार को महागठबंधन की बैठक हुई है
बिहार में इस साल के आखिर में होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर पटना में महागठबंधन की बैठक हुई है.
महागठबंधन की बैठक के बाद राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) नेता तेजस्वी यादव ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की.
उन्होंने इस दौरान नीतीश सरकार समेत भारतीय जनता पार्टी पर निशाना साधा है.
तेजस्वी यादव ने कहा, "हमने ग़रीबी, बेरोज़गारी और पलायन से संबंधित मुद्दों पर चर्चा की है. बिहार के लोगों में ये बीस साल की खटारा सरकार पर बड़ा गुस्सा है.
उन्होंने कहा, "पलायन में बिहार नंबर वन, ग़रीबी में, बेरोज़गारी में बिहार नंबर वन, बढ़ते अपराध में बिहार नंबर वन."
आरजेडी नेता ने कहा, "इसके दोषी केवल नीतीश कुमार जी नहीं, बल्कि पूरा एनडीए, खासकर भाजपा है. बिहार में भ्रष्टाचार और अपराध असल में डबल इंजन यही है."
अमेरिकी टैरिफ़ पर भारत क्या कर रहा है? विदेश मंत्रालय ने बताया
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इमेज कैप्शन, भारतीय विदेश मंत्रालय ने अमेरिकी टैरिफ़ को लेकर प्रतिक्रिया दी है.
भारत के विदेश मंत्रालय ने कहा है कि अमेरिका ने जो टैरिफ़ लगाया है, उस पर अमेरिकी सरकार के साथ बात हो रही है.
भारतीय विदेश मंत्रालय की साप्ताहिक मीडिया ब्रीफिंग के दौरान अमेरिकी टैरिफ़ को लेकर सवाल किया गया था.
इस पर विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा, "टैरिफ़ के मुद्दे पर हमारी अमेरिकी सरकार के साथ बात हो रही है...लगातार बात हो रही है. हम लोग द्विपक्षीय व्यापार समझौते की बात कर रहे हैं ताकि उसे जल्द से जल्द एक रूप दिया जाए."
बता दें कि अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत पर 26 फ़ीसदी का टैरिफ़ लगाया है. इसका मतलब है कि अमेरिका में भारत से आयात की जाने वाली चीजों पर 26 फ़ीसदी का आयात शुल्क लगेगा. हालांकि, इस टैरिफ़ पर फ़िलहाल 9 अप्रैल से 90 दिन की रोक लगी है.
मीडिया ब्रीफिंग के दौरान रणधीर जायसवाल से चीन के उस बयान पर भी प्रतिक्रिया मांगी गई, जिसमें चीन ने अमेरिका से लड़ने के लिए भारत से हाथ मिलाने की बात कही थी.
इस पर रणधीर जायसवाल ने जवाब दिया, "चीन के साथ हमारी अन्य मुद्दों पर बात चल रही है और उसको हम धीरे-धीरे आगे ले जा रहे हैं. कैलाश मानसरोवर यात्रा के बारे में एक अपेक्षा है कि जल्द ही शुरुआत होगी."
मेहुल चोकसी के प्रत्यर्पण पर क्या बोले विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल?
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इमेज कैप्शन, मेहुल चोकसी पर हज़ारों करोड़ रुपये के गबन का आरोप है
भारत के विदेश मंत्रालय ने बताया है कि भगोड़े हीरा कारोबारी मेहुल चोकसी के प्रत्यर्पण को लेकर कार्यवाही जारी है.
विदेश मंत्रालय की साप्ताहिक मीडिया ब्रीफिंग के दौरान मेहुल चोकसी की गिरफ़्तारी को लेकर सवाल किया गया था.
इस पर विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा, "हमारे प्रत्यर्पण अनुरोध के आधार पर उन्हें (मेहुल चोकसी को) गिरफ़्तार किया गया. हम उनके भारत प्रत्यर्पण पर बेल्जियम के साथ मिलकर काम कर रहे हैं, ताकि उनके ख़िलाफ़ यहां मुकदमा चलाया जा सके."
बता दें कि 14 अप्रैल को ख़बर आई थी कि पीएनबी (पंजाब नेशनल बैंक) लोन फ़्रॉड केस में वॉन्टेड भगोड़े हीरा कारोबारी मेहुल चोकसी को बेल्जियम में गिरफ़्तार कर लिया गया है.
ट्रंप प्रशासन ने हार्वर्ड यूनिवर्सिटी को अब विदेशी छात्रों पर प्रतिबंध लगाने की धमकी दी
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इमेज कैप्शन, हार्वर्ड यूनिवर्सिटी ने व्हाइट हाउस की ओर से भेजी गई मांगों की एक लिस्ट को मानने से इनकार कर दिया था
अमेरिका के ट्रंप प्रशासन ने हार्वर्ड यूनिवर्सिटी को एक और धमकी दी है. ट्रंप प्रशासन ने कहा है कि यूनिवर्सिटी में विदेशी छात्रों के एडमिशन पर प्रतिबंध लगाया जा सकता है.
अमेरिका में गृह सुरक्षा मामलों की मंत्री क्रिस्टी नोएम ने यूनिवर्सिटी पर 'राष्ट्रीय सुरक्षा को खतरे में डालने' और 'यहूदी विरोधी भावना के आगे घुटने टेकने' का आरोप लगाया है.
उन्होंने यूनिवर्सिटी को ख़त लिखकर उसके विदेशी छात्रों की 'अवैध और हिंसक' गतिविधियों का विस्तृत रिकॉर्ड मांगा है. इस साल हार्वर्ड यूनिवर्सिटी के एडमिशन में अंतर्राष्ट्रीय छात्रों की संख्या 27% से अधिक है.
बता दें कि हार्वर्ड यूनिवर्सिटी ने अमेरिकी राष्ट्रपति के कार्यालय व्हाइट हाउस की ओर से भेजी गई मांगों की एक लिस्ट को मानने से इनकार कर दिया था.
व्हाइट हाउस ने यूनिवर्सिटी के प्रशासन, भर्ती और दाख़िले की प्रक्रियाओं में बदलाव करने की मांग वाली एक लिस्ट भेजी थी.
वहीं हार्वर्ड यूनिवर्सिटी ने इन मांगों को ख़ारिज करते हुए कहा था कि व्हाइट हाउस उस पर नियंत्रण की कोशिश कर रहा है. इसके बाद ट्रंप प्रशासन ने हार्वर्ड यूनिवर्सिटी को दी जाने वाली दो अरब अमेरिकी डॉलर की फ़ंडिंग रोकने की घोषणा की थी.
पश्चिम बंगाल शिक्षक भर्ती मामले में सुप्रीम कोर्ट ने अब क्या आदेश दिया है?
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इमेज कैप्शन, ये आदेश छात्रों के हितों को ध्यान में रखते हुए दिया गया है
पश्चिम बंगाल स्कूल सेवा आयोग (डब्ल्यूबीएसएससी) की 2016 की शिक्षक और ग़ैर-शिक्षक भर्ती मामले में सुप्रीम कोर्ट का नया आदेश आया है.
कोर्ट ने 17 अप्रैल को पश्चिम बंगाल के उन शिक्षकों को राहत दी है, जिनकी नियुक्ति 2016 की भर्ती प्रक्रिया में अनियमितताओं के कारण रद्द कर दी गई थी.
कोर्ट ने कहा है कि कक्षा 9 से 12 तक के असिस्टेंट टीचर नई भर्ती पूरी होने तक पढ़ाना जारी रख सकते हैं. हालांकि, ये राहत उन शिक्षकों को ही दी गई है, जिनकी नियुक्ति में विशेष रूप से कोई गड़बड़ी नहीं पाई गई थी.
ये आदेश छात्रों के हितों को ध्यान में रखते हुए दिया गया है.
हालांकि, यह आदेश इस शर्त के अधीन है कि पश्चिम बंगाल राज्य और पश्चिम बंगाल स्कूल सेवा आयोग (डब्ल्यूबीएसएससी) कक्षा 9 से 12 तक के लिए सहायक शिक्षक के पदों की नई भर्ती प्रक्रिया 31 दिसंबर, 2025 तक पूरी कर ले.
मुख्य न्यायाधीश जस्टिस संजीव खन्ना और जस्टिस संजय कुमार की बेंच ने राज्य और डब्ल्यूबीएसएससी को 31 मई, 2025 तक नई भर्ती प्रक्रिया के लिए विज्ञापन प्रकाशित करने का निर्देश दिया है.
वहीं कोर्ट ने ग्रुप सी और ग्रुप डी के उन कर्मचारियों को ऐसी राहत देने से इनकार कर दिया, जिनकी नियुक्ति भारी गड़बड़ियों के कारण कोर्ट ने रद्द कर दी थी.
बता दें कि सुप्रीम कोर्ट ने पश्चिम बंगाल स्कूल सेवा आयोग की 2016 की शिक्षक और ग़ैर-शिक्षक भर्ती प्रक्रिया को रद्द कर दिया था. इस भर्ती में बड़े पैमाने पर धांधली और घोटाले के आरोप लगे थे.
अभी तक बीबीसी संवाददाता अश्वनी पासवान आप तक ख़बरें पहुंचा रहे थे.
अब से रात 10 बजे तक बीबीसी संवाददाता सुरभि गुप्ता आप तक बड़ी ख़बरें पहुंचाएंगी.
बीबीसी हिंदी के पन्ने पर लगी कुछ अहम ख़बरें आप नीचे दिए लिंक्स पर क्लिक करके पढ़ सकते हैं.
क्या अनुच्छेद 370 हटाए जाने का फारूक़ अब्दुल्लाह ने किया था समर्थन, पूर्व रॉ चीफ ने क्या बताया
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इमेज कैप्शन, रॉ के पूर्व चीफ़ ए एस दुलत
रॉ के पूर्व चीफ़ ए एस दुलत ने उन ख़बरों पर प्रतिक्रिया दी है, जिनमें दावा किया जा रहा था कि उनकी किताब में लिखा है कि जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री फ़ारूक़ अब्दुल्लाह ने अनुच्छेद 370 हटाए जाने का गुप्त रूप से समर्थन किया था.
ए एस दुलत ने समाचार एजेंसी एएनआई से कहा, "मैंने क्या कहीं किताब में कहा है कि वो समर्थन कर रहे थे? बकवास है. यह मीडिया का स्टंट है, मेरा नहीं."
जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री फ़ारूक़ अब्दुल्लाह भी इन ख़बरों को खारिज करते हुए कह चुके हैं कि ये सस्ता स्टंट है.
दुलत की किताब ‘द चीफ मिनिस्टर एंड द स्पाई’ का 18 अप्रैल को विमोचन होना है.
इसका हवाला देते हुए कहा जा रहा था कि दुलत ने अपनी किताब में लिखा है कि फ़ारूक़ अब्दुल्लाह ने अनुच्छेद 370 हटाए जाने का गुप्त रूप से समर्थन किया था.
बिहार में आरजेडी और कांग्रेस की बैठक पर बीजेपी की टिप्पणी, मनोज झा ने दिया ये जवाब
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बिहार विधानसभा चुनाव को लेकर कांग्रेस और राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) सहित महागठबंधन में शामिल अन्य दलों की होने वाली बैठक पर बीजेपी ने कहा कि इनका कोई मकसद नहीं है.
बीजेपी के बयान पर आरजेडी के राज्यसभा सांसद मनोज झा ने प्रतिक्रिया दी है.
मनोज झा ने न्यूज़ एजेंसी एएनआई से कहा, "पहली बैठक का उद्देश्य होता है कि हम साथ लड़ेंगे. इस बैठक को उसी प्रकार से देखा जाना चाहिए."
वहीं, बीजेपी नेता शाहनवाज हुसैन ने समाचार एजेंसी एएनआई से कहा, "महागठबंधन के जो लोग आज बैठने वाले हैं, इनके बैठने का काई मकसद नहीं है. ये पूरी तरह से फ्लॉप शो होने वाला है. हम तो कह रहे हैं कि
नीतीश कुमार के नेतृत्व में चुनाव में जाएंगे, लेकिन महागठबंधन के लोग ये कहने को तैयार नहीं हैं कि वे तेजस्वी यादव का नेतृत्व में चुनाव में जाएंगे."
"नेता मिलेंगे, लेकिन दिल मिलने वाला नहीं है. ये पूरी तरह से एक-दूसरे के ख़िलाफ़ हैं. कांग्रेस पार्टी तेजस्वी यादव को नेता मानने को तैयार नहीं है. तेजस्वी यादव कांग्रेस पार्टी को 70 सीट देने को तैयार नहीं है."
अभी बिहार में नीतीश कुमार के नेतृत्व में जेडीयू और बीजेपी की गठबंधन सरकार है. वहीं, दूसरी ओर महागठबंधन और 'इंडिया' गठबंधन में शामिल कांग्रेस और आरजेडी है.
इस साल होने वाले बिहार विधानसभा चुनाव में दोनों के बीच मुख्य मुकाबला है.
आम आदमी पार्टी नेता दुर्गेश पाठक के घर पर सीबीआई का छापा, संजय सिंह ने गुजरात से क्यों जोड़ा
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इमेज कैप्शन, संजय सिंह ने कहा कि सीबीआई की छापेमारी से नहीं डरेंगे
सीबीआई ने गुरुवार को आम आदमी पार्टी के पूर्व विधायक दुर्गेश पाठक के घर पर छापेमारी की.
समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार, सीबीआई ने ये छापेमारी विदेशी अंशदान नियमों के कथित उल्लंघन के मामले में की है.
इस पर आम आदमी पार्टी के सांसद संजय सिंह ने कहा कि हम इससे डरने वाले नहीं है.
उन्होंने न्यूज़ एजेंसी पीटीआई से कहा, "बीजेपी, पीएम मोदी और मोदी सरकार ने हमारी पार्टी को खत्म करने के लिए हर हथकंडे अपनाकर देख लिए, लेकिन आम आदमी पार्टी आज मजबूती के साथ बीजेपी से लड़ रही है."
संजय सिंह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, "बीजेपी का गंदा खेल फिर शुरू. गुजरात के सहप्रभारी दुर्गेश पाठक के घर सीबीआई पहुंची है. मोदी सरकार ने आम आदमी पार्टी को खत्म करने का हर हथकंडा अपना कर देख लिया, लेकिन फिर भी उन्हें चैन नहीं मिला."
उन्होंने कहा, "गुजरात में बीजेपी की हालत खराब है, जैसे ही पाठक को गुजरात का सहप्रभारी बनाया गया, उनको धमकाने के लिए सीबीआई भेज दी गई."
गृह मंत्री अमित शाह ने फिर दोहराया अगले साल मार्च तक ख़त्म हो जाएगी नक्सली हिंसा
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केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने गुरुवार को दोहराया कि 31 मार्च 2026 तक देश से नक्सलवाद को खत्म कर दिया जाएगा.
उन्होंने मध्य प्रदेश के नीमच में सीआरपीएफ के एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा, "आपको कहकर जाता हूँ कि 31 मार्च 2026 तक इस देश में नक्सलवाद हमेशा के लिए समाप्त हो जाएगा."
अमित शाह ने कहा कि केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) इस अभियान में अहम भूमिका निभाएगा.
उन्होंने कहा कि 370 हटने के बाद जम्मू-कश्मीर में चुनाव हो रहे थे तो काफी आशंका जताई गई, लेकिन सीआरपीएफ और अन्य सुरक्षाबलों ने कुछ नहीं होने दिया.
इससे पहले गृह अमित शाह एक टीवी चैनल के कार्यक्रम के दौरान भी ये बात कह चुके हैं.
उन्होंने चैनल को बताया, "पहले ये हिंसा 120 ज़िलों में थी अब 12 में सिमट गई है. एक बात निश्चित है कि 31 मार्च 2026 इस देश में नक्सली हिंसा अतीत की बात हो जाएगी. ये हमारी सरकार का दृढ़ निश्चय है."
अमेरिका के उपराष्ट्रपति जेडी वेंस आएंगे भारत, क्या होगी बात
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इमेज कैप्शन, अमेरिका के उपराष्ट्रपति जेडी वेंस 21 से 24 अप्रैल तक भारत के दौरे पर रहेंगे
अमेरिका के उपराष्ट्रपति जेडी वेंस और उनकी पत्नी उषा वेंस 21 अप्रैल से भारत की चार दिवसीय यात्रा पर आएंगे.
वेंस अपने भारत दौरे में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मिलेंगे. इस दौरान द्विपक्षीय वार्ता होगी.
विदेश मंत्रालय ने बयान जारी कर कहा, "यह उपराष्ट्रपति वेंस की पहली भारत यात्रा होगी. इस यात्रा के दौरान वह 21 अप्रैल को पीएम मोदी से मुलाकात करेंगे.''
मंत्रालय ने कहा है, "उपराष्ट्रपति और उनके प्रतिनिधिमंडल के दिल्ली में अन्य कार्यक्रम होंगे. वेंस का 24 अप्रैल को वॉशिंगटन डीसी के लिए रवाना होने से पहले जयपुर और आगरा जाने का भी कार्यक्रम है."
विदेश मंत्रालय ने कहा, "यह यात्रा दोनों पक्षों को द्विपक्षीय संबंधों में प्रगति की समीक्षा करने और पीएम मोदी की अमेरिका यात्रा के दौरान 13 फरवरी को जारी भारत-अमेरिका साझा बयानों के परिणामों के कार्यान्वयन का अवसर देगी."
वहीं, वेंस के कार्यालय ने बयान जारी कर कहा कि अमेरिकी उपराष्ट्रपति 18 से 24 अप्रैल तक इटली और भारत की यात्रा पर रहेंगे.
जेडी वेंस की यात्रा ऐसे समय में हो रही है जब हाल ही में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चीन को छोड़कर दुनिया के अन्य देशों को रेसिप्रोकल टैरिफ़ से 90 दिनों की राहत दी है.
ट्रंप ने चीन को छोड़कर अन्य देशों को 90 दिनों की अस्थायी छूट देते हुए रेसिप्रोकल टैरिफ़ को घटाकर समान रूप से 10 फ़ीसदी कर दिया है.
ऐसे में जेडी वेंस की भारत यात्रा को काफी अहम माना जा रहा है.
पाकिस्तान में इस्लामाबाद से ख़ैबर पख़्तूनख़्वा तक बरसे ओले, मचाई तबाही
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इमेज कैप्शन, पाकिस्तान के इस्लामाबाद और खैबर पख्तूनख्वा में आए ओलावृष्टि के बाद की तबाही
पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद और अफ़ग़ानिस्तान की सीमा से सटे प्रांत ख़ैबर पख़्तूनख़्वा के कई हिस्सों में बुधवार को अचानक आई ओलावृष्टि ने तबाही मचा दी.
इस दौरान सैकड़ों गाड़ियों और घरों की खिड़कियों के शीशे टूट गए.
बीबीसी उर्दू के अनुसार, इस्लामाबाद में रहने वाले लोगों का कहना है कि उन्होंने अपनी ज़िंदगी में इतने बड़े ओले कभी नहीं देखे.
ख़ैबर पख़्तूनख़्वा इलाके में भी ओलावृष्टि हुई और यहां के लंडी कोतल में भारी बारिश के कारण बाढ़ आ गई. इस कारण कई वाहन पानी में बह गए.
ओलावृष्टि के कारण कई कारों के शीशे टूटने के वीडियो और फोटो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं.
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इसराइल ने बताया जंग के बाद ग़ज़ा में क्या होगी सेना की भूमिका
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इसराइली रक्षा मंत्री इसराइल काट्ज़ ने कहा कि युद्ध खत्म होने के बाद भी इसराइल की सेना ग़ज़ा में बनाए गए तथाकथित 'सिक्योरिटी जोन' में बनी रहेगी.
इसराइल काट्ज़ ने कहा कि जोन इसराइली समुदाय की सुरक्षा के लिए "अस्थायी या स्थायी किसी भी स्थिति में" एक "बफ़र" प्रदान करेंगे.
काट्ज़ ने कहा कि संयुक्त राष्ट्र की 'विनाशकारी' परिणामों की चेतावनी के बावजूद इसराइल हमास पर बंधकों को रिहा करने का दबाव बनाने के लिए मानवीय सहायता पर रोक जारी रखेगा.
हमास द्वारा संचालित स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, 18 मार्च को लड़ाई फिर से शुरू होने के बाद से ग़ज़ा मेें 1650 लोगों की मौत हो चुकी है.
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