केरल: कांग्रेस के नेतृत्व वाले यूडीएफ़ गठबंधन को रुझानों में बहुमत, शशि थरूर ने क्या कहा?
इमेज स्रोत, X/@ShashiTharoor
इमेज कैप्शन, शशि थरूर ने कहा कि जनता ने साफ तौर पर बदलाव के लिए वोट दिया है
केरल में कांग्रेस के नेतृत्व वाला यूडीएफ़ गठबंधन रुझानों में बहुमत पा चुका है. इस पर कांग्रेस नेता और लोकसभा सांसद शशि थरूर की प्रतिक्रिया आई है.
शशि थरूर ने एक्स पर लिखा, "केरल में सुबह से ही यूडीएफ़ की शानदार जीत दिख रही है. आधे वोट गिने जाने के बाद हम 100 से ज्यादा सीटों पर बढ़त देख रहे हैं, जिसे एक महीने पहले कोई सोच भी नहीं सकता था.''
उन्होंने आगे कहा, "जनता ने साफ़ तौर पर बदलाव के लिए वोट दिया है. कांग्रेस शानदार प्रदर्शन कर रही है, हमारे साथी भी हर जगह बहुत अच्छा कर रहे हैं."
गौरतलब है कि केरल में कुल 140 सीटें हैं, बहुमत के लिए 71 सीटों की ज़रूरत है. फ़िलहाल कांग्रेस 99 सीटों पर आगे चल रही है.
अब तक बीबीसी संवाददाता रौनक भैड़ा आप तक ख़बरें पहुंचा रहे थे. अब से रात 10 बजे तक बीबीसी संवाददाता दीपक मंडल आप तक अहम ख़बरें पहुंचाएंगे.
बीबीसी न्यूज़ हिन्दी के पन्ने पर लगी कुछ अहम ख़बरें पढ़ने के लिए नीचे दिए गए लिंक्स पर क्लिक करें.
इस लेख में Google YouTube से मिली सामग्री शामिल है. कुछ भी लोड होने से पहले हम आपकी इजाज़त मांगते हैं क्योंकि उनमें कुकीज़ और दूसरी तकनीकों का इस्तेमाल किया गया हो सकता है. आप स्वीकार करने से पहले Google YouTube cookie policy और को पढ़ना चाहेंगे. इस सामग्री को देखने के लिए 'अनुमति देंऔर जारी रखें' को चुनें.
चेतावनी: बीबीसी दूसरी वेबसाइट्स की सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है. YouTube सामग्री में विज्ञापन हो सकते हैं.
पोस्ट YouTube समाप्त
पश्चिम बंगाल: रुझानों में बीजेपी की बढ़त के बीच ममता बनर्जी ने क्या कहा?
इमेज स्रोत, X/@MamataOfficial
इमेज कैप्शन, काउंटिंग के बीच ममता बनर्जी ने सोशल मीडिया पर वीडियो जारी किया है
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों में मतगणना के बीच मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने बयान जारी कर टीएमसी के वोटिंग एजेंट्स से काउंटिंग सेंटर पर ही रहने की अपील की है.
ममता बनर्जी ने सोशल मीडिया पर वीडियो जारी किया है. इसमें उन्होंने कहा, "मैं हाथ जोड़कर निवेदन करती हूं कोई भी वोटिंग एजेंट काउंटिंग सेंटर से दूर ना जाए. ये भारतीय जनता पार्टी की योजना है. मैं ये कल से कह रही हूं कि चुनाव आयोग पहले उनके नतीजे दिखाएगा, फिर हमारी पार्टी के नतीजे दिखाएगा."
ममता बनर्जी ने कहा, "कुछ जगहों पर दो-तीन दौर की वोटिंग के बाद क़रीब सौ जगहों पर वोटों की गिनती रोक दी गई है. कल्याणी में सात मशीनें मिली हैं, जिन्हें गिना ही नहीं गया था."
उन्होंने कहा, "केंद्रीय सुरक्षा बल तृणमूल कांग्रेस के ख़िलाफ़ अत्याचार कर रहे हैं. हमारे दफ़्तर में लोग घुस आए हैं, उस पर कब्ज़ा कर लिया गया है. आपने देखा है कि किस तरह एसआईआर के ज़रिए लूटमार कर सीटें जीती जा रही हैं. अब भी हम 70-100 सीटों पर आगे हैं, जिनके बारे में बताया नहीं जा रहा है. सब कुछ झूठ बोला जा रहा है."
ममता बनर्जी ने कहा, "चुनाव आयोग सेंट्रल फोर्स के साथ मिलकर अपना अलग खेल कर रहा है. हमारी पुलिस केंद्र सरकार के साथ मिलकर काम कर रही है. मैं पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं से कहना चाहती हूं कि दुखी होने की ज़रूरत नहीं है. अभी तीन-चार राउंड की गिनती पूरी हुई है और 14-18 राउंड के बाद हम ही जीतेंगे. इंतज़ार कीजिए. हम सभी आपके साथ हैं. हम टाइगर की तरह लड़ते रहेंगे."
फ़िलहाल रुझानों में पश्चिम बंगाल में बीजेपी 192 सीटों के साथ बढ़त बनाए हुए है. जबकि टीएमसी 96 सीटों पर आगे है.
केरल: रुझानों में यूडीएफ़ आगे, तिरुवनंतपुरम में कांग्रेस कार्यालय में कैसा माहौल?, इमरान क़ुरैशी, तिरुवनंतपुरम से बीबीसी हिन्दी के लिए
इमेज स्रोत, Kenz
इमेज कैप्शन, कांग्रेस मुख्यालय पर सबसे ज्यादा खुशी तब दिखाई दी, जब सीएम विजयन प्रतिद्वंद्वी उम्मीदवार से पीछे हो गए थे
केरल से आ रहे रुझानों में कम्युनिस्टों का आखिरी गढ़ ढहता दिख रहा है. शुरुआती रुझानों में कांग्रेस के नेतृत्व वाला यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (यूडीएफ़) आगे है. जबकि कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया (मार्क्सवादी) के नेतृत्व वाला लेफ्ट डेमोक्रेटिक फ्रंट (एलडीएफ़) पिछड़ गया है.
तिरुवनंतपुरम में कांग्रेस मुख्यालय पर पार्टी कार्यकर्ता जश्न मना रहे हैं. जब भी मतगणना में किसी कम्युनिस्ट नेता के पिछड़ने की सूचना आती है तो वो खुशी से नारे लगाते हैं.
कांग्रेस मुख्यालय पर सबसे ज्यादा खुशी तब दिखाई दी, जब मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन प्रतिद्वंद्वी उम्मीदवार से पीछे चल रहे थे.
केरल स्टूडेंट्स यूनियन की सदस्य आलोक वेरियावली ने बीबीसी न्यूज हिन्दी से कहा, "मुख्यमंत्री का 3000-4000 वोटों से पीछे होना ही एलडीएफ़ के खराब शासन का संकेत है."
गौरतलब है कि 2011 में पश्चिम बंगाल में हारने के बाद कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया (मार्क्सवादी) के नेतृत्व वाले एलडीएफ़ ने भारत में वाम आंदोलन को नई ताकत दी थी.
केरल में कई दशकों से लोग हर बार बारी-बारी से सीपीएम या कांग्रेस के नेतृत्व वाले मोर्चे को वोट देते रहे हैं. 2021 में यह सिलसिला टूटा, जब राज्य में लगातार दूसरी बार एलडीएफ़ की सरकार बनी.
केरल: कांग्रेस सांसद बोले- 'सीएम का फ़ैसला हाईकमान करेगा', बीजेपी ने क्या कहा?
इमेज स्रोत, ARUN SANKAR/AFP via Getty Image
केरल में 140 विधानसभा सीटों के लिए वोटों की गिनती हो रही है.
यहां अहम मुकाबला कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ़ इंडिया (एम) के नेतृत्व वाले गठबंधन लेफ़्ट डेमोक्रेटिक फ्रंट (एलडीएफ़) और कांग्रेस के नेतृत्व वाले गठबंधन यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (यूडीएफ़) के बीच है.
शुरुआती रुझानों में यूडीएफ़ आगे दिखाई दे रहा है. कांग्रेस सांसद एम.के. राघवन ने कहा है कि यदि पार्टी जीतती है तो मुख्यमंत्री पर फैसला हाईकमान लेगा और उसे सभी स्वीकार करेंगे.
बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष राजीव चंद्रशेखर ने कहा कि नतीजा कुछ भी हो, इन चुनावों के बाद केरल की राजनीति निर्णायक रूप से बदल जाएगी.
राजीव चंद्रशेखर ने कहा, "मैं नतीजों पर अभी कुछ नहीं कहना चाहता. पहले पूरे चुनाव परिणाम आने दें, उसके बाद ही मैं टिप्पणी करूंगा. लेकिन मैं इस मौके पर अपने सभी कार्यकर्ताओं और एनडीए के उम्मीदवारों को शुभकामनाएं देना चाहता हूँ. हमने बहुत मेहनत की है और केरल के भविष्य के लिए एक संदेश दिया है."
असम: रुझानों में बहुमत पा चुकी बीजेपी के दफ्तर में कैसा माहौल?, प्रेरणा, बीबीसी संवाददाता
इमेज स्रोत, Raj K Raj/Hindustan Times via Getty Images
असम में 126 विधानसभा सीटों पर मतगणना जारी है. शुरुआती रुझानों में बीजेपी के नेतृत्व वाला एनडीए गठबंधन आगे चल रहा है. हालांकि, गुवाहाटी में बीजेपी के दफ़्तर में बीती रात ही जीत के पोस्टर लगा दिए गए थे.
इन पोस्टरों में लिखा था- "अभूतपूर्व जनसमर्थन और आशीर्वाद के लिए असम की जनता को हार्दिक धन्यवाद!"
यहां मौजूद पार्टी के राज्य कोषाध्यक्ष राजकुमार सरमा का कहना है, “हम पहले से ही कॉन्फ़िडेंट थे कि जीत हमारी ही होने जा रही है. इसलिए बीती रात ही हमने असम की जनता को धन्यवाद कहते हुए पोस्टर लगा दिए थे.”
फ़िलहाल पार्टी के दफ्तर में ख़ास चहल-पहल नज़र नहीं आ रही है. यहां मौजूद लोग बताते हैं कि ज़्यादातर वर्कर अभी काउंटिंग सेंटर में हैं, दोपहर होते ही दफ्तर में लोगों का जुटान शुरू होगा और रुझान नतीजों में बदले तो जश्न भी होगा.
असम में दो गठबंधन के बीच अहम मुकाबला है. एक गठबंधन का नेतृत्व जहां बीजेपी ने किया, वहीं दूसरे गठबंधन की अगुवाई कांग्रेस कर रही थी. बीजेपी के नेतृत्व वाला गठबंधन नेशनल डेमोक्रेटिक अलायंस जहां तीसरी बार सत्ता में आने के लिए जोर लगा रहा है.
इस लेख में Google YouTube से मिली सामग्री शामिल है. कुछ भी लोड होने से पहले हम आपकी इजाज़त मांगते हैं क्योंकि उनमें कुकीज़ और दूसरी तकनीकों का इस्तेमाल किया गया हो सकता है. आप स्वीकार करने से पहले Google YouTube cookie policy और को पढ़ना चाहेंगे. इस सामग्री को देखने के लिए 'अनुमति देंऔर जारी रखें' को चुनें.
चेतावनी: बीबीसी दूसरी वेबसाइट्स की सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है. YouTube सामग्री में विज्ञापन हो सकते हैं.
पोस्ट YouTube समाप्त
पश्चिम बंगाल: पीएम मोदी ने जहां खाई थी झालमुड़ी, उस सीट पर बीजेपी का क्या हाल
इमेज स्रोत, X/@narendramodi
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के लिए वोटों की गिनती जारी है. शुरुआती रुझानों में बीजेपी तृणमूल कांग्रेस से बढ़त बनाए हुए है.
चुनाव प्रचार के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जिस जगह पर झालमुड़ी खाई थी, उस झाड़ग्राम सीट पर बीजेपी आगे चल रही है.
फ़िलहाल यहां से बीजेपी प्रत्याशी लक्ष्मी कांत साव 29882 वोटों के साथ सबसे आगे हैं.
जबकि टीएमसी के मंगल सारेन बीजेपी प्रत्याशी से 8000 वोट से पीछे हैं.
ये शुरुआती रुझान हैं और जैसे-जैसे कई चरणों में वोटों की गिनती आगे बढ़ेगी इनमें बदलाव आ सकता है।
गौरतलब है कि पश्चिम बंगाल की 294 सीटों पर 23 और 29 अप्रैल को वोटिंग समाप्त हुई थी, लेकिन फ़ाल्टा सीट पर 21 मई को दोबारा वोटिंग होगी.
पश्चिम बंगाल: बीजेपी नेता शुभेंदु अधिकारी ने कहा- हम सरकार बनाएंगे
इमेज स्रोत, Debarchan Chatterjee/NurPhoto via Getty Images
पश्चिम बंगाल में 293 विधानसभा सीटों पर वोटों की गिनती हो रही है. शुरुआती रुझानों में सत्ताधारी टीएमसी पिछड़ती हुई दिख रही है और बीजेपी बढ़त बनाए हुए है.
फ़िलहाल बीजेपी 153 सीटों और टीएमसी 122 सीटों पर आगे है. जबकि कांग्रेस 4 और अन्य 1 सीट पर बढ़त बनाए हुए है.
इस बीच बीजेपी नेता शुभेंदु अधिकारी ने दावा किया है कि 'बीजेपी पश्चिम बंगाल में सरकार बनाएगी.'
गौरतलब है कि शुभेंदु अधिकारी ने दो जगह से चुनाव लड़ा है. बीजेपी ने उन्हें नंदीग्राम से उतारा और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को भवानीपुर में भी चुनौती दे रहे हैं.
तमिलनाडु: शुरुआती रुझानों में अभिनेता विजय की पार्टी के प्रदर्शन ने चौंकाया
इमेज स्रोत, Sanchit Khanna/Hindustan Times via Getty Images
तमिलनाडु विधानसभा चुनाव में इस बार डीएमके और एआईएडीएमके गठबंधन के अलावा तीसरे दल ने भी मज़बूत उपस्थिति दर्ज कराई है. यह दल तमिल सिनेमा के जाने-माने अभिनेता विजय की टीवीके पार्टी है.
तमिलनाडु विधानसभा की 234 सीटों मतगणना हो रही है, यहां पर बहुमत का आंकड़ा 118 है.
फ़िलहाल टीवीके 49 सीटों पर आगे चल रही है, जबकि एआईएडीएमके 61 सीटों पर आगे है. डीएमके 97 सीटों पर बढ़त बनाए हुए है. शुरुआती रुझानों में टीवीके के प्रदर्शन ने सबको चौंका दिया है.
एआईएडीएमके और टीवीके दोनों मिलकर डीएमके से अधिक सीटों पर आगे हैं.
असम विधानसभा चुनाव: ये हैं 6 अहम सीटें, जिन पर टिकी हैं नज़रें, प्रेरणा, बीबीसी संवाददाता
इमेज स्रोत, Getty Images
असम में 126 विधानसभा सीटों पर मतगणना जारी है. डाक मत पत्रों की गिनती पूरी हो चुकी है, अब ईवीएम खुलने शुरू हो गए हैं.
बीजेपी के नेतृत्व वाला गठबंधन नेशनल डेमोक्रेटिक अलायंस यहां तीसरी बार सत्ता में आने के लिए जोर लगा रहा है. जबकि कांग्रेस खोई हुई सियासी जमीन पाना चाह रही है.
असम विधानसभा चुनाव की 6 सीटें सबसे अहम मानी जा रही हैं, जहां से हाई प्रोफ़ाइल उम्मीदवार चुनावी मैदान में हैं.
जालुकबाड़ी- यह प्रदेश के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा की सीट है. वह साल 2001 से लगातार यहां से जीतते आ रहे हैं. इस बार उन्हें कांग्रेस की उम्मीदवार विदिशा नियोग से चुनौती मिल रही है.
जोरहाट- कांग्रेस के लोकसभा सांसद गौरव गोगोई की सीट है. वह असम के तीन बार के मुख्यमंत्री रहे तरुण गोगई के बेटे हैं. लोकसभा सांसद होते हुए भी उन्होंने इस बार विधानसभा चुनाव में हिस्सा लिया है. उनके सामने बीजेपी के उम्मीदवार हितेंद्र नाथ गोस्वामी हैं. वह यहां से बीजेपी के मौजूदा विधायक भी हैं और पहले भी इस सीट से जीतते रहे हैं.
बीनाकांदी सीट - एआईयूडीएफ़ पार्टी के संस्थापक बदरुद्दीन अजमल की सीट है. उनका मुकाबला इस बार असम गण परिषद के शहाबुद्दीन मजूमदार और असम जातीय परिषद के रेजाउल करीम चौधरी के बीच है. असम गण परिषद एनडीए गठबंधन और असम जातीय परिषद महाजोट गठबंधन का हिस्सा हैं. पिछली बार बदरुद्दीन अजमल की पार्टी कांग्रेस के साथ गठबंधन में थी पर इस बार पार्टी ने अकेले ही चुनाव लड़ने का फ़ैसला किया और 27 सीटों पर उम्मीदवार उतारे हैं. पिछली बार पार्टी ने कुल 16 सीटें जीती थीं. पार्टी का प्रभाव लोअर असम और बराक वैली के क्षेत्रों में हैं.
नज़ीरा सीट - नज़ीरा ऊपरी असम के शिवसागर ज़िले की सीट है. यहां मुकाबला कांग्रेस के मौजूदा विधायक और प्रदेश की विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष देबाब्रता सैकिया बीजेपी के मयूर बोरोघैन में है. पिछले विधानसभा चुनाव में भी बीजेपी और कांग्रेस ने इन्हीं दो उम्मीदवारों पर अपना भरोसा जताया था. तब के चुनाव नतीजों में देबाब्रता सैकिया और मयूर बोरोघैन के बीच जीत का अंतर काफ़ी कम था.
शिव सागर - यह सीट इसलिए अहम है क्योंकि यहां से रायजोर दल के संस्थापक अखिल गोगोई चुनाव लड़ रहे हैं. वह यहां के मौजूदा विधायक भी हैं. उनका मुकाबला एनडीए गठबंधन का हिस्सा असम गण परिषद के उम्मीदवार प्रोदीप हज़ारिका और बीजेपी के कुशाल दोवारी से है.
यह सीट इसलिए भी दिलचस्प है क्योंकि एक ही गठबंधन का हिस्सा होते हुए भी बीजेपी और एजेपी ने यहां अपने उम्मीदवार उतारे हुए हैं.
अखिल गोगोई पिछले विधानसभा चुनाव से पहले यानी 2019-2020 के दौरान प्रदेश में सीएए के ख़िलाफ़ हो रहे प्रदर्शनों का प्रमुख चेहरा बने थे अखिल गोगोई. उनके ख़िलाफ़ यूएपीए के तहत मुकदमा भी दर्ज हुआ और वह तकरीबन दो साल जेल में भी रहे.
इसके बावजूद यानी जेल में रहते हुए उन्होंने चुनाव लड़ा और जीते. बाद में उन्होंने अपनी पार्टी रायजोर दल का गठन किया. रायजोर दल, कांग्रेस पार्टी के नेतृत्व वाली महाजोट गठबंधन का हिस्सा है.
दिसपुर - इसे भी एक हाई-प्रोफाइल सीट कह सकते हैं.बीजेपी के उम्मीदवार प्रद्युत बोरदोलोई, जो पहले कांग्रेस के सांसद रह चुके हैं, चुनाव से ठीक पहले पार्टी बदलकर बीजेपी में शामिल हो गए. उनके इस कदम के बाद बीजेपी के वरिष्ठ नेता जयंत कुमार दास ने पार्टी छोड़ दी और अब वे निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर मैदान में हैं.
कांग्रेस ने इस सीट से मीरा बोरठाकुर गोस्वामी को उतारा है. ऐसे में तीनों उम्मीदवारों के बीच सीधी टक्कर बन गई है, और स्थानीय स्तर पर इसे काफ़ी दिलचस्प मुकाबला माना जा रहा है.
विधानसभा चुनावों की मतगणना: शेयर बाज़ारों का क्या रुख़
इमेज स्रोत, Ashish Vaishnav/SOPA Images/LightRocket via Getty Images
पश्चिम बंगाल, असम, तमिलनाडु, केरल और पुडुचेरी विधानसभा चुनावों की वोटों की गिनती चल रही है.
शुरुआती रुझानों में पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस और बीजेपी गठबंधन में कड़ी टक्कर देखने को मिल रही है.
देश की राजनीति के लिए अहम माने जा रहे इन चुनावों को लेकर शेयर बाज़ार में भी हलचल दिख रही है.
शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स, निफ्टी बढ़त के साथ कामकाज कर रहे हैं. निफ्टी में 200 से अधिक अंकों की बढ़त है, जबकि सेंसेक्स में 600 अंकों का उछाल है.
विश्लेषकों के मुताबिक जैसे-जैसे विधानसभा चुनावों के रुझान और नतीजे स्पष्ट होंगे, शेयर बाज़ार में और हलचल देखने को मिल सकती है.
पश्चिम बंगाल: बीजेपी अध्यक्ष समिक भट्टाचार्य ने मतगणना के दौरान क्या कहा?
इमेज स्रोत, Samir Jana/Hindustan Times via Getty Images
पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव के वोटों की गिनती सोमवार सुबह शुरू हो गई है. राज्य इकाई के बीजेपी अध्यक्ष समिक भट्टाचार्य ने कहा कि उन्हें भारी जीत का पूरा भरोसा है.
समिक भट्टाचार्य ने कोलकाता के एक मतगणना केंद्र के बाहर कहा, "राज्य के लोगों ने पहले ही तृणमूल कांग्रेस की सरकार को नकार दिया है."
उन्होंने कहा, "कुछ घंटों में सीटों के भारी बहुमत से यह साफ हो जाएगा कि ममता बनर्जी और जनता की लड़ाई में जनता ने ममता बनर्जी को नकार दिया है."
पश्चिम बंगाल में 293 सीटों पर वोटों की गिनती सुबह 8 बजे शुरू हुई. शुरुआती रुझानों में तृणमूल कांग्रेस और बीजेपी की बीच कड़ी टक्कर देखने को मिल रही है.
तृणमूल कांग्रेस लगातार चौथी बार सत्ता में आने की कोशिश कर रही है और बीजेपी पहली बार राज्य में सरकार बनाने की उम्मीद कर रही है.
विधानसभा चुनावों के वोटों की गिनती शुरू, पहले डाक मत पत्र गिने जा रहे
इमेज स्रोत, Samir Jana/Hindustan Times via Getty Images
इमेज कैप्शन, सुबह 8.30 बजे से ईवीएम पर वोटों की गिनती शुरू होगी (फ़ाइल फ़ोटो)
पश्चिम बंगाल, असम, तमिलनाडु, केरल और पुडुचेरी में वोटों की गिनती सुबह 8 बजे शुरू हो गई है.
सबसे पहले डाक मत पत्र गिने जा रहे हैं. इसके बाद सुबह 8.30 बजे से ईवीएम पर गिनती शुरू होगी.
पश्चिम बंगाल में 293, तमिलनाडु में 234, केरल में 140, असम में 126 और पुडुचेरी में 30 सीटों पर नतीजे आएंगे.
पश्चिम बंगाल की 294 सीटों पर 23 और 29 अप्रैल को वोटिंग हुई थी, लेकिन फ़ाल्टा सीट पर 21 मई को दोबारा वोटिंग होगी.
इस वजह से सोमवार को पश्चिम बंगाल की 293 सीटों के परिणाम आएंगे.
डोनाल्ड ट्रंप बोले- 'होर्मुज़ में फंसे जहाजों को सुरक्षित निकालेंगे, रुकावट डाली तो...'
इमेज स्रोत, Jim WATSON / AFP via Getty Images
इमेज कैप्शन, होर्मुज़ स्ट्रेट दुनिया का सबसे अहम और समुद्री मार्ग है (फ़ाइल फ़ोटो)
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि अमेरिकी नौसेना सोमवार से होर्मुज़ में फंसे जहाज़ों को सुरक्षित बाहर निकालना शुरू करेगी.
उन्होंने चेतावनी दी कि अगर इस प्रक्रिया में कोई दख़ल दिया गया तो उसका सख़्ती से जवाब दिया जाएगा.
ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर लिखा कि ‘प्रोजेक्ट फ़्रीडम’ का मक़सद उन विदेशी जहाज़ों की मदद करना है जो होर्मुज़ स्ट्रेट में फंसे हुए हैं और जिनका मध्य पूर्व की घटनाओं से कोई संबंध नहीं है.
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर लिखा, "जिन देशों का मध्य पूर्व में चल रहे विवाद से कोई लेना-देना नहीं है, ऐसे कई देशों ने होर्मुज़ स्ट्रेट से अपने जहाज़ों को बाहर निकालने के लिए मदद मांगी है. ईरान, मध्य पूर्व और अमेरिका के भले के लिए हमने इन देशों से कहा है कि हम उनके जहाज़ों को सुरक्षित तरीक़े बाहर निकालेंगे, ताकि वे अपना काम आसानी से कर सकें."
"मैंने अपने प्रतिनिधियों से कहा है कि वे इन देशों को बताएं कि हम पूरी कोशिश करेंगे कि उनके जहाज़ और क्रू सुरक्षित बाहर निकल सकें. यह प्रक्रिया ‘प्रोजेक्ट फ़्रीडम’ सोमवार सुबह शुरू होगी."
ट्रंप ने आगे लिखा, "कई जहाज़ों में खाना, पानी और ज़रूरी सामान कम हो रहा है, जिससे बड़े क्रू को जहाज़ पर ठीक तरह से रखना मुश्किल हो रहा है. मुझे लगता है यह क़दम उन सबके बीच भरोसा और अच्छा इरादा दिखाने में मदद करेगा जो पिछले महीनों से लगातार लड़ रहे हैं. लेकिन अगर इस मानवीय काम में किसी तरह की रुकावट डाली गई, तो उसका सख़्ती से जवाब देना पड़ेगा."
गौरतलब है कि होर्मुज़ स्ट्रेट दुनिया का सबसे अहम और समुद्री मार्ग है, जहां से दुनिया के लगभग 20 प्रतिशत तेल और गैस की आवाजाही होती है. लेकिन मध्य पूर्व में युद्ध शुरू होने के बाद से ही यह रास्ता प्रभावित हुआ है.
नेपाल ने लिपुलेख के रास्ते मानसरोवर यात्रा पर जताई आपत्ति, भारत ने दिया ये जवाब
इमेज स्रोत, Raj K Raj/Hindustan Times via Getty Images
इमेज कैप्शन, भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल
नेपाल के विदेश मंत्रालय की टिप्पणियों के बाद भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने भारत का रुख स्पष्ट किया है.
रणधीर जायसवाल ने कहा कि भारत का रुख इस मामले में हमेशा से साफ़ और एक जैसा रहा है, भारत सभी मुद्दों का समाधान बातचीत और कूटनीति के ज़रिए करने के लिए तैयार है.
दरअसल, नेपाल के विदेश मंत्रालय ने रविवार को बयान जारी कर कहा, "नेपाल सरकार लगातार भारत सरकार से आग्रह करती रही है कि वह इस क्षेत्र में सड़क निर्माण या विस्तार, सीमा व्यापार और यातायात जैसी कोई भी गतिविधि न करे."
इस पर विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा, "इस मामले में भारत का रुख हमेशा साफ़ और स्थिर रहा है. लिपुलेख दर्रा 1954 से कैलाश मानसरोवर यात्रा का पुराना रास्ता रहा है और इस रास्ते से यात्रा कई दशकों से होती आ रही है. यह कोई नया मामला नहीं है."
"जहां तक सीमा से जुड़े दावों की बात है, भारत ने हमेशा कहा है कि ऐसे दावे सही नहीं हैं और इतिहास या सबूतों पर आधारित नहीं हैं. इस तरह से एकतरफ़ा और कृत्रिम तरीके से सीमा के दावे बढ़ाना स्वीकार्य नहीं है."
भारत के विदेश मंत्रालय ने कहा, "भारत नेपाल के साथ सभी मुद्दों पर सकारात्मक बातचीत के लिए तैयार है, जिसमें सीमा से जुड़े सहमति वाले बाकी मुद्दों को बातचीत और कूटनीति से हल करना भी शामिल है."
इमेज स्रोत, China Photos/Getty Images
इमेज कैप्शन, कैलाश जा रहे तीर्थयात्री (फ़ाइल फ़ोटो)
क्या है विवाद
नेपाल दावा करता रहा है कि महाकाली नदी के पूर्वी हिस्से में लिम्पियाधुरा, कालापानी और लिपुलेख सहित सभी क्षेत्र 1816 की सुगौली संधि के आधार पर नेपाल के क्षेत्र का हिस्सा हैं.
लिपुलेख नेपाल के उत्तर-पश्चिम में स्थित है. यह भारत, नेपाल और चीन की सीमा से जुड़ा है. भारत इस इलाक़े को उत्तराखंड का हिस्सा मानता है.
नवंबर 2019 में भारत ने जम्मू-कश्मीर का विभाजन कर दो केंद्र शासित प्रदेश बनाए और इसके साथ ही नया नक्शा जारी किया. इस नक्शे में ये इलाक़े शामिल थे.
नेपाल ने इस पर तीखी आपत्ति जताई और कहा कि भारत अपना नक्शा बदले क्योंकि कालापानी उसका इलाक़ा है. इसके पांच महीने बाद, मई 2020 में लिपुलेख को लेकर दोनों देशों के बीच फिर तनाव बढ़ गया.
इसके बाद 18 जून 2020 को नेपाल ने संविधान में संशोधन कर देश के राजनीतिक नक्शे को अपडेट किया. संशोधन के बाद नेपाल के मानचित्र में तीन रणनीतिक रूप से अहम क्षेत्र- लिपुलेख, कालापानी और लिम्पियाधुरा दिखाए गए.
पांच विधानसभा के चुनावी नतीजों के शुरुआती रुझान जल्द, पश्चिम बंगाल में कैसी है तैयारी
इमेज स्रोत, Getty Images
इमेज कैप्शन, कोलकाता में चुनावी तैयारी में लगीं मतदानकर्मी (फ़ाइल फ़ोटो)
पश्चिम बंगाल, असम, केरल, तमिलनाडु और पुदुचेरी विधानसभा के चुनावी नतीजों के रुझान अब से कुछ ही देर में आने शुरू हो जाएंगे.
पश्चिम बंगाल में वोटों की गिनती के लिए किए गए इंतज़ामों के बारे में राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी मनोज कुमार अग्रवाल ने बताया, "293 सीटों के लिए वोटों की गिनती सोमवार को होगी. कुल 77 जगहों पर वोटों की गिनती होगी. इनमें 35 ज़िला मुख्यालय और 42 सबडिविज़न मुख्यालय शामिल हैं."
समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक़, उन्होंने बताया, ''चुनाव आयोग के दिशा-निर्देशों के अनुसार, ज़्यादातर केंद्र ज़िला स्तर पर होने चाहिए. राज्य भर में कुल 459 काउंटिंग हॉल हैं. वोटों की गिनती पर नज़र रखने के लिए 533 पर्यवेक्षक तैनात किए गए हैं.''
पश्चिम बंगाल की 294 सीटों पर 23 और 29 अप्रैल को वोटिंग समाप्त हुई थी, लेकिन फ़ाल्टा सीट पर 21 मई को दोबारा वोटिंग होगी.
इस वजह से सोमवार को पश्चिम बंगाल की 293 सीटों के परिणाम आएंगे.
नमस्कार!
बीबीसी न्यूज़ हिन्दी के लाइव पेज पर आपका स्वागत है. मैं बीबीसी संवाददाता रौनक भैड़ा अब से दोपहर दो बजे तक आप तक अहम ख़बरें पहुंचाऊंगा.