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ऋषि सुनक की घोषणा, चार जुलाई को होंगे ब्रिटेन में आम चुनाव
ब्रिटेन के प्रधानमंत्री ऋषि सुनक आम चुनावों की घोषणा करते हुए कहा, "बीते पांच वर्ष देश के लिए दूसरे विश्व युद्ध के बाद से सबसे अधिक चुनौतीपूर्ण रहे हैं. आने वाले दिनों में मैं आपके हर वोट के लिए संघर्ष करुंगा. हमारे पास एक क्लीयर प्लान है."
सारांश
- ब्रिटेन के प्रधानमंत्री ऋषि सुनक ने घोषणा की है कि देश में चार जुलाई को आम चुनाव करवाए जाएंगे.
- नॉर्वे, स्पेन और आयरलैंड 28 मई को फ़लस्तीन को देंगे राष्ट्र के तौर पर मान्यता, इसराइल ने वापस बुलाए राजदूत
- भोजपुरी स्टार पवन सिंह को बीजेपी ने दल विरोधी कामों के लिए पार्टी से निकाला, काराकाट से निर्दलीय लड़ रहे हैं पवन सिंह
- कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा है कि पार्टी ने सोच समझकर इस लोकसभा चुनाव में कम सीटों पर लड़ने का फ़ैसला लिया है ताकि बीजेपी को हराने के लिए इंडिया गठबंधन को एकजुट रखा जा सके
- ईरान के राष्ट्रपति इब्राहिम रईसी की अंत्येष्टि में शामिल होने के लिए रवाना हुए जगदीप धनखड़
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प्रियंका
सेना प्रमुख ने भविष्य के लिए वेद, पुराण और महाभारत पर क्या कहा?
सेना प्रमुख जनरल मनोज पांडे ने मंगलवार को बताया कि भारतीय सेना 'प्रोजेक्ट उद्भव' के तहत महाभारत के युद्ध, प्रतिष्ठित सैन्य हस्तियों के वीरतापूर्ण कारनामों और शासन कला में भारत की समृद्ध विरासत अध्ययन कर रही है.
समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार, जनरल पांडे ने बताया कि ‘उद्भव’ परियोजना का उद्घाटन पिछले साल किया गया था और इसके तहत वेदों, पुराणों, उपनिषदों और अर्थशास्त्र जैसे प्राचीन ग्रंथों की गहराई से अध्ययन किया जा रहा है.
समाचार एजेंसी एएनआई के अनुसार आर्मी चीफ़ ने कहा, "प्राचीन भारत के ज्ञान की जड़ें 5000 साल पुरानी नागरिक सभ्यता तक जाती हैं, जब ज्ञान और मूल्य आपस में जुड़े थे. इस विरासत का उदाहरण बौद्धिक साहित्य के विशाल भंडार, पांडुलिपियों के दुनिया के सबसे बड़े संग्रह और विभिन्न क्षेत्रों में विचारकों और संस्थाओं के ज़रिए देखा जा सकता है."
सेना प्रमुख ने ‘हिस्टोरिकल पैटर्न्स इन इंडियन स्ट्रैटिजिक कल्चर’ सम्मेलन में ये टिप्पणियां कीं.
सेना प्रमुख ने कहा, "इस परियोजना (प्रोजेक्ट उद्भव) में वेदों, पुराणों, उपनिषदों और अर्थशास्त्र जैसे प्राचीन ग्रंथों का गहराई से अध्ययन किया गया है, जो परस्पर जुड़ाव, धार्मिक सोच और नैतिक मूल्यों पर आधारित हैं. इसमें महाभारत के युद्ध, मौर्य, गुप्त और मराठा के शासनकाल के समय की सामरिक उत्कृष्टता का अध्ययन किया गया है जिसने भारत की समृद्ध सैन्य विरासत को आकार दिया है."
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