खो खो वर्ल्ड कप 2025: पुरुषों की टीम ने भी रचा इतिहास, बनी चैंपियन

दिल्ली के इंदिरा गांधी स्टेडियम में रविवार को खेले गए खो खो विश्व कप 2025 के फ़ाइनल मुक़ाबले में महिलाओं बाद अब भारतीय पुरुष टीम भी फ़ाइनल मुक़ाबला जीतकर इतिहास रच दिया है.

सारांश

लाइव कवरेज

अश्वनी पासवान, इफ़्तेख़ार अली

  1. जगजीत सिंह डल्लेवाल ने डॉक्टरों की मदद लेनी शुरू की, क़रीब 2 महीने से हैं आमरण अनशन पर

    जगजीत सिंह डल्लेवाल

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    इमेज कैप्शन, किसान नेता जगजीत सिंह डल्लेवाल 54 दिनों से आमरण अनशन पर हैं

    आमरण अनशन कर रहे किसान नेता जगजीत सिंह डल्लेवाल ने चिकित्सा सहायता लेनी शुरू कर दी है.

    बीबीसी पंजाबी के अनुसार, किसान नेता काका सिंह कोटड़ा ने इसकी पुष्टि करते हुए कहा कि जगजीत सिंह डल्लेवाल बातचीत के लिए केंद्र सरकार के भेजे गए लिखित निमंत्रण के बाद चिकित्सा सहायता लेने को राजी हुए हैं.

    केंद्र सरकार 14 फरवरी को प्रदर्शनकारी किसानों के साथ चंडीगढ़ में बैठक करेगी, जिसमें उनकी मांगों पर चर्चा की जाएगी.

    खनौरी और शंभू बॉर्डर पर प्रदर्शनकारी किसान फसलों के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर कानूनी गारंटी सहित अन्य मांगों के लिए प्रदर्शन कर रहे हैं.

    जगजीत सिंह डल्लेवाल 54 दिनों से आमरण अनशन कर रहे हैं और उनकी सेहत में लगातार गिरावट की ख़बरें आ रही है.

    प्रदर्शनकारी किसान कई बार कह चुके हैं कि मांग पूरी नहीं होने तक जगजीत सिंह डल्लेवाल आमरण अनशन करते रहेंगे.

    खनौरी और शंभू बॉर्डर पर प्रदर्शन कर रहे किसान कई बार दिल्ली में प्रवेश करने की कोशिश कर चुके हैं, लेकिन उन्हें सुरक्षाबलों ने रोक दिया.

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  2. टिक-टॉक अमेरिका में हुआ बंद, कुछ घंटों बाद लगना था प्रतिबंध

    टिक-टॉक

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    इमेज कैप्शन, कई अमेरिकी यूज़र्स ने कहा कि गूगल ऐप स्टोर से भी टिक-टॉक को हटा दिया गया है

    अमेरिका में प्रतिबंध लागू होने से कुछ घंटे पहले ही सोशल मीडिया ऐप टिक-टॉक बंद हो गया है.

    अमेरिकी यूज़र को टिक-टॉक खोलने पर, "टिक-टॉक का इस्तेमाल आप अभी नहीं कर सकते" वाला संदेश दिख रहा है.

    इसके पीछे ऐप ने प्रतिबंध लगाने वाले अमेरिकी क़ानून का हवाला दिया है.

    कई यूज़र्स ने कहा कि ऐप स्टोर से भी टिक-टॉक को हटा दिया गया है और TikTok.com पर भी वीडियो नहीं दिख रहे हैं.

    टिक-टॉक ने कहा, "सौभाग्यशाली हैं कि ट्रंप ने संकेत दिया है कि वह पद संभालने के बाद टिक-टॉक को फिर से शुरू करने के समाधान पर हमारे साथ काम करेंगे."

    अमेरिका के नव-निर्वाचित राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि वो टिक-टॉक को प्रतिबंध से 90 दिन की छूट दे सकते हैं.

    दरअसल, अमेरिका के सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को टिक-टॉक पर प्रतिबंध लगाने वाले क़ानून के पक्ष में फ़ैसला सुनाया था.

    इस प्रतिबंध से टिक-टॉक तभी बच सकता था जब इसकी पेरेंट कंपनी बाइटडांस इसे बेच देगी.

    टिक-टॉक ने इसके बाद बयान जारी कर कहा था कि जो बाइडन, व्हाइट हाउस और न्याय विभाग हमें स्पष्टता देने और आश्वासन प्रदान करने में विफल रहे हैं.

  3. ब्रेकिंग न्यूज़, सैफ़ अली ख़ान पर हमले के मामले में मुंबई पुलिस की प्रेस कॉन्फ़्रेंस, अभियुक्त के बारे में ये बताया

    सैफ़ अली ख़ान

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    इमेज कैप्शन, सैफ़ अली ख़ान पर उनके बांद्रा स्थित घर में एक अज्ञात शख़्स ने कई बार चाकू से हमला किया था.

    अभिनेता सैफ़ अली ख़ान पर चाकू से हुए हमले के मामले में मुंबई पुलिस ने कहा है कि गिरफ़्तार किया गया अभियुक्त बांग्लादेशी नागरिक हो सकता है.

    ज़ोन-9 के डीसीपी दीक्षित गेडाम ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कहा, "अभियुक्त के बांग्लादेशी होने का शक है और उसके पास भारतीय डॉक्यूमेंट नहीं हैं."

    उन्होंने बताया कि अभियुक्त की पहचान 30 वर्षीय मोहम्मद शरीफ़ुल इस्लाम शहज़ाद के रूप में हुई है जो चोरी के इरादे से घर में घुसा था.

    डीसीपी ने बताया कि इस अभियुक्त को आज कोर्ट में पेश किया जाएगा और पुलिस कस्टडी की मांग की जाएगी और फिर आगे की जांच की जाएगी.

    उन्होंने ये भी कहा, "अभियुक्त ने पहले अपना नाम विजय दास बताया था और बांग्लादेशी मूल का होने के शक में इस मामले में पासपोर्ट एक्ट से संबंधित धाराएं जोड़ी गई हैं. इसकी जांच जारी है."

    सैफ़ अली ख़ान पर गुरुवार तड़के उनके बांद्रा स्थित घर में कई बार चाकू से हमला किया गया था. इसके बाद उन्हें लीलावती अस्पताल में भर्ती कराया गया है.

    पुलिस के अनुसार, अभियुक्त ने सैफ़ अली ख़ान के घर में घुसने के लिए बिल्डिंग की उन सीढ़ियों का इस्तेमाल किया, जिन्हें आग लगने की सूरत में इस्तेमाल किया जाता है.

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  4. सैफ़ अली ख़ान पर हमले के मामले में मुंबई पुलिस ने अभियुक्त को किया गिरफ्तार

    सैफ़ अली ख़ान

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    इमेज कैप्शन, सैफ़ अली ख़ान पर उनके बांद्रा स्थित घर में एक अज्ञात शख़्स ने कई बार चाकू से हमला किया था.

    अभिनेता सैफ़ अली ख़ान पर चाकू से हुए हमले के मामले में मुंबई पुलिस ने अभियुक्त को गिरफ्तार करने का दावा किया है.

    अभियुक्त को ठाणे के हीरामंडी लेबर कैंप से पकड़ा गया है. गिरफ्तार होने के डर से अभियुक्त ने पहले अपनी पहचान विजय दास के रूप में बताई थी.

    देर रात 3.30 बजे अभियुक्त को बांद्रा पुलिस स्टेशन में पूछताछ के लिए लाया गया है. आज सुबह 11 बजे बांद्रा हॉलिडे कोर्ट में उसे पेश किया जाएगा.

    सैफ़ अली ख़ान पर गुरुवार तड़के उनके बांद्रा स्थित घर में कई बार चाकू से हमला किया गया था. इसके बाद उन्हें लीलावती अस्पताल में भर्ती कराया गया है.

    पुलिस के अनुसार, अभियुक्त ने सैफ़ अली ख़ान के घर में घुसने के लिए बिल्डिंग की उन सीढ़ियों का इस्तेमाल किया, जिन्हें आग लगने की सूरत में इस्तेमाल किया जाता है.

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  5. राहुल गांधी के ख़िलाफ़ असम में एफ़आईआर, मोहन भागवत पर टिप्पणी करने का मामला, दिलीप कुमार शर्मा, बीबीसी हिंदी के लिए

    बाएं से दाएं- मोहन भागवत और राहुल गांधी

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    इमेज कैप्शन, राहुल गांधी ने आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत के ख़िलाफ़ बयान दिया था

    लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पर असम पुलिस ने एक मामला दर्ज किया है.

    यह मामला गुवाहाटी के पान बाज़ार पुलिस स्टेशन में पेशे से एक वकील मनजीत चेतीया ने दर्ज कराया है.

    कांग्रेस सांसद राहुल गांधी के ख़िलाफ़ दर्ज एफ़आईआर में आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत के ख़िलाफ़ कथित तौर पर अपमानजनक टिप्पणी करने के आरोप लगाए गए हैं.

    असम पुलिस इंस्पेक्टर शंकर ज्योति नाथ के हस्ताक्षर वाली एफ़आईआर में राहुल गांधी पर बीएनएसएस की धारा 152 और 197 (डी) के तहत मामला दर्ज किया गया है.

    बीएनएस की घारा 152 यानी मौखिक या लिखित शब्दों, संकेतों, दृश्य प्रतिनिधित्व, इलेक्ट्रॉनिक संचार, वित्तीय साधनों, या अन्य माध्यमों से भारत की संप्रभुता, एकता, या अखंडता को खतरे में डालना.

    वहीं क़ानूनी मामलों की वेबसाइट लाइव लॉ के अनुसार, धारा 197 भारत की संप्रभुता और अखंडता के ख़िलाफ़ कार्य से जुड़ी हुई है.

    अपनी शिकायत में मनजीत चेतीया ने कहा, "15 जनवरी को नई दिल्ली में कांग्रेस पार्टी के नए मुख्यालय के उद्घाटन के दौरान सांसद राहुल गांधी ने एक सार्वजनिक बयान दिया था. इसमें उन्होंने कहा कि अब हम बीजेपी, आरएसएस और इंडियन स्टेट से लड़ रहे हैं."

    शिकायतकर्ता चेतीया के अनुसार, लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष के पद पर आसीन एक व्यक्ति द्वारा सार्वजनिक मंच पर दिया गया यह बयान कोई साधारण टिप्पणी नहीं है.

    एफ़आईआर में कहा गया है कि 'राहुल गांधी का यह बयान अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता की सीमा से परे चला गया है. यह सार्वजनिक व्यवस्था और राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए गंभीर ख़तरा पैदा करता है. ऐसा इसलिए क्योंकि अभियुक्त ने यह घोषणा की है कि उनकी लड़ाई "स्वयं इंडियन स्टेट" के विरुद्ध है.'

    हाल ही में आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत की 'सच्ची आज़ादी' वाले बयान पर कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने प्रतिक्रिया दी थी.

    राहुल गांधी ने कहा था, "आरएसएस प्रमुख ने कहा कि भारत 1947 में आज़ाद नहीं हुआ था. उन्होंने कहा कि भारत को सच्ची आज़ादी उस दिन मिली जब राम मंदिर बना. वो कहते हैं कि संविधान हमारी आज़ादी का प्रतीक नहीं है. हम बीजेपी, आरएसएस और अब ख़ुद इंडियन स्टेट से लड़ रहे हैं.''

    अभी तक इस मामले पर कांग्रेस का बयान नहीं आया है.

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  6. टिक-टॉक को डोनाल्ड ट्रंप क्या देंगे राहत, किस तरह की बात कही?

    डोनाल्ड ट्रंप

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    इमेज कैप्शन, डोनाल्ड ट्रंप

    अमेरिका के नव-निर्वाचित राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि वो सोशल मीडिया ऐप टिक-टॉक को प्रतिबंध से 90 दिन की छूट दे सकते हैं.

    डोनाल्ड ट्रंप ने एनबीसी न्यूज़ से कहा कि पदभार संभालने के बाद इस मामले पर सोमवार को घोषणा की जाएगी.

    डोनाल्ड ट्रंप का बयान ऐसे समय में आया है जब टिक-टॉक ने कहा है कि अमेरिकी सरकार कोई कदम नहीं उठाती है तो रविवार से वो देश में अपनी गतिविधियां बंद कर लेगा.

    दरअसल, अमेरिका के सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को टिक-टॉक पर प्रतिबंध लगाने वाले क़ानून के पक्ष में फ़ैसला सुनाया.

    इस प्रतिबंध से टिक-टॉक तभी बच सकता था जब इसकी पेरेंट कंपनी बाइटडांस इसे बेच देगी.

    टिक-टॉक ने इसके बाद बयान जारी कर कहा था कि जो बाइडन, व्हाइट हाउस और न्याय विभाग हमें स्पष्टता देने और आश्वासन प्रदान करने में विफल रहे हैं.

    वहीं व्हाइट हाउस के प्रेस सेक्रेटरी ने टिक-टॉक की चेतावनी को एक 'स्टंट' करार दिया है.

    डोनाल्ड ट्रंप का बयान
  7. इसराइल-हमास युद्धविराम समझौता लागू होने से पहले नेतन्याहू ने दी चेतावनी, क्या कहा?, टॉम मैकआर्थर, बीबीसी न्यूज़

    इसराइल के प्रधानमंत्री बिन्यामिन नेतन्याहू

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    इमेज कैप्शन, इसराइल के पीएम बिन्यामिन नेतन्याहू ने कहा कि युद्धविराम 'अस्थाई' है

    इसराइल के प्रधानमंत्री बिन्यामिन नेतन्याहू ने कहा है कि युद्धविराम के दूसरे चरण की बातचीत सफल नहीं होती है तो उनका देश हमास के ख़िलाफ़ युद्ध फिर से शुरू करने के लिए तैयार है.

    ग़ज़ा में युद्धविराम और बंधकों की रिहाई वाले समझौते के आज लागू होने से पहले टीवी पर प्रसारित अपने भाषण में बिन्यामिन नेतन्याहू ने कहा कि युद्धविराम 'अस्थाई' है और इसराइल ग़ज़ा पर फिर से हमला करने का अधिकार रखता है.

    नेतन्याहू ने बताया कि इसके लिए उन्हें डोनाल्ड ट्रंप का समर्थन भी हासिल है.

    उन्होंने हमास नेता याह्या सिनवार के मारे जाने का ज़िक्र करते हुए पिछले 15 महीने में इसराइली सेना की सफलता के बारे में बताया.

    इसराइली पीएम ने कहा कि हमने मध्य पूर्व को बदल दिया. उन्होंने दावा किया, "हमास अब पूरी तरह से अकेला है."

    बिन्यामिन नेतन्याहू पहले कह चुके हैं कि इसराइल तब तक समझौते को लागू नहीं करेगा जब तक उसे हमास द्वारा रिहा किए जाने वाले बंधकों की सूची नहीं मिल जाती.

    नेतन्याहू ने कहा, "इसराइल समझौते के उल्लंघन को बर्दाश्त नहीं करेगा."

    हमास द्वारा रिहा किए जाने वाले 33 बंधकों की एक सूची पहले ही इसराइली मीडिया ने जारी कर दी है, लेकिन अधिकारियों ने इसकी पुष्टि नहीं की है.

    इसराइली अधिकारियों का कहना है कि कि उन्हें रविवार को रिहा होने वाले तीन बंधकों के नाम अभी तक नहीं मिले हैं.

    वहीं हमास का कहना है कि बुधवार को युद्धविराम समझौते के एलान के बाद इसराइल के हवाई हमले में 120 लोगों की मौत हो चुकी है.

    इसराइल का हवाई हमला

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    इमेज कैप्शन, हमास का कहना है कि युद्धविराम समझौते के एलान के बाद इसराइल के हवाई हमले में 100 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है

    अगले कुछ हफ्तों में 33 इसराइली बंधकों के बदले इसराइल 1,890 फ़लस्तीनी कैदियों को रिहा करेगा.

    दरअसल, युद्धविराम तीन चरणों में लागू होना है. पहले चरण में इसराइल की जेलों में बंद फ़लस्तीनी कैदियों के बदले हमास के कब्ज़े में मौजूद इसराइली बंधकों को रिहा किया जाएगा.

    फिर ग़ज़ा से इसराइली सेना धीरे-धीरे पीछे हटेगी और आख़िरी चरण में ग़ज़ा के पुनर्निर्माण का काम होगा.

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