'वन नेशन, वन इलेक्शन' पर अखिलेश ने बीजेपी से पूछा- 'आपके राष्ट्रीय अध्यक्ष का चुनाव क्यों नहीं हुआ'

उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने 'एक देश, एक चुनाव' पर प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने कहा है, "लगे हाथ महाराष्ट्र, झारखंड और यूपी के उपचुनाव भी घोषित करवा देते.”

सारांश

  • लेबनान में अब पेजर के बाद वॉकी-टॉकी में धमाके, तीन की मौत और 100 से अधिक ज़ख़्मी
  • जम्मू कश्मीर विधानसभा चुनाव: पहले चरण के मतदान में 58 प्रतिशत से अधिक हुआ मतदान
  • केंद्रीय कैबिनेट ने एक राष्ट्र एक चुनाव पर बनी समिति की रिपोर्ट को मंज़ूरी दे दी है
  • कांग्रेस पार्टी ने हरियाणा विधानसभा चुनाव के लिए घोषणापत्र जारी कर दिया है
  • लेबनान में हुए पेजर धमाकों में ईरानी राजदूत भी हुए घायल, मारे गए 12 लोगों में दो बच्चे भी

लाइव कवरेज

अभिषेक पोद्दार और सौरभ यादव

  1. अरविंद केजरीवाल इस्तीफ़ा देने के बाद सरकारी घर समेत सभी सुविधाएं छोड़ेंगे: आम आदमी पार्टी

    अरविंद केजरीवाल (फ़ाइल फ़ोटो)

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    इमेज कैप्शन, अरविंद केजरीवाल (फ़ाइल फ़ोटो)

    आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद और नेता संजय सिंह ने एक प्रेस कॉन्फ़्रेंस में कहा है कि अरविंद केजरीवाल खुद को मिलने वाली सारी सरकारी सुविधाओं को छोड़ देंगे.

    प्रेस कॉन्फ़्रेंस में संजय सिंह ने कहा, “एक मुख्यमंत्री को कई सारी सरकारी सुविधाएं दी जाती हैं. वे सभी अरविंद केजरीवाल को भी मिली थीं. लेकिन जब उन्होंने इस्तीफ़ा दिया उसी वक्त यह फ़ैसला भी कर लिया कि वे सभी सुविधाओं को छोड़ देंगे.”

    संजय सिंह ने यह भी बताया कि अरविंद केजरीवाल एक हफ़्ते के भीतर सीएम आवास को खाली कर देंगे.

    आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद ने आशंका जताई, “इस फ़ैसले से उनकी सुरक्षा को लेकर भी सवाल पैदा हो गए हैं. उनपर कई बार हमले हुए हैं, कई बार बीजेपी ने उन पर हमला करवाया है. अभी तय नहीं है कि वह कहां रहेंगे लेकिन वह आम लोगों के बीच में रहेंगे.”

    बीजेपी पर आरोप लगाते हुए संजय सिंह ने कहा, “देश के पीएम खुलेआम कहते हैं कि मुफ़्त की सुविधाएं मिलनी बंद होनी चाहिए. लेकिन ये आपको सोचना है कि अगर केजरीवाल नहीं रहेंगे तो आपको मिलने वाली मुफ़्त शिक्षा मिलनी बंद हो जाएगी, इलाज मिलना बंद हो जाएगा. मुफ़्त बिजली बंद हो जाएगी, साफ पानी मिलना बंद हो जाएगा. महिलाओं के लिए फ्री बस सेवा बंद हो जाएगी.”

    तिहाड़ जेल से बाहर आने के बाद अरविंद केजरीवाल ने 15 सितंबर को पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए इस्तीफ़ा देने का एलान किया था. इसके बाद 17 सितंबर को दिल्ली में आतिशी को विधायक दल का नेता चुना गया.

    अरविंद केजरीवाल ने ही सीएम पद के लिए आतिशी के नाम का प्रस्ताव दिया था. इसके बाद 17 सितंबर की शाम को ही उन्होंने उपराज्यपाल वीके सक्सेना से मुलाक़ात कर अपना इस्तीफ़ा सौंपा.

  2. जम्मू-कश्मीर विधानसभा चुनाव: पहले चरण में अब तक कितनी वोटिंग हुई?, माजिद जहांगीर, जम्मू-कश्मीर से बीबीसी हिंदी के लिए

    पोलिंग बूथ पर वोटिंग के लिए लाइन में लगे लोग

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    इमेज कैप्शन, पोलिंग बूथ पर वोटिंग के लिए लाइन में लगे लोग

    जम्मू और कश्मीर में एक दशक के बाद विधानसभा चुनाव के पहले चरण के लिए वोट डालने का सिलसिला सुबह सात बजे से जारी है. सुबह 11 बजे तक 26.72 फ़ीसदी मतदान हो गया है.

    चुनाव के इस पहले चरण में सात जिलों में मतदान हो रहा है. इन सात ज़िलों में दक्षिण कश्मीर के चार ज़िले अनंतनाग, कुलगम , पुलवामा और शोपियां शामिल हैं. जबकि जम्मू के रामबन, डोडा और किश्तवाड़ ज़िलों में भी वोट डाले जा रहे हैं.

    ज़िला अनंतनाग के बिजबिहारा के एक पोलिंग बूथ पर कई मतदाता वोट डाल कर बाहर आ रहे थे और कई मतदाता क़तार में लगे थे.

    चुनाव आयोग के मुताबिक़, पहले चरण के इस चुनाव में 23.27 लाख मतदाताओं को वोट देने का अधिकार है. वोटिंग का सिलसिला सुबह सात बजे से शाम के छह बजे तक जारी रहेगा.

    सात ज़िलों के कुल 24 क्षेत्रों में 3 हज़ार 276 पोलिंग बूथ बनाए गाए हैं. हर पोलिंग बूथ पर सुरक्षा के सख़्त प्रबंध किए जा चुके हैं.

    जम्मू-कश्मीर में विधानसभा के ये चुनाव एक दशक के बाद हो रहे हैं. राज्य में आख़िरी बार साल 2014 में चुनाव हुए थे.

    केंद्र सरकार ने साल 2019 में जम्मू-कश्मीर को विशेष राज्य का दर्जा देने वाले अनुच्छेद 370 और 35ए को निरस्त कर दिया था. इसके बाद इसे दो अलग-अलग केंद्र शासित प्रदेश में बांट दिया गया था.

  3. जम्मू कश्मीर में पहले चरण का मतदान, पीएम मोदी और राहुल गांधी ने क्या कहा

    पोलिंग बूथ पर ईवीएम ले जाते अधिकारी

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    जम्मू कश्मीर विधानसभा चुनाव में मंगलवार को पहले चरण के लिए मतदान शुरू जारी है.

    पहले चरण के मतदान में राज्य की कुल 24 विधानसभा सीटों के लिए वोटिंग होगी. इनमें 16 सीटें कश्मीर की और आठ सीटें जम्मू की हैं.

    जम्मू-कश्मीर में अनुच्छेद 370 के हटने के लगभग 10 साल बाद पहली बार विधानसभा चुनाव होने जा रहे हैं.

    भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह, लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी और कांग्रेस के अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने ‘एक्स’ पर पोस्ट करते हुए अपनी प्रतिक्रिया ज़ाहिर की है.

    प्रधानमंत्री मोदी ने ट्वीट किया, "जम्मू कश्मीर में पहल चरण का चुनाव शुरू हो गया है. मेरी अपील है कि जिन भी विधानसभाओं में आज वोटिंग होनी है, वहां पर लोग बड़ी संख्या में इसमें हिस्सा लें और लोकतंत्र को मज़बूत बनाएं. मैं पहले और नौजवान वोटर्स से अपील करता हूं कि वे ज़रूर मतदान करें."

    वहीं लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने लिखा, "देश के इतिहास में पहली बार पूर्ण राज्य के दर्जे को छीन कर केंद्र शासित बनाया गया है. ये आप सभी के संवैधानिक अधिकारों का हनन है, जम्मू-कश्मीर का अपमान. ‘इंडिया गठबंधन’ को दिया गया आपका एक-एक वोट आपके अधिकार को वापस लौटाएगा."

    गृह मंत्री अमित शाह ने लिखा, “आज जम्मू-कश्मीर विधानसभा चुनाव के पहले चरण में मतदान के लिए जा रहे मतदाताओं से मेरी यह अपील है कि एक ऐसी सरकार बनाने के लिए बढ़-चढ़कर मतदान करें, जो यहाँ के युवाओं की शिक्षा, रोजगार, महिलाओं के सशक्तीकरण और क्षेत्र में अलगाववाद व परिवारवाद की समाप्ति के लिए प्रतिबद्ध हो.”

    कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने लिखा कि राज्य की 24 सीटों पर पहले चरण की वोटिंग में मेरी सभी से अपील है कि वे अपने लोकतांत्रिक अधिकारों का इस्तेमाल करें. आपका हर एक वोट आपके भविष्य को ताक़त देगा. मेरी फ़र्स्ट टाइम वोटर से अपील है कि वे इस अहम चुनाव में बढ़-चढ़ कर भाग लें.

  4. अरविंद केजरीवाल ने मुख्यमंत्री के लिए आतिशी को ही क्यों चुना

  5. डोनाल्ड ट्रंप ने कहा- अगले हफ़्ते पीएम मोदी से होगी मुलाक़ात

    साल 2020 में नई दिल्ली में पीएम मोदी के साथ तत्कालीन अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप

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    पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति और रिपब्लिकन पार्टी के उम्मीदवार डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि वे अगले हफ़्ते भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाक़ात करेंगे.

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अगले हफ़्ते तीन दिनों के लिए अमेरिका के दौरे पर जा रहे हैं. वे 21 से लेकर 23 सितंबर तक अमेरिका की यात्रा पर रहेंगे.

    अपने अमेरिका दौरे में प्रधानमंत्री क्वाड नेताओं के सम्मेलन में हिस्सा लेंगे. इस सम्मेलन की मेज़बानी अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन करेंगे.

    क्वाड नेताओं के इस सम्मेलन में नरेंद्र मोदी के अलावा ऑस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्री एंटनी अल्बनीज़ और जापान के प्रधानमंत्री फुमियो किशिदा भी हिस्सा लेंगे.

    यह क्वाड नेताओं का चौथा शिखर सम्मेलन है. इस सम्मेलन में नेता पिछले एक साल के हुए कामों की प्रगति की समीक्षा करेंगे. इंडो-पैसिफिक यानी हिंद-प्रशांत क्षेत्र के देशों के विकास लक्ष्यों को पूरा करने में सहायता करने के लिए आने वाले वर्ष के लिए एजेंडा तय करेंगे.

    साल 2025 में होने वाले क्वाड सम्मेलन की मेज़बानी भारत करेगा. भारतीय विदेश मंत्रालय ने ये जानकारी मंगलवार को दी. क्वाड समूह में भारत, अमेरिका, जापान और ऑस्ट्रेलिया शामिल हैं.

    पीएम मोदी का क्या कार्यक्रम है?

    • पीएम मोदी 22 सितंबर को न्यूयॉर्क में भारतीय समुदाय को संबोधित करेंगे.
    • अमेरिका में स्थित विभिन्न कंपनियों के सीईओ से बात करेंगे.
  6. म्यांमार: बाढ़ के कारण 200 से ज़्यादा लोगों की मौत, पाँच लाख लोग प्रभावित

    म्यांमार में यागी तूफ़ान के बाद आई भीषण बाढ़

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    इमेज कैप्शन, म्यांमार में यागी तूफ़ान के बाद आई भीषण बाढ़

    म्यांमार में ‘यागी’ तूफ़ान की वजह से आई बाढ़ में जनजीवन बुरी तरह से अस्त व्यस्त हो गया है. देश की सैन्य सरकार का कहना है कि इस बाढ़ में 200 से ज़्यादा लोगों की मौत हुई है.

    वहीं अब भी 80 से ज़्यादा लोग लापता बताए जा रहे हैं. ‘यागी’ इस साल एशिया से टकराने वाला सबसे शक्तिशाली तूफ़ान भी है.

    आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, सितंबर की शुरुआत में वियतनाम, लाओस, थाईलैंड और म्यांमार में तूफ़ान की वजह से 500 से भी ज़्यादा मौतें हुई हैं.

    म्यांमार में यागी की वजह से बाढ़ और भूस्खलन जैसी स्थितियां पैदा हो गई हैं. कई सारे गांव डूब गए हैं.

    साथ ही म्यांमार में कई एकड़ में लगाई गई फ़सलें भी बर्बाद हो गई हैं. संयुक्त राष्ट्र ने भी चेताया है कि यहां पर पांच लाख से भी ज़्यादा लोगों के लिए तत्काल खाने, पीने के पानी, आवास और कपड़ों का इंतज़ाम किए जाने की ज़रूरत है.

    संयुक्त राष्ट्र संघ ने कहा है कि ‘यागी’ तूफ़ान ने राजधानी नेपिडॉओ समेत म्यांमार के नौ और राज्यों में तबाही मचाई है.

    म्यांमार साल 2021 से ही गृह युद्ध का सामना भी कर रहा है.

  7. अरविंद केजरीवाल ने जिन सियासी फ़ैसलों से कई बार हैरान किया

  8. लेबनान में हुए पेजर धमाके के पीछे का कारण क्या है?

    धमाके के बाद घायलों को अस्पताल ले जाती एंबुलेंस

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    लेबनान में मंगलवार को राजधानी बेरूत समेत कई जगहों पर हुए पेजर धमाकों में अभी तक नौ लोग मारे गए हैं और 2800 से भी ज़्यादा ज़ख़्मी हैं.

    हालांकि अभी तक यह पता नहीं चल पाया है कि पेजर में यह धमाके आख़िर कैसे हुए. लेकिन हिज़्बुल्लाह ने इसके लिए इसराइल को ज़िम्मेदार ठहराया है जबकि इसराइल ने इस पर कोई भी टिप्पणी नहीं की है.

    इन धमाकों की शुरुआत राजधानी बेरूत में स्थानीय समयनुसार शाम को लगभग पौने चार बजे हुई.

    एक चश्मदीद ने बताया कि उसने लोगों की जेबों से धुआं निकलते देखा. इससे पहले की कुछ समझ आता धमाका हो गया, जिसकी आवाज़ गोली चलने जैसी या पटाखों जैसी थी.

    वहीं एक सीसीटीवी वीडियो में दुकान पर ख़रीदारी कर रहे व्यक्ति की जेब में रखे पेजर में हुए धमाके का दृश्य भी सामने आया है.

    न्यूज़ एजेंसी रॉयटर्स के मुताबिक़ इस पहले धमाके के बाद लगभग एक घंटे तक धमाकों का सिलसिला जारी रहा.

    विशेषज्ञों ने मंगलवार को हुए इस धमाके पर कहा कि हिज़्बुल्लाह को अपनी सुरक्षा प्रणाली पर बहुत भरोसा था. हालांकि यह धमाके हैकिंग या पेजर की बैटरी के ज़्यादा गर्म होने की वजह से हो सकते हैं.

    हालांकि कुछ विशेषज्ञों ने बैटरी के गर्म होने की संभावनाओं को ख़ारिज़ किया है. उनका कहना है कि सीसीटीवी में जिस तरह के दृश्य देखे गए हैं, उसके आधार पर यह कहा जा सकता है कि इस तरह के सिलसिलेवार धामके बैटरी के गर्म होने से नहीं हो सकते.

  9. लेबनान में हुए पेजर धमाकों में ईरानी राजदूत समेत 2800 लोग हुए घायल, अब तक नौ मौतें

    लेबनान में पेजर धमाके के बाद का दृश्य

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    लेबनान में मंगलवार को बात करने के लिए इस्तेमाल होने वाली मशीन पेजर के ज़रिए हुए धमाकों में ईरान के राजदूत समेत 2800 से भी ज़्यादा लोग घायल हुए हैं.

    लेबनान के स्वास्थ्य मंत्री के मुताबिक़ इन धमाकों में अभी तक नौ लोगों की मौत भी हुई है, जिनमें एक बच्चा भी शामिल है.

    ये धमाके लेबनान की राजधानी बेरूत सहित कई और जगहों पर भी हुए. ईरान समर्थित गुट हिज़्बुल्लाह का इन धमाकों पर कहना है कि ये पेजर उनके ही थे और उनके आठ लड़ाके मारे गए हैं.

    ईरानी राजदूती की पत्नी मोजतबा अमानी ने बताया है कि उनके पति को थोड़ी ही चोटें आई हैं और वे अस्पताल में हैं.

    समाचार एजेंसी एएफ़पी के मुताबिक़ हिज़्बुल्लाह सांसद अली आमेर और उनके एक सदस्य की 10 वर्षीय बेटी की भी इन धमाकों में मौत हुई है.

    हिज़्बुल्लाह ने इन धमाकों के लिए इसराइल को ज़िम्मेदार ठहराया है और इसे एक आपराधिक घटना कहा है.

    हिज़्बुल्लाह ने यह भी कहा है कि वे इसका जवाब देंगे. वहीं इसराइली सेना ने उनके किसी भी दावे पर अभी तक कोई टिप्पणी नहीं की है.

    पिछले साल सात अक्टूबर से ग़ज़ा में इसराइल और हमास के बीच युद्ध शुरू होने के बाद से ही इसराइल और लेबनान की सीमा पर लगभग हर दिन ही गोलीबारी हो रही है.

    वहीं लेबनान में हुए ताज़ा धमाकों से कुछ घंटे पहले ही इसराइल के सुरक्षा मंत्रिमंडल ने कहा कि देश उत्तरी हिस्से में हिज़्बुल्लाह के हमलों को रोकना और विस्थापित हो चुके नागरिकों की सुरक्षित वापसी ही इस युद्ध में उसका आधिकारिक लक्ष्य है.

  10. जम्मू-कश्मीर विधानसभा चुनाव में आज पहले चरण का मतदान

    सांकेतिक तस्वीर (यह फ़ोटो 2024 में हुए लोकसभा चुनावों के समय की है)

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    जम्मू-कश्मीर में विधानसभा चुनाव में आज पहले चरण का मतदान है.

    जम्मू-कश्मीर में तीन चरणों में मतदान है.18 सितंबर, 25 सितंबर और एक अक्टूबर को मतदान होंगे.

    आज पहले चरण के मतदान में राज्य की कुल 24 विधानसभा सीटों के लिए वोट डाले जाएंगे. इनमें 16 सीटें कश्मीर और आठ सीटें जम्मू की हैं.

    जम्मू-कश्मीर में अनुच्छेद 370 के हटने के लगभग 10 साल बाद पहली बार विधानसभा चुनाव होने जा रहे हैं.

    पांच अगस्त 2019 को अनुच्छेद 370 को रद्द करते हुए जम्मू-कश्मीर के विशेष राज्य का दर्जा हटा दिया गया था और दो केंद्र शासित प्रदेश बना दिया गया था.

    इन चुनावों में नेशनल कॉन्फ़्रेंस और कांग्रेस साथ आए हैं और दोनों राजनीतिक दल राज्य की सभी 90 सीटों पर साझा चुनाव लड़ रहे हैं.

    वहीं बीजेपी और पीडीपी अकेले इस चुनावी मैदान में हैं. लोकसभा सांसद इंजीनियर रशीद की पार्टी अवामी इत्तिहाद ने प्रतिबंधित संगठन जमात ए इस्लामी समर्थित निर्दलीय उम्मीदवारों के साथ गठबंधन का ऐलान किया है.

    वोटिंग के मद्देनज़र राज्य में सुरक्षा के कड़े इंतज़ाम भी किए गए हैं.

  11. नमस्कार

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