ईरान जंग: अमेरिका ने मध्य-पूर्व के 14 देशों से अपने नागरिकों को निकलने के लिए कहा
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इमेज कैप्शन, बग़दाद स्थित अमेरिकी दूतावास पर हमले के बाद अमेरिका ने अपने नागरिकों को 'तुरंत इराक़ छोड़ने' को कहा था
ईरान की ओर से मध्य-पूर्व में
अमेरिकी ठिकानों पर हमले किए जाने के बाद अमेरिका ने अपने नागरिकों से क्षेत्र के
14 देशों को छोड़ने की अपील की है.
इससे पहले बग़दाद स्थित
अमेरिकी दूतावास पर मिसाइल गिरने की घटना के बाद शनिवार को अमेरिका ने अपने नागरिकों को
इराक़ छोड़ने को कहा था.
चेतावनी में अमेरिकी दूतावास ने कहा
कि नागरिक "तुरंत इराक छोड़ दें".
दूतावास ने लिखा, "जो अमेरिकी नागरिक इराक़ में रहने का फ़ैसला कर
रहे हैं, उन्हें ईरान समर्थित आतंकवादी
मिलिशिया समूहों से पैदा हो रहे गंभीर ख़तरे को देखते हुए अपने फ़ैसले पर दोबारा
विचार करने को कहा जाता है."
समाचार एजेंसी रॉयटर्स के मुताबिक.अमेरिका ने शनिवार को कहा
कि उसने ओमान से नॉन-इमरजेंसी सरकारी कर्मचारियों और सरकारी कर्मचारियों के
परिजनों को निकलने का आदेश दिया है.
पाकिस्तानी बल्लेबाज़ सलमान अली आग़ा को आईसीसी ने लगाई फटकार, लिया ये एक्शन
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इमेज कैप्शन, सलमान अली आग़ा ने आउट दिए जाने के बाद अपने ग्लव्स और हेलमेट फेंक दिए थे
पाकिस्तान के बल्लेबाज़ सलमान अली
आग़ा को आईसीसी ने आचार संहिता के उल्लंघन के आरोप में आधिकारिक तौर पर फटकार लगाई
है.
आग़ा पर यह कार्रवाई शुक्रवार को
ढाका में बांग्लादेश के ख़िलाफ़ खेले गए दूसरे वनडे मैच के दौरान हुए एक मामले को
लेकर की गई है.
मैच में सलमान आग़ा को बांग्लादेशी
कप्तान मेहदी हसन मिराज़ ने रन आउट किया था, जिसको लेकर काफ़ी विवाद हुआ. आग़ा ने इसे 'खेल भावना के ख़िलाफ़' बताया
था.
आग़ा को खिलाड़ियों और सहयोगी स्टाफ़
के लिए आईसीसी के आचार संहिता के अनुच्छेद 2.2 के उल्लंघन का दोषी पाया गया
है. यह अनुच्छेद "अंतरराष्ट्रीय मैच के दौरान क्रिकेट सामग्री या कपड़ों,
मैदान सामग्री या अन्य वस्तुओं के साथ
दुर्व्यवहार" से जुड़ा है.
दरअसल, आउट दिए जाने के बाद पैवेलियन लौटते वक़्त आग़ा ने अपने ग्लव्स और
हेलमेट सीमा रेखा के पास फेंक दिए थे. मैच के बाद प्रेस कॉन्फ़्रेंस में सलमान
आग़ा ने माना कि उन्होंने गुस्से में ऐसा किया था.
इस मामले में आईसीसी ने आग़ा के 'डिसिप्लिनरी रिकॉर्ड' में एक डिमेरिट अंक भी जोड़ा है.
ईरान युद्ध: स्विट्ज़रलैंड ने अमेरिकी सेना को नहीं दी एयरस्पेस इस्तेमाल करने की इजाज़त
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इमेज कैप्शन, स्विस सरकार ने अपने फ़ैसले के पीछे देश के 'निष्पक्षता क़ानून' का हवाला दिया है (सांकेतिक तस्वीर)
स्विट्ज़रलैंड ने अपने हवाई क्षेत्र से अमेरिकी सेना के गुज़रने के दो अनुरोधों को
ख़ारिज कर दिया है. स्विस सरकार ने एक बयान जारी कर इसकी जानकारी दी है. स्विट्ज़रलैंड ने ये फ़ैसला ईरान युद्ध को लेकर किया है.
स्विस सरकार ने अपने फ़ैसले के पीछे देश के 'निष्पक्षता क़ानून' का हवाला दिया है.
बयान में कहा गया है कि यह क़ानून
"संघर्ष में शामिल पक्षों को ओवरफ़्लाइट्स (हवाई क्षेत्र के इस्तेमाल) की
अनुमति देने से रोकता है जो उस संघर्ष से जुड़े सैन्य उद्देश्य को पूरा करते
हों".
हालांकि स्विस सरकार ने यह भी कहा कि
उसने तीन अन्य उड़ानों को अनुमति दी थी. इनमें एक उड़ान रखरखाव के लिए थी और दो
परिवहन से जुड़ी थीं.
पाकिस्तान ने अफ़ग़ान तालिबान के साथ जारी सैन्य संघर्ष को लेकर भारत के बयान पर क्या कहा
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इमेज कैप्शन, पाकिस्तान ने अफ़ग़ानिस्तान पर भारत के बयान के जवाब में प्रतिक्रिया दी है
पाकिस्तान और अफ़ग़ान तालिबान के बीच
जारी सैन्य संघर्ष को लेकर भारतीय विदेश मंत्रालय के बयान पर अब पाकिस्तानी विदेश
मंत्रालय ने प्रतिक्रिया दी है.
पाकिस्तानी विदेश मंत्रालय के
प्रवक्ता ताहिर अंद्राबी ने भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल की
टिप्पणियों को 'बेतुका, बेबुनियाद और ढोंग' बताया
है.
उन्होंने अफ़ग़ानिस्तान के भीतर 'आतंकवादी ठिकानों' पर पाकिस्तान के हमले को 'वैध'
बताया.
ताहिर अंद्राबी ने एक बयान में कहा,
"अफ़ग़ान ज़मीन से संचालित होने वाले
आतंकवादी संगठनों फ़ितना-अल-ख़्वारिज़ और फ़ितना-अल-हिंदुस्तान को भारत के समर्थन
और आर्थिक संरक्षण के लिए जाना जाता है. इसलिए अफ़ग़ानिस्तान में अपने आतंकवादी
नेटवर्क के नष्ट होने पर भारत की निराशा पूरी तरह समझी जा सकती है."
पाकिस्तान ने कश्मीर मामले का ज़िक्र
करते हुए भारत पर मानवाधिकारों और अंतरराष्ट्रीय क़ानून के उल्लंघन का भी आरोप
लगाया.
शनिवार को भारतीय विदेश मंत्रालय के
प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने एक बयान जारी कर 'अफ़ग़ानिस्तान में पाकिस्तान के हवाई हमलों की निंदा' की थी.
बयान में कहा गया, "यह पाकिस्तान की ओर से एक और हमला है, जो एक संप्रभु अफ़ग़ानिस्तान के विचार के ख़िलाफ़
है. भारत दोहराता है कि अफ़ग़ानिस्तान की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता का पूरी
तरह से सम्मान होना चाहिए."
डोनाल्ड ट्रंप ईरान के साथ समझौते और सुप्रीम लीडर मोजतबा ख़ामेनेई पर क्या बोले
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इमेज कैप्शन, ट्रंप ने कहा कि कई देशों ने होर्मुज़ स्ट्रेट की सुरक्षा में मदद की प्रतिबद्धता जताई है (फ़ाइल फ़ोटो)
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने
शनिवार को एनबीसी न्यूज़ को दिए एक टेलीफ़ोन इंटरव्यू में कहा कि ईरान समझौता करना
चाहता है, लेकिन वह अभी ऐसा करने के इच्छुक
नहीं हैं क्योंकि "अभी शर्तें अच्छी नहीं हैं".
हालाँकि उन्होंने यह बताने से इनकार
कर दिया कि वे शर्तें क्या होंगी. ट्रंप ने कहा कि संभावित समझौते का एक हिस्सा यह
होगा कि ईरान परमाणु महत्वाकांक्षाएं छोड़ने का वादा करे.
ट्रंप ने ईरान के नए सुप्रीम लीडर
मोजतबा ख़ामेनेई के बारे में भी सवाल उठाए. मोजतबा ख़ामेनेई, ईरान के मारे गए सुप्रीम लीडर नेता आयतुल्लाह अली
ख़ामेनेई के बेटे हैं.
ट्रंप ने कहा, "मुझे नहीं पता कि वह ज़िंदा भी हैं या नहीं. अब
तक कोई उन्हें (दुनिया को) दिखा नहीं पाया है." अमेरिकी राष्ट्रपति ने यह बात
इसलिए कही क्योंकि ख़ामेनेई ने गुरुवार को कैमरे पर बोलने की बजाय लिखित बयान के
ज़रिए अपना पहला बयान जारी किया था.
ट्रंप ने आगे कहा, "मैं सुन रहा हूँ कि वह ज़िंदा नहीं हैं, और अगर वह ज़िंदा हैं तो उन्हें अपने देश के लिए
बहुत समझदारी भरा क़दम उठाना चाहिए, और वह है
सरेंडर करना."
इसके बाद ट्रंप ने उनकी मौत की ख़बर
को "अफ़वाह" बताया.
ट्रंप ने यह भी कहा कि कई देशों ने
होर्मुज़ स्ट्रेट की सुरक्षा में मदद करने की प्रतिबद्धता जताई है, हालांकि उन्होंने उन देशों के नाम बताने से इनकार
कर दिया.
ट्रंप ने यह भी कहा कि अमेरिका ने
ईरान के तेल निर्यात के लिए अहम केंद्र खार्ग द्वीप को "पूरी तरह तबाह"
कर दिया है, लेकिन उन्होंने यह भी कहा,
"हम मज़े के लिए इसे कुछ और बार
निशाना बना सकते हैं".
उन्होंने तेल की बढ़ती क़ीमतों को
लेकर जताई जा रही चिंताओं को भी ख़ारिज किया. उन्होंने कहा, "दुनिया में बहुत ज़्यादा तेल और गैस है. बहुत कुछ
मौजूद है, लेकिन आप जानते हैं कि अभी यह थोड़ा
अटका हुआ है. बहुत ज़ल्द यह रुकावट दूर हो जाएगी."
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