कोलकाता: ट्रेनी डॉक्टर के रेप और हत्या मामले में बीजेपी करेगी राज्यव्यापी प्रदर्शन
पश्चिम बंगाल के बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष और केंद्रीय मंत्री सुकांत मजूमदार ने कहा कि इसे लेकर बीजेपी विरोध प्रदर्शन करेगी.
सारांश
कोलकाता बलात्कार मामले पर सीबीआई की जांच जारी, ट्रेनी डॉक्टर के माता-पिता का बयान दर्ज
स्वंतत्रता दिवस समारोह में राहुल गांधी को पीछे बिठाने पर विवाद,कांग्रेस हुई हमलावर
बांग्लादेश की यूनिवर्सिटी में लगी शेख़ मुजीबुर्रहमान की तस्वीर के साथ हुई छेड़खानी
उत्तर कोरिया सालों बाद पर्यटकों को लिए खोलेगा अपने देश की सीमा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बांग्लादेश में हिंदुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने की अपील की
लाइव कवरेज
अभिषेक पोद्दार और दीपक मंडल
पीएम मोदी ने अपने भाषण में मेडिकल छात्रों के लिए किया ये ख़ास एलान
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लाल क़िले से स्वतंत्रता दिवस के अपने भाषण में
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत में मेडिकल की सीटों को बढ़ाने का एलान भी
किया.
पीएम ने अपने संबोधन में कहा, “हर साल भारत के कई युवा अलग-अलग
देशों में मेडिकल पढ़ाई करने जाते हैं. इनमें अधिकतर मिडिल क्लास परिवार के बच्चे
होते हैं.”
उन्होंने कहा, “वे लाख़ों रुपये खर्च करते हैं. कई
बार तो ऐसे-ऐसे देश में बच्चे मेडिकल पढ़ने जाते हैं कि मुझे हैरानी होती है.
इसलिए अगले पाँच साल में मेडिकल लाइन में 75 हज़ार नई सीटें बनाई जाएंगी.”
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, बांग्लादेश में सुनिश्चित हिंदुओं की सुरक्षा
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लाल क़िले से स्वतंत्रता दिवस के अपने भाषण में
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बांग्लादेश में सत्ता परिवर्तन के बाद हिंदुओं पर हो
रहे हमलों का ज़िक्र भी किया.
प्रधानमंत्री ने कहा, “बांग्लादेश में हिंदुओं की सुरक्षा
सुनिश्चित हो. हम पड़ोसियों का सुख और शांति चाहते हैं.”
उन्होंने कहा कि बांग्लादेश में जो कुछ भी हो रहा है
वह चिंताजनक है.
बांग्लादेश में आरक्षण विरोधी आंदोलनों के चलते
प्रधानमंत्री शेख़ हसीना को इस्तीफ़ा देकर देश छोड़ने को मजबूर होना पड़ा था.
इसके बाद से ही तमाम ख़बरों और रिपोर्टों में ऐसा कहा
गया कि देश में अल्पसंख्यकों ख़ास तौर पर हिंदुओं के लिए स्थिति ख़राब है और उनको व्यापक तौर पर हिंसक घटनाओं का सामना करना पड़ रहा है.
पीएम मोदी ने कहा- 'पहले देश में था माई-बाप कल्चर, अब सरकार आपके दरवाज़े पर जाती है'
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प्रधानमंत्री मोदी ने लाल क़िले से स्वतंत्रता दिवस के अपने भाषण में कहा, "एक समय पर आतंकवादी आकर देश में हमले करते थे लेकिन अब सेना सर्जिकल स्ट्राइक
करती है और देश के युवा का सीना इससे गर्व से भर जाता है."
वो बोले, ''आज 140 करोड़ देशवासी आत्मविश्वास से भरे हुए हैं और
देश भर में हो रहे सुधारों से उनको मज़बूती मिल रही है. मज़बूत नेतृत्व, अडिग
संकल्प और जनभागीदारी के माध्यम से हम अतुल्य सफलता का रास्ता बना रहे हैं.''
प्रधानमंत्री ने अपने कार्यकाल से पहले की सरकारों पर
निशाना साधते हुए कहा, “दुर्भाग्य से हमारे देश में
आज़ादी के बाद लोगों को एक प्रकार के माई-बाप कल्चर से गुजरना पड़ा- सरकार से
मांगते रहो, सरकार के सामने हाथ फैलाते रहो.”
उन्होंने कहा- हमने गवर्नेंस के इस मॉडल को बदला. आज सरकार खुद लाभार्थी के पास जाती
है. आज सरकार खुद उसके घर तक गैस का चूल्हा, पानी, बिजली और आर्थिक मदद पहुंचाती है.
प्रधानमंत्री ने अपने भाषण में यह भी कहा कि देश ने देखा है कि आज़ादी के बाद
भी दशकों तक स्टेटस-को का माहौल बना रहा. हमने इसी मानसिकता को तोड़ा है. हमने
बड़े सुधारों को ज़मीन पर उतारा है.
महिलाओं के ख़िलाफ़ अपराध पर पीएम मोदी ने लाल क़िले से क्या कहा
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पीएम मोदी ने स्वतंत्रता दिवस के मौक़े पर कहा कि आज महिलाओं के ख़िलाफ़ हो रहे
अपराध को गंभीरता से लिया जाना ज़रूरी है और दोषियों में डर पैदा करने की ज़रूरत
है.
पीएम मोदी ने कहा कि महिलाओं के ख़िलाफ़ अपराध
की जल्द से जल्द जाँच हो. राक्षसी कृत्य करने वालों को जल्द से जल्द सज़ा हो, ये
ज़रूरी है.
वो बोले, ''मैं कहना चाहूंगा कि जब बलात्कार की घटनाएं होती
हैं तो वो मीडिया में छाया रहता है लेकिन जब ऐसे राक्षसी कृत्य करने वालों को सज़ा
होती है तो वह ख़बर नहीं बनता.''
पीएम मोदी कहते हैं, ''मुझे लगता है कि समय आ गया है जब ऐसे कृत्य करने
वालों की ख़बरें बनें. ये डर बनाना बहुत ज़रूरी है.''
पीएम ने कहा कि महिलाओं की भागीदारी और नेतृत्व में देश आगे बढ़ रहा है लेकिन उनके साथ अत्याचार चिंता की बात है.
स्वतंत्रता दिवस के मौक़े पर लाल क़िले से पीएम मोदी क्या कुछ कह रहे हैं?
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आज यानी 15 अगस्त के मौके पर भारत अपना 78वां
स्वतंत्रता दिवस मना रहा है.
इस मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लाल क़िले पर
तिरंगा फहराया और देश को संबोधित किया.
पीएम मोदी ने अपने संबोधन में क्या कुछ कहा, पढ़िए.
आज हमारे देश के लिए मर मिटने वाले हज़ारों वीर
सपूतों को याद करने का दिन है. देश उनका ऋणी है और ऐसे हर महापुरुष के लिए हम अपना
श्रद्धाभाव अर्पित करते हैं.
इस साल और पिछले कुछ सालों से प्रकृतिक आपदा के कारण
हमारी चिंताएं बढ़ी हैं. इसमें कई लोगों ने अपना परिवार और संपत्ति खोई है.
राष्ट्र ने भी नुक़सान झेला है. मैं उनके प्रति अपनी संवेदना व्यक्त करता हूं और
विश्वास दिलाता हूं कि यह देश संकट की घड़ी में उनके साथ खड़ा है.
युवा हों, महिला हों या आदिवासी हों सभी ने ग़ुलामी
के ख़िलाफ़ जंग लड़ी है. इतिहास गवाह है कि 1857 स्वतंत्रता संग्राम से पहले भी
कई आदिवासी क्षेत्रों मे आज़ादी की लड़ाई लड़ी जा रही थी.
उस समय की आबादी के हिसाब से 40 करोड़ देशवासियों ने
वह जज़्बा दिखाया कि वे एक सपना और संकल्प लेकर चलते रहे.
अगर 40 करोड़ लोग ग़ुलामी की बेड़ियों को तोड़ सकते
हैं तो देश के मेरे 140 करोड़ नागरिक और परिवारजन हर चुनौती को पार करते हुए
समृद्ध भारत बना सकते हैं. हम 2047 में विकसित भारत का लक्ष्य प्राप्त कर सकते
हैं.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लाल क़िले पर फहराया तिरंगा
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 15 अगस्त की सुबह लाल क़िले पर तिरंगा फहरा दिया है.
इससे पहले पीएम मोदी राजघाट पहुंचे थे.
राजघाट पर
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने महात्मा गांधी की समाधि पर फूल चढ़ाए और
प्रार्थना की.
इससे पहले नरेंद्र मोदी ने एक ट्वीट करते हुए
स्वतंत्रता दिवस की शुभकामना भी दी थी.
पीएम मोदी ने अपने पोस्ट में लिखा कि सभी देशवासियों को स्वतंत्रता दिवस की ढेरों शुभकामनाएं, जय हिंद.
आज यानी 15 अगस्त को भारत अपना 78वां स्वतंत्रता दिवस
मना रहा है.
डब्लयूएचओ ने एमपॉक्स बीमारी को बताया ग्लोबल हेल्थ इमरजेंसी
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इमेज कैप्शन, अफ़्रीका में तेज़ी से फैल रही एमपॉक्स बीमारी (सांकेतिक तस्वीर)
विश्व स्वास्थ्य संगठन ने अफ़्रीका के कुछ हिस्सों
में फैल रही एमपॉक्स बीमारी के चलते सार्वजनिक स्वास्थ्य आपातकाल का एलान किया है.
संगठन ने इस बीमारी को अंतरराष्ट्रीय चिंता का विषय भी बताया है.
एमपॉक्स एक संक्रामक बीमारी है, जिसेपहले
मंकीपॉक्स के नाम से भी जाना जाता था. अफ़्रीकी देश कॉन्गो में इस बीमारी के शुरुआती
दौर में ही 450 से भी ज़्यादा लोगों की जान जा चुकी है.
अब यह बीमारी मध्य और पूर्वी अफ़्रीका में तेज़ी से
फैल रही है. बीमारी के तेज़ी से फैलते नए वैरिएंट और ज़्यादा मृत्यु दर पर
वैज्ञानिकों ने अपनी चिंताएं भी ज़ाहिर की हैं.
डब्ल्यूएचओ के प्रमुख टेड्रोस एडनॉम घेब्रेयेसस ने
अफ़्रीका और उसके बाहर इस बीमारी के फ़ैलने की आशंकाओं पर अपनी चिंता ज़ाहिर की
है.
उन्होंने कहा, “अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सहयोग से ही
इस बीमारी को रोका जा सकता है और लोगों की जान बचाई जा सकती है.”
एमपॉक्स बीमारी लोगों के नज़दीकी संपर्क, जैसे कि शारीरिक
संबंध, छूने और एक दूसरे के क़रीब आकर बात करने या सांस लेने से फैल सकती है.
इस बीमारी में जुकाम जैसे लक्षण दिखाई पड़ते हैं. साथ
ही रोगियों की त्वचा पर घाव भी हो सकते हैं. इस बीमारी से जूझ रहे 100 में से चार रोगियों की मौत हो जाती है.
नमस्कार
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