पंजाब विजिलेंस ब्यूरो ने बुधवार को
शिरोमणि अकाली दल के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री बिक्रम सिंह मजीठिया के अमृतसर
और चंडीगढ़ स्थित घरों पर छापेमारी की.
बीबीसी के सहयोगी पत्रकार रविंदर सिंह रॉबिन
के अनुसार पंजाब पुलिस की विजिलेंस ब्यूरो की एक टीम बिक्रम सिंह
मजीठिया को अपने साथ ले गई है.
हालाँकि विजिलेंस टीम के किसी भी अधिकारी ने ये पुष्टि नहीं की है कि उन्हें (बिक्रम सिंह मजीठिया को) हिरासत में लिया गया है या किसी मामले में गिरफ्तार किया गया है.
पंजाब सरकार में मंत्री कुलदीप सिंह
धालीवाल ने समाचार एजेंसी एएनआई से कहा, "आज हमारी पुलिस ने अमृतसर में नौ और पूरे पंजाब में 25 जगहों पर रेड की है, जिसमें
मजीठिया के ठिकाने भी थे."
"ड्रग का जो मामला है ये बीजेपी-अकाली
की सरकार के दौरान शुरू हुआ था. उनके समय में कई ड्रग तस्कर गिरफ्तार हुए
उन्होंने मजीठिया के ख़िलाफ़ बयान दिए. लेकिन बीजेपी-अकाली सरकार ने कोई कार्रवाई
नहीं की. हमने पंजाब के लोगों से वादा किया था कि हम ड्रग तस्करों के ख़िलाफ़ कार्रवाई करेंगे."
इस छापेमारी को लेकर बिक्रम मजीठिया
ने एक वीडियो भी जारी किया जिसमें वह विजिलेंस अधिकारियों से बहस करते नजर आ रहे
हैं.
मजीठिया की पत्नी गनीव कौर ने भी
आरोप लगाया कि सतर्कता अधिकारी जबरन उनके घर में घुस आए और उन्हें धक्का भी दिया.
बुधवार की छापेमारी के बारे में बात
करते हुए मजीठिया ने सोशल मीडिया एक्स पर पोस्ट किया, जिसमें उन्होंने कहा, "मैंने आपको बहुत
पहले ही बता दिया था कि जब भगवंत मान सरकार को झूठे ड्रग मामले में मेरे ख़िलाफ़ कुछ
नहीं मिला, तो अब वह मेरे ख़िलाफ़ एक नया झूठा
मामला दर्ज करने की तैयारी कर रही है."