डोनाल्ड ट्रंप ने अब चीन से आयात पर टैरिफ़ बढ़ाकर 125% किया

ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर ये जानकारी साझा करते हुए चीन पर दुनिया के बाज़ारों के लिए सम्मान नहीं दिखाने का आरोप लगाया है.

सारांश

लाइव कवरेज

इफ़्तेख़ार अली, कीर्ति रावत और सुरभि गुप्ता

  1. शेख़ हसीना ने कहा मोहम्मद यूनुस को बांग्लादेश चलाने का संवैधानिक अधिकार नहीं

    बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख़ हसीना

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    इमेज कैप्शन, बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख़ हसीना

    बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख़ हसीना ने मंगलवार को अपनी पार्टी अवामी लीग के कार्यकर्ताओं और समर्थकों को ऑनलाइन संबोधित किया.

    इस दौरान उन्होंने बांग्लादेश में आवामी लीग पर प्रतिबंध लगाए जाने की मांग पर आपत्ति जताई.

    शेख़ हसीना इस समय भारत में हैं. बांग्लादेश में पिछले साल हुए उग्र छात्र आंदोलन के बाद अगस्त में हसीना भारत आ गई थीं. तब से बांग्लादेश उनके प्रत्यर्पण की मांग करता रहा है.

    इससे पहले भी शेख़ हसीना अपनी पार्टी के कार्यकर्ताओं को ऑनलाइन माध्यम से संबोधित करती रही हैं.

    मंगलवार को क्या कहा?

    शेख़ हसीना ने अपने संबोधन में कहा, "किसी को भी ये नहीं भूलना चाहिए कि बंगबंधु शेख़ मुजीब ने अवामी लीग के ज़रिए बंगाल के लोगों को एकजुट किया था और देश को स्वतंत्रता दिलाई थी."

    शेख़ हसीना ने अपने लाइव सेशन के दौरान बांग्लादेश की अंतरिम सरकार के प्रमुख सलाहकार मोहम्मद यूनुस पर भी निशाना साधा.

    उन्होंने कहा कि मोहम्मद यूनुस के पास देश चलाने के लिए कोई संवैधानिक आधार या जनादेश नहीं है. शेख़ हसीना ने आरोप लगाया कि मोहम्मद यूनुस ने विदेशी धन के ज़रिए एक 'सुनियोजित योजना' के तहत सत्ता हासिल की.

    शेख़ हसीना ने बांग्लादेश में अवामी लीग पर प्रतिबंध की मांग करने वालों पर भी बयान दिया है. हसीना ने कहा कि ऐसी मांग करने वालों की हिम्मत उन्हें हैरान करती है.

    शेख़ हसीना ने कहा, "उन्हें यह नहीं सोचना चाहिए कि मैंने सब कुछ छोड़कर देश छोड़ दिया है. संविधान के अनुसार, जनता के चुने हुए प्रतिनिधि और संसद सदस्यों के चुने हुए उम्मीदवार के रूप में मैं बांग्लादेश की प्रधानमंत्री हूं. उनकी सत्ता (मोहम्मद यूनुस की अंतरिम सरकार) की कोई वैधता नहीं है."

    शेख़ हसीना के भाषण पर बांग्लादेश की ओर से फ़िलहाल कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है.

  2. ट्रंप ने कहा कि अमेरिका जल्द ही दवाइयों पर भी लगाएगा टैरिफ़

    डोनाल्ड ट्रंप

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    इमेज कैप्शन, पिछले हफ़्ते टैरिफ़ का एलान करते समय ट्रंप ने दवाइयों को टैरिफ़ के दायरे से बाहर रखा था

    अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने वॉशिंगटन डीसी में एक कार्यक्रम के दौरान भाषण देते हुए कहा कि अमेरिका दवाइयों पर टैरिफ़ लगाने वाला है.

    उन्होंने कहा, "हम एक ज़रूरी क़दम उठाने जा रहे हैं. जब हम दवाइयों पर टैरिफ़ लगाएंगे, तो विदेशी कंपनियां अमेरिका में दवा बनाने के लिए वापस लौटेंगी, क्योंकि अमेरिका सबसे बड़ा बाज़ार है."

    ट्रंप ने दावा किया है कि इससे दवा कंपनियों पर दबाव पड़ेगा. जिससे वो कंपनियां चीन जैसे देशों से अपना कारोबार हटाकर अमेरिका में फैक्ट्रियां लगाएंगी, ताकि वे अमेरिका में दवाइयां बेच सकें.

    पहले दवाइयों पर नहीं लगा था टैरिफ़

    पिछले हफ़्ते टैरिफ़ की घोषणा के दौरान ट्रंप ने दवाइयों पर छूट दी थी. लेकिन ट्रंप पहले ये कहते आ रहे हैं कि वो दवाइयों पर अलग से टैरिफ़ लगाएंगे.

    दुनिया में सबसे ज्यादा दवाइयां चीन, भारत और यूरोप में बनती हैं.

    कुछ विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि अगर दवाइयों में इस्तेमाल होने वाली सामग्री पर टैरिफ़ लगा दी गई, तो आम लोगों के लिए दवाइयों की कीमतें बढ़ सकती हैं.

    इस फ़ैसले का भारत के जेनेरिक फ़ार्मा उद्योग पर भी असर पड़ सकता है.

  3. अमेरिका ने चीन पर 104 फ़ीसदी टैरिफ़ लगाया

    चीन और अमेरिका के बीच ट्रेड वॉर

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    इमेज कैप्शन, अमेरिका ने चीन पर टैरिफ़ की दर बढ़ाई

    अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चीन पर 50 फ़ीसदी अतिरिक्त टैरिफ़ लगा दिया है. अब चीन पर कुल टैरिफ़ 104 फ़ीसदी हो गया है. यानी अमेरिका पहुँचने वाले चीनी सामान पर अब 104 फ़ीसदी आयात शुल्क लगेगा.

    अमेरिकी राष्ट्रपति के कार्यालय व्हाइट हाउस की ओर से जारी किए गए एक दस्तावेज़ में इसकी पुष्टि की गई है.

    व्हाइट हाउस के बयान में कहा गया है कि 'चीन की अमेरिका के ख़िलाफ़ जवाबी कार्रवाई की घोषणा के बाद ये क़दम उठाया गया है.'

    अपने दूसरे कार्यकाल की शुरुआत में ही ट्रंप ने चीन पर 20 फ़ीसदी टैरिफ़ लगाया था. इसके बाद जब ट्रंप ने सारी दुनिया पर टैरिफ़ की घोषणा की तो चीन पर 34 फ़ीसदी टैरिफ़ और लगाया गया. अब लगे 50 फ़ीसदी टैरिफ़ के बाद कुल आयात शुल्क 104 फ़ीसदी हो गया है.

    ट्रंप ने सोमवार को ही कह दिया था कि अगर चीन ने अमेरिकी सामान पर आयात शुल्क लगाने के फ़ैसले को वापस नहीं लिया तो वह चीन पर 50 फ़ीसदी टैरिफ़ और लगा देगा.

    ट्रंप के बयान पर चीन के वाणिज्य मंत्रालय ने कहा कि वो अमेरिकी 'ब्लैकमेल को स्वीकार नहीं करेगा' और इसके ख़िलाफ़ अंत तक लड़ेगा.

  4. नमस्कार!

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