शेख़ हसीना ने कहा मोहम्मद यूनुस को बांग्लादेश चलाने का संवैधानिक अधिकार नहीं

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बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख़ हसीना ने मंगलवार को अपनी पार्टी अवामी लीग के कार्यकर्ताओं और समर्थकों को ऑनलाइन संबोधित किया.
इस दौरान उन्होंने बांग्लादेश में आवामी लीग पर प्रतिबंध लगाए जाने की मांग पर आपत्ति जताई.
शेख़ हसीना इस समय भारत में हैं. बांग्लादेश में पिछले साल हुए उग्र छात्र आंदोलन के बाद अगस्त में हसीना भारत आ गई थीं. तब से बांग्लादेश उनके प्रत्यर्पण की मांग करता रहा है.
इससे पहले भी शेख़ हसीना अपनी पार्टी के कार्यकर्ताओं को ऑनलाइन माध्यम से संबोधित करती रही हैं.
मंगलवार को क्या कहा?
शेख़ हसीना ने अपने संबोधन में कहा, "किसी को भी ये नहीं भूलना चाहिए कि बंगबंधु शेख़ मुजीब ने अवामी लीग के ज़रिए बंगाल के लोगों को एकजुट किया था और देश को स्वतंत्रता दिलाई थी."
शेख़ हसीना ने अपने लाइव सेशन के दौरान बांग्लादेश की अंतरिम सरकार के प्रमुख सलाहकार मोहम्मद यूनुस पर भी निशाना साधा.
उन्होंने कहा कि मोहम्मद यूनुस के पास देश चलाने के लिए कोई संवैधानिक आधार या जनादेश नहीं है. शेख़ हसीना ने आरोप लगाया कि मोहम्मद यूनुस ने विदेशी धन के ज़रिए एक 'सुनियोजित योजना' के तहत सत्ता हासिल की.
शेख़ हसीना ने बांग्लादेश में अवामी लीग पर प्रतिबंध की मांग करने वालों पर भी बयान दिया है. हसीना ने कहा कि ऐसी मांग करने वालों की हिम्मत उन्हें हैरान करती है.
शेख़ हसीना ने कहा, "उन्हें यह नहीं सोचना चाहिए कि मैंने सब कुछ छोड़कर देश छोड़ दिया है. संविधान के अनुसार, जनता के चुने हुए प्रतिनिधि और संसद सदस्यों के चुने हुए उम्मीदवार के रूप में मैं बांग्लादेश की प्रधानमंत्री हूं. उनकी सत्ता (मोहम्मद यूनुस की अंतरिम सरकार) की कोई वैधता नहीं है."
शेख़ हसीना के भाषण पर बांग्लादेश की ओर से फ़िलहाल कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है.


