उदयपुर में छात्रों की लड़ाई के बाद हुए तनाव पर क्या बोले एडीजीपी लॉ एंड ऑर्डर

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राजस्थान के उदयपुर में शुक्रवार की सुबह सरकारी स्कूल के दो छात्रों के बीच विवाद के चलते शहर में तनाव फैल गया. दोनों ही छात्र नाबालिग़ हैं.
यह विवाद स्कूल में लंच ब्रेक के दौरान एक छात्र के दूसरे छात्र को चाकू मारने के चलते शुरू हुआ. घायल छात्र को गंभीर हालत में अस्पताल पहुंचाया गया.
वहीं शहर में आगज़नी और पथराव की वजह से कई मुख्य बाज़ार बंद रहे और कुछ इलाक़ों में निषेधाज्ञा लागू करनी पड़ी.
घटना के बाद शुरू हुए विरोध प्रदर्शन के दौरान कई गाड़ियों में आग लगा दी गई और पथराव किया गया. अस्पताल के बाहर भी बड़ी संख्या में लोग एकजुट हो गए.
उदयपुर की घटना पर राजस्थान के एडिशनल डायरेक्टर जनरल ऑफ पुलिस (एडीजीपी लॉ एंड ऑर्डर) विशाल बंसल ने कहा, “उदयपुर में जो घटना घटित हुई उसके बाद कुछ शरारती तत्वों ने शहर में उपद्रव किया. जैसे ही हमें इसकी सूचना मिली हमने उदयपुर पुलिस को सहायता उपलब्ध करवाई.”
एडीजी के मुताबिक़, “सुबह घटना होते ही आरएसी (राजस्थान आर्म्ड कांस्टेबुलरी) की दो कंपनी मुहैया कराई गई. साथ ही उदयपुर के आसपास के ज़िले जैसे राजसमंद और चित्तौड़गढ़ के वे अधिकारी जो उदयपुर से परिचित हैं उनको भी शहर में तैनात किया है."
एडीजी ने कहा कि अभी हालात काबू में हैं. बीच में जब भीड़ घटनास्थल से लौट रही थी तो उनमें कुछ शरारती तत्वों ने जो कुछ भी किया उसके बाद पुलिस हर जगह मौजूद है, हमारी फ़ोर्स भी पहुंच चुकी है. हमने अतिरिक्त फ़ोर्स का इंतज़ाम करके भी रखा है.
इस घटना पर पूर्व सीएम अशोक गहलोत ने प्रतिक्रिया देते हुए लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है.
उन्होंने बयान जारी कर कहा, "उदयपुर में बने सांप्रदायिक तनाव के हालात चिंताजनक हैं. मैं सभी वर्ग के लोगों से अपील करता हूं कि शांति बनाए रखें एवं अफ़वाहों पर ध्यान ना दें."

