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इसराइल-हमास जंग: हमास बोला, युद्धविराम पर नहीं बनी बात

फ़लस्तीनी सशस्त्र गुट हमास ने कहा है कि इसराइल-ग़ज़ा युद्धविराम एक छलावा है.

सारांश

  • विनेश फोगाट पेरिस ओलंपिक के बाद भारत पहुंचीं, कहा- हमारे अपनों ने हमें गोल्ड से भी ऊपर नवाज़ा है.
  • इसराइली हमले से लेबनान में कम से कम 10 लोगों की हुई मौत.
  • कर्नाटक के राज्यपाल थावरचंद गहलोत ने सीएम सिद्धारमैया के ख़िलाफ़ मुक़दमा चलाने की मंज़ूरी दे दी है.
  • कोलकाता रेप केस: आईएमए की हड़ताल, दिन भर बंद रहेंगी ओपीडी और सर्जरी की सेवाएं
  • कोलकाता रेप केस: स्वास्थ्य मंत्रालय ने डॉक्टरों को दिया सुरक्षा का भरोसा.

लाइव कवरेज

सौरभ यादव

  1. उदयपुर में छात्रों की लड़ाई के बाद हुए तनाव पर क्या बोले एडीजीपी लॉ एंड ऑर्डर

    राजस्थान के उदयपुर में शुक्रवार की सुबह सरकारी स्कूल के दो छात्रों के बीच विवाद के चलते शहर में तनाव फैल गया. दोनों ही छात्र नाबालिग़ हैं.

    यह विवाद स्कूल में लंच ब्रेक के दौरान एक छात्र के दूसरे छात्र को चाकू मारने के चलते शुरू हुआ. घायल छात्र को गंभीर हालत में अस्पताल पहुंचाया गया.

    वहीं शहर में आगज़नी और पथराव की वजह से कई मुख्य बाज़ार बंद रहे और कुछ इलाक़ों में निषेधाज्ञा लागू करनी पड़ी.

    घटना के बाद शुरू हुए विरोध प्रदर्शन के दौरान कई गाड़ियों में आग लगा दी गई और पथराव किया गया. अस्पताल के बाहर भी बड़ी संख्या में लोग एकजुट हो गए.

    उदयपुर की घटना पर राजस्थान के एडिशनल डायरेक्टर जनरल ऑफ पुलिस (एडीजीपी लॉ एंड ऑर्डर) विशाल बंसल ने कहा, “उदयपुर में जो घटना घटित हुई उसके बाद कुछ शरारती तत्वों ने शहर में उपद्रव किया. जैसे ही हमें इसकी सूचना मिली हमने उदयपुर पुलिस को सहायता उपलब्ध करवाई.”

    एडीजी के मुताबिक़, “सुबह घटना होते ही आरएसी (राजस्थान आर्म्ड कांस्टेबुलरी) की दो कंपनी मुहैया कराई गई. साथ ही उदयपुर के आसपास के ज़िले जैसे राजसमंद और चित्तौड़गढ़ के वे अधिकारी जो उदयपुर से परिचित हैं उनको भी शहर में तैनात किया है."

    एडीजी ने कहा कि अभी हालात काबू में हैं. बीच में जब भीड़ घटनास्थल से लौट रही थी तो उनमें कुछ शरारती तत्वों ने जो कुछ भी किया उसके बाद पुलिस हर जगह मौजूद है, हमारी फ़ोर्स भी पहुंच चुकी है. हमने अतिरिक्त फ़ोर्स का इंतज़ाम करके भी रखा है.

    इस घटना पर पूर्व सीएम अशोक गहलोत ने प्रतिक्रिया देते हुए लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है.

    उन्होंने बयान जारी कर कहा, "उदयपुर में बने सांप्रदायिक तनाव के हालात चिंताजनक हैं. मैं सभी वर्ग के लोगों से अपील करता हूं कि शांति बनाए रखें एवं अफ़वाहों पर ध्यान ना दें."

  2. यूक्रेनी सेना का रूस के कुर्स्क इलाक़े में एक और बड़ा हमला, एक ख़ास पुल को किया ध्वस्त

    यूक्रेन ने रूस के कुर्स्क इलाक़े में अपने हमले को जारी रखते हुए सीम नदी पर बने एक पुल को ध्वस्त कर दिया है.

    रूसी अधिकारियों के हवाले से इस हमले पर कहा गया है कि ग्लुशकोवो शहर के पास यूक्रेनी सेना के इस ऑपरेशन से शहर का एक हिस्से का संपर्क बाकी जगहों से कट गया है.

    यूक्रेनी सेना ने जिस पुल को ध्वस्त किया है उसका इस्तेमाल रूसी सैनिकों को ज़रूरी सामान की सप्लाई के लिए किया जाता था. लेकिन अब पुल के गिराए जाने से इसमें रुकावट आ सकती है.

    वहीं यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमिर ज़ेलेंस्की ने कहा कि हमारे सैनिक कुर्स्क में अपनी स्थिति मज़बूत कर रहे हैं.

    ज़ेलेंस्की के मुताबिक़ कुर्स्क इलाक़े के बदले वे रूस से यूक्रेनी क्षेत्र में किए गए कब्ज़ों को छोड़ने की मांग भी कर सकते हैं.

    इससे पहले यूक्रेन के शीर्ष कमांडर ओलेक्सांद्र सिर्स्की ने बताया था कि यूक्रेनी सेना ने रूस के कुर्स्क इलाक़े में अपना सैन्य दफ़्तर बना लिया है.

    ओलेक्सांद्र सिर्स्की के मुताबिक़ इसी दफ़्तर से सेना रूस पर हमला जारी रखे हुए है. सोशल मीडिया पर पोस्ट किए गए एक वीडियो में जनरल सिर्स्की को यह कहते हुए सुना जा सकता है कि यह ऑफ़िस उस इलाक़े में बनाया गया है जहां पर यूक्रेन का नियंत्रण है.

    वहीं रूसी रक्षा मंत्री आंद्रेई बेलौसोव ने यूक्रेन के इस क़दम पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि हम कुर्स्क क्षेत्र के लोगों की सुरक्षा के लिए ज़रूरी क़दम उठाएंगे.

    यूक्रेन ने गुरुवार को रूसी इलाक़ों में बढ़त हासिल करने का दावा भी किया. जनरल सिर्स्की के मुताबिक़ यूक्रेनी सैनिक कुर्स्क क्षेत्र में 35 कि.मी. तक अंदर घुस चुके हैं. वे 82 बस्तियों सहित, 1150 वर्ग कि.मी. क्षेत्र पर अपना कब्ज़ा जमा चुके हैं.

    यूक्रेन का यह अभी तक रूस पर सबसे ख़तरनाक हमला है. लेकिन यूक्रेन का कहना है कि उनकी दिलचस्पी रूसी इलाक़ों पर कब्ज़ा करने की नहीं है.

  3. नमस्कार

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