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दुनिया भर के नेताओं से मिल रहे बधाई संदेशों पर पीएम मोदी ने दिया जवाब

तीसरे कार्यकाल के लिए मोदी सरकार के चुने जाने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को दुनिया भर के कई नेता बधाई संदेश भेज रहे हैं. पीएम मोदी ने इन बधाई संदेशों का जवाब दिया है.

सारांश

  • ओडिशा में हार के बाद मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने राज्यपाल को सौंपा इस्तीफ़ा
  • टी-20 वर्ल्ड कप के पहले मुक़ाबले में भारत ने आयरलैंड से टॉस जीतकर पहले गेंदबाज़ी चुनी
  • अरविंद केजरीवाल की अंतरिम ज़मानत याचिका को दिल्ली की अदालत ने ठुकराया
  • लोकसभा और विधानसभा चुनाव में जीत हासिल करने के बाद टीडीपी नेता चंद्रबाबू नायडू ने पीएम नरेंद्र मोदी का शुक्रिया अदा किया है.
  • उत्तर प्रदेश में 37 लोकसभा सीटें जीतने के बाद समाजवादी पार्टी के नेता अखिलेश यादव ने इसे संविधान, लोकतंत्र और आरक्षण बचाने की मुहिम की जीत बताया

लाइव कवरेज

प्रवीण और प्रियंका

  1. मेनका गांधी की सुल्तानपुर लोकसभा सीट से कैसा नतीजा रहा?

    बीजेपी नेता मेनका गांधी उत्तर प्रदेश की सुल्तानपुर लोकसभा सीट से चुनाव हार गई हैं.

    सुल्तानपुर लोकसभा सीट से समाजवादी पार्टी के रामभुआल निषाद ने जीत दर्ज की.

    रामभुआल निषाद को 4,44,330 वोट मिले और वह 43,174 वोट से जीत हासिल करने में कामयाब रहे.

    वहीं मेनका गांधी 4,01,156 वोट पाकर दूसरे स्थान पर रहीं.

    2019 के लोकसभा चुनाव में मेनका गांधी ने सुल्तानपुर लोकसभा सीट पर जीत हासिल की थी.

    2014 के लोकसभा चुनाव में मेनका गांधी के बेटे वरुण गांधी उत्तर प्रदेश की सुल्तानपुर सीट से सांसद चुने गए थे.

    हालांकि 2019 में बीजेपी ने वरुण गांधी को पीलीभीत लोकसभा सीट से चुनाव लड़वाया था.

    लेकिन इस बार बीजेपी ने वरुण गांधी को पीलीभीत से टिकट नहीं दिया.

    मेनका गांधी 8 बार लोकसभा सांसद चुनी गई हैं. यह तीसरा मौका है जब लोकसभा चुनाव में मेनका गांधी को हार का सामना करना पड़ा है.

  2. नगीना सीट से जीत दर्ज करने के बाद चन्द्रशेखर आज़ाद क्या बोले

    उत्तर प्रदेश की नगीना लोकसभा सीट से आजाद समाज पार्टी (कांशी राम) के चन्द्रशेखर आज़ाद ने जीत दर्ज की है.

    चन्द्रशेखर आज़ाद नगीना सीट पर 1,51,473 वोटों से जीत हासिल करने में कामयाब रहे.

    नगीना सीट पर चन्द्रशेखर आजाद को 5,12,552 वोट मिले. वहीं बीजेपी के ओम कुमार 3,61,079 दूसरे नंबर पर रहे. समाजवादी पार्टी के मनोज कुमार 1,02,374 वोट पाकर तीसरे स्थान पर रहे.

    बीएसपी के सुरेंद्र पाल सिंह को 13,272 वोट मिले और वह चौथे स्थान पर रहे.

    चन्द्र शेखर आजाद ने जीत हासिल करने के बाद सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर नगीना के लोगों को शुक्रिया अदा किया.

    उन्होंने लिखा, "आभार नगीना, आपका चन्द्र शेखर आजाद."

    बीएसपी नेता और मायावती के भतीजे आकाश आनंद ने लोकसभा चुनाव के दौरान चन्द्र शेखर आजाद को निशाना बनाया था.

    बिजनौर में की गई एक सभा में आकाश आनंद ने चन्द्र शेखर पर बीएसपी और 'बहुजन आंदोलन' को कमजोर करने के आरोप लगाए थे.

    हालांकि लोकसभा चुनाव के बीच ही मायावती ने आकाश आनंद को नेशनल को-ऑर्डिनेटर के पद से हटा दिया था.

  3. बीएसपी को एक सीट पर भी नहीं मिली जीत, यूपी में वोट शेयर में भारी गिरावट

    18वें लोकसभा चुनाव में मायावती की बहुजन समाज पार्टी को एक भी सीट पर जीत नहीं मिली है.

    2019 के लोकसभा चुनाव में बीएसपी ने उत्तर प्रदेश की 10 लोकसभा सीटों पर जीत दर्ज की थी.

    उत्तर प्रदेश की सभी 80 लोकसभा सीटों पर अकेले चुनाव लड़ने वाली बीएसपी को महज़ 9.39 फ़ीसदी वोट मिले हैं. 2019 में उत्तर प्रदेश में बीएसपी का वोट शेयर 19.34 फ़ीसदी था.

    उत्तर प्रदेश में 2022 में हुए विधानसभा चुनाव में भी बीएसपी के सिर्फ एक उम्मीदवार को जीत मिली थी.

    इससे पहले 2014 के लोकसभा चुनाव में भी बीएसपी एक भी लोकसभा सीट पर जीत हासिल नहीं कर पाई थी.

    हालांकि 2019 का लोकसभा चुनाव बीएसपी ने समाजवादी पार्टी के साथ मिलकर लड़ा था और उत्तर प्रदेश से उसके 10 सांसद जीतकर लोकसभा पहुंचने में कामयाब रहे थे.

    लेकिन लोकसभा चुनाव के कुछ वक्त बाद मायावती ने अखिलेश यादव के साथ गठबंधन तोड़ लिया था.

  4. नरेंद्र मोदी क्या गठबंधन सरकार चला पाएंगे?

  5. तेलंगाना में चंद्रशेखर राव की बीआरएस का क्यों नहीं खुला खाता

    18वें लोकसभा चुनाव में तेलंगाना के पूर्व सीएम चंद्रशेखर राव की भारत राष्ट्र समिति (बीआरएस) को एक भी सीट पर जीत नहीं मिली है.

    पिछले साल राज्य में हुए विधानसभा चुनाव के मुकाबले बीआरएस का वोट शेयर गिरकर 37 से 16 फ़ीसदी पर आ गया है.

    तेलंगाना की 17 लोकसभा सीटों में से 8 पर कांग्रेस और 8 पर बीजेपी को जीत मिली है. हैदराबाद लोकसभा सीट से एआईएमआईएम के ओवैसी ने लगातार पांचवीं बार जीत दर्ज की.

    चंद्रशेखर राव 2014 में तेलंगाना का गठन होने के बाद से पिछले साल दिसंबर में हुए विधानसभा चुनाव तक राज्य के मुख्यमंत्री रहे.

    हालांकि 2023 के विधानसभा चुनाव में चंद्रशेखर राव को राज्य की सत्ता कांग्रेस के हाथों गंवानी पड़ी.

    2019 के लोकसभा चुनाव में बीआरएस को तेलंगाना की 17 में से 9 लोकसभा सीटों पर जीत मिली थी.

    लोकसभा चुनाव में बीआरएस किसी गठबंधन का हिस्सा नहीं थी और उसने अकेले ही चुनाव लड़ा था.

  6. हिमाचल प्रदेश में कांग्रेस की सरकार पर मंडरा रहा संकट टला, उपचुनाव में जीत

    हिमाचल प्रदेश की छह विधानसभा सीटों पर हुए उपचुनाव में कांग्रेस पार्टी को चार सीटों पर जीत मिली है. वहीं भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) को दो सीटों पर जीत मिली है.

    चार सीटों पर जीत मिलने के साथ ही सीएम सुखविंदर सिंह सुक्खू पर मंडरा रहा संकट टल गया है. हिमाचल प्रदेश में सत्ताधारी कांग्रेस के पास अब 38 विधायक हैं.

    हिमाचल प्रदेश में कुल 68 विधानसभा सीटें और किसी भी पार्टी के पास बहुमत हासिल करने के लिए 35 विधायकों का समर्थन होना जरूरी है.

    हिमाचल प्रदेश विधानसभा में बीजेपी के विधायकों की संख्या अब 25 से बढ़कर 27 हो गई है.

    हिमाचल प्रदेश में नवंबर 2022 में विधानसभा चुनाव हुए थे. विधानसभा चुनाव में कांग्रेस ने 40 सीटों पर जीत दर्ज कर सरकार बनाई थी.

    लेकिन इस साल की शुरुआत में कांग्रेस के 6 विधायकों की सदस्यता पार्टी के व्हिप का पालन नहीं करने की वजह से चली गई थी. इसलिए इन 6 सीटों पर उपचुनाव की जरूरत पड़ी थी.

    बीजेपी ने सभी 6 सीटों पर कांग्रेस के इन बागियों को टिकट दिया था.

    ऐसे रहे उपचुनाव के नतीजे

    • गगरेट विधानसभा सीट में कांग्रेस के राकेश कालिया को जीत मिली
    • कुटलैहड़ विधानसभा सीट में कांग्रेस के विवेक शर्मा को जीत मिली.
    • लाहौल स्पीति विधानसभा सीट कांग्रेस के अनुराधा राणा को जीत मिली.
    • सुजानपुर विधानसभा सीट से कांग्रेस के रंजीत सिंह राणा जीते.
    • बड़सर विधानसभा सीट में बीजेपी के इंद्र दत्त लखनपाल को जीत मिली.
    • धर्मशाला विधानसभा सीट से बीजेपी के सुधीर शर्मा को जीत मिली.
  7. किंग मेकर बनने के बाद चंद्रबाबू नायडू ने क्या कहा

    लोकसभा चुनाव में चंद्रबाबू नायडू की तेलुगू देशम पार्टी (टीडीपी) किंग मेकर बनकर उभरी है. चंद्रबाबू नायडू की अगुवाई वाला गठबंधन विधानसभा चुनाव में भी जीत हासिल करके राज्य की सत्ता में वापसी करने में कामयाब हुआ है.

    इस जीत के बाद टीडीपी के मुखिया चंद्रबाबू नायडू ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का शुक्रिया अदा किया है.

    चंद्रबाबू नायडू ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, "आंध्र प्रदेश जीत गया है. आंध्र प्रदेश के लोग जीत गए हैं. मैं शुक्रगुजार हूं. टीडीपी, जेएसपी और बीजेपी के गठबंधन को लोगों ने सेवा करने का मौका दिया है. अब हमें राज्य को दोबारा खड़ा करना है."

    "मैं पीएम नरेंद्र मोदी, अमित शाह, जेपी नड्डा का आंध्र प्रदेश को लेकर उनकी प्रतिबद्धता के लिए शुक्रिया अदा करता हूं."

    चंद्रबाबू नायडू ने कहा, "यह जीत अद्भूत है. जो परिणाम आए हैं वो हमारे नेताओं और कार्यकर्ताओं की मेहनत का नतीजा हैं. उन्होंने तब तक बहादुरी से लड़ाई लड़ी जब तक आखिरी वोट डाला नहीं गया."

    "मैं सभी का दिल से शुक्रिया अदा करता हूं."

    लोकसभा चुनाव से ठीक पहले चंद्रबाबू नायडू की टीडीपी ने आंध्र प्रदेश में बीजेपी और पवन कल्याण की जेएसपी के साथ गठबंधन किया था. चंद्रबाबू नायडू ने 25 में से 17 लोकसभा सीटों पर चुनाव जीता और वह 16 सीटों पर जीत दर्ज करने में कामयाब रहे हैं. बीजेपी को तीन और जेएसपी को दो सीटों पर जीत मिली है.

    वहीं विधानसभा चुनाव में टीडीपी की अगुवाई वाले गठबंधन को 175 में से 164 सीटों पर जीत मिली है. अकेले टीडीपी 135 सीटें जीतने में कामयाब रही है.

  8. नमस्कार

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