होर्मुज़ स्ट्रेट में फंसे 11 हज़ार नाविकों को बाहर निकालेगा संयुक्त राष्ट्र, ओलिविया आयरलैंड

इमेज स्रोत, Getty Images
संयुक्त राष्ट्र का अंतरराष्ट्रीय समुद्री संगठन (आईएमओ) खाड़ी क्षेत्र में फंसे 11 हज़ार से अधिक नाविकों को निकालने की तैयारी कर रहा है. ये नाविक अमेरिका-इसराइल और ईरान के बीच हुए युद्ध की वजह से वहां फंस गए थे.
आईएमओ के महासचिव आर्सेनियो डोमिंगुएज़ ने कहा, "यह बड़े पैमाने का अभियान, ईरान, ओमान, अमेरिका और क्षेत्र के अन्य तटीय देशों के सहयोग से किया जाएगा."
पिछले हफ़्ते एक अंतरिम समझौता(एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए थे ताकि संघर्ष समाप्त हो सके, लेकिन अमेरिका और ईरान के बीच अभी भी कुछ चीज़ों को लेकर विवाद है.
अमेरिका ने कहा है कि इस एमओयू में यह गारंटी शामिल है कि ईरान के परमाणु कार्यक्रम की निगरानी अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (आईएईए) द्वारा की जाएगी.
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मंगलवार को सोशल मीडिया पर लिखा: "ईरान ने पूरी तरह और अंतिम रूप से भविष्य में उच्च स्तरीय परमाणु निरीक्षणों को स्वीकार कर लिया है. इससे ‘परमाणु ईमानदारी’ सुनिश्चित होगी."
ट्रंप की पोस्ट से थोड़ी देर पहले ईरान ने कहा था कि संयुक्त राष्ट्र की यह निगरानी संस्था उन परमाणु स्थलों का निरीक्षण नहीं कर पाएगी, जिन्हें पिछले साल अमेरिका और इसराइल ने बमबारी करके नष्ट कर दिया था.
इसके जवाब में एक अमेरिकी अधिकारी ने कहा, "ईरानियों ने अपने परमाणु हथियार कार्यक्रम के अवशेषों पर आईएईए निरीक्षणों पर सहमति दी है. ईरानी शासन अपने नागरिकों के लिए जो कहना है वो कहे."
ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान ने मंगलवार को पाकिस्तान दौरे के दौरान कहा, "ईरान किसी भी परिस्थिति में, किसी के साथ भी, अपनी रक्षा क्षमताओं पर कभी बातचीत नहीं करेगा."
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने पेजेश्कियान के साथ प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि अमेरिका और ईरान के बीच बैलिस्टिक मिसाइलों पर कोई चर्चा नहीं हुई और यह बिल्कुल भी चर्चा का विषय नहीं था.
उन्होंने यह भी कहा कि एमओयू में बैलिस्टिक मिसाइलों का कोई ज़िक्र नहीं है और वह इस बात को “बिना किसी भ्रम के स्पष्ट” करना चाहते हैं.



