ऑस्ट्रेलिया ने ईरान के आईआरजीसी के ख़िलाफ़ की ये बड़ी घोषणा

ऑस्ट्रेलिया की ख़ुफ़िया एजेंसी एएसआईओ के एक आकलन के बाद ही यह फ़ैसला लिया गया है. एएसआईओ के अनुसार आईआरजीसी ने ऑस्ट्रेलिया के यहूदी समुदाय के ख़िलाफ़ हमले किए.

सारांश

लाइव कवरेज

इफ़्तेख़ार अली

  1. ऑस्ट्रेलिया ने ईरान के आईआरजीसी के ख़िलाफ़ की ये बड़ी घोषणा

    ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर

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    इमेज कैप्शन, ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर के सदस्य (सांकेतिक तस्वीर)

    ऑस्ट्रेलिया ने गुरुवार को ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर (आईआरजीसी) को राष्ट्र समर्थित 'आतंकवाद का समर्थक' घोषित किया है.

    ऑस्ट्रेलिया की ख़ुफ़िया एजेंसी एएसआईओ के एक आकलन के बाद ही यह फ़ैसला लिया गया है. एएसआईओ के अनुसार आईआरजीसी ने ऑस्ट्रेलिया के यहूदी समुदाय के ख़िलाफ़ हमले किए.

    ऑस्ट्रेलिया के विदेश मंत्रालय, गृह मंत्रालय और अटॉर्नी जनरल की तरफ से जारी किए गए साझा बयान में कहा गया है कि एएसआईओ के आकलन में ये कहा गया है कि सिडनी के लुई कॉन्टिनेंटल किचन पर अक्तूबर 2024 और मेलबर्न के अडास इसराइल साइनागॉग पर दिसंबर 2024 में हमले हुए थे.

    विदेश मंत्रालय ने कहा है कि ये हमले ऑस्ट्रेलिया के बहुसांस्कृतिक समाज में विभाजन पैदा करने के मक़सद से किए गए थे और इनका मक़सद डर पैदा करना था.

    ऑस्ट्रेलिया की विदेश मंत्री पेनी वॉन्ग

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    इमेज कैप्शन, ऑस्ट्रेलिया की विदेश मंत्री पेनी वॉन्ग

    ऑस्ट्रेलिया ने 2025 में आपराधिक संहिता में संशोधन करके राष्ट्र समर्थित आतंकवाद को इसके दायरे में लिया था. इन बदलावों के बाद सरकार राष्ट्र समर्थित आतंकवाद के ख़िलाफ़ क़दम उठा सकती है.

    इस नए फ्रेमवर्क के तहत आईआरजीसी पहला ऐसा बल है जिसे ऑस्ट्रेलिया ने इस सूची में शामिल किया है. इसमें आईआरजीसी के शामिल होने के बाद अब उसके साथ हर तरह के लेन-देन को अपराध करार दिया जाएगा.

    आईआरजीसी ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर है. ये 1979 की इस्लामी क्रांति के बाद स्थापित एक शक्तिशाली सैन्य बल है जिसका मक़सद ईरान की क्रांति और उपलब्धियों की रक्षा करना है.

    यह ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्लाह अली ख़ामेनेई को सीधे रिपोर्ट करता है तथा अपनी सेना, नौसेना, वायुसेना और ख़ुफ़िया इकाइयों के माध्यम से आंतरिक-बाहरी ख़तरों से निपटता है.

  2. दक्षिण अफ़्रीका के ख़िलाफ़ टेस्ट सिरीज़ हारने के बाद पंत बोले, हम उम्मीदों पर खरे नहीं उतर सके

    ऋषभ पंत

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    इमेज कैप्शन, दक्षिण अफ़्रीका के ख़िलाफ़ टेस्ट सिरीज़ में हार के बाद ऋषभ पंत ने क्रिकेट प्रेमियों से मांफी मांगी है

    भारतीय क्रिकेट टीम के खिलाड़ी ऋषभ पंत ने दक्षिण अफ़्रीका के ख़िलाफ़ टेस्ट सिरीज़ में हार के बाद सोशल मीडिया पर खेल प्रेमियों से माफी मांगी है.

    ऋषभ पंत ने अपने सोशल मीडिया हैंडल पर लिखा, "इस बात से कोई इनकार नहीं कर सकता कि हमने पिछले दो हफ़्तों में अच्छा क्रिकेट नहीं खेला."

    दक्षिण अफ़्रीका के ख़िलाफ़ टेस्ट सिरीज़ में कप्तान शुभमन गिल के चोटिल होने के बाद ऋषभ पंत ने कप्तानी संभाली थी.

    भारतीय टीम दो मैचों की ये सिरीज़ हार गई थी.

    हार के बाद गुरुवार को ऋषभ पंत ने सोशल मीडिया पर लिखा, "एक टीम और एक व्यक्ति के तौर पर, हम हमेशा सबसे अच्छे लेवल पर परफ़ॉम करना चाहते हैं और अरबों भारतीयों के चेहरे पर मुस्कान लाना चाहते हैं."

    उन्होंने लिखा, "दुख की बात है कि हम इस बार उम्मीदों पर खरे नहीं उतर सके. लेकिन खेल आपको सीखना, ढलना और आगे बढ़ना सिखाता है."

    उन्होंने लिखा कि भारत के लिए खेल पाना उनके लिए सबसे बड़े सम्मान की बात है.

    ऋषभ पंत ने लिखा, "हम जानते हैं कि यह टीम क्या कर सकती है. हम एक टीम और एक व्यक्ति के तौर पर मज़बूत और बेहतर वापसी करने के लिए कड़ी मेहनत करेंगे. फिर से इकट्ठा होंगे, फिर से फ़ोकस करेंगे और रीसेट करेंगे."

  3. रूस से ख़तरे की आशंका में फ़्रांस ने सेना को लेकर उठाया ये क़दम, ह्यू शोफ़ील्ड, बीबीसी संवाददाता

    फ़्रांस के राष्ट्रपति

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    इमेज कैप्शन, फ़्रांस ने 25 साल पहले कॉन्स्क्रिप्शन ख़त्म कर दिया था

    रूस से ख़तरे की आशंका को देखते हुए फ़्रांस ने लिमिटेड फ़ॉर्म मिलिटरी सर्विस फिर से शुरू करने का फ़ैसला किया है.

    फ़्रांस ने लगभग ढाई दशक पहले सेना में सेवा को बाध्यकारी बनाने वाले कॉन्स्क्रिप्शन को ख़त्म कर दिया था.

    लेकिन अब अगले साल की गर्मियों से चरणबद्ध तरीके से फ़्रांसीसी सरकार एक नई "नेशनल सर्विस" लाने जा रही है.

    इस नई योजना के तहत युवाओं (मुख्य रूप से 18-19 साल के लड़के और लड़कियों) को 10 महीने सेना में गुज़ारने होंगे. इसके लिए उन्हें कम से कम 700 डॉलर (62 हज़ार रुपये) प्रति माह दिया जाएगा.

    दक्षिण पूर्वी फ़्रांस के ग्रेनोबल के पास एक सैन्य अड्डे पर इस योजना की घोषणा करते हुए राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने कहा "ख़तरे से बचने का एकमात्र तरीका ये है कि हम उसके लिए तैयार रहें."

    अगले साल के लिए ये संख्या 3000 तक सीमित रखी गई है, लेकिन 2035 तक इसे बढ़ाकर 50,000 करने का उद्देश्य है.

    मौजूदा वक्त में फ़्रांस की सेना में लगभग दो लाख सैनिक हैं और 47 हज़ार रिज़र्विस्ट हैं.

    फ़्रांस का ये फ़ैसला अन्य यूरोपीय देशों के रूस की आक्रामकता के मद्देनज़र इसी तरह के क़दम उठाने के बाद आया है.

    इससे पहले बेल्जियम और नीदरलैंड्स ने वॉलंटियरी मिलिटरी सर्विस शुरू की थी. जर्मनी भी इस तरह की योजना बना रहा है.

  4. नीतीश कुमार ने बिहार में एक करोड़ सरकारी नौकरी के वादे पर क्या कहा?

    नीतीश कुमार

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    इमेज कैप्शन, बिहार के सीएम नीतीश कुमार ने कहा है कि उनकी सरकार अधिक से अधिक सरकारी नौकरी और रोज़गार देने के लिए प्रतिबद्ध है

    बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा है कि उनकी सरकार ने अगले पांच सालों में एक करोड़ युवाओं को नौकरी और रोज़गार देने का लक्ष्य निर्धारित किया है.

    अपने सोशल मीडिया हैंडल पर एक पोस्ट में नीतीश कुमार ने लिखा कि "नई सरकार के गठन के बाद हम लोगों ने अधिक से अधिक सरकारी नौकरी एवं रोज़गार के अवसर उपलब्ध करने के लिए तेज़ी से काम शुरू कर दिया है."

    इस बारे में विस्तार से बताते हुए उन्होंने लिखा, "प्रशासन के तहत आने वाले सभी विभागों, सभी प्रमंडलीय आयुक्तों, पुलिस मुख्यालय के तहत आने वाले दफ्तरों और कलेक्टरों से कहा गया है कि वो अपने यहां मौजूद रिक्त पदों की जानकारी 31 दिसंबर 2025 तक उपलब्ध कराएं."

    सीएम ने बताया, "इसके अलावा नियुक्ति आयोगों और चयन एजेंसियों को कहा गया है कि वो जनवरी 2026 में नियुक्ति के लिए पूरे साल का कैलेंडर छापें. इसमें विज्ञापन छपने की तारीख के अलावा परीक्षा की संभावित तारीख और रिज़ल्ट की तारीख बताई जाए."

    नीतीश कुमार ने लिखा, "एजेंसियों से कहा गया है कि विज्ञापन छपने की तारीख से रिज़ल्ट की तारीख में एक साल से अधिक वक्त नहीं लगना चाहिए और परीक्षा पारदर्शी तरीके़ से कराई जानी चाहिए."

    उन्होंने राज्य में ऑनलाइन परीक्षा (कम्प्यूटर बेस्ट टेस्ट) के लिए परीक्षा केंद्रों की संख्या बढ़ाए जाने की भी बात कही.

  5. वीमेन प्रीमियर लीग के ऑक्शन में अभी तक दीप्ति शर्मा के लिए सबसे बड़ी बोली

    दीप्ति शर्मा

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    इमेज कैप्शन, दीप्ति शर्मा को 3.2 करोड़ में यूपी वॉरियर्स ने फिर से खरीद लिया है

    गुरुवार को दिल्ली में महिला प्रीमियर लीग के लिए खिलाड़ियों का ऑक्शन हो रहा है.

    ऑक्शन में अब तक सबसे महंगी खिलाड़ी दीप्ति शर्मा रही हैं.

    उन्हें 3.2 करोड़ रुपये में यूपी वॉरियर्स ने वापस खरीद लिया है. इसके लिए राइट टू मैच का इस्तेमाल किया गया.

    राइट टू मैच ऑप्शन के तहत किसी खिलाड़ी पर लगी सबसे ऊंची बोली की बराबरी करके फ्रेंचाइज़ी अपनी पूर्व खिलाड़ी को फिर से टीम में शामिल कर सकती है.

    इसके बाद सबसे महंगे बोली जिन खिलाड़ियों पर लगी उनमें अमेलिया केर और सोफ़ी डेवीन हैं जिनके लिए तीन करोड़ और दो करोड़ तक की राशि दी गई.

    वीमेन प्रीमियर लीग के लिए कुल 73 जगहों के लिए कुल 277 खिलाड़ियों की नीलामी होनी है. इनमें 50 जगहों के लिए 194 भारतीय प्लेयर हैं और 23 जगहों के लिए विदेशी प्लेयर हैं.

    वीमेन प्रीमियर लीग में पांच टीमें खेलती हैं. ये हैं दिल्ली कैपिटल्स, गुजरात जायंट्स, मुंबई इंडियंस, रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु और यूपी वॉरियर्स.

  6. कार्टून: एफ़आईआर या एसआईआर

    एसआईआर के दौरान बीएलओ पर हो रही एफ़आईआर पर आज का कार्टून.

    कार्टून
  7. अमेरिका ने अफ़ग़ानों के इमिग्रेशन रिक्वेस्ट स्वीकार करना रोका, ये है वजह

    डोनाल्ड ट्रंप

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    इमेज कैप्शन, डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि उनके पूर्ववर्ती जो बाइडन के कार्यकाल में अफ़ग़ानिस्तान से आए हर एक प्रवासी की जांच की जानी चाहिए

    अमेरिका के वॉशिंगटन डीसी में गोलीबारी की घटना के बाद अमेरिका ने अफ़ग़ान नागरिकों के सभी इमिग्रेशन रिक्वेस्ट की प्रोसेसिंग को निलंबित कर दिया है.

    गोलीबारी की इस घटना में व्हाइट हाउस के नज़दीक नेशनल गार्ड के दो सदस्य गंभीर रूप से घायल हो गए.

    घटना में संदिग्ध की पहचान एक अफ़ग़ान नागरिक के रूप में की गई है.

    अमेरिकी सिटिज़नशिप और इमिग्रेशन सर्विसेज़ का कहना है कि यह फ़ैसला “सुरक्षा और जांच प्रोटोकॉल” की समीक्षा लंबित रहने तक लिया गया है.

    इससे पहले राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हमले को “आतंक की घटना” बताया और कहा कि वह उन विदेशी नागरिकों को देश से हटाने के कदम उठाएंगे “जो यहां के नहीं हैं.”

    रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने कहा है कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने वॉशिंगटन डीसी में 500 अतिरिक्त नेशनल गार्ड तैनात करने के आदेश दिए हैं.

    हमलावर के बारे में क्या पता चला?

    होमलैंड सिक्योरिटी की तरफ से जारी एक बयान में संदिग्ध की पहचान रहमानुल्ला लकनवाल के रूप में की गई है और उन्हें “अफ़ग़ानिस्तान से आया एक क्रिमिनल प्रवासी” बताया गया है.

    बयान के अनुसार अमेरिका ने 2021 में अफ़ग़ानिस्तान से अपनी सैन्य वापसी के बाद ‘ऑपरेशन एलायज़ वेलकम’ योजना के तहत हज़ारों अफ़ग़ानों को प्रवेश दिया था.

    यह कार्यक्रम पूर्व राष्ट्रपति जो बाइडन के कार्यकाल में चलाया गया था.

    29 वर्षीय रहमानुल्ला इसी के तहत सितंबर 2021 में अफ़ग़ानिस्तान से अमेरिका आया था.

    गोलीबारी के बाद ट्रंप ने कहा है कि अमेरिका को “जो बाइडन के कार्यकाल में अफ़ग़ानिस्तान से आए हर एक प्रवासी की दोबारा जांच की जानी चाहिए.”

    नेशनल गार्ड के सदस्य

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    इमेज कैप्शन, नेशनल गार्ड के सैनिक इलाक़े की निगरानी करते हुए

    कैसे हुई गोलीबारी?

    नेशनल गार्ड की तैनाती की निगरानी कर रही वॉशिंगटन जॉएंट टास्क फ़ोर्स के अनुसार ये घटना बुधवार को फ़रागुट स्क्वायर मेट्रो स्टेशन के नज़दीक हुई.

    घायल हुए दोनों सैनिक उस वक्त गश्त कर रहे थे.

    मेट्रोपॉलिटन पुलिस असिस्टेंट चीफ़ जेफ़ कैरल ने कहा है कि "संदिग्ध व्यक्ति एक कोने की तरफ से निकल कर आया और तुरंत फ़ायरिंग शुरू कर दी."

    उन्होंने कहा कि आसपास मौजूद नेशनल गार्ड के दूसरे सदस्यों ने हस्तक्षेप किया और पुलिस के आने तक संदिग्ध को घेरे रखा.

    क़ानून प्रवर्तन एजेंसियों ने सीबीएस से कहा कि संदिग्ध को चार गोलियां मारी गई हैं.

  8. हांगकांग: हाउसिंग कॉम्प्लेक्स में आग से अब तक कम से कम 55 लोगों की मौत

    हांगकांग

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    इमेज कैप्शन, अग्निशमन कर्मियों का कहना है कि उन्हें उम्मीद है कि शाम तक वो आग को नियंत्रित कर लेंगे

    हांगकांग के एक बहुमंज़िला हाउसिंग कॉम्प्लेक्स में लगी आग में मरने वालों की संख्या कम से कम 55 हो गई है.

    वहीं 100 से अधिक लोग अब भी लापता हैं. बुधवार को स्थानीय समयानुसार 2:51 बजे वांग फुक कोर्ट में आग लगी, जो हांगकांग के ताई पो ज़िले में मौजूद एक बड़ा हाउसिंग कॉम्प्लेक्स है.

    आठ इमारतों वाले इस कॉम्प्लेक्स की सात इमारतों में आग लग गई.

    अग्निशमन कर्मियों ने चार इमारतों में लगी आग पर क़ाबू पा लिया है. उन्हें उम्मीद है कि शाम तक बाकी इमारतों में लगी आग को भी नियंत्रित कर लिया जाएगा.

    इंडोनेशिया के विदेश मंत्रालय के अनुसार मरने वालों में इंडोनेशिया के दो प्रवासी मज़दूर शामिल हैं, जबकि दो घायल हैं.

    मंत्रालय ने अब तक इनकी पहचान सार्वजनिक नहीं की है. वांग फुक कोर्ट को 1983 में बनाया गया था, इसमें मौजूद हर इमारत 31 मंज़िल ऊंची है.

    2021 में हुई जनगणना के अनुसार 1 हज़ार 984 फ्लैट्स वाले इस कॉम्पलेक्स में लगभग 4 हज़ार 600 लोग रहते थे. हालांकि आग लगने के वक्त कितने लोग वहां थे इसकी जानकारी अब तक स्पष्ट नहीं है.

  9. नोएडा के बाद ग़ाज़ियाबाद में एसआईआर के काम में लगे कर्मचारियों पर मुक़दमा

    पुलिस अधिकारी

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    इमेज कैप्शन, मुक़दमा लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम 1950 की धारा 32 के तहत दर्ज किया गया है (सांकेतिक तस्वीर)

    अब उत्तर प्रदेश के ग़ाज़ियाबाद में चुनाव आयोग के आदेश पर हो रहे मतदाता सूची विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के काम में लगे बीएलओ पर मुक़दमा दर्ज किया गया है.

    ये मुक़दमा लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम 1950 की धारा 32 के तहत दर्ज हुआ है.

    सिहानी गेट थाने में दर्ज कराई गई इस एफ़आईआर में कुल 21 कर्मचारियों को नामजद किया गया है जिनमें शिक्षक, नगर निगम, ग़ाज़ियाबाद विकास प्राधिकरण और आंगनवाड़ी कार्यकर्ता भी शामिल है.

    एफ़आईआर में कहा गया है कि इन कर्मचारियों ने सरकारी आदेशों का पालन नहीं किया और काम में लापरवाही की.

    एफ़आईआर के अनुसार "बीएलओ जानबूझ कर निर्वाचन संबंधी काम में घोर लापरवाही बरत रहे हैं."

    एफ़आईआर का स्क्रीनशॉट
    इमेज कैप्शन, एफ़आईआर के पहले पन्ने का स्क्रीनशॉट

    इससे पहले गौतमबुद्ध नगर (नोएडा) में 60 से अधिक कर्मचारियों के ख़िलाफ़ चार एफ़आईआर दर्ज की गईं थीं.

    बरेली और बहराइच में भी एसआईआर से जुड़े काम में लगे कर्मचारियों पर मुक़दमे दर्ज किए गए हैं.

    उत्तर प्रदेश में चुनाव आयोग के आदेश पर एसआईआर की प्रक्रिया जारी है.

    4 दिसंबर तक गणना पत्र इकट्ठा किए जाने हैं और मतदाताओं का डेटा चुनाव आयोग के सिस्टम में फीड किया जाना है.

    मंगलवार को उत्तर प्रदेश में एसआईआर के काम में लगे दो कर्मचारियों की मौत को परिवार ने आत्महत्या बताया है और शीर्ष अधिकारियों पर उत्पीड़न और दबाव के आरोप लगाए हैं.

  10. अभी तक बीबीसी संवाददाता इफ़्तेख़ार अली आप तक इस लाइव पेज के ज़रिए ख़बरें पहुंचा रहे थे.

    अब बीबीसी संवाददाता मानसी दाश रात दस बजे तक आप तक ख़बरें पहुचाएंगी.

    आप बीबीसी हिन्दी की वेबसाइट पर छपी अहम ख़बरों को उनके साथ दिए लिंक्स पर क्लिक कर विस्तार से पढ़ सकते हैं.

  11. बांग्लादेश में शेख़ हसीना को 21 साल की जेल की सज़ा

    शेख़ हसीना

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    इमेज कैप्शन, शेख़ हसीना बांग्लादेश छोड़ने के बाद से भारत में हैं

    बांग्लादेश की एक अदालत ने पूर्व प्रधानमंत्री शेख़ हसीना को सत्ता का दुरुपयोग समेत अन्य मामलों में 21 साल की जेल की सज़ा सुनाई है.

    बीबीसी न्यूज़ बांग्ला के मुताबिक़, उनकी बेटी साइमा वाज़ेद और बेटे सजीब वाज़ेद को पांच-पांच साल की जेल की सज़ा सुनाई गई है.

    फ़ैसला सुनाते समय अदालत ने कहा कि शेख़ हसीना और उनके परिवार को बिना किसी आवेदन के उनके अधिकार क्षेत्र से बाहर भूखंड आवंटित किया गया था.

    यह फ़ैसला ढाका के पांचवें विशेष न्यायाधीश मोहम्मद अब्दुल्लाह अल मामून ने सुनाया.

    इससे पहले बांग्लादेश में इंटरनेशनल क्राइम्स ट्राइब्यूनल ने पूर्व प्रधानमंत्री शेख़ हसीना को मौत की सज़ा सुनाई थी.

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  12. धर्मेंद्र के निधन पर हेमा मालिनी की पहली सार्वजनिक प्रतिक्रिया

    हेमा मालिनी

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    इमेज कैप्शन, मशहूर फ़िल्म अभिनेता धर्मेंद्र के निधन पर अभिनेत्री हेमा मालिनी ने प्रतिक्रिया दी है

    जानी-मानी अभिनेत्री और बीजेपी सांसद हेमा मालिनी ने गुरुवार को अपने दिवंगत पति धर्मेंद्र को भावुक श्रद्धांजलि दी है.

    हेमा मालिनी ने एक्स पर लिखी एक पोस्ट में कहा, ''धर्मेंद्र मेरे लिए 'सब कुछ' थे- दोस्त, फ़िलॉसफ़र, मार्गदर्शक, कवि, जिनके जाने से मेरी ज़िंदगी में ऐसी कमी आ गई है, जिसे भरा नहीं जा सकता.''

    सोमवार को 89 साल की उम्र में धर्मेंद्र के निधन के बाद यह हेमा मालिनी की पहली सार्वजनिक प्रतिक्रिया है.

    हेमा मालिनी ने उन्हें एक प्यारा पति और अपनी दोनों बेटियों ईशा और आहना को प्यार करने वाले पिता के रूप में याद किया.

    उन्होंने कहा कि अपनी सहजता और अपनापन भरे स्वभाव से उन्होंने मेरे परिवार के हर सदस्य का दिल जीता. सभी के प्रति उनका स्नेह और दिलचस्पी हमेशा दिखती थी.

    हेमा मालिनी ने लिखा, "एक पब्लिक फिगर के तौर पर उनकी लोकप्रियता के बावजूद उनका टैलेंट, उनकी दरियादिली और सभी तबकों के लोगों के बीच उनकी अपील ही उन्हें सभी महान लोगों के बीच एक अलग आइकन बनाती है."

    उन्होंने कहा, "मेरी निजी क्षति को बयान करना मुश्किल है. जो ख़ालीपन बना है, वह पूरी ज़िंदगी मेरे साथ रहेगा. इतने वर्षों की सोहबत के बाद अब मैं यादों के सहारे ही उन ख़ास पलों को दोबारा जी पाऊंगी."

  13. पीएम मोदी ने कहा- न्यूक्लियर सेक्टर को भी निजी क्षेत्र के लिए खोला जाएगा

    पीएम मोदी

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    इमेज कैप्शन, पीएम मोदी ने न्यूक्लियर सेक्टर को लेकर एक घोषणा की है

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को कहा कि सरकार न्यूक्लियर सेक्टर को प्राइवेट सेक्टर के लिए खोलने की दिशा में महत्वपूर्ण क़दम उठाने जा रही है.

    पीएम मोदी ने वीडियो कॉन्फ़्रेंसिंग के ज़रिए स्काईरूट के इन्फ़िनिटी कैंपस का उद्घाटन किया. इसी दौरान उन्होंने यह घोषणा की.

    उन्होंने कहा, "हम एक बहुत महत्वपूर्ण सेक्टर में क़दम उठाने जा रहे हैं. हम न्यूक्लियर सेक्टर को भी ओपन करने की तरफ़ आगे बढ़ रहे हैं."

    प्रधानमंत्री ने कहा, "इस सेक्टर में भी हम प्राइवेट सेक्टर की सशक्त भूमिका की नींव रखने जा रहे हैं. इससे स्मॉल मॉड्यूलर रिएक्टर्स, एडवांस रिएक्टर्स और न्यूक्लियर इनोवेशन में नए अवसर बनेंगे."

  14. निफ्टी ने तोड़ा 14 महीने का रिकॉर्ड, सेंसेक्स में भी उछाल

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    इमेज कैप्शन, सांकेतिक तस्वीर

    निफ़्टी ने गुरुवार को 26,285.95 का नया आंकड़ा छुआ है. यह 80.65 अंक या 0.31 फ़ीसदी की बढ़त है.

    लगभग 14 महीने बाद निफ़्टी ने रिकॉर्ड तेज़ी हासिल की है.

    सेंसेक्स भी शुरुआती कारोबार में तेज़ी से चढ़ा और बाज़ार खुलने के तुरंत बाद 85,843.82 के स्तर पर पहुंचा.

    निफ़्टी 50 ने दिन की शुरुआत 26,261.25 पर की, जो 55.95 अंक या 0.21 फ़ीसदी की बढ़त है. बीएसई सेंसेक्स 85,741.13 पर खुला, जो 131.62 अंक या 0.15 फ़ीसदी ऊपर था.

    मज़बूत शुरुआत की वजह से निफ़्टी अपने पुराने रिकॉर्ड के पार निकल गया. निफ़्टी ने सितंबर 2024 में छुए गए 26,277.37 के पिछले उच्च स्तर को पार कर लिया. सेंसेक्स भी सितंबर 2024 के अपने रिकॉर्ड 85,978.25 के बिल्कुल क़रीब पहुंच गया है.

  15. बिहार में शराबबंदी पर जीतन राम मांझी की ये राय

    जीतन राम मांझी

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    इमेज कैप्शन, जीतन राम मांझी ने शराबबंदी पर प्रतिक्रिया दी है

    हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा-सेक्युलर (एचएएम-एस) के प्रमुख जीतन राम मांझी ने बिहार में शराबबंदी पर कहा कि 'सरकार को इस पर ध्यान देना चाहिए'.

    जीतन राम मांझी की पार्टी बिहार की एनडीए सरकार में शामिल है और इनके बेटे मंत्री भी हैं.

    पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने शराबबंदी को 'बहुत अच्छा क़ानून' बताया है.

    मांझी ने कहा, "इससे (शराबबंदी ) बढ़कर अच्छा क़ानून हो नहीं सकता है."

    उन्होंने कहा, "हमारे घर में शराब बेची जाती थी लेकिन कुछ ऐसी घटना घटी कि मैंने अपने पिता को कहा कि शराब बंद कीजिए. शराब बंद किए इसलिए हम यहां पढ़कर आए और यहां हैं."

    मांझी ने माना कि शराबबंदी लागू करने में कहीं-कहीं गड़बड़ी है. हालांकि ये कहते वक़्त उन्होंने बिहार का ज़िक्र नहीं किया.

    उन्होंने कहा, "शराबबंदी बहुत अच्छी चीज़ है, लेकिन इसे लागू करने में कहीं-कहीं गड़बड़ी है. खासकर पदाधिकारी और ब्रोकर जैसे लोग मिलकर शराब बंदी को बदनाम कर रहे हैं. उस ओर सरकार को ध्यान देना चाहिए."

  16. पोप लियो का पहला विदेश दौरा, तुर्की और लेबनान

    पोप लियो

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    इमेज कैप्शन, चौदहवें पोप लियो इस सप्ताह अपनी पहली विदेश यात्रा करेंगे

    पोप बनने के बाद रॉबर्ट प्रीवोस्ट यानी पोप लियो अपनी पहली विदेश यात्रा शुरू कर रहे हैं. अगले छह दिनों में वह पहले तुर्की जाएंगे, जहां ईसाई धर्म से जुड़े एक कार्यक्रम में शामिल होंगे.

    इसके बाद वह लेबनान का दौरा करेंगे, जहां कुछ ही दिन पहले इसराइली हवाई हमलों ने राजधानी बेरूत को निशाना बनाया था.

    इन दोनों दौरों की योजना पहले से ही दिवंगत पोप फ़्रांसिस ने बनाई थी. लेकिन पोप लियो ने मई में चुने जाने के बाद से ही इसे अपना मुख्य एजेंडा बना लिया है.

    अपने कार्यकाल के पहले छह महीनों में वह काफ़ी संतुलन और सावधानी बरतते दिखे हैं.

  17. व्हाइट हाउस के पास हुई गोलीबारी के बाद ट्रंप ने अफ़ग़ानिस्तान के लोगों को लेकर क्या कहा

    अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप

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    इमेज कैप्शन, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि संदिग्ध 'गंभीर रूप से घायल' है

    अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने वॉशिंगटन डीसी में हुई फ़ायरिंग को लेकर एक बयान दिया है.

    उन्होंने बाइडन प्रशासन के दौरान अमेरिका में आए अफ़ग़ानिस्तान के लोगों की दोबारा जांच की बात कही है.

    राष्ट्रपति का बयान ऐसे समय में आया है, जब वॉशिंगटन डीसी में दो नेशनल गार्ड पर फ़ायरिंग की घटना हुई है.

    लॉ एन्फोर्समेंट सूत्रों ने बीबीसी के अमेरिकी साझेदार सीबीएस न्यूज़ को बताया कि संदिग्ध हमलावर अफ़ग़ान नागरिक रहमानुल्ला लकनवाल है, जो 2021 में अमेरिका आए थे.

    ट्रंप ने कहा, "अब ज़रूरी है कि अफ़ग़ानिस्तान से बाइडन प्रशासन के दौरान देश में आए हर विदेशी की दोबारा जांच हो.''

    उन्होंने आगे कहा, "हमें हर उस विदेशी को देश से हटाने के लिए सभी ज़रूरी क़दम उठाने होंगे, जो यहां रहने का हक़ नहीं रखता या देश के लिए कोई लाभ नहीं देता."

  18. ट्रंप ने कहा- दक्षिण अफ़्रीका को 2026 के जी20 समिट में न्योता नहीं मिलेगा

    ट्रंप

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    इमेज कैप्शन, डोनाल्ड ट्रंप ने इस बार दक्षिण अफ़्रीका में जी-20 समिट का बहिष्कार किया था

    अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बुधवार (26 नवंबर 2025) को कहा कि वह दक्षिण अफ़्रीका को अगले साल मियामी में होने वाले जी20 शिखर सम्मेलन में शामिल होने के लिए निमंत्रण नहीं भेजेंगे.

    साथ ही उनका कहना है कि इस साल की बैठक में अमेरिकी प्रतिनिधि के साथ हुए व्यवहार के कारण दक्षिण अफ़्रीका को दी जाने वाले 'सभी भुगतान और सहायता' बंद कर देंगे.

    ट्रंप ने हाल ही में दक्षिण अफ़्रीका में हुए जी20 शिखर सम्मेलन में अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल नहीं भेजा था.

    ट्रंप आरोप लगाते हैं कि दक्षिण अफ़्रीका में गोरे नागरिकों के ख़िलाफ़ हिंसक उत्पीड़न हो रहे हैं. हालांकि इस आरोप को दक्षिण अफ़्रीका ने 'निराधार' बताया है.

    ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म ट्रुथ सोशल पर लिखा, "जी20 के समापन पर दक्षिण अफ़्रीका ने हमारे दूतावास के वरिष्ठ प्रतिनिधि, जो समापन समारोह में मौजूद थे, को जी20 की अध्यक्षता सौंपने से इनकार कर दिया."

    उन्होंने कहा, "मेरे निर्देश पर, दक्षिण अफ्रीका को 2026 जी20 समिट के लिए निमंत्रण नहीं भेजा जाएगा, जिसका आयोजन अगले वर्ष फ्लोरिडा के शहर मियामी में किया जाएगा."

    जी-20 क्या है?

    जी-20, अपने नाम से ही साफ़ है कि यह 20 देशों का एक समूह है. साल 1999 में जब एशिया में आर्थिक संकट आया था, तब तमाम देशों के वित्त मंत्रियों और सेंट्रल बैंक के गवर्नरों ने मिलकर एक फोरम बनाने की सोची, जहाँ पर ग्लोबल इकनॉमिक और फाइनैंशियल मुद्दों पर चर्चा की जा सके.

    जी20 ग्रुप में 19 देश- अर्जेंटीना, ऑस्ट्रेलिया, ब्राज़ील, कनाडा, चीन, फ़्रांस, जर्मनी, भारत, इंडोनेशिया, इटली, जापान, रिपब्लिक ऑफ़ कोरिया, मेक्सिको, रूस, सऊदी अरब, दक्षिण अफ्रीका, तुर्किए, यूनाइटेड किंगडम और अमेरिका शामिल हैं.

    इसके साथ ही इस ग्रुप में यूरोपियन यूनियन और 2023 से अफ्रीकी संघ शामिल हैं

  19. हांगकांग के रिहायशी इलाक़े में लगी भीषण आग की अहम बातें

    हांगकांग की एक इमारत में लगी आग

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    इमेज कैप्शन, आग के कारण हज़ारों निवासी राहत शिविरों में शरण लिए हुए हैं

    हांगकांग में कई ऊंची इमारतों में लगी भीषण आग में कई लोगों की मौत हो गई और कई लापता हैं.

    अब तक क्या हुआ?

    • कम से कम 44 लोग मारे गए जबकि 45 लोग गंभीर हालत में हैं. इसके अलावा 279 लोग लापता हैं.
    • आग बुधवार को स्थानीय समयानुसार 2:51 बजे वांग फुक कोर्ट में लगी, जो हॉन्ग कॉन्ग के ताई पो ज़िले स्थित एक बड़ा हाउसिंग कॉम्प्लेक्स है.
    • तीन लोगों को गिरफ़्तार किया गया है, इनमें दो एक निर्माण कंपनी के निदेशक हैं और एक इंजीनियरिंग कंसल्टेंट है.
    • चीन के सरकारी मीडिया के मुताबिक़, राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने मृतकों के प्रति संवेदना जताई है.
    • आग लगने के कारणों की जांच अभी जारी है, लेकिन पुलिस का कहना है कि खिड़कियों को पॉलीस्टाइरीन बोर्ड से बंद पाया गया, जहां मरम्मत का काम चल रहा था. इससे आग बहुत तेज़ी से फैलने की आशंका बढ़ गई.
    • अधिकारियों का कहना है कि ऐसा लगता है कि आग बांस की मचान के ज़रिए भी तेज़ी से फैली और पास की इमारतों तक पहुंच गई.
    • आज सुबह भी कुछ टावर ब्लॉकों से धुआं उठता दिखाई दे रहा है, लेकिन आठ में से चार इमारतों में आग पर नियंत्रण पा लिया गया है.
    • दमकल विभाग का कहना है कि आग को पूरी तरह काबू करने में आज का पूरा दिन लग सकता है.
    • हांगकांग अग्निशमन सेवा विभाग ने इस आग को लेवल-5 अलार्म घोषित किया है, जो सबसे गंभीर श्रेणी है. हॉन्ग कॉन्ग में लेवल-फाइव आग लगे हुए 17 साल हो चुके हैं.
  20. व्हाइट हाउस के पास गोलीबारी में नेशनल गार्ड के दो सदस्य गंंभीर रूप से ज़ख़्मी

    काश पटेल

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    इमेज कैप्शन, एफ़बीआई निदेशक काश पटेल का कहना है कि अधिकारी इस हमले की जांच कर रहे हैं

    अमेरिका के वॉशिंगटन डीसी में फायरिंग हुई है, जिसमें दो नेशनल गार्ड के सदस्य गंभीर रूप से घायल हो गए हैं. यह जानकारी एफ़बीआई निदेशक काश पटेल ने दी है.

    अधिकारियों के मुताबिक़, हमलावर ने स्थानीय समय के अनुसार 2:15 बजे नेशनल गार्ड के सदस्यों पर गोली चलाई. यह घटना व्हाइट हाउस के पास हुई है.

    लॉ एन्फोर्समेंट सूत्रों ने बीबीसी के अमेरिकी साझेदार सीबीएस न्यूज़ को बताया कि संदिग्ध हमलावर अफ़ग़ान नागरिक रहमानुल्ला लकनवाल है, जो 2021 में अमेरिका आया था.

    मुठभेड़ के दौरान संदिग्ध भी घायल हुआ और उसे अस्पताल ले जाया गया. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि संदिग्ध 'गंभीर रूप से घायल' है.

    वहीं वेस्ट वर्जीनिया के गवर्नर पैट्रिक मॉरिसी ने पहले कहा था कि दोनों नेशनल गार्ड सदस्य मारे गए हैं, लेकिन बाद में उन्होंने लिखा कि उन्हें उनकी स्थिति को लेकर अलग-अलग ख़बरें मिल रही हैं.

    अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ के मुताबिक़, राष्ट्रपति ट्रंप ने हमले के बाद वॉशिंगटन डीसी में 500 अतिरिक्त नेशनल गार्ड तैनात करने का आदेश दिए हैं.