ऑस्ट्रेलिया ने ईरान के आईआरजीसी के ख़िलाफ़ की ये बड़ी घोषणा

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ऑस्ट्रेलिया ने गुरुवार को ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर (आईआरजीसी) को राष्ट्र समर्थित 'आतंकवाद का समर्थक' घोषित किया है.
ऑस्ट्रेलिया की ख़ुफ़िया एजेंसी एएसआईओ के एक आकलन के बाद ही यह फ़ैसला लिया गया है. एएसआईओ के अनुसार आईआरजीसी ने ऑस्ट्रेलिया के यहूदी समुदाय के ख़िलाफ़ हमले किए.
ऑस्ट्रेलिया के विदेश मंत्रालय, गृह मंत्रालय और अटॉर्नी जनरल की तरफ से जारी किए गए साझा बयान में कहा गया है कि एएसआईओ के आकलन में ये कहा गया है कि सिडनी के लुई कॉन्टिनेंटल किचन पर अक्तूबर 2024 और मेलबर्न के अडास इसराइल साइनागॉग पर दिसंबर 2024 में हमले हुए थे.
विदेश मंत्रालय ने कहा है कि ये हमले ऑस्ट्रेलिया के बहुसांस्कृतिक समाज में विभाजन पैदा करने के मक़सद से किए गए थे और इनका मक़सद डर पैदा करना था.

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ऑस्ट्रेलिया ने 2025 में आपराधिक संहिता में संशोधन करके राष्ट्र समर्थित आतंकवाद को इसके दायरे में लिया था. इन बदलावों के बाद सरकार राष्ट्र समर्थित आतंकवाद के ख़िलाफ़ क़दम उठा सकती है.
इस नए फ्रेमवर्क के तहत आईआरजीसी पहला ऐसा बल है जिसे ऑस्ट्रेलिया ने इस सूची में शामिल किया है. इसमें आईआरजीसी के शामिल होने के बाद अब उसके साथ हर तरह के लेन-देन को अपराध करार दिया जाएगा.
आईआरजीसी ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर है. ये 1979 की इस्लामी क्रांति के बाद स्थापित एक शक्तिशाली सैन्य बल है जिसका मक़सद ईरान की क्रांति और उपलब्धियों की रक्षा करना है.
यह ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्लाह अली ख़ामेनेई को सीधे रिपोर्ट करता है तथा अपनी सेना, नौसेना, वायुसेना और ख़ुफ़िया इकाइयों के माध्यम से आंतरिक-बाहरी ख़तरों से निपटता है.




















