लाइव, ओडिशा: पुरी रथयात्रा के दौरान एक की मौत, विपक्ष ने उठाए इंतज़ाम पर सवाल

मुख्यमंत्री कार्यालय के मुताबिक, "इनमें 60 वर्ष से अधिक उम्र के एक पुरुष श्रद्धालु की इलाज के दौरान मौत हो गई. उनकी मौत के सही कारण का पता लगाने के लिए संबंधित अधिकारी जांच कर रहे हैं."

सारांश

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  • 28 जून से अनशन पर हैं सोनम वांगचुक
  • मछुआरों ने हाथों से ही रेत में ये रास्ता बनाया है
  • सेमीफ़ाइनल मैच में स्पेन ने फ़्रांस को हराया है
  • एफ़िडेविट के मुताबिक प्रशांत किशोर से ज़्यादा संपत्ति उनकी पत्नी के पास है
  • रूसी मॉडल
  • सोनम वांगचुक
  • पेट्रोल पंप
  • विंबलडन
  • फ़ीफ़ा वर्ल्ड कप

लाइव कवरेज

रौनक भैड़ा, अरशद मिसाल

  1. डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के इस फ़ैसले की तारीफ़ की, बोले- अच्छा क़दम है

    डोनाल्ड ट्रंप

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    इमेज कैप्शन, ट्रंप ने गुरुवार को ईरान के कदम की सराहना करते हुए इसे ‘सद्भावना का कदम’ बताया.

    ईरान ने दिसंबर 2024 से हिरासत में रखी गई अमेरिकी-ईरानी नागरिक डेना करारी को रिहा कर दिया है.

    अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इसकी पुष्टि करते हुए कहा कि महिला अब सुरक्षित रूप से ईरान से बाहर हैं और उनकी स्थिति अच्छी है.

    ट्रंप ने गुरुवार को ईरान के इस कदम की सराहना करते हुए इसे ‘सद्भावना का कदम’ बताया.

    उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘ट्रुथ सोशल’ पर लिखा, "ईरान ने एक अमेरिकी नागरिक को देश छोड़ने की अनुमति दी है, जिसे दिसंबर 2024 में तत्कालीन राष्ट्रपति जो बाइडन के कार्यकाल के दौरान ग़लत तरीके से हिरासत में लिया गया था."

    अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा, “वह अब सुरक्षित रूप से ईरान से बाहर है और उसकी स्थिति अच्छी है. अमेरिका इस सद्भावना के कदम की सराहना करता है.”

    यह रिहाई ऐसे समय में हुई है, जब अमेरिका और ईरान के बीच तनाव बढ़ा हुआ है. दोनों देशों के बीच बढ़ते विवाद और होर्मुज़ स्ट्रेट में अमेरिकी सैन्य गतिविधियों के बीच इस घटनाक्रम को अहम माना जा रहा है.

  2. अमेरिका ने ईरान पर फिर किए हमले, डोनाल्ड ट्रंप ने दी ये चेतावनी

    अमेरिकी हमला

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    इमेज कैप्शन, सेंटकॉम ने बताया कि उसने ईरान में अपने नए हमलों के दौरान सैन्य कमांड सेंटर और हवाई सुरक्षा ठिकानों को निशाना बनाया

    अमेरिका ने बुधवार शाम ईरान पर नए हमले किए और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने तेहरान को चेतावनी दी कि वह "बेहतर व्यवहार करे."

    अमेरिकी सेंटकॉम ने बताया कि उसने ईरान में अपने नए हमलों के दौरान सैन्य कमांड सेंटर, हवाई सुरक्षा ठिकानों, मिसाइल और ड्रोन से जुड़े ठिकानों और तटीय निगरानी केंद्रों को निशाना बनाया. सेना का कहना है कि ये हमले अब खत्म हो चुके हैं.

    अमेरिका के मुताबिक़, इन हमलों का उद्देश्य ईरान की उस क्षमता को खत्म करना है, जिससे वह होर्मुज़ स्ट्रेट से गुजरने वाले व्यापारिक जहाज़ों और उनके चालक दल को ख़तरा पहुंचा सकता है.

    यह तब हुआ जब ईरान ने दावा किया कि उसने क्षेत्र में अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर हमला किया है, जिनमें बहरीन और कुवैत भी शामिल हैं.

    ईरान के मुख्य वार्ताकार और संसद के स्पीकर मोहम्मद बग़र ग़ालिबाफ़ ने सरकारी मीडिया से कहा, "अगर समझौते से कोई फ़ायदा नहीं है तो ईरान के पास उसे मानने का कोई कारण नहीं है."

    ट्रंप ने मंगलवार देर रात धमकी दी थी कि अगर ईरान अगले हफ्ते वार्ता में वापस नहीं आता तो पुलों और बिजलीघरों पर हमला किया जाएगा.

    बुधवार देर रात जब पत्रकारों ने उनसे पूछा कि क्या वह इसके लिए कोई समयसीमा देंगे, तो उन्होंने कहा, "मुझे समयसीमा देना पसंद नहीं है, लेकिन उन्हें पता है... उन्हें बेहतर व्यवहार करना चाहिए."

    ट्रंप ने कहा, "वे (ईरान) समझौता करना चाहते हैं. उन्हें हमारा तरीका पसंद नहीं है. अब हम तय करेंगे कि उनके साथ समझौता करना है या नहीं."

  3. अर्जेंटीना ने सेमीफ़ाइनल में दिखाया ये बैनर, फ़ीफ़ा कर सकता है कार्रवाई

    अर्जेंटीना के खिलाड़ी

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    इमेज कैप्शन, अर्जेंटीना के खिलाड़ियों ने मैदान पर एक ऐसा बैनर प्रदर्शित किया, जिसे लेकर फ़ीफ़ा के नियमों के उल्लंघन के आरोप लग रहे हैं

    फ़ीफ़ा वर्ल्ड कप-2026 के सेमीफ़ाइनल में इंग्लैंड को हराने के बाद अर्जेंटीना की टीम विवादों में घिर गई है.

    मैच के बाद अर्जेंटीना के खिलाड़ियों ने मैदान पर एक ऐसा बैनर प्रदर्शित किया, जिसे फ़ीफ़ा के नियमों का उल्लंघन बताया जा रहा है.

    मैच के बाद खिलाड़ियों ने जो बैनर दिखाया, उस पर लिखा था, "माल्विनास, जिसे फ़ॉकलैंड द्वीप कहा जाता है, वह अर्जेंटीना का है." इस संदेश को राजनीतिक बयान के तौर पर देखा जा रहा है.

    दक्षिण अटलांटिक महासागर में स्थित फ़ॉकलैंड द्वीप समूह पर ब्रिटेन का नियंत्रण है, जबकि अर्जेंटीना इन द्वीपों पर अपना दावा जताता रहा है और उन्हें 'माल्विनास' के नाम से संबोधित करता है. इसी विवाद को लेकर वर्ष 1982 में दोनों देशों के बीच युद्ध भी हुआ था.

    अंतरराष्ट्रीय फ़ुटबॉल संस्था फ़ीफ़ा और इंटरनेशनल फ़ुटबॉल एसोसिएशन बोर्ड (आईएफएबी) के नियमों के अनुसार, मैदान पर किसी भी तरह के राजनीतिक नारे, बयान या प्रतीकों का प्रदर्शन प्रतिबंधित है.

    ऐसे में इस विवादित बैनर के प्रदर्शन को लेकर अर्जेंटीना फ़ुटबॉल टीम पर फ़ीफ़ा की ओर से अनुशासनात्मक कार्रवाई या जुर्माना लगाए जाने की संभावना जताई जा रही है.

  4. सोनम वांगचुक ने सेहत को लेकर दी जानकारी के साथ 20 जुलाई के लिए की ये अपील

    सोनम वांगचुक

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    इमेज कैप्शन, सोनम वांगचुक ने कहा है कि अब अनशन को खत्म करने पर सरकार में जवाबदेही तय नहीं होगी

    सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक 28 जून से दिल्ली के जंतर-मंतर पर अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल (अनशन) पर बैठे हैं.

    आज उनके अनशन का 19वां दिन है. इस बीच बुधवार देर रात को उन्होंने एक संदेश जारी किया है.

    सोनम वांगचुक ने कहा है कि अब अनशन को खत्म करने पर सरकार में जवाबदेही तय नहीं होगी. उन्होंने कहा कि उनकी हालत ऐसी भी नहीं है कि दो-चार दिन में उनकी मौत हो जाए.

    वांगचुक ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो संदेश में कहा, "आप लोगों के हज़ारों संदेश आए कि मैं अनशन तोड़ दूं. बड़े-बुज़ुर्ग और कई नेताओं ने मुझसे अनशन समाप्त करने के लिए कहा. कुछ ने तो अदालत से अपील की है कि सरकार मुझे ज़बरदस्ती खाना खिलाए."

    उन्होंने कहा, "दो बातें हैं, पहला तो अगर मैं खा भी लूं, तो उससे क्या बदलेगा और क्या संदेश जाएगा. सरकार को तो यही संदेश जाएगा कि जवाबदेही की ज़रूरत नहीं है, वो बैठ जाते हैं, वो चले जाते हैं."

    "दूसरी बात, मेरी हालत कुछ ऐसी भी नहीं है कि मैं दो चार दिन में मर जाऊं. बहुत सारे मेडिकल टेस्ट होते रहे हैं, 18 दिन के अनशन के हिसाब से रिज़ल्ट्स काफ़ी नॉर्मल हैं."

    सोनम वांगचुक ने कहा, "मैं अभी कई दिन चल सकता हूं. कमज़ोरी है, मेरे मसल्स ख़त्म हो रहे हैं, मगर मेरा दिल अभी भी ठीक चल रहा है. इसलिए सिर्फ अनशन तोड़ने को कहने के बजाय मैं आप लोगों से विनती करूंगा कि आप भी एक छोटा कदम उठाएं, 20 जुलाई को इतनी बड़ी संख्या में आएं कि एक संदेश सरकार को जाए."

    उन्होंने जनता से अपील करते हुए कहा, "20 जुलाई को बहुत से सांसदों के साथ आप सब आइए. हज़ारों की संख्या में हम सब मिलकर इस मुद्दे को संसद के हवाले करेंगे, तो मुझे भी भरोसा होगा कि अब ये सही हाथों में गया है."

    गौरतलब है कि 20 जुलाई को कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) ने संसद के मॉनसून सत्र के पहले दिन 'चलो संसद' अभियान के तहत संसद भवन तक शांतिपूर्ण मार्च निकालने का आह्वान किया है.

    यह पार्टी केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफ़े की मांग को लेकर और परीक्षाओं में हुई गड़बड़ियों के विरोध में जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रही है.

  5. फ़ुटबॉल वर्ल्ड कप-2026: अर्जेंटीना ने इंग्लैंड को 2-1 से हराकर फ़ाइनल में बनाई जगह

    लियोनेल मेसी

    इमेज स्रोत, Michael Steele/Getty Images

    इमेज कैप्शन, अर्जेंटीना का सामना 19 जुलाई को न्यू ज़र्सी में स्पेन से होगा (फ़ाइल फ़ोटो: लियोनेल मेसी)

    फुटबॉल वर्ल्ड कप-2026 के दूसरे सेमीफ़ाइनल में अर्जेंटीना ने रोमांचक मुक़ाबले में इंग्लैंड को 2-1 से हराकर लगातार दूसरी बार वर्ल्ड कप के फ़ाइनल में जगह बना ली.

    अब अर्जेंटीना का सामना 19 जुलाई को न्यू ज़र्सी में स्पेन से होगा.

    अटलांटा में खेले गए मुक़ाबले में इंग्लैंड ने एंथनी गॉर्डन के गोल की बदौलत 85वें मिनट तक 1-0 की बढ़त बनाए रखी. लेकिन, मैच के अंतिम क्षणों में अर्जेंटीना ने शानदार वापसी करते हुए बाज़ी पलट दी.

    85वें मिनट के बाद लियोनेल मेसी के शॉर्ट कॉर्नर पर एंजो फ़र्नांदेज़ ने गोल कर स्कोर 1-1 से बराबर कर दिया.

    इसके बाद इंजरी टाइम के दूसरे मिनट में मेसी के सटीक क्रॉस पर लॉटारो मार्टिनेज़ ने शानदार हेडर के ज़रिए विजयी गोल दाग दिया और अर्जेंटीना को 2-1 से जीत दिलाकर फ़ाइनल का टिकट पक्का कर दिया.

    19 जुलाई को टीम का सातवां वर्ल्ड कप फ़ाइनल होगा. अर्जेंटीना इससे पहले 1978, 1986 और 2022 में वर्ल्ड कप का ख़िताब अपने नाम कर चुका है.

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