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लाइव, अरविंद केजरीवाल बोले, 'सोनम वांगचुक को देश का शिक्षा मंत्री बनाया जाए'

अरविंद केजरीवाल ने कहा, "युवाओं, सोनम वांगचुक औक कॉकरोच आंदोलन की बात सुन लो नहीं तीन साल बाद आपका भी वही हश्र होगा जो 2014 में इनका(कांग्रेस) हुआ था."

सारांश

लाइव कवरेज

रौनक भैड़ा, अरशद मिसाल

  1. ममता बनर्जी बोलीं, 'जो पार्टी छोड़कर जाना चाहते हैं, वो 21 जुलाई से पहले फैसला लें'

    पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) प्रमुख ममता बनर्जी ने गुरुवार को पार्टी छोड़ने की सोच रहे नेताओं से कहा कि अगर उन्हें जाना है तो 21 जुलाई के 'शहीद दिवस' कार्यक्रम से पहले फैसला करें.

    सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जारी एक वीडियो में ममता बनर्जी ने कहा कि अभिनेत्री से नेता बनीं कोयल मल्लिक ने राज्यसभा की सदस्यता से इस्तीफ़ा देने से पहले ईमेल के जरिए पार्टी नेतृत्व को इसकी जानकारी दे दी थी.

    ममता बनर्जी ने कहा, "मैं उनका सम्मान करती हूं. उन्होंने पहले ही ईमेल के जरिए हमें जानकारी दे दी थी. आज उन्होंने बीजेपी के एक नेता से मुलाक़ात की."

    उन्होंने कहा, "जो लोग किसी दबाव में हैं, वे 21 जुलाई यानी शहीद दिवस से पहले जो भी फैसला लेना चाहते हैं, ले लें और जहां जाना चाहते हैं, चले जाएं. हमारा संविधान हर व्यक्ति को अपनी पसंद का फैसला लेने का अधिकार देता है."

    ममता बनर्जी ने 21 जुलाई को होने वाली टीएमसी की 'शहीद दिवस' रैली से पहले प्रशासन से निष्पक्ष रहने की अपील भी की.

    यह रैली 1993 में वाम मोर्चा सरकार के दौरान पुलिस फायरिंग में मारे गए 13 युवा कांग्रेस कार्यकर्ताओं की याद में आयोजित की जाती है.

    हाल के दिनों में टीएमसी के कई नेताओं के बीजेपी में जाने के बाद पार्टी को झटका लगा है.

    वहीं बुधवार को ममता बनर्जी के करीबी माने जाने वाले मदन मित्रा भी नेता प्रतिपक्ष ऋतब्रत बनर्जी के नेतृत्व वाले बागी गुट में शामिल हो गए.

  2. अरविंद केजरीवाल बोले, 'सोनम वांगचुक को देश का शिक्षा मंत्री बनाया जाए'

    दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल गुरुवार को सोनम वांगचुक से मिलने जंतर-मंतर पहुंचे.

    एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक पिछले 19 दिनों से भूख हड़ताल पर हैं.

    अरविंद केजरीवाल ने बीजेपी सरकार पर निशाना साधते हुए कहा, "युवाओं, सोनम वांगचुक और कॉकरोच आंदोलन की बात सुन लो, नहीं तीन साल बाद आपका भी वही हश्र होगा जो 2014 में इनका (कांग्रेस) हुआ था."

    "आखिर में मैं एक प्रस्ताव देना चाहता हूं और मैं आपकी सहमति चाहूंगा. धर्मेंद्र प्रधान को इस्तीफ़ा देना चाहिए और सोनम वांगचुक को देश का शिक्षा मंत्री बनाना चाहिए."

    अरविंद केजरीवाल ने मीडिया से बात करते हुए कहा, "लगातार हर दिन परीक्षा के पेपर लीक हो रहे हैं. पेपर में गड़बड़ियां हैं और मूल्यांकन प्रक्रिया में कमियां हैं. जब नीट का पेपर लीक हुआ, तो 20 छात्रों ने आत्महत्या कर ली, फिर भी सरकार ने किसी को यह भरोसा दिलाने के लिए कोई कदम नहीं उठाया कि आगे पेपर लीक नहीं होंगे."

    (आत्महत्या एक गंभीर मनोवैज्ञानिक और सामाजिक समस्या है. अगर आप भी तनाव से गुज़र रहे हैं तो भारत सरकार की 'जीवन आस्था' हेल्पलाइन 18002333330 से मदद ले सकते हैं. आपको अपने दोस्तों और रिश्तेदारों से भी बात करनी चाहिए.)

    "नीट की घटना के बाद और भी पेपर लीक हुए और सीबीएसई की मूल्यांकन प्रणाली भी प्रभावित हुई, फिर भी इसमें शामिल कंपनी के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई. ऐसा लगता है कि सरकार अहंकार में डूबी हुई है. मैं सरकार से कहना चाहता हूं, या तो युवाओं की आवाज़ सुनें, वरना यही युवा 2029 में आपको सत्ता से बाहर कर देंगे."

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  3. कार्टून: जेब तो उनकी भी है

  4. सोनम वांगचुक से मिलने के बाद डिंपल यादव ने बीजेपी से क्या अपील की

    समाजवादी पार्टी की सांसद डिंपल यादव गुरुवार को अनशन पर बैठे सोनम वांगचुक से मिलने दिल्ली के जंतर-मंतर पहुंचीं.

    उन्होंने कहा, "मुझे पूरा भरोसा है और मैं सभी युवाओं से अपील करती हूं कि वे 20 जुलाई को यहां से संसद तक होने वाले मार्च में शामिल हों. क्योंकि यह आपके अधिकारों और सम्मान की लड़ाई है."

    डिंपल यादव ने कहा, "मैं सरकार से यह कहना चाहती हूं कि वह कम से कम संवेदनशीलता दिखाए और यहां आकर बातचीत शुरू करे."

    "मैं बीजेपी के लोगों से सिर्फ यही अपील करना चाहती हूं कि वे संवेदनहीनता छोड़ें और थोड़ी करुणा दिखाएं, क्योंकि आप सनातन धर्म की बात करते हैं. बिना दया और करुणा के कौन सा सनातन धर्म जीवित रह सकता है?"

    "मेरी बीजेपी के लोगों से अपील है कि वे कठोरता और कट्टरता छोड़ें और संवाद शुरू करें."

  5. भारत के ख़िलाफ़ दूसरे वनडे में इंग्लैंड ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाज़ी चुनी

    भारत के ख़िलाफ़ खेले जा रहे दूसरे वनडे में इंग्लैंड ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाज़ी करने का फ़ैसला किया है.

    पहले वनडे में भारत ने इंग्लैंड को 6 विकेट से मात दी थी. इस मैच में कप्तान शुभमन गिल ने अच्छी पारी खेलते हुए 80 रन बनाए थे.

    दूसरे वनडे में केएल राहुल बीमार होने की वजह से प्लेइंग-11 से बाहर हैं. आज उनकी जगह ईशान किशन को मौका मिला है.

    दूसरा वनडे बर्मिंघम के एजबेस्टन में खेला जा रहा है.

    भारत (प्लेइंग 11): रोहित शर्मा, शुभमन गिल (कप्तान), विराट कोहली, ईशान किशन (विकेटकीपर), श्रेयस अय्यर, वॉशिंगटन सुंदर, शिवम दुबे, अक्षर पटेल, गुरनूर बराड़, जसप्रीत बुमराह, प्रसिद्ध कृष्णा

    इंग्लैंड (प्लेइंग 11): बेन डकेट, जैकब बेथेल, जो रूट, हैरी ब्रूक (कप्तान), जोस बटलर (विकेटकीपर), सैम करन, विल जैक्स, गस एटकिंसन, जोफ्रा आर्चर, आदिल राशिद, साकिब महमूद

  6. पीएम मोदी की मीडिया से दूरी को लेकर विदेश मंत्रालय की टिप्पणी पर एडिटर्स गिल्ड ने क्या कहा?

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की न्यूज़ीलैंड यात्रा के दौरान एक महिला पत्रकार ने सवाल किया था कि प्रधानमंत्री ने न्यूज़ीलैंड के पत्रकारों के साथ प्रेस कॉन्फ्रेंस क्यों नहीं की.

    इस पर विदेश मंत्रालय के कुछ अधिकारियों ने कहा था कि एक सफल राजनेता होने के नाते प्रधानमंत्री मोदी सीधे अपने बड़े पैमाने पर ग्रामीण मतदाताओं से संवाद करना पसंद करते हैं.

    अब एडिटर्स गिल्ड ऑफ़ इंडिया ने बयान जारी कर विदेश मंत्रालय के इस टिप्पणी पर कड़ी आपत्ति जताई है.

    गिल्ड ने अपने बयान में कहा, "मीडिया के सवालों का सामना करने से प्रधानमंत्री क्यों बचते हैं, इस सवाल के जवाब में विदेश मंत्रालय के अधिकारी की यह दलील पूरी तरह ग़लत और कमज़ोर है."

    बयान में कहा गया है, "प्रधानमंत्री को देश के शहरी और ग्रामीण, दोनों वर्गों के लोगों के सामने राजनीतिक और आर्थिक मुद्दों पर जवाब देना चाहिए, खासकर ऐसे समय में जब पश्चिम एशिया में जारी युद्ध के कारण दुनिया अप्रत्याशित ऊर्जा संकट से जूझ रही है. सच यह है कि प्रधानमंत्री ने इस बड़े संकट पर किसी भी तरह के मीडिया के सामने अपने विचार रखने से परहेज़ किया है."

    एडिटर्स गिल्ड ने आगे कहा कि दुनिया के लोकतांत्रिक देशों में नेता नियमित रूप से मीडिया के सवालों का सामना करते हैं और इसे लोकतांत्रिक प्रक्रिया का अहम हिस्सा माना जाता है.

    गिल्ड के मुताबिक, केवल सोशल मीडिया या पहले से तय एकतरफा संदेश स्वतंत्र मीडिया के साथ सार्वजनिक संवाद का विकल्प नहीं हो सकते.

    अपने बयान के अंत में एडिटर्स गिल्ड ऑफ इंडिया ने उच्च पदों पर बैठे अधिकारियों से अपील की कि वे इस तरह की हल्की-फुल्की और भ्रामक टिप्पणियों से बचें, क्योंकि इससे अभिव्यक्ति की आज़ादी और मीडिया की स्वतंत्रता पर और अधिक नकारात्मक असर पड़ता है.

  7. सोनम वांगचुक के समर्थन में आईं सोनाक्षी सिन्हा, बोलीं- 'अब मैं चुप नहीं बैठ सकती'

    बॉलीवुड एक्टर सोनाक्षी सिन्हा ने एक बयान जारी कर सोनम वांगचुक का समर्थन किया है. उन्होंने जारी वीडियो संदेश में कहा कि अब जो होना होगा, होगा. कोई बात नहीं, लेकिन मैं चुप नहीं बैठ सकती.

    सोनम वांगचुक 28 जून से भूख हड़ताल पर हैं. वो और कॉकरोच जनता पार्टी शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफ़ा मांग रहे हैं.

    सोनाक्षी सिन्हा ने अपने बयान में कहा, "मुझे शायद ऐसे बयान नहीं देने चाहिए, लेकिन मैं खुद को रोक नहीं पा रही हूं."

    "सोनम वांगचुक को हम सब जानते हैं. उन्होंने हमारे देश के लिए क्या किया है, उनकी उपलब्धियां क्या हैं, यह हम सभी जानते हैं. उन्होंने कई अवार्ड्स जीते हैं."

    "आज वो 18 दिनों से अनशन पर बैठे हैं. उन्होंने कुछ नहीं खाया है. वो किसके लिए बैठे हैं? वो उन बच्चों के भविष्य के लिए बैठे हैं, जिनका भविष्य उन्हें बर्बादी की ओर जाता हुआ दिखाई दे रहा है. वो उन बच्चों के लिए लड़ रहे हैं, जिन्होंने अपनी जान गंवाई. वो एक ऐसे सिस्टम के ख़िलाफ़ लड़ रहे हैं, जो सही तरीके से काम नहीं कर रहा है."

    "हम सब उन्हें जानते हैं, लेकिन वो हमें नहीं जानते. फिर भी इस देश और इसके भविष्य के लिए वे पिछले 18 दिनों से भूखे हैं. और बहुत सारे लोग चुप हैं."

    "अब जो होना होगा, होगा. कोई बात नहीं, लेकिन मैं चुप नहीं बैठ सकती. यह आदमी अकेले लड़ रहा है, हालांकि 'कॉकरोच जनता पार्टी' भी उनके साथ है. मैं देश के युवाओं को बधाई देना चाहती हूं कि उन्होंने अपनी आवाज़ उठाई है. वो अच्छे मक़सद के लिए लड़ रहे हैं, तो फिर उनकी बात कोई सुन क्यों नहीं रहा?"

    सोनाक्षी सिन्हा ने फ़ेसबुक पर 2 मिनट 41 सेकंड का वीडियो जारी किया है.

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  8. टीएमसी की राज्यसभा सांसद कोयल मल्लिक ने दिया इस्तीफ़ा

    तृणमूल कांग्रेस(टीएमसी) की राज्यसभा सांसद कोयल मल्लिक ने उपराष्ट्रपति और राज्यसभा चेयरमैन सीपी राधाकृष्णन से मुलाक़ात कर अपना इस्तीफा सौंप दिया है.

    कुछ महीने पहले टीएमसी ने उन्हें राज्यसभा उम्मीदवार बनाया था.

    कोयल मल्लिक एक अभिनेत्री हैं. उन्होंने मुख्य तौर पर बंगाली फ़िल्म इंडस्ट्री में काम किया है.

    उनके रेजिग्नेशन लेटर में लिखा है, "मैं राज्यसभा की सदस्यता से अपना इस्तीफ़ा देती हूं, जिसे कृपया तत्काल प्रभाव से स्वीकार करने का कष्ट करें."

    "मैं माननीय सभापति महोदय, माननीय उपसभापति महोदय और राज्यसभा सचिवालय के सभी अधिकारियों और कर्मचारियों का अपने कार्यकाल के दौरान मिले सहयोग और समर्थन के लिए हृदय से आभार व्यक्त करती हूं."

    वहीं एक दिन पहले टीएमसी विधायक मदन मित्रा ने पार्टी छोड़कर बाग़ी बुट में शामिल हो गए थे.

  9. कांग्रेस ने विपक्षी दलों में टूट के मुद्दे पर बीजेपी को घेरा, कहा- 'ये संविधान की भावना के ख़िलाफ़'

    गुरुवार को दिल्ली में कांग्रेस संसदीय दल की बैठक हुई. बैठक के बाद कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने ने एक्स पर पोस्ट कर इस बारे में जानकारी दी.

    कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने एक्स पर पोस्ट कर बताया, "बैठक में चंदा चोरी, आस्था के साथ धोखा, शिक्षा व्यवस्था का लगातार बिगड़ना, संस्थाओं पर कब्ज़ा, राजनीतिक दलों को तोड़ने की कोशिश जैसे मुद्दों पर चर्चा हुई."

    उन्होंने बताया कि इसके अलावा भ्रष्टाचार, महंगाई, विदेश नीति और ई20 जैसे कई और मुद्दों पर भी चर्चा हुई.

    कांग्रेस सांसद जयराम रमेश ने कांग्रेस संसदीय दल की बैठक के बाद कहा, "यह सच है कि 17 अप्रैल के बाद से गृह मंत्री ने एक-दो विपक्षी दलों में टूट करवाई है. यह संविधान का अपमान है."

    "चालाकी से दो-तिहाई बहुमत हासिल करने की कोशिश की जा रही है. दूसरे दलों को तोड़कर इस तरह दो-तिहाई बहुमत जुटाना संविधान की भावना के ख़िलाफ़ है. ऐसा बहुमत दागदार बहुमत होगा."

    उन्होंने कहा, "हालांकि, लोकसभा में उनके लिए दो-तिहाई बहुमत हासिल करना संभव नहीं है. हम सभी विपक्षी दलों के संपर्क में हैं. राहुल गांधी लगातार बातचीत कर रहे हैं और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे भी उन सभी दलों से संपर्क में हैं, जिन्होंने 16 और 17 अप्रैल को परिसीमन (डिलिमिटेशन) के मुद्दे का ज़ोरदार विरोध किया था."

  10. अमेरिका और ईरान के ताज़ा तनाव पर पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने क्या कहा

    पाकिस्तान ने कहा है कि वह अमेरिका और ईरान को हिंसा रोकने और पिछले महीने हुए समझौते (एमओयू) के आधार पर दोबारा बातचीत शुरू करने के लिए प्रोत्साहित करता रहेगा.

    इस्लामाबाद में पत्रकारों से बातचीत के दौरान पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ताहिर अंद्राबी ने कहा, "समझौते को लागू करने में कई चुनौतियां हैं, लेकिन पाकिस्तान सभी पक्षों से हिंसा समाप्त करने और तकनीकी स्तर की वार्ता फिर से शुरू करने की अपील करता रहेगा."

    बीबीसी फ़ारसी के मुताबिक़, ताहिर अंद्राबी ने कहा कि पाकिस्तान को उम्मीद है कि होर्मुज़ स्ट्रेट की स्थिति जल्द सामान्य होगी.

    उन्होंने इस अहम समुद्री मार्ग में सुरक्षा बनाए रखने और जहाज़ों की बिना किसी रुकावट के आवाजाही सुनिश्चित करने की आवश्यकता पर भी जोर दिया.

    गौरतलब है कि इस सप्ताह अमेरिका ने ईरान पर हमले किए हैं. इसके जवाब में ईरान ने खाड़ी क्षेत्र में स्थित अमेरिकी ठिकानों और अन्य सुविधाओं को निशाना बनाया, जिससे क्षेत्र में तनाव और बढ़ गया है.

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  11. अभी तक बीबीसी संवाददाता रौनक भैड़ा आप तक ख़बरें पहुंचा रहे थे. अब बीबीसी संवाददाता अरशद मिसाल रात दस बजे तक आप तक ताज़ा ख़बरें पहुंचाएंगे.

    बीबीसी न्यूज़ हिन्दी की कुछ अहम ख़बरों को आप उनके साथ दिए गए लिंक पर क्लिक कर विस्तार से पढ़ सकते हैं.

  12. अमेरिकी उप राष्ट्रपति जेडी वेंस बोले- कुछ इसराइली युद्ध को बेवजह खींचना चाहते हैं

    अमेरिका के उप राष्ट्रपति जेडी वेंस ने दावा किया है कि इसराइली सरकार और इसके समाज के भीतर कुछ ऐसे लोग मौजूद हैं जो ईरान के साथ जारी युद्ध को बेवजह लंबा खींचना चाहते हैं.

    उनका आरोप है कि ऐसे तत्व अमेरिकी नीति और जनमत को प्रभावित करने की कोशिश कर रहे हैं ताकि सैन्य अभियान अनिश्चितकाल तक जारी रहे.

    बुधवार को प्रसारित द जो रोगन एक्सपीरिएंस पॉडकास्ट में जेडी वेंस ने कहा, "मुझे इसमें जरा भी संदेह नहीं है कि इसराइली सरकार के भीतर कुछ लोग हमारी नीति को बदलने की कोशिश कर रहे हैं, क्योंकि वे सैन्य अभियान को जारी रखना चाहते हैं."

    वेंस ने आगे दावा किया कि अमेरिका को इस बात का पूरा यक़ीन है कि इसराइली सिस्टम के कुछ लोग अमेरिका के अंदर जनमत को प्रभावित करने और उसका रुख़ बदलने की कोशिश कर रहे हैं.

    उनके मुताबिक़, यह किसी स्पष्ट मक़सद को हासिल करने के लिए नहीं, बल्कि सिर्फ़ युद्ध को अनिश्चितकाल तक जारी रखने के लिए किया जा रहा है.

    जेडी वेंस ने यह दावा ऐसे समय में किया है, जब अमेरिका और ईरान एक-दूसरे पर हमलावर हैं.

    ईरान ने मध्य-पूर्व में अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर हमला करने का दावा किया है. जबकि अमेरिका ने ईरान की सैन्य ताक़त पर हमला करने का दावा किया है.

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  13. अमेरिकी रक्षा मंत्री का एलान- 30 साल से अधिक उम्र के सैनिकों की होगी टेस्टोस्टेरोन जांच

    अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने एलान किया है कि अब 30 साल और उससे अधिक उम्र के सैनिकों की वार्षिक स्वास्थ्य जांच में टेस्टोस्टेरोन की कमी की भी जांच की जाएगी.

    हेगसेथ ने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म एक्स पर पोस्ट किए गए एक वीडियो में इस नए कार्यक्रम की जानकारी दी.

    वीडियो में उन्होंने कहा, "इस जांच का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि सैनिकों में टेस्टोस्टेरोन का स्तर सामान्य रहे, ताकि वे अपनी पूरी क्षमता के साथ काम कर सकें."

    उन्होंने बताया कि जिन सैनिकों में टेस्टोस्टेरोन का स्तर कम पाया जाएगा, उन्हें स्वेच्छा से हार्मोन रिप्लेसमेंट थेरेपी की सुविधा दी जाएगी. वहीं, 30 साल से कम उम्र के सैनिकों के लिए यह जांच वैकल्पिक रखी जाएगी.

    पीट हेगसेथ ने कहा, "हम अपने योद्धाओं को दुनिया की सबसे अच्छी मेडिकल देखभाल देने के लिए ज़िम्मेदार हैं और यह कार्यक्रम उसी ज़िम्मेदारी को पूरा करता है."

    उन्होंने आगे कहा, "सैनिकों के लंबे समय के स्वास्थ्य का ध्यान रखना ज़रूरी है, ताकि वे मज़बूत, फ़्लेक्सिबल और सक्षम बने रहें. इसका उद्देश्य सिर्फ़ अगली तैनाती के लिए नहीं, बल्कि पूरी ज़िंदगी के लिए बेहतर स्वास्थ्य सुनिश्चित करना है, जिससे वे वर्दी छोड़ने के बाद भी स्वस्थ जीवन जी सकें."

    हालांकि, हेगसेथ ने यह स्पष्ट नहीं किया कि यह जांच महिला सैनिकों पर भी लागू होगी या नहीं. महिलाओं में भी उम्र बढ़ने के साथ टेस्टोस्टेरोन का स्तर कम हो सकता है.

  14. सोनम वांगचुक को लेकर दिल्ली हाई कोर्ट ने केंद्र सरकार को दिया ये निर्देश

    दिल्ली हाई कोर्ट ने गुरुवार को केंद्र सरकार को निर्देश दिया कि जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की सेहत की हर दिन डॉक्टरों से जांच कराई जाए.

    कोर्ट ने कहा कि उनकी बिगड़ती सेहत को देखते हुए अगर किसी तरह के इलाज की ज़रूरत हो, तो सरकार उसे कराए.

    हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश देवेंद्र कुमार उपाध्याय और जस्टिस तेजस करिया की खंडपीठ ने यह निर्देश उस जनहित याचिका पर सुनवाई के दौरान दिया, जिसमें वांगचुक के लिए तुरंत इलाज की माँग की गई थी.

    लाइव लॉ के मुताबिक़, कोर्ट ने कहा, “हर नागरिक की जान क़ीमती है और उसे बचाने के लिए सरकार को हर संभव कोशिश करनी चाहिए.”

    केंद्र सरकार की ओर से पेश हुए सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कोर्ट को भरोसा दिलाया कि सरकारी डॉक्टर और मेडिकल विशेषज्ञ लगातार वांगचुक की सेहत की जांच कर रहे हैं.

    उन्होंने कहा कि डॉक्टरों की रिपोर्ट के आधार पर ज़रूरत पड़ने पर उचित इलाज दिया जाएगा.

    इस पर कोर्ट ने कहा, “हम सॉलिसिटर जनरल के रुख़ की सराहना करते हैं और निर्देश देते हैं कि वांगचुक की सेहत की हर दिन डॉक्टरों द्वारा जांच की जाए और जिस तरह के इलाज की ज़रूरत हो, वह किया जाए.”

    इसके बाद कोर्ट ने वकील राकेश कुमार सैनी की ओर से दायर जनहित याचिका का निपटारा कर दिया.

    सैनी ने कोर्ट से मांग की थी कि केंद्र और दिल्ली सरकार को निर्देश दिया जाए कि वांगचुक को तुरंत अस्पताल ले जाया जाए और उनका ज़रूरी इलाज कराया जाए. अगर ज़रूरत पड़े, तो उन्हें जबरन खाना भी दिया जाए.

    याचिका में सरकार को वांगचुक की जान और सेहत की सुरक्षा सुनिश्चित करने का निर्देश देने की मांग भी की गई थी.

    गौरतलब है कि वांगचुक ने 28 जून से भूख हड़ताल शुरू की थी. सोनम वांगचुक के स्वास्थ्य को लेकर सीनियर जनरल फ़िज़िशियन डॉ सतीश लांबा ने 19वें दिन का हेल्थ बुलेटिन जारी किया है.

    डॉक्टर ने बताया कि अनशन के 19वें दिन तक सोनम वांगचुक का वज़न 9 किलोग्राम से अधिक कम हो चुका है. हालांकि, उनके शरीर में पानी की मात्रा फ़िलहाल सामान्य बनी हुई है.

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  15. सोनम वांगचुक की हेल्थ को लेकर अपडेट जारी, अब तक इतना किलो वज़न हुआ कम

    दिल्ली के जंतर-मंतर पर अनशन कर रहे सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक के स्वास्थ्य को लेकर सीनियर जनरल फिज़िशियन डॉ सतीश लांबा ने 19वें दिन का हेल्थ बुलेटिन जारी किया है.

    डॉ लांबा के अनुसार, अनशन के 19वें दिन तक सोनम वांगचुक का वज़न 9 किलोग्राम से अधिक कम हो चुका है. हालांकि, उनके शरीर में पानी की मात्रा फिलहाल सामान्य बनी हुई है और वे मानसिक रूप से पूरी तरह सक्रिय हैं.

    हेल्थ बुलेटिन के मुताबिक़, वांगचुक का ब्लड शुगर स्तर 80 mg/dL दर्ज किया गया है, जबकि उनकी पल्स रेट 72 बीट प्रति मिनट है.

    इससे पहले बुधवार देर रात जारी एक वीडियो संदेश में सोनम वांगचुक ने कहा था कि अनशन के 18 दिन पूरे होने के बावजूद उनके मेडिकल टेस्ट के नतीजे सामान्य आए हैं.

    वीडियो संदेश में वांगचुक ने लोगों से 'चलो संसद' अभियान के तहत संसद भवन तक आयोजित शांतिपूर्ण मार्च में शामिल होने की भी अपील की.

  16. अखिलेश यादव ने अनशन कर रहे सोनम वांगचुक को दी ये सलाह

    सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की भूख हड़ताल (अनशन) का आज 19वां दिन है. इस बीच अखिलेश यादव ने वांगचुक को अनशन खत्म करने की अपील की है.

    समाजवादी पार्टी के सुप्रीमो अखिलेश यादव ने कहा कि आंदोलनकारियों को भाजपा से किसी भी प्रकार की सहानुभूति की अपेक्षा नहीं रखनी चाहिए.

    उन्होंने सोनम वांगचुक को सलाह दी कि 'अनशन के माध्यम से अपने बहुमूल्य जीवन को दांव पर न लगाएं'.

    उन्होंने बुधवार देर रात को सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म एक्स पर लिखा, "कभी मां गंगा के उद्धार के लिए अनशन पर बैठे जीडी अग्रवाल ने निरंतर अपनी मांग बीजेपी सरकार के सामने रखी थी, लेकिन उनकी कोई सुनवाई नहीं हुई थी और वो अपना जीवन खो बैठे थे."

    अखिलेश यादव ने लिखा, "सोनम वांगचुक जी और केन-बेतवा के आदिवासी-किसान आंदोलनकारियों को भाजपा से किसी भी प्रकार की सहानुभूति और सहृदयता की अपेक्षा नहीं करनी चाहिए. इसीलिए आप अनशन के माध्यम से अपने बहुमूल्य जीवन को दांव पर न लगाएं."

    उन्होंने लिखा, "आप सबके अदम्य संघर्ष और संकल्प की शक्ति जब भाजपा को हटाने के, हम सबके आंदोलन से जुड़ेगी, तो भाजपा हारेगी और हमेशा के लिए हट-मिट जाएगी."

    गौरतलब हो कि बुंदेलखंड में केन-बेतवा लिंक परियोजना को लेकर भी विरोध तेज़ होता जा रहा है. पन्ना और छतरपुर के विस्थापित आदिवासी और किसान आंदोलन और अनशन कर रहे हैं.

  17. अमेरिका: धर्म पूछकर भारतीय पर हमला करने का आरोप, 15 बार चाकू से वार

    अमेरिका के यूटा राज्य में एक भारतीय व्यक्ति पर कथित तौर पर उसके धर्म के कारण चाकू से हमला किया गया है.

    मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, शख़्स को करीब 15 बार चाकू मारा गया.

    यह घटना वेस्ट वैली सिटी स्थित वैली सिटी मॉल में सोमवार दोपहर को हुई. रिपोर्टों के मुताबिक, मॉल में काम करने वाले भारतीय व्यक्ति सैयद सोहैलुद्दीन पर पीटर माइकल लार्सन ने कथित तौर पर हमला किया.

    समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक़, अभियुक्त पर आरोप है कि हमले से पहले उसने शख़्स से उसका धर्म पूछा था.

    पुलिस ने अभियुक्त पीटर माइकल लार्सन को हत्या के प्रयास और प्रतिबंधित ख़तरनाक हथियार रखने के आरोप में गिरफ़्तार किया है.

    एबीसी न्यूज़ के मुताबिक़, अदालत के रिकॉर्ड के हवाले से रिपोर्टों में कहा गया है कि अभियुक्त ने पुलिस को बताया कि उसने कर्मचारी को उसके धार्मिक विश्वासों के कारण निशाना बनाया.

    सोहैलुद्दीन को अस्पताल ले जाया गया, जहां उनकी सर्जरी हुई. वहीं, कथित हमले को रोकने के लिए आसपास के लोगों ने हमलावर की पिटाई की, इसके बाद वह भी अस्पताल में भर्ती है.

    सैन फ़्रांसिस्को स्थित भारतीय कांसुलेट जनरल ने यूटा में हुई इस घटना पर गहरा दुख जताया.

    कांसुलेट जनरल ने एक्स पोस्ट में कहा, “हम शख़्स के दोस्तों और परिवार के संपर्क में है और हर संभव सहायता देने के लिए तैयार है. हम स्थानीय अधिकारियों से संपर्क में हैं और मामले पर क़रीबी नज़र बनाए रखेंगे.”

  18. डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के इस फ़ैसले की तारीफ़ की, बोले- अच्छा क़दम है

    ईरान ने दिसंबर 2024 से हिरासत में रखी गई अमेरिकी-ईरानी नागरिक डेना करारी को रिहा कर दिया है.

    अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इसकी पुष्टि करते हुए कहा कि महिला अब सुरक्षित रूप से ईरान से बाहर हैं और उनकी स्थिति अच्छी है.

    ट्रंप ने गुरुवार को ईरान के इस कदम की सराहना करते हुए इसे ‘सद्भावना का कदम’ बताया.

    उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘ट्रुथ सोशल’ पर लिखा, "ईरान ने एक अमेरिकी नागरिक को देश छोड़ने की अनुमति दी है, जिसे दिसंबर 2024 में तत्कालीन राष्ट्रपति जो बाइडन के कार्यकाल के दौरान ग़लत तरीके से हिरासत में लिया गया था."

    अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा, “वह अब सुरक्षित रूप से ईरान से बाहर है और उसकी स्थिति अच्छी है. अमेरिका इस सद्भावना के कदम की सराहना करता है.”

    यह रिहाई ऐसे समय में हुई है, जब अमेरिका और ईरान के बीच तनाव बढ़ा हुआ है. दोनों देशों के बीच बढ़ते विवाद और होर्मुज़ स्ट्रेट में अमेरिकी सैन्य गतिविधियों के बीच इस घटनाक्रम को अहम माना जा रहा है.

  19. अमेरिका ने ईरान पर फिर किए हमले, डोनाल्ड ट्रंप ने दी ये चेतावनी

    अमेरिका ने बुधवार शाम ईरान पर नए हमले किए और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने तेहरान को चेतावनी दी कि वह "बेहतर व्यवहार करे."

    अमेरिकी सेंटकॉम ने बताया कि उसने ईरान में अपने नए हमलों के दौरान सैन्य कमांड सेंटर, हवाई सुरक्षा ठिकानों, मिसाइल और ड्रोन से जुड़े ठिकानों और तटीय निगरानी केंद्रों को निशाना बनाया. सेना का कहना है कि ये हमले अब खत्म हो चुके हैं.

    अमेरिका के मुताबिक़, इन हमलों का उद्देश्य ईरान की उस क्षमता को खत्म करना है, जिससे वह होर्मुज़ स्ट्रेट से गुजरने वाले व्यापारिक जहाज़ों और उनके चालक दल को ख़तरा पहुंचा सकता है.

    यह तब हुआ जब ईरान ने दावा किया कि उसने क्षेत्र में अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर हमला किया है, जिनमें बहरीन और कुवैत भी शामिल हैं.

    ईरान के मुख्य वार्ताकार और संसद के स्पीकर मोहम्मद बग़र ग़ालिबाफ़ ने सरकारी मीडिया से कहा, "अगर समझौते से कोई फ़ायदा नहीं है तो ईरान के पास उसे मानने का कोई कारण नहीं है."

    ट्रंप ने मंगलवार देर रात धमकी दी थी कि अगर ईरान अगले हफ्ते वार्ता में वापस नहीं आता तो पुलों और बिजलीघरों पर हमला किया जाएगा.

    बुधवार देर रात जब पत्रकारों ने उनसे पूछा कि क्या वह इसके लिए कोई समयसीमा देंगे, तो उन्होंने कहा, "मुझे समयसीमा देना पसंद नहीं है, लेकिन उन्हें पता है... उन्हें बेहतर व्यवहार करना चाहिए."

    ट्रंप ने कहा, "वे (ईरान) समझौता करना चाहते हैं. उन्हें हमारा तरीका पसंद नहीं है. अब हम तय करेंगे कि उनके साथ समझौता करना है या नहीं."

  20. अर्जेंटीना ने सेमीफ़ाइनल में दिखाया ये बैनर, फ़ीफ़ा कर सकता है कार्रवाई

    फ़ीफ़ा वर्ल्ड कप-2026 के सेमीफ़ाइनल में इंग्लैंड को हराने के बाद अर्जेंटीना की टीम विवादों में घिर गई है.

    मैच के बाद अर्जेंटीना के खिलाड़ियों ने मैदान पर एक ऐसा बैनर प्रदर्शित किया, जिसे फ़ीफ़ा के नियमों का उल्लंघन बताया जा रहा है.

    मैच के बाद खिलाड़ियों ने जो बैनर दिखाया, उस पर लिखा था, "माल्विनास, जिसे फ़ॉकलैंड द्वीप कहा जाता है, वह अर्जेंटीना का है." इस संदेश को राजनीतिक बयान के तौर पर देखा जा रहा है.

    दक्षिण अटलांटिक महासागर में स्थित फ़ॉकलैंड द्वीप समूह पर ब्रिटेन का नियंत्रण है, जबकि अर्जेंटीना इन द्वीपों पर अपना दावा जताता रहा है और उन्हें 'माल्विनास' के नाम से संबोधित करता है. इसी विवाद को लेकर वर्ष 1982 में दोनों देशों के बीच युद्ध भी हुआ था.

    अंतरराष्ट्रीय फ़ुटबॉल संस्था फ़ीफ़ा और इंटरनेशनल फ़ुटबॉल एसोसिएशन बोर्ड (आईएफएबी) के नियमों के अनुसार, मैदान पर किसी भी तरह के राजनीतिक नारे, बयान या प्रतीकों का प्रदर्शन प्रतिबंधित है.

    ऐसे में इस विवादित बैनर के प्रदर्शन को लेकर अर्जेंटीना फ़ुटबॉल टीम पर फ़ीफ़ा की ओर से अनुशासनात्मक कार्रवाई या जुर्माना लगाए जाने की संभावना जताई जा रही है.