ओडिशा: पुरी रथयात्रा के दौरान एक की मौत, विपक्ष ने उठाए इंतज़ाम पर सवाल, राखी घोष, भुवनेश्वर से बीबीसी हिन्दी के लिए
ओडिशा के पुरी में गुरुवार को इस साल की वार्षिक रथयात्रा के दौरान भगदड़ हुई है.
ओडिशा के मुख्यमंत्री कार्यालय ने बताया कि रथयात्रा के दौरान सात श्रद्धालुओं की तबीयत अचानक बिगड़ गई. मौके पर तैनात कर्मियों ने सभी को तुरंत सुरक्षित बाहर निकालकर बिना देरी किए अस्पताल पहुंचाया.
मुख्यमंत्री कार्यालय के मुताबिक, "इनमें 60 वर्ष से अधिक उम्र के एक पुरुष श्रद्धालु की इलाज के दौरान मौत हो गई. उनकी मौत के सही कारण का पता लगाने के लिए संबंधित अधिकारी जांच कर रहे हैं."
वहीं मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी के सलाहकार प्रकाश मिश्रा ने एएनआई से कहा, "वहां कोई भगदड़ नहीं मची थी. इतनी बड़ी भीड़ में कुछ लोगों को सांस लेने में दिक्कत हो सकती है. हमारे पास ऐसे सात मामले आए थे; दुर्भाग्य से, हम उनमें से एक को नहीं बचा सके, लेकिन बाकी लोग ठीक हैं."
उधर विपक्ष दलों के नेताओं ने रथयात्रा के इंतज़ाम पर सवाल उठाए हैं.
बीजू जनता दल (बीजेडी) के नेता संजय दास बर्मा ने कहा, "यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है. अभी तक पुरी मेडिकल कॉलेज में करीब 350 ट्रॉमा और गैर-ट्रॉमा मरीजों को लाया गया है. मुझे लगता है कि व्यवस्था पूरी तरह से ध्वस्त हो गई थी."
यह घटना ग्रैंड रोड पर सिंहद्वार के पास हुई, जहां लाखों श्रद्धालु भगवान के रथ खींचने और रथयात्रा में शामिल होने के लिए जमा हुए थे.
भारी भीड़ की वजह से कुछ श्रद्धालुओं को घुटन महसूस हुई और वे गिर गए. इसके बाद पीछे से आ रहे लोग उनके ऊपर चढ़ गए, जिससे भगदड़ जैसी स्थिति बन गई.
कांग्रेस विधायक सागर चरण दास ने एक्स पर लिखा, "भगदड़ जैसी स्थिति के बाद सैकड़ों श्रद्धालुओं को मेडिकल इलाज की ज़रूरत पड़ी है."
कांग्रेस विधायक ने हादसे की उच्च-स्तरीय जांच की मांग की है.