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कोलकाता: प्रदर्शन स्थल छोड़ेंगे जूनियर डॉक्टर, कहा- ''आंदोलन जारी रहेगा''

जूनियर डॉक्टरों के सगंठन वेस्ट बंगाल जूनियर डॉक्टर्स फ्रंट ने एलान किया है कि शनिवार को सीबीआई ऑफिस तक मार्च करेंगे और ये मांग करेंगे कि जांच को जल्द से जल्द पूरा किया जाए.

सारांश

  • हिज़्बुल्लाह के नेता हसन नसरल्लाह पेजर और वॉकी-टॉकी में हुए धमाकों को एलान-ए-जंग बताया
  • लेबनान: पेजर और वॉकी टॉकी में हुए धमाकों में अब तक कुल 37 लोगों की मौत
  • इसराइल ने लेबनान में हिज़्बुल्लाह के कई ठिकानों पर किए हवाई हमले
  • भारत बनाम बांग्लादेश टेस्ट मैच: पहले दिन का खेल खत्म होने तक भारत ने छह विकेट के नुकसान पर बनाए 339 रन, अश्विन ने लगाई छठी सेंचुरी
  • हरियाणा विधानसभा चुनाव के लिए बीजेपी ने जारी किया घोषणा पत्र, अग्निवीरों के लिए किया अहम वादा
  • लेबनान: बेरूत के एयरपोर्ट से उड़ान भरने वाली फ्लाइटों में बैन किए गए वॉकी-टॉकी और पेजर

लाइव कवरेज

अभिषेक पोद्दार और सौरभ यादव

  1. अरविंद केजरीवाल ने ‘वन नेशन वन इलेक्शन’ पर क्या कहा

    केंद्र सरकार ने ‘वन नेशन वन इलेक्शन’ की रिपोर्ट पर अपनी मुहर लगा दी है.

    बुधवार को केंद्रीय कैबिनेट ने इस पर बनाई गए एक उच्च स्तरीय कमेटी की सिफ़ारिशों को अपनी मंज़ूरी दे दी है.

    अब केंद्र सरकार के इस फ़ैसले पर दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने एक जनसभा में अपनी प्रतिक्रिया दी है.

    अरविंद केजरीवाल ने ‘वन नेशन वन इलेक्शन’ को बीजेपी का जुमला बताते हुए कहा, “देश में ‘वन नेशन वन एजुकेशन’ होनी चाहिए ताकि जो शिक्षा करोड़पति के बच्चों को मिलती है, वही आम आदमी को भी मिल सके. देश में ‘वन नेशन वन इलाज’ होना चाहिए.”

    दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री केजरीवाल ने कहा कि मैं कहता हूं कि हर महीने चुनाव होने चाहिए क्योंकि जब चुनाव होता है, उसी वक़्त नेता जनता के काबू में रहते हैं और उनका काम करते हैं.

  2. चेन्नई में पिछले 11 दिनों से क्यों विरोध-प्रदर्शन कर रहे सैमसंग के 1500 कर्मचारी

    तमिलनाडु की राजधानी चेन्नई में पिछले 11 दिनों से ‘सैमसंग’ के लगभग 1500 कर्मचारी विरोध-प्रदर्शन कर रहे हैं. इस वजह से कंपनी के उत्पादन में भारी गिरावट आई है.

    कर्मचारियों की मांग है कि ‘सैमसंग’ उनके नए बने लेबर यूनियन, इंडियन लेबर वेलफ़ेयर यूनियन (एसआईएलडब्ल्यूयू) को मान्यता दे.

    कर्मचारियों का कहना है कि इसी यूनियन के ज़रिए वे कंपनी प्रबंधन से बेहतर मेहनताने और काम के वक़्त से जुड़ी बातचीत कर सकते हैं.

    चेन्नई में स्थित ‘सैमसंग’ के प्लांट में लगभग दो हज़ार कर्मचारी काम करते हैं, जहां पर घरों में इस्तेमाल होने वाले उपकरण बनाए जाते हैं.

    ‘सैमसंग’ भारत से हर साल 12 करोड़ डॉलर की कमाई करता है और इस कमाई का लगभग एक तिहाई हिस्सा चेन्नई की प्लांट से ही आता है.

    ‘सैमसंग इंडिया’ ने एक बयान जारी करते हुए कहा है, कर्मचारियों की भलाई ही कंपनी की प्राथमिकता है. हमने चेन्नई के प्लांट में प्रदर्शन कर रहे कर्मचारियों से बातचीत शुरू कर दी है. हम जल्द ही कर्मचारियों के सभी मुद्दों को सुलझा लेंगे.

    वहीं पुलिस ने बिना मंज़ूरी मार्च निकालने पर 104 कर्मचारियों को हिरासत में भी लिया था. हालांकि बाद में उनको छोड़ भी दिया गया.

  3. बिहार के नवादा में दलित बस्ती के घरों में आग लगाने का पूरा मामला क्या है?, सीटू तिवारी, बीबीसी संवाददाता

    बिहार में नवादा ज़िले के मुफ़स्सिल थाना क्षेत्र के कृष्णानगर में एक दलित बस्ती में 21 लोगों के घर में 18 सितंबर की शाम ‘दबंगों’ ने आग लगा दी.

    नवादा प्रशासन के मुताबिक़ ये पूरा मामला ज़मीनी विवाद से जुड़ा हुआ है.

    हालांकि स्थानीय मीडिया में 80 घरों के जलने की ख़बर है. लेकिन नवादा ज़िला प्रशासन ने 21 घर के जलने की आधिकारिक पुष्टि की है.

    नवादा एसपी अभिनव धीमान के एक्स पर जारी बयान के मुताबिक़, “तक़रीबन शाम 7 बजे कई घरों में आग लगाने की सूचनामिली थी. शुरुआत में 40 से 50 घरों के जलाए जाने की सूचना मिली थी लेकिन प्रशासन ने 21 जले हुए घर को चिह्नित किया है. किसी तरह की फायरिंग नहीं हुई है. इस मामले में 10 लोगों को गिरफ़्तार कर लिया गया है. पुलिस और मैजिस्ट्रेट घटनास्थल पर कैंपिंग कर रहे हैं. इस आगज़नी में किसी के ज़ख़्मी होने की सूचना नहीं है.”

    कृष्णानगर का ये दलित टोला खुरी नदी के किनारे बसा है. इसमें मांझी और रविदास जाति के लोग रहते है. पीड़ित परिवारों ने स्थानीय मीडिया से बातचीत में बताया कि बगल के ही प्राण बिगहा गांव के नंदू पासवान सहित अन्य अभियुक्त उन्हें ज़मीन ख़ाली करने को लेकर धमकाते रहते थे.

    नवादा के स्थानीय पत्रकार शैलेश कुमार बताते हैं, “पीड़ित परिवार जिस ज़मीन पर बसे हैं, उसका विवाद लंबे समय से कोर्ट में चल रहा है. दोनों पक्ष इस ज़मीन पर दावा करते रहे हैं. पहले भी दोनों पक्षों के बीच छिटपुट हिंसक घटनाएं होती रही हैं. लेकिन कल इन लोगों ने आकर घर जला दिए.”

    इस पूरी घटना पर लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने भी एक ट्वीट किया है. उन्होंने लिखा, नवादा में महादलितों का पूरा टोला जला देना, 80 से ज़्यादा परिवारों के घरों को नष्ट कर देना बिहार में बहुजनों के विरुद्ध अन्याय की डरावनी तस्वीर उजागर कर रहा है.”

    राहुल गांधी ने भाजपा और बिहार की एनडीए सरकार आराजक तत्वों को शरण देने का आरोप लगाया.

    उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर भी इस पूरी घटना पर चुप्पी साधे रहने का आरोप लगाया है.

  4. इंडिया बनाम बांग्लादेश टेस्ट मैच: रोहित, कोहली और गिल सस्ते में हुए आउट

    दो टेस्ट मैचों की सिरीज़ में आज बांग्लादेश ने चेन्नई में भारत के टॉप ऑर्डर को सस्ते में चलता कर दिया. सलामी बल्लेबाज़ और कप्तान रोहित शर्मा, विराट कोहली के साथ शुभमन गिल ने अपने प्रशंसकों को निराश किया है.

    रोहित शर्मा और कोहली छह-छह बनाकर आउट हुए तो शुभमन गिल खाता भी नहीं खोल पाए. यशस्वी जायसवाल और ऋषभ पंत पारी संभालने की कोशिश कर रहे हैं.

    बांग्लादेश ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाज़ी करने का फ़ैसला किया और यह फ़ैसला उसके हक़ में जाता दिख रहा है.

    बांग्लादेश के तेज़ गेंदबाज़ हसन महमूद ने तीनों ही विकेट लिए हैं.

    नजमुल हुसैन शांटो की कप्तानी में बांग्लादेश की टीम एक ख़्वाब के साथ भारत आई है.

    अब तक 13 टेस्ट मैचों में 11 हार और एक भी जीत न मिलने के बाद बांग्लादेश टीम पहली बार भारत के ख़िलाफ़ जीत दर्ज करने की कोशिश करेगी.

    पाकिस्तान को उन्हीं की ज़मीन पर दो टेस्ट मैचों की सिरीज़ में हराने के बाद टीम का हौसला बढ़ा हुआ है.

    नवंबर 2000 में भारत और बांग्लादेश के बीच ढाका में पहला टेस्ट खेला गया था. सौरव गांगुली की कप्तानी में भारत ने मेज़बान टीम को नौ विकेट से हराया था.

    भारतीय टीम- रोहित शर्मा (कप्तान), यशस्वी जायसवाल, शुभमन गिल, विराट कोहली, केएल राहुल, ऋषभ पंत (विकेट कीपर), रविंद्र जडेजा, रविचंद्रन अश्विन, जसप्रीत बुमराह, अकाश दीप, मोहम्मद सिराज

    बांग्लादेशी टीम- शादमन इस्लाम, ज़ाकिर हसन, नजमुल होसैन शांतो (कप्तान), मोनिमुल हक़, मुशफ़ीक़ुर रहीम, शकिब अल हसन, लिटन दास (विकेट कीपर), मेहदी हसन मिराज़, तस्कीन अहमद, हसन महमूद, नाहिद राना

  5. कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो ने की अहम घोषणा, भारतीय छात्र होंगे प्रभावित

    कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो ने एक अहम एलान किया है. उनके इस नए एलान के बाद अब कनाडा में पढ़ाई के लिए जाने वाले छात्रों के लिए मुश्किलें बढ़ सकती हैं.

    जस्टिन ट्रूडो ने एलान किया है कि अंतरराष्ट्रीय छात्रों को दी जानी वाली परमिट में अगले साल तक और भी ज़्यादा कटौती कर दी जाएगी.

    इस बारे में उन्होंने एक ‘एक्स’ पर एक पोस्ट भी किया है. जस्टिन ट्रूडो ने अपनी पोस्ट में लिखा है, “हमलोग इस साल से ही अतंरराष्ट्रीय छात्रों को 35 फ़ीसदी कम परमिट दे रहे हैं. अगले साल इसमें 10 फ़ीसदी की और कटौती कर दी जाएगी.”

    कनाडा के प्रधानमंत्री ने यह भी लिखा कि प्रवासन से हमारी अर्थव्यवस्था को फ़ायदा पहुंचता है. लेकिन जब कुछ बुरे लोग सिस्टम का ग़लत इस्तेमाल करते हैं और छात्रों का फ़ायदा उठाते हैं तो हमें उन पर कार्रवाई करनी पड़ती है.

    हर साल बड़ी संख्या में भारतीय छात्र कनाडा पढ़ाई के लिए जाते हैं. ऐसे में कनाडा सरकार के इस फ़ैसले उन छात्रों के लिए आगे मुश्किलें भी खड़ी हो सकती हैं.

    हर साल लाखों भारतीय छात्र स्टडी परमिट पर कनाडा जा रहे हैं. कनाडा सरकार के आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, 2022 की तुलना में 2023 में सक्रिय छात्र वीजा की संख्या क़रीब 29 फीसदी बढ़कर 10 लाख 40 हजार हो गई है.

    इनमें से लगभग चार लाख 87 हजार भारतीय छात्र थे. यह 2022 की तुलना में 33.8 फ़ीसदी ज़्यादा है.

    आम कनाडाई छात्र की तुलना में अंतरराष्ट्रीय छात्रों को तीन गुना अधिक फीस चुकानी पड़ती है. कनाडा सरकार की 2022 की रिपोर्ट के मुताबिक, अंतरराष्ट्रीय छात्रों ने यहां की अर्थव्यवस्था में 22 अरब कनाडाई डॉलर का योगदान दिया है. इसके अलावा करीब 2.2 लाख नई नौकरियां पैदा कीं.

  6. भारत बनाम बांग्लादेश टेस्ट: ये पाँच बांग्लादेशी खिलाड़ी जो भारत के लिए होंगे ख़तरनाक

  7. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज श्रीनगर में करेंगे रैली, बीजेपी को क्या है उम्मीदें

    जम्मू-कश्मीर विधानसभा चुनाव में पहले चरण के रिकॉर्ड मतदान के बाद अब गुरुवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी श्रीनगर में एक रैली करेंगे.

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की यह रैली घाटी में पार्टी उम्मीदवारों के लिए समर्थन जुटाने के लिए की जा रही है.

    बीजेपी ने कश्मीर घाटी में शामिल 47 विधानसभा सीटों में से 19 सीटों पर अपने उम्मीदवार खड़े किए हैं.

    प्रधानमंत्री की इस रैली के बारे में बीजेपी की जम्मू-कश्मीर इकाई ने अपने 'एक्स' हैंडल के ज़रिए जानकारी दी है.

    पार्टी ने ट्वीट करते हुए एक वीडियो भी पोस्ट किया और लिखा है कि 19 सिंतबर को जम्मू-कश्मीर में प्रधानमंत्री जी का कार्यक्रम है.

    बीजेपी का कहना है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की यह रैली श्रीनगर के शेर-ए-कश्मीर पार्क में आयोजित होगी और इसमें लगभग 30 हज़ार पार्टी कार्यकर्ताओं के शामिल होने की उम्मीद है. इस रैली के मद्देनज़र पूरे कश्मीर में सुरक्षा इंतज़ामों को बढ़ा दिया गया है.

  8. सुनीता विलियम्स के पैतृक गाँव में उनके पिता दीपक पंड्या को कैसे याद करते हैं लोग

  9. जम्मू-कश्मीर विधानसभा चुनाव में रिकॉर्ड मतदान, लोगों की क्या है प्रतिक्रिया

    बुधवार को जम्मू-कश्मीर में पहले चरण का मतदान हुआ. इस दौरान लोग बड़ी संख्या में मतदान केंद्रों पर वोट डालने पहुँचे.

    बुधवार को पहले चरण के मतदान में राज्य की 90 विधानसभा सीटों में से 24 सीटों के लिए वोटिंग हुई. इनमें कश्मीर की 16 और जम्मू की आठ सीटें शामिल हैं.

    पहले चरण के मतदान में शामिल इन सभी 24 सीटों पर रिकॉर्ड 61.13 फ़ीसदी मतदान हुआ. इन सभी सीटों पर मतदान के बहिष्कार और ‘चरमपंथी घटनाओं’ का ख़तरा भी था.

    जम्मू-कश्मीर के मुख्य निर्वाचन अधिकारी पांडुरंग के पोल ने कहा, “ज़मीनी हालात में सुधार आया है और मतदाताओं की सुरक्षा भी पुख़्ता हुई है. लोगों को भी यह समझ आ गया है कि शांति और विकास के लिए मतदान ज़रूरी है. यही वजह है कि मतदान में बढ़ोतरी हुई है.''

    लोकसभा चुनावों के दौरान भी जम्मू कश्मीर में बड़ी संख्या में मतदान हुआ था. इस दौरान राज्य में रिकॉर्ड 58.46 फ़ीसदी मतदान हुआ था, जो कि पिछले 35 सालों में सबसे ज़्यादा था.

    हालांकि साल 2022 में जम्मू कश्मीर का परिसीमन भी किया गया था. जम्मू कश्मीर में अनुच्छेद 370 के ख़त्म होने के बाद यह पहला विधानसभा चुनाव है. ऐसी उम्मीद भी है कि इसके बाद एक बार फ़िर से इसके पूर्ण राज्य के दर्जे का दरवाज़ा खुलेगा.

    कुलगाम में वोटिंग के बाद एक सरकारी कर्मचारी ने कहा, “वैसे तो मैं चुनावों का बहिष्कार करता था, लेकिन इस बार मैंने वोटिंग में हिस्सा लेने का फ़ैसला किया है क्योंकि यही इस वक़्त ज़रूरी है. हमें ईमानदार लोगों की ज़रूरत है जो हमारा प्रतिनिधित्व कर सकें, ना केवल विकास के लिए बल्कि विधानसभा और पूरे देश में हमारी आवाज़ उठाने के लिए भी.”

    पहले चरण में सबसे ज़्यादा मतदान किश्तवाड़ के इंदरवाल में हुआ. यहां मतदान का आंकड़ा 82.16 फ़ीसदी था. वहीं सबसे कम पुलवामा में 43.21 फ़ीसदी मतदान हुआ. साल 1987 में जम्मू कश्मीर में सबसे ज़्यादा मतदान हुआ था. इस साल विधानसभा चुनाव में मतदान का आंकड़ा 75 फ़ीसदी था.

  10. पाकिस्तान की सेना को अपने ही लोगों को उठाने की आदत लगी- ब्लॉग

  11. अमेरिका राष्ट्रपति चुनाव: ट्रंप और कमला हैरिस को लेकर लेबर यूनियन की अहम घोषणा

    अमेरिका के सबसे प्रभावशाली लेबर यूनियनों में से एक ‘इंटरनेशनल ब्रदरहुड ऑफ़ टीम्सटर्स’ ने अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव में किसी भी उम्मीदवार का समर्थन करने से इनकार कर दिया है.

    साल 1996 के बाद ऐसा पहली बार है, जब ये यूनियन किसी भी राष्ट्रपति उम्मीदवार को अपना समर्थन नहीं दे रही है.

    अमेरिका और कनाडा को मिलाकर इस लेबर यूनियन में लगभग 13 लाख सदस्य हैं. हालांकि यूनियन ने यह भी कहा है कि रिपब्लिकन उम्मीदवार डोनाल्ड ट्रंप और डेमोक्रेटिक उम्मीदवार कमला हैरिस दोनों ने ही टीम्सटर्स के कुछ मुद्दों को लेकर अपनी प्रतिबद्धताएं ज़ाहिर की हैं.

    यूनियन ने यह भी बताया है कि उसके रैंक-एंड-फ़ाइव सदस्यों के सर्वे में भी किसी ने दोनों ही उम्मीदवारों को कोई निश्चित समर्थन नहीं दिया है.

    हालांकि यूनियन ने अपने सदस्यों के बीच इससे पहले जो सर्वे करवाया था, उसमें ट्रंप को एकतरफ़ा समर्थन का संकेत मिला था.

    ऐसा अंदेशा लगाया जा रहा है कि लेबर यूनियन के इस फ़ैसले से कमला हैरिस को नुक़सान होगा क्योंकि वे अमेरिका के नौकरीपेशा वोटर्स को लुभाने का प्रयास कर रही हैं.

    अगर टीमस्टर्स यूनियन किसी को अपना समर्थन देती तो उसे पेंसलिलवेनिया, मिशिगन और विसकॉन्सिंन में बड़ा चुनावी फ़ायदा मिल सकता था क्योंकि इन जगहों पर इस यूनियन के हज़ारों सदस्य रहते हैं.

  12. लेबनान: पेजर के बाद वॉकी-टॉकी में धमाके, अब तक क्या बातें मालूम हैं

  13. लेबनान: पेजर और वॉकी टॉकी में हुए धमाकों में अब तक कुल 32 लोगों की मौत

    लेबनान के स्वास्थ्य मंत्रालय का कहना है कि 18 सितंबर को हुए सिलसिलेवार धमाकों में अभी तक 20 लोग मारे गए हैं और 450 लोग घायल हुए हैं.

    ये सिलसिलेवार धमाके वॉकी-टॉकी में हुए. वॉकी-टॉकी एक ऐसी वायरलेस मशीन है जिसका इस्तेमाल बातचीत करने के लिए होता है.

    17 सितंबर को भी लेबनान में कई जगहों पर पेजर्स फटे थे. इन धमाकों के कारण एक बच्चे समेत 12 लोगों की मौत हो गई थी.

    जिन वॉकी-टॉकी उपकरणों में धमाके हुए, उनका इस्तेमाल हिज़्बुल्लाह कर रहा था. ये धमाके लेबनान की राजधानी बेरूत, बेका घाटी और दक्षिणी लेबनान में हुए हैं.

    इन धमाकों के लिए भी हिज़्बुल्लाह ने इसराइल को ही ज़िम्मेदार ठहराया है. हालांकि अभी तक इसराइल ने लेबनान में हुए दोनों ही धमाकों पर अपनी कोई भी प्रतिक्रिया ज़हिर नहीं की है.

    गुरुवार को हिज़्बुल्लाह नेता हसन नसरल्लाह अपने लड़ाकों को संबोधित करेंगे. इसके बाद हिज़्बुल्लाह के आगे की योजनाओं का अंदाज़ा लग सकता है.

  14. नमस्कार

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    लेबनान में अब वॉकी-टॉकी में धमाके, 20 लोगों की मौत और 450 से ज़्यादा घायल. इस लिंक पर क्लिक करके पढ़िये पूरी ख़बर.

    ‘वन नेशन वन इलेक्शन’ क्या है जिससे जुड़ी रिपोर्ट पर मोदी सरकार ने लगाई मुहर. पूरी ख़बर पढ़ने के लिए इस लिंक पर क्लिक करें.

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