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मुकेश सहनी के पिता जीतन सहनी की हत्या के बारे में पुलिस ने दी नई जानकारी

विकासशील इंसान पार्टी के संरक्षक और बिहार सरकार के पूर्व मंत्री मुकेश सहनी के पिता की हत्या बारे में पुलिस ने मामले नई जानकारी दी है.

सारांश

  • मुकेश सहनी के पिता जीतन सहनी की हत्या के बारे में पुलिस ने दी नई जानकारी.
  • महाराष्ट्र के गढ़चिरौली में पुलिस के साथ हुई मुठभेड़ में 12 माओवादी मारे गए हैं.
  • महाराष्ट्र: सीएम एकनाथ शिंदे का एलान- 12वीं पास करने वाले छात्रों को हर महीने मिलेंगे 6 हज़ार रुपये.
  • 'बीजेपी कमज़ोर हुई है' अखिलेश यादव के इस दावे पर केशव प्रसाद मौर्य क्या बोले

लाइव कवरेज

चंदन कुमार जजवाड़े और अभिषेक नंदन

  1. मुकेश सहनी के पिता जीतन सहनी की हत्या के बारे में पुलिस ने दी नई जानकारी

    विकासशील इंसान पार्टी के संरक्षक और बिहार सरकार के पूर्व मंत्री मुकेश सहनी के पिता की हत्या के बारे में पुलिस ने नई जानकारी दी है.

    दरभंगा के एसएसपी जगुनाथ रेड्डी जलारेड्डी ने बुधवार देर शाम प्रेस काॅफ्रेंस करके बताया कि इस हत्याकांड के मुख्य अभियुक्त गांव के ही काज़िम अंसारी हैं.

    अंसारी ने पुलिस को बताया कि उसने जीतन सहनी से डेढ़ लाख रुपये का कर्ज लिया था, जिसे वो चुका नहीं पा रहा था. कर्ज़ के बदले अंसारी के कुछ ज़मीन जीतन सहनी के पास गिरवी रखी हुई थी जिसे वो छुड़ाना चाहता था.

    पुलिस ने बताया कि घटना की रात करीब डेढ़ बजे काज़िम अपने साथियों के साथ जीतन सहनी के घर के पीछे के दरवाजे में अंदर गया. इसके बाद जीतन सहनी को उठाकर डराया-धमकाया और जमीन के कागजात मांगे.

    अंसारी ने पुलिस को बताया कि जीतन में उन्हें गालियां दीं, जिसके बाद अंसारी ने जीतन सहनी पर चाकू से ताबड़तोड़ वार किए.

    हत्या करने के बाद सभी ने कागजात वाली आलमारी से जमीन के कागज़ात का बक्सा निकाला, लेकिन उन्हें चाबी नहीं मिली, इसलिए बक्से को एक गढ्ढे में फेंक दिया.

    एसएसपी ने बताया कि अंसारी ने इस घटना में शामिल जिन-जिन साथियों के नाम बताए हैं, पुलिस उनकी खोजबीन कर रही है.

    इसी सप्ताह सोमवार को जीतन सहनी की दरभंगा के बिरौल बाज़ार स्थित उनके घर में हत्या कर दी गई थी.

    इस मामले की जांच के लिए दरभंगा (ग्रामीण) की पुलिस अधीक्षक (एसपी) काम्या मिश्रा की अगुआई में एक कमिटी गठित की गई थी.

  2. महाराष्ट्र के गढ़चिरौली में पुलिस के साथ मुठभेड़ में मारे गए 12 माओवादी

    महाराष्ट्र के गढ़चिरौली में पुलिस के साथ हुई मुठभेड़ में 12 माओवादी मारे गए हैं.

    ये मुठभेड़ छत्तीसगढ़ और महाराष्ट्र के सीमांत इलाके में हुई है.

    ये मुठभेड़ गढ़चिरौली के पुलिस थाना झारवंडी के तहत आने वाले छिंदभट्टी और छत्तीसगढ़ के कांकेर पुलिस थाना बांदे के बीच जंगल में दोपहर 1.30 से 2 बजे के दौरान पुलिस की एक बटालियन और माओवादियों के बीच हुई.

    ख़बरें हैं कि मुठभेड़ में एक पुलिसकर्मी को भी गोली लगी है. समाचार एजेंसियों के मुताबिक दोपहर को शुरू हुई मुठभेड़ देर शाम तक चलती रही.

    छत्तीसगढ़ पुलिस ने एक बयान में कहा है, " दोनों पक्षों के बीच छह घंटे तक गोलीबारी हुई. बाद इलाक़े की तलाशी की गई. इस तलाशी के दौरान अभी तक 12 माओादियों के शव बरामद हुए हैं. इसके अलावा 3 एके 47, एक कार्बाइन, एक एसएलआर सहित 7 ऑटोमैटिक हथियार भी बरामद हुए हैं."

    महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फणवीस से माओवादियों के साथ हुई इस मुठभेड़ में 12 नक्सलियों के मारे जाने की बात कही है.

    उन्होंने महाराष्ट्र सरकार की ओर से गढ़चिरौली पुलिस के लिए 51 लाख रुपये ईनाम की घोषणा की है.

  3. दो जुलाई की घटना पर दुख, होनी को कौन टाल सकता था: सूरजपाल ‘भोले बाबा’

    उत्तर प्रदेश के हाथरस में दो जुलाई को मची भगदड़ से चर्चा में आए सूरजपाल उर्फ़ ‘भोले बाबा’ ने बयान जारी करके हादसे में मारे गए लोगों के लिए अपना दुख जताया है.

    समाचार एजेंसी एएनआई से बातचीत में सूरजपाल ने कहा, “दो जुलाई की घटना से मुझे बहुत दुख हुआ है लेकिन होनी को कौन टाल सकता था. जो भी आया है, उसे कभी न कभी तो जाना ही है.”

    सूरजपाल ने कहा, “हमारे वकील डॉक्टर एपी सिंह और प्रत्यक्षदर्शियों ने ज़हरीले स्प्रे के बारे में बताया है. ये सच है कि कुछ साज़िश रची गई थी. हमें एसआईटी और न्यायिक आयोग पर भरोसा है कि सच सामने आ जाएगा.”

    हाथरस में दो जुलाई को ‘भोले बाबा’ के सत्संग में भगदड़ मची थी, जिसमें 121 लोग मारे गए थे, जिनमें अधिकतर संख्या महिलाओं की थी.

    कथावाचक सूरजपाल जाटव को लोग भोले बाबा और विश्व हरि के नाम से भी जानते हैं. उन्होंने पुलिस कॉन्स्टेबल की नौकरी छोड़कर सत्संग शुरू किए थे. उनके भक्तों की संख्या लाखों में बताई जाती है.

  4. ह्यूमन राइट्स वॉच ने कहा हमास ने इसराइल में किए मानवता के विरुद्ध अपराध

    मानवाधिकार समूह ह्यूमन राइट्स वॉच का कहना है कि 7 अक्टूबर को दक्षिणी इसराइल पर हुए हमले के दौरान हमास और कम से कम चार अन्य फ़िलिस्तीनी सशस्त्र समूहों ने इसराइली नागरिकों के विरुद्ध कई युद्ध और मानवता के विरुद्ध अपराध किए.

    ह्यूमन राइट्स वॉच की एक नई रिपोर्ट कहती है कि हमास ने इसराइली नागरिकों पर जानबूझ गोलियां चलाईं.

    इसके अलावा रिपोर्ट यह भी कहती है कि हमास ने हिरासत में लोगों की जानबूझ कर हत्या की.

    साथ ही रिपोर्ट में हमास पर यौन और लिंग आधारित हिंसा करने, लोगों को बंधक बनाने, शवों को क्षत-विक्षत करने और लूटपाट करने का आरोप भी लगाया गया है.

    रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि नागरिकों की हत्या करना या उनको बंधक बनाना हमास के हमले का मुख्य उद्देश्य था. हालांकि हमास ने ह्यूमन राइट्स वॉच के दावों को झूठा क़रार देकर माफ़ी की मांग की है.

    पिछले साल अक्टूबर के महीने में चरमपंथी संगठन हमास ने इसराइल पर हमला कर दिया था. इस हमले में 1200 से भी ज़्यादा नागरिक मारे गए थे और 251 नागरिकों को बंधक बना लिया गया था.

  5. योगी आदित्यनाथ का निर्देश- शिक्षक प्रतिनिधियों से करें संवाद

    उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ज़िला अधिकारियों सहित ज़िले के अन्य आला आधिकारियों को शिक्षक प्रतिनिधियों के साथ संवाद करने और उनकी समस्याओं का समाधान करने का निर्देश दिया है.

    'योगी आदित्यनाथ ऑफ़िस' ने अपने आधिकारिक एक्स हैंडल से पोस्ट करते हुए लिखा, "सभी जिलाधिकारी, बी.एस.ए., ए.बी.एस.ए. के साथ मिलकर स्थानीय शिक्षक प्रतिनिधियों से संवाद करें, उनकी समस्याओं, जिज्ञासाओं का यथोचित समाधान करें. शिक्षक प्रतिनिधियों से प्रतिवेदन प्राप्त कर मुख्यालय को प्रेषित करें."

    साथ ही उन्होेंने कहा, "पठन-पाठन सुचारु रूप से चलता रहे, यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए."

    इससे पहले यूपी के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने शिक्षकों की डिजिटल अटेंडेंस व्यवस्था पर सवाल खड़े करते हुए उत्तर प्रदेश की भाजपा सरकार को निशाने पर लिया था.

    अखिलेश यादव ने कहा था, "सरकार जो फ़ैसले ले रही है, ये सभी जल्दबाज़ी के हैं. शिक्षकों को परेशान करने के लिए सरकार ने फ़ैसला लिया है कि अब डिजिटल अटेंडेंस ली जाएगी. समाजवादी पार्टी ने इसका विरोध भी किया."

    अखिलेश ने कहा, "मैं कहना चाहता हूं कि ये फ़ैसला स्थगित नहीं होना है. स्थगित का मतलब ये कि सरकार कभी भी इसको लागू कर सकती है. ये फ़ैसला निरस्त हो तभी हमारे शिक्षकों की असली मदद होगी."

  6. महाराष्ट्र: सीएम एकनाथ शिंदे का एलान- 12वीं पास करने वाले छात्रों को हर महीने मिलेंगे 6 हज़ार रुपये

    महाराष्ट्र सरकार अब 12वीं पास कर चुके, डिप्लोमा कर रहे और ग्रेजुएशन में पढ़ रहे छात्रों को हर महीने 6 हज़ार, 8 हज़ार और 10 हज़ार रुपयों का भुगतान करेगी.

    महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने एक एक्स पोस्ट में इसका एलान करते हुए लिखा, "बच्चों के लिए मुख्यमंत्री युवा कार्य प्रशिक्षण योजना' शुरू की जाएगी और इसके माध्यम से 12वीं तक पढ़ने पर 6000, डिप्लोमा करने पर 8000 और डिग्री होने पर 10,000 रुपये वजीफे के तौर पर दिए जाएंगे."

    मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे आषाढ़ी एकादशी की आधिकारिक महापूजा के लिए पंढरपुर पहुंचे थे. इस मौके पर एक कार्यक्रम में बोलते हुए उन्होंने युवाओं के लिए इस योजना की घोषणा की.

    हालांकि यह आर्थिक लाभ हासिल करने के लिए युवाओं को एक साल तक किसी फैक्ट्री में अप्रेंटिसशिप करनी होगी.

    एकनाथ शिंदे ने एलान करते हुए कहा, ''युवक एक साल तक किसी फैक्ट्री में अप्रेंटिसशिप करेगा, जिसके बाद उसे वहां काम का अनुभव मिलेगा और उस अनुभव के आधार पर उसे नौकरी भी मिल जाएगी. इस अप्रेंटिसशिप का भुगतान सरकार करेगी.''

  7. डोडा हमले पर उमर अब्दुल्लाह बोले- सरकार आख़िर कर क्या रही है?

    नेशनल कॉन्फ्रेंस के नेता उमर अब्दुल्लाह ने जम्मू-कश्मीर के डोडा में भारतीय सैनिकों के मारे जाने पर प्रतिक्रिया दी है.

    उमर अब्दुल्लाह मुहर्रम के मौके पर श्रीनगर में आयोजित एक कार्यक्रम में शामिल हुए थे.

    अब्दुल्लाह ने कहा, "जब आप डोडा के बारे में पूछते हैं तो ऐसा लगता है कि यह पहली बार हुआ है. लेकिन पिछले एक साल से लगातार हमले हो रहे हैं. जम्मू का कोई इलाका शायद ही मिलिटेंसी से आज़ाद है."

    अब्दुल्लाह कहते हैं, "जम्मू, सांबा, कठुआ इस रेंज में भी लगातार हमले देखने को मिले. अगर हमारी जानकारी सही है तो अभी तक भारतीय सेना के 55 जवान मारे गए हैं. ऐसे में हम सरकार से यह पूछना चाहते हैं कि सरकार आख़िर कर क्या रही है?"

    केंद्र सरकार को सवालों के घेरे में लेते हुए अब्दुल्ला ने पूछा- ''सरकार ने दावे तो बहुत किए हैं, लेकिन जब भी हमला होता है तो सरकार यही कहती है कि मिलिटेंसी अब अपने आख़िरी दौर में है. सरकार ने अभी तक कुछ भी नहीं कहा है कि इन हमलों को रोकने के लिए वह क्या कदम उठाएगी.''

    बीते दिनों डोडा में हुई मुठभेड़ में सेना के कैप्टन के अलावा तीन जवानों की जान गई थी.

  8. 'बीजेपी कमज़ोर हुई है' अखिलेश यादव के इस दावे पर केशव प्रसाद मौर्य क्या बोले

    उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने अखिलेश यादव के बयान पर अपनी प्रतिक्रिया दी है.

    अखिलेश ने बुधवार को कहा कि उत्तर प्रदेश में भाजपा सरकार कमज़ोर हुई है.

    केशव ने अपने आधिकारिक एक्स अकाउंट पर लिखा, "सपा बहादुर अखिलेश यादव जी, भाजपा का देश और प्रदेश दोनों जगह मजबूत संगठन और सरकार है. सपा का पीडीए धोखा है. यूपी में सपा के गुंडाराज की वापसी असंभव है. भाजपा 2027 विधानसभा चुनाव में 2017 दोहराएगी."

    बुधवार सुबह भी 'ऑफिस ऑफ केशव प्रसाद मौर्य हैंडल' से एक पोस्ट में लिखा गया था, "संगठन सरकार से बड़ा है, कार्यकर्ताओं का दर्द मेरा दर्द है. संगठन से बड़ा कोई नहीं, कार्यकर्ता ही गौरव है..."

    इसके अलावा केशव प्रसाद मौर्य ने भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा से भी मुलाकात की थी. इसी मुलाकात के बाद अखिलेश यादव का ट्वीट आया था.

    अखिलेश यादव ने लिखा था, "बीजेपी में कुर्सी की लड़ाई की गर्मी में उत्तर प्रदेश में शासन-प्रशासन ठंडे बस्ते में चला गया है."

    अखिलेश के मुताबिक़, "तोड़-फोड़ की राजनीति का जो काम बीजेपी दूसरे दलों में करती थी, अब वही काम वो अपने दल के अंदर कर रही है. इसीलिए बीजेपी अंदरूनी झगड़ों के दलदल में धँसती जा रही है. जनता के बारे में सोचने वाला बीजेपी में कोई नहीं है."

  9. अखिलेश यादव बोले- ये सरकार कमज़ोर पड़ी है, तभी...

    उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने राज्य की बीजेपी सरकार और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के कई फ़ैसलों पर बुधवार को प्रतिक्रिया दी है.

    अखिलेश ने कहा, "सरकार जो फ़ैसले ले रही है, ये सभी जल्दबाज़ी के हैं. शिक्षकों को परेशान करने के लिए सरकार ने फ़ैसला लिया है कि अब डिजिटल अटेंडेंस ली जाएगी. समाजवादी पार्टी ने इसका विरोध भी किया."

    अखिलेश बोले, ''मैं कहना चाहता हूं कि ये फ़ैसला स्थगित नहीं होना है. स्थगित का मतलब ये कि सरकार कभी भी इसको लागू कर सकती है. ये फ़ैसला निरस्त हो तभी हमारे शिक्षकों की असली मदद होगी.''

    कुछ दिनों पहले लखनऊ के अकबरनगर में प्रशासन ने अवैध निर्माण गिराए जाने का काम शुरू किया था. इसके बाद पंत नगर में भी अवैध निर्माण को गिराए जाने का फैसला सरकार ने किया था.

    हालांकि योगी सरकार ने ये फ़ैसला वापस ले लिया था.

    लखनऊ में घरों के ध्वस्तीकरण के फ़ैसले पर अखिलेश ने कहा, “ये सरकार कमज़ोर पड़ी है, तभी ध्वस्तीकरण का फ़ैसला भी टाला गया है. लेकिन इसे भी ख़त्म नहीं किया गया है. हम प्रदेश की जनता को सावधान करना चाहते हैं कि बीजेपी के लोगों ने आपसी और कुर्सी की लड़ाई में पूरे प्रशासन को ख़त्म कर दिया है."

    अखिलेश ने सीएम योगी को घेरते हुए कहा, "इन्हीं के विधायक और लोग आरोप लगा रहे हैं कि भ्रष्टाचार चल रहा है. हम लोगों ने अख़बारों में पढ़ा है कि मुख्यमंत्री ख़ुद स्वीकार कर रहे हैं कि बड़े पैमाने पर दलाली चल रही है."

    "जिस प्रदेश के मुख्यमंत्री ख़ुद स्वीकार करते हों कि दलाली चल रही है और अख़बारों में बड़ा-बड़ा छपा हो कि दलाली हो रही है, तो जनता ख़ुद जानती है कि कितनी दलाली हो रही है."

  10. हरियाणा सरकार ने अग्निवीरों के लिए सरकारी नौकरियों में किया 10 फीसदी आरक्षण का एलान

    हरियाणा सरकार ने अग्निवीरों के लिए कई सरकारी नौकरियों में 10 फ़ीसदी आरक्षण देने का एलान किया है.

    हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने बुधवार को कहा, "प्रधानमंत्री की लागू की गई ये योजना एक लोकहित की योजना है. इस योजना के ज़रिए आज हमारे पास ऐक्टिव और स्किल्ड युवा हैं."

    नौकरियों में आरक्षण पर जानकारी देते हुए सैनी ने कहा, "प्रधानमंत्री ने 14 जून 2022 को ये अग्निपथ योजना लागू की थी. इस योजना के तहत भारतीय सेना में चार साल के लिए अग्निवीर की तैनाती की जाती है. हमारी सरकार ने हरियाणा में अग्निवीरों को प्रदेश सरकार द्वारा भर्ती किए जाने वाले कॉन्सटेबल, माइनिंग गार्ड, फॉरेस्ट गार्ड, जेल वार्डन और एसपीओ के पदों पर सीधी भर्ती में 10 फ़ीसदी का आरक्षण दिया जाएगा."

    आरक्षण के अलावा अग्निवीरों के लिए उम्र की सीमा में भी छूट मिलेगी.

    सैनी ने कहा कि इन अग्निवीरों को ग्रुप बी और ग्रुप सी में सरकारी पदों के लिए निर्धारित अधिकतम आयु में तीन साल की छूट प्रदान की जाएगी. अग्निवीरों के पहले बैच के मामले में आयु की यह छूट 5 सालों की होगी.

    नायब सिंह सैनी ने यह एलान भी किया कि सरकार ग्रुप सी में सिविल पदों पर सीधी भर्ती में अग्निवीरों के लिए पांच प्रतिशत आरक्षण और ग्रुप बी में एक फ़ीसदी आरक्षण प्रदान करेगी.

    अगर अग्निवीर को किसी भी औद्यौगिक इकाई में हर महीने तीस हज़ार रुपये से ज़्यादा सैलरी दी जाती है तो हमारी सरकार उस औद्यौगिक इकाई को 60 हज़ार रुपये सालाना की सब्सिडी देगी.

  11. 'सबका साथ, सबका विकास' नारे पर दिए बयान के बाद शुभेंदु अधिकारी ने दिया ये स्पष्टीकरण

    पश्चिम बंगाल में विपक्ष के बीजेपी नेता शुभेंदु अधिकारी ने अपने बयान पर अब स्पष्टीकरण जारी किया है.

    शुभेंदु अधिकारी का "सबका साथ सबका विकास नारे को बंद कर दो" का बयान सोशल मीडिया पर चर्चा में आ गया था.

    अधिकारी ने एक्स पर एक पोस्ट लिखते हुए कहा, "मेरे बयान का ग़लत संदर्भ निकाला गया. मैं यह साफ़ कर दूं कि जो राष्ट्रवादी हैं और इस देश, बंगाल के लिए खड़े हैं, हम उनके साथ हैं."

    अधिकारी ने कहा, "जो लोग हमारे साथ नहीं हैं. देश और बंगाल के हितों के ख़िलाफ़ काम कर रहे हैं, हमें उनका खुलासा करने की ज़रूरत है. ममता बनर्जी की तरह हमें लोगों को बहुसंख्यक और अल्पसंख्यक में नहीं बाँटना चाहिए और सभी को भारतीय के रूप में देखना चाहिए."

    अधिकारी बोले, ''मैं प्रधानमंत्री के सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास, सबका प्रयास के नारे में पूरी तरह से यक़ीन रखता हूं.''

    इससे पहले शुभेंदु बीजेपी के कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे, जहां उन्होंने कहा, "आप लोग कहते हैं, सबका साथ सबका विकास. मैं कहूंगा, जो हमारे साथ, हम उनके साथ."

    शुभेंदु अधिकारी ने अपने भाषण में बीजेपी अल्पसंख्यक मोर्चे को ख़त्म करने की मांग भी की थी.

    शुभेंदु ने दावा किया कि हम हिन्दुओं को बचाएंगे, हम संविधान को बचाएंगे.

  12. असम में मुसलमानों की आबादी पर बोले सीएम सरमा- ये मेरे लिए जीने और मरने का मुद्दा

    असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने राज्य में मुसलमानों की आबादी पर अपनी प्रतिक्रिया दी है.

    हिमंत ने बुधवार को कहा, "डेमोग्राफ़ी का बदलना मेरे लिए एक बड़ा मुद्दा है. असम में आज मुस्लिमों की आबादी 40 फ़ीसदी तक पहुंच गई है."

    2011 की जनगणना के मुताबिक़, असम में मुसलमानों की आबादी 34 फ़ीसदी से अधिक थी. हालांकि 2011 के बाद जो जनगणना होनी थी, वो अब तक नहीं हुई है.

    हिमंत बोले- 1951 में असम में मुस्लिमों की आबादी केवल 12 फ़ीसदी ही थी. हम कई सारे ज़िलों को खो चुके हैं.

    असम के मुख्यमंत्री बोले, ''मेरे लिए ये राजनीतिक मुद्दा नहीं है. मेरे लिए ये जीने और मरने का मुद्दा है.''

    हिमंत इससे पहले भी मुसलमानों को लेकर बयान देते रहे हैं.

    हिमंत बिस्वा सरमा झारखंड में विजय संकल्प सभा में हिस्सा लेने रांची पहुंचे थे और उन्होंने वहीं ये बयान दिया.

  13. 'सबका साथ, सबका विकास' नारे को बीजेपी नेता शुभेंदु अधिकारी ने बंद करने की बात क्यों की?

    पश्चिम बंगाल में विपक्ष के नेता शुभेंदु अधिकारी के ताज़ा बयान से विवाद खड़ा हो गया है.

    बीजेपी नेता शुभेंदु अधिकारी ने कहा, ''सबका साथ सबका विकास नारे को बंद कर दो.''

    बीजेपी के एक कार्यक्रम में अधिकारी बोले, “आप लोग कहते हैं, सबका साथ सबका विकास. मैं कहूंगा, जो हमारे साथ, हम उनके साथ.”

    शुभेंदु अधिकारी ने अपने भाषण में बीजेपी अल्पसंख्यक मोर्चे को ख़त्म करने की मांग की है.

    शुभेंदु ने दावा किया कि हम हिन्दुओं को बचाएंगे, हम संविधान को बचाएंगे.

    शुभेंदु अधिकारी के इस बयान पर टीएमसी आईटी सेल के नेता निरंजन दास ने ट्वीट किया है.

    निरंजन दास ने आरोप लगाया, “यह मुस्लिमों को किनारे करने और शुभेंदु की बाँटने वाली राजनीति का का नया मंत्र है.''

  14. आईएएस पूजा खेडकर विवाद: सुप्रिया सुले बोलीं- इसे बहुत हल्के में लिया जा रहा

    प्रोबेशन में चल रहीं आईएएस अधिकारी पूजा खेडकर के विकलांग होने और ओबीसी जाति प्रमाण पत्र को लेकर चल रहा विवाद थम नहीं रहा है.

    पूजा खेडकर विवाद पर एनसीपी नेता सुप्रिया सुले ने कहा, “ यह बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण है, यह नीट की तरह ही एक प्रतिस्पर्धा वाली परीक्षा है और नीट की तरह ही यहां भी चीजें परेशान करने वाली हैं. ऐसी कोई पुख़्ता व्यवस्था क्यों नहीं है, जिससे इस तरह की चीजों को रोका जा सके. यह राज्य की सुरक्षा का विषय है और इसे बहुत ही हल्के में लिया जा रहा है.”

    इससे पहले मंगलवार को महाराष्ट्र सरकार की तरफ से पूजा खेडकर के जिला प्रशिक्षण कार्यक्रम पर रोक लगाई गई और फिर पूजा को लाल बहादुर शास्त्री प्रशासनिक अकादमी की ओर से वापस बुला लिया गया.

    समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक़, एक अधिकारी ने बताया कि आईएएस पूजा खेडकर ने पुणे के कलेक्टर के ख़िलाफ़ उत्पीड़न की शिकायत दर्ज की है.

    इस वक्त पूजा खेडकर विकलांग होने के दावे, ओबीसी जाति प्रमाण पत्र और पुणे में प्रशिक्षण के दौरान अपने व्यवहार के लिए जांच के दायरे में हैं.

  15. एलन मस्क ने एक्स और स्पेस एक्स का मुख्यालय शिफ्ट करने की बात क्यों की?

    कैलिफ़ोर्निया राज्य के नए लैंगिक पहचान क़ानून का एलन मस्क ने विरोध किया है.

    यह क़ानून स्कूली बच्चों और अभिभावकों की लैंगिक पहचान से जुड़ा हुआ है.

    अमेरिका में बच्चों की लैंगिक पहचान के बारे में माता पिता की ओर से स्कूलों को क्या बताना चाहिए और क्या नहीं, यह चर्चा का विषय बना हुआ है.

    सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स और स्पेस एक्स के मालिक एलन मस्क ने कहा है कि वह अपनी दोनों कंपनियों के मुख्यालय को कैलिफ़ोर्निया से टेक्सस ले जाएंगे.

    एलजीबीटीक्यू समर्थकों का मानना है कि बच्चों के पास निजता का अधिकार है.

    वहीं दूसरे पक्ष के लोगों का कहना है कि बच्चों के साथ क्या हो रहा है, यह जानने का माता पिता को पूरा अधिकार है.

    एलन मस्क की एक ट्रांसजेंडर बेटी भी है और मस्क पहले भी ट्रांस समुदाय का समर्थन कर चुके हैं.

    मस्क ने सोशल मीडिया पर लिखा है कि “यह ताबूत में आखिरी कील है.”

    मस्क इससे पहले 2021 में टेस्ला के मुख्यालय को टेक्सस शिफ्ट कर चुके हैं.

    इसके बाद से मस्क अमेरिकी राजनीति में काफी सक्रिय हुए हैं.

    हाल ही में मस्क ने पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का खुलकर समर्थन किया.

  16. बिहार: मुहर्रम के जुलूस में फ़लस्तीन का झंडा लहराने पर विवाद, एक व्यक्ति गिरफ़्तार

    बिहार के पूर्वी चंपारण ज़िले में मुहर्रम जुलूस के दौरान फ़लस्तीन का झंडा लहराने को लेकर विवाद हो गया है.

    इस मामले में एक व्यक्ति को गिरफ़्तार भी किया गया है.

    ये जानकारी पुलिस ने दी है.

    पूर्वी चंपारण के पुलिस अधीक्षक कांतेश कुमार मिश्रा ने बीबीसी से कहा, ''मुहर्रम के जुलूस में फ़लस्तीनी झंडा लहराने और हंगामे करने के आरोप में एक व्यक्ति को गिरफ़्तार किया गया है.''

    यह घटना ज़िले के महेसी थाना इलाक़े की है.

    स्थानीय पुलिस गिरफ़्तार शख़्स से पूछताछ कर रही है.

    इस मामले में ज़्यादा जानकारी का इंतज़ार है. नई जानकारी मिलने पर इस ख़बर को अपडेट किया जाएगा.

  17. बैंकॉक के होटल में मिले वियतनाम के छह नागरिकों के शव, पुलिस ने क्या बताया

    थाइलैंड की राजधानी बैंकॉक के एक मशहूर होटल में मंगलवार को वियतनाम के 6 लोगों के शव मिले हैं.

    इन शवों को सबसे पहले होटल के एक सफाई कर्मचारी ने देखा

    पुलिस के मुताबिक़, मारे गए लोगों को संभवतः चाय में सायनाइड ज़हर मिलाकर दिया गया था.

    जाँच अधिकारियों के मुताबिक़, इन सभी की मौत शव पाए जाने से 24 घंटे पहले हुई होगी.

    थाइलैंड के जाँच अधिकारी इन रहस्यमयी मौतों के पीछे की एक वजह क़र्ज़ को मानकर जाँच कर रहे हैं. उनका कहना है कि मारे गए लोगों में से दो ने एक अन्य को निवेश के लिए बड़ा क़र्ज़ दे रखा था.

    इससे पहले इन शवों के पाए जाने के बाद इलाक़े में भ्रम की स्थिति थी.

    शुरुआती स्थानीय रिपोर्ट में इस घटना को गोलीबारी से जोड़ा जा रहा था, हालाँकि पुलिस ने ऐसी रिपोर्ट को ख़ारिज़ कर दिया है.

    इन मौतों को लेकर अब तस्वीर कुछ हद तक स्पष्ट हो रही है. पुलिस के मुताबिक़, छह लोगों का यह ग्रुप सोमवार को होटल के कमरे में आया था.

  18. अखिलेश यादव का दावा- बीजेपी अंदरूनी झगड़ों के दलदल में धँसती जा रही है

    उत्तर प्रदेश के डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य की बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा के साथ हुई मुलाक़ात के बाद सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने ट्वीट किया है.

    इस ट्वीट में अखिलेश यादव ने बीजेपी को घेरने की कोशिश की है.

    अखिलेश यादव ने लिखा, ''बीजेपी में कुर्सी की लड़ाई की गर्मी में उत्तर प्रदेश में शासन-प्रशासन ठंडे बस्ते में चला गया है.''

    अखिलेश के मुताबिक़, ''तोड़फोड़ की राजनीति का जो काम बीजेपी दूसरे दलों में करती थी, अब वही काम वो अपने दल के अंदर कर रही है. इसीलिए बीजेपी अंदरूनी झगड़ों के दलदल में धँसती जा रही है. जनता के बारे में सोचने वाला बीजेपी में कोई नहीं है.''

    मौर्य और नड्डा की मुलाक़ात उस बयान के बाद हो रही है, जिसमें केशव प्रसाद ने रविवार को कहा था-संगठन, सरकार से बड़ा होता है.

    बुधवार को यही बयान मौर्य के दफ़्तर की ओर से एक बार फिर सोशल मीडिया पर साझा किया गया.

    ऑफिस ऑफ केशव प्रसाद मौर्य हैंडल से लिखा गया- ''संगठन सरकार से बड़ा है, कार्यकर्ताओं का दर्द मेरा दर्द है. संगठन से बड़ा कोई नहीं, कार्यकर्ता ही गौरव है...''

    लोकसभा चुनाव में यूपी के अंदर बीजेपी के पहले से ख़राब प्रदर्शन के बाद से सवाल उठ रहे हैं.

    कुछ लोग इसके लिए योगी आदित्यनाथ की तरफ इशारा करते हैं तो कुछ लोग राज्य में सीटों के बँटवारे को इसके लिए ज़िम्मेदार मानते हैं.

  19. केशव मौर्य की जेपी नड्डा से मुलाक़ात के बाद अटकलों का बाज़ार गर्म

    उत्तर प्रदेश के उप- मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य और बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा की मुलाक़ात के बाद अटकलों का बाज़ार गर्म है.

    दोनों नेताओं की मुलाक़ात मंगलवार को हुई थी.

    इससे पहले रविवार को लखनऊ में बीजेपी की राज्य कार्यकारिणी को संबोधित करते हुए मौर्य ने कहा था कि संगठन, सरकार से बड़ा होता है.

    मौर्य के इस बयान को कई लोग मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के ख़िलाफ़ टिप्पणी के तौर पर भी देखते हैं.

    लोकसभा चुनाव में उत्तर प्रदेश में बीजेपी के ख़राब प्रदर्शन के बाद इसकी ज़िम्मेदारी को लेकर लगातार ख़बरें सामने आ रही हैं.

    कुछ लोग इसके लिए प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की तरफ इशारा करते हैं तो कुछ लोग राज्य में सीटों के बंटवारे को इसके लिए ज़िम्मेवार मानते हैं.

    मंगलवार को नड्डा और मौर्य के बीच मुलाक़ात में क्या चर्चा हुई है, इसकी कोई आधिकारिक जानकारी उपलब्ध नहीं है. यह मुलाक़ात केशव प्रसाद मौर्य के “संगठन हमेशा सरकार से बड़ा होता है” वाले बयान के बाद हुई.

    सीएम योगी आदित्यनाथ और केशव प्रसाद मौर्य के बीच अनबन की ख़बरें राज्य की सियासत में लगातार चर्चा का मुद्दा रही हैं.

    समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार निजी बातचीत में बीजेपी के कई नेता मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के काम करने के तरीके की आलोचना करते रहे हैं.

  20. विधानसभा चुनाव के पहले ओबीसी को लेकर हरियाणा सरकार ने लिया अहम फ़ैसला

    हरियाणा सरकार ने राज्य विधानसभा चुनावों के पहले ओबीसी वर्ग में क्रीमी लेयर को लेकर बड़ा फ़ैसला लिया है. राज्य सरकार ने ओबीसी वर्ग में क्रीमी लेयर के लिए सालाना आमदनी की अधिकतम सीमा छह लाख से बढ़ाकर आठ लाख कर दिया है.

    इसमें वेतन और खेती से होने वाली आमदनी शामिल नहीं है. इसके अलावा राज्य में पिछड़े वर्गों के लिए आरक्षण भी बढ़ाया गया है.

    पीआईबी के एक प्रेस रिलीज़ के मुताबिक़ हरियाणा के महेंद्रगढ़ में मंगवार को पिछड़े वर्गों के लिए हुए सम्मेलन में केंद्रीय मंत्री अमित शाह ने इसकी जानकारी दी है.

    हरियाणा में ओबीसी क़रीब 40 फ़ीसदी हैं. हरियाणा में इसी साल विधानसभा चुनाव होने हैं.