संभल हिंसाः अनुज चौधरी समेत 12 पुलिसकर्मियों पर एफ़आईआर के कोर्ट के आदेश को चुनौती देगी पुलिस

एक याचिका पर सुनवाई करते हुए संभल के मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (सीजेएम) कोर्ट ने पुलिसकर्मियों के ख़िलाफ़ एफ़आईआर दर्ज करने के निर्देश दिए हैं.

सारांश

लाइव कवरेज

अरशद मिसाल, सुरभि गुप्ता

  1. ईरान में अमेरिका की वर्चुअल एम्बेसी ने जारी की एडवाइज़री

    ईरान

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    इमेज कैप्शन, ईरान में सरकार विरोधी प्रदर्शन होने के साथ ही उसके समर्थन में भी रैली निकाली जा रही है

    ईरान में अमेरिका की वर्चुअल एम्बेसी ने अमेरिकी नागरिकों के लिए सुरक्षा चेतावनी जारी करते हुए उन्हें तुरंत 'ईरान छोड़ने' को कहा है.

    इसमें कहा गया है, "पूरे ईरान में विरोध प्रदर्शन बढ़ रहे हैं और ये हिंसक हो सकते हैं. इससे गिरफ़्तारियां हो सकती हैं और लोग घायल हो सकते हैं. सुरक्षा के कड़े इंतज़ाम, सड़कें बंद होना, पब्लिक ट्रांसपोर्ट में रुकावट और इंटरनेट बंद होना जारी है."

    "ईरान सरकार ने मोबाइल, लैंडलाइन और इंटरनेट नेटवर्क तक पहुंच को सीमित कर दिया है. एयरलाइंस ईरान आने-जाने वाली उड़ानों को सीमित कर रही हैं या रद्द कर रही हैं. कई एयरलाइंस ने शुक्रवार, 16 जनवरी तक अपनी सेवा रोक दी है."

    अमेरिकी नागरिकों को सलाह दी गई है कि उन्हें संपर्क के दूसरे तरीक़े खोजने चाहिए. साथ ही, अगर ऐसा करना सुरक्षित हो, तो आर्मीनिया या तुर्की से ज़मीन के रास्ते ईरान छोड़ने के बारे में सोचना चाहिए.

    ईरान में रह रहे अमेरिकी नागरिकों को एडवाइज़री दी गई है, "अगर ईरान से नहीं निकल सकते हैं, तो कोई सुरक्षित जगह खोजें. अपने पास खाना, पानी, दवाइयां और दूसरी ज़रूरी चीज़ों का स्टॉक रखें. प्रदर्शनों से बचें और अपने आसपास के माहौल की जानकारी रखें."

    अमेरिका की ईरान में कोई राजनयिक मौजूदगी नहीं है. स्विट्जरलैंड अमेरिका के लिए प्रोटेक्टिंग पावर के तौर पर काम करता है. यहां अमेरिका का विदेश मंत्रालय यूएस वर्चुअल एम्बेसी ईरान (https://ir.usembassy.gov/) के ज़रिए जानकारी मुहैया कराता है.

    ईरान में लगभग दो हफ़्तों से सरकार विरोधी प्रदर्शन जारी हैं. इस बीच ईरान सरकार के समर्थन में भी रैलियां निकाली जा रही हैं.

  2. एपल और गूगल के बीच अहम समझौता, संयुक्त बयान में दी ये जानकारी

    एपल और गूगल

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    इमेज कैप्शन, एपल और गूगल ने एक संयुक्त बयान जारी किया है

    टेक की दिग्गज कंपनियां, एपल और गूगल ने सोमवार को एक अहम समझौते की घोषणा की.

    इस समझौते के तहत एपल के नेक्स्ट-जेनरेशन आर्टिफ़िशियल इंटेलिजेंस फ़ीचर्स, जिसमें उसका सिरी असिस्टेंट भी शामिल है, गूगल के जैमिनी मॉडल्स और क्लाउड टेक्नोलॉजी से चलेंगे.

    इस समझौते को लेकर एपल और गूगल की ओर से एक संयुक्त बयान जारी किया गया है.

    इसमें कहा गया है, "एपल ने तय किया है कि गूगल की एआई टेक्नोलॉजी एपल फ़ाउंडेशन मॉडल्स के लिए सबसे अच्छी क्षमता देती है."

    बयान में ये भी कहा गया है कि एपल का आर्टिफ़िशियल इंटेलिजेंस सिस्टम एपल के प्राइवेसी स्टैंडर्ड्स को बनाए रखते हुए एपल डिवाइस और प्राइवेट क्लाउड कंप्यूट पर चलता रहेगा.

  3. ईरान में जारी विरोध प्रदर्शनों के बीच ट्रंप ने की अहम घोषणा

    अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप

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    इमेज कैप्शन, अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप कह चुके हैं कि वह ईरान के मामले में कुछ बहुत मज़बूत विकल्पों पर विचार कर रहे हैं.

    अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ व्यापारिक संबंध रखने वाले देशों के ख़िलाफ़ 25 प्रतिशत टैरिफ़ लगाने की घोषणा की है.

    डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार को ट्रुथ सोशल पर एक पोस्ट में लिखा है, "कोई भी देश जो ईरान के साथ व्यापार कर रहा है, उसे तत्काल प्रभाव से अमेरिका के साथ किए जाने वाले सभी व्यापार पर 25 प्रतिशत टैरिफ़ देना होगा. यह आदेश अंतिम है."

    ट्रंप ने यह घोषणा तब की है, जब ईरान में बीते कई दिनों से सरकार विरोधी प्रदर्शन हो रहे हैं. ट्रंप कह चुके हैं कि वह ईरान के मामले में कुछ बहुत मज़बूत विकल्पों पर विचार कर रहे हैं.

    ईरान का सबसे बड़ा ट्रेडिंग पार्टनर चीन है. उसके बाद इराक़, संयुक्त अरब अमीरात, तुर्की और भारत का नंबर आता है.

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