जेएनयू में सफ़ाई कर्मचारी की आत्महत्या पर क्या बोले टीचर्स और छात्र संगठन?
दिल्ली की जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी में एक 55 वर्षीय सफ़ाई कर्मी ने आत्महत्या कर ली है.
खबरों के मुताबिक यह घटना सोमवार, 20 मई की है.
पुलिस के मुताबिक़ मृतक की पहचान विजय वाल्मीकि के रूप में हुई है, जो कुसुमपुर पहाड़ी के रहने वाले हैं.
जेएनयू में सक्रिय छात्र संगठनों ने इस घटना की निंदा करते हुए जांच की मांग की है. छात्र संगठनों और टीर्चस एसोसिएशन का कहना है कि ठेके पर रखे गए कर्मचारियों के मुद्दों को सुलझाया जाना चाहिए.
पुलिस का कहना है कि जेएनयू में एक ‘आत्महत्या’ के बारे में पीसीआर कॉल के ज़रिए जानकारी मिली थी.
डीसीपी रोहित मीणा के मुताबिक़ मृतक एक निजी कंपनी के कर्मचारी थे और जेएनयू में ठेके पर काम कर रहे थे.
पुलिस ने फिलहाल इस घटना को आत्महत्या माना है और जांच शुरू कर दी है.
वहीं जवाहर लाल यूनिवर्सिटी टीचर्स एसोसिएशन ने इस घटना पर बयान जारी कर अफ़सोस ज़ाहिर किया है और कर्मचारियों के वेतन में हो रही देरी का मुद्दा उठाया है.
एसोसिएशन ने बयान में कहा है, “ये मौत ऐसे समय में हुई है जब ठेके पर काम कर रहे कर्मचारियों का वेतन अनियमित है और कई बार महीनों की देरी से मिल रहा है.”
टीचर्स एसोसिएशन का कहना है कि वाल्मीकि ठेके पर काम कर रहे कर्मचारियों के हक़ों की आवाज़ भी उठाते रहे थे.
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वहीं, जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी प्रशासन ने बयान जारी कर वाल्मीकि की मौत पर अफ़सोस ज़ाहिर किया है.
यूनिवर्सिटी ने अपने बयान में वाल्मीकि का नाम नहीं लिया है और कहा है कि यूनिवर्सिटी प्रशासन पीड़ित परिवार का सहयोग करने के लिए प्रतिबद्ध है.
यूनिवर्सिटी का कहना है कि मृतक को उसका वेतन वेंडर की तरफ़ से नियमित मिल रहा था.
यूनिवर्सिटी ने वेंडर को पीड़ित परिवार की मदद करने के लिए भी निर्देशित किया है.
एनएसयूआई की जेएनयू शाखा ने ट्वीट कर घटना पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि ये 'जेएनयू परिसर के भीतर एक सफाई कर्मचारी की संस्थागत हत्या है.'
एबीवीपी-जेएनयू ने भी घटना की जांच की मांग करते हुए एक्स पर पोस्ट लिखा है.
विद्यार्थी परिषद ने लिखा है - 'हम जेएनयू प्रशासन से विजय जी द्वारा उठाए गए क़दम की जांच की मांग करते हैं. साथ ही ठेके पर रखे गए कर्मचारियों के मुद्दे को भी जल्द सुलझाया जाए.'