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ग़ज़ा में कुपोषण से 11 और लोगों की मौत: हमास संचालित स्वास्थ्य मंत्रालय

ग़ज़ा में कुपोषण के कारण 11 और मौतें हुई हैं. ये जानकारी हमास की ओर से संचालित स्वास्थ्य मंत्रालय ने दी है.

सारांश

लाइव कवरेज

आनंद मणि त्रिपाठी और इफ़्तेख़ार अली

  1. ग़ज़ा सिटी पर नियंत्रण की योजना पर बढ़ते अंतरराष्ट्रीय दबाव को इसराइल ने किया ख़ारिज

    ग़ज़ा सिटी पर नियंत्रण करने के लिए इसराइली सुरक्षा मंत्रिमंडल की योजना को लेकर दुनिया भर में हो रही आलोचना को इसराइल ने पूरी तरह से ख़ारिज कर दिया है.

    इसराइल के रक्षा मंत्री इसराइल कात्ज़ ने कहा है कि जो देश इसराइल की निंदा करते हैं और प्रतिबंधों की धमकी देते हैं, वे "हमारे संकल्प को कमज़ोर नहीं कर पाएंगे."

    उन्होंने कहा, "हमारे दुश्मन हमें मज़बूत पाएंगे जो उन पर बड़ी ताक़त से हमला करेगी."

    ग़ज़ा सिटी पर नियंत्रण के इसराइली फ़ैसले को लेकर संयुक्त राष्ट्र, ब्रिटेन, फ़्रांस और कनाडा सहित कई देशों ने निंदा की और जर्मनी ने इसराइल को सैन्य निर्यात रोकने की बात कही है.

    इसराइली सुरक्षा कैबिनेट ने शुक्रवार को ग़ज़ा सिटी पर नियंत्रण करने की योजना को मंज़ूरी दी. इसके साथ ही इसके पांच बिंदु भी निर्धारित किए हैं.

    इसराइली सेना ग़ज़ा पर नियंत्रण करने और युद्ध समाप्त करने के लिए इन्हीं पांच सिद्धांतों के अनुसार काम करेगी.

    इसराइली मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, इस योजना का पहला लक्ष्य ग़ज़ा सिटी पर पूर्ण नियंत्रण हासिल करना और क़रीब दस लाख लोगों को दक्षिण की तरफ़ स्थानांतरित करना है.

    इसराइली सेना मध्य ग़ज़ा में शरणार्थी शिविरों और उन क्षेत्रों पर भी नियंत्रण करेगी जहां बंधकों को रखा जा सकता है.

    मीडिया का कहना है कि मानवीय सहायता में बढ़ोतरी के साथ ही कुछ सप्ताह बाद दूसरा हमला भी किया जाएगा.

    इस योजना का इसराइल के भीतर भी विरोध हो रहा है. विरोध करने वालों में कुछ सैन्य अधिकारी और ग़ज़ा में बंधक बनाए गए परिवारों के लोग शामिल हैं.

    हमास ने कहा है कि ग़ज़ा पर नियंत्रण की योजना "एक नया युद्ध अपराध है" और इसके लिए "इसराइल को भारी क़ीमत चुकानी पड़ेगी."

    शुक्रवार को ब्रिटेन, जर्मनी, इटली, न्यूज़ीलैंड और ऑस्ट्रेलिया के विदेश मंत्रियों ने एक संयुक्त बयान में इस योजना को "विनाशकारी" बताते हुए कहा है कि इससे ग़ज़ा में स्थिति और भी "गंभीर" हो जाएगी.

  2. डोनाल्ड ट्रंप की घोषणा- पुतिन से अलास्का में होगी मुलाक़ात

    अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने घोषणा की है कि उनकी रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ अगले शुक्रवार को अमेरिकी राज्य अलास्का में बैठक होगी.

    डोनाल्ड ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर लिखा, "अमेरिका के राष्ट्रपति के रूप में मेरे और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के बीच बहुप्रतीक्षित बैठक अगले शुक्रवार, 15 अगस्त, 2025 को ग्रेट स्टेट अलास्का में होगी."

    अलास्का में व्लादिमीर पुतिन से मुलाक़ात की घोषणा के बाद रूसी राष्ट्रपति के सहायक यूरी उशाकोव ने कहा, "रूस और अमेरिका निकट पड़ोसी हैं, जिनकी सीमा एक-दूसरे से लगती है. यह बेहतर है कि दोनों देशों के नेताओं के बीच इतना महत्वपूर्ण और प्रत्याशित शिखर सम्मेलन अलास्का में आयोजित होगा."

    यूरी उशाकोव के अनुसार, अलास्का के बाद अगला शिखर सम्मेलन मॉस्को में हो सकता है. उन्होंने बताया कि इसके लिए निमंत्रण पहले ही दिया जा चुका है.

    इससे पहले 2013 में अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने रूस की यात्रा की थी.

    हालांकि, अलास्का में ट्रंप-पुतिन शिखर सम्मेलन की पुष्टि होने के बाद यूक्रेन से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं मिली है.

    व्हाइट हाउस में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने संवाददाताओं से कहा, "मैं शीघ्र ही राष्ट्रपति पुतिन से मिलने वाला हूं. यह मुलाक़ात और भी पहले हो सकती थी, लेकिन इसके लिए सुरक्षा संबंधी कुछ व्यवस्थाएं करनी पड़ती हैं."

    अमेरिकी राष्ट्रपति ने एक ऐसे समझौते का भी संकेत दिया जिसमें यूक्रेन और रूस दोनों के हित में "कुछ क्षेत्रों की अदला-बदली" शामिल होगी.

    उन्होंने कहा, "आप उस क्षेत्र को देख रहे हैं जिस पर साढ़े तीन साल से लड़ाई चल रही है. बहुत सारे रूसी मारे गए हैं, बहुत सारे यूक्रेनी मारे गए हैं, इसलिए हम इस पर नज़र रख रहे हैं".

    "हम वास्तव में कुछ वापस पाने और कुछ की अदला-बदली करने की कोशिश कर रहे हैं. यह जटिल है, वास्तव में आसान नहीं है. हम कुछ वापस पाने जा रहे हैं, कुछ की अदला-बदली करेंगे."

    उन्होंने यह टिप्पणी ऐसे समय में की है जब अमेरिका ने रूसी राष्ट्रपति को यूक्रेन में युद्ध विराम समझौते पर सहमत होने के लिए समयसीमा निर्धारित की थी, जो शुक्रवार को बिना किसी घोषणा के समाप्त हो गई.

    यह हाल के दिनों में यूक्रेन युद्ध को लेकर कूटनीतिक गतिविधियों में तेज़ी के बाद आया है.

    ट्रंप के विशेष दूत स्टीव विटकॉफ़ ने इस हफ़्ते की शुरुआत में राष्ट्रपति पुतिन से मुलाक़ात की थी, और अमेरिकी राष्ट्रपति ने यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर ज़ेलेंस्की से फ़ोन पर बात की है.

    व्हाइट हाउस इस संघर्ष को समाप्त करने के लिए समझौते पर ज़ोर दे रहा है, लेकिन यह देखना अभी बाक़ी है कि क्या दोनों पक्ष किसी शर्त पर सहमत हो सकते हैं.

  3. नमस्कार!

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