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क़तर की राजधानी दोहा के क़रीब मौजूद अल उदैद एयर बेस मध्य-पूर्व में अमेरिकी सेंट्रल कमांड के एयर ऑपरेशन्स का मुख्यालय है.
कीर्ति रावत और इफ़्तेख़ार अली
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गुजरात की दो विधानसभा सीटों के उपचुनाव के नतीजे आ गए हैं. केरल, पंजाब और पश्चिम बंगाल की एक-एक सीट पर हुए उपचुनाव की मतगणना अभी जारी है.
गुजरात के उपचुनाव में विसावदर सीट पर आम आदमी पार्टी ने भारतीय जनता पार्टी को हराया है. आम आदमी पार्टी के उम्मीदवार गोपाल इटालिया ने बीजेपी के किरीट पटेल को हराकर जीत हासिल की है.
गोपाल इटालिया को 75,942 वोट मिले, जबकि बीजेपी के किरीट पटेल को 58,388 वोट मिले.
वहीं गुजरात की कड़ी सीट पर बीजेपी उम्मीदवार राजेंद्र चावड़ा ने कांग्रेस उम्मीदवार रमेश चावड़ा को हराया है.
पंजाब के लुधियाना में आम आदमी पार्टी के संजीव अरोड़ा आगे चल रहे हैं. केरल में कांग्रेस के आर्यदान शौकत और पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस की अलीफ़ा अहमद बढ़त बनाए हुए हैं.
इसराइली सेना ने बताया कि उसने ईरान के छह एयरपोर्ट पर हमला किया है, जिसमें 15 एयरक्राफ़्ट नष्ट कर दिए गए और रनवे को नुकसान पहुंचाया गया है.
इसराइली डिफ़ेंस फ़ोर्स ने सोशल मीडिया पर इस हमले की जानकारी दी.
आईडीएफ़ ने बताया कि ये हमले पश्चिमी, पूर्वी और सेंट्रल ईरान में स्थित एयरपोर्ट पर किए गए.
इसराइली सेना ने यह भी कहा कि रनवे और भूमिगत बंकरों को भी नुकसान पहुंचा है.
इसके अलावा आईडीएफ़ के मुताबिक़, इन हवाई हमलों में एफ़-15 और एफ़-5 फ़ाइटर जेट, रिफ्यूलिंग प्लेन और एएच-1 कोबरा अटैक हेलीकॉप्टर तबाह किए गए हैं.
ईरान ने अभी तक इन हमलों की पुष्टि नहीं की है.
यूक्रेन के गृह मंत्री इहोर क्लीमेंको ने बताया है कि यूक्रेन की राजधानी कीएव पर रूस की ओर से रातभर किए गए मिसाइल और ड्रोन हमले में कम से कम चार लोगों की मौत हो गई है.
सोशल मीडिया पर इन हमलों की जानकारी देते हुए इहोर क्लीमेंको ने लिखा कि इस हमले में रिहाइशी इलाक़ों, अस्पतालों और स्पोर्ट्स इंफ्रास्ट्रक्चर को निशाना बनाया गया है.
उन्होंने कहा, "शेवचेनकेवस्की ज़िले में एक ऊंची आवासीय इमारत का पूरा हिस्सा ढह गया है और कुछ लोग अभी भी मलबे के नीचे फंसे हुए हैं."
कीएव के क्षेत्रीय प्रमुख मिकोला कालाश्नीक के मुताबिक़, इस हमले में एक महिला की मौत हुई है और दो अन्य लोग घायल हुए हैं.
यूक्रेन की आपात सेवा डीएसएनएस ने बताया कि कीएव में कुल 13 लोग घायल हुए हैं, जिनमें दो बच्चे और एक गर्भवती महिला शामिल हैं.
रूसी सेना ने इस हमले पर कोई टिप्पणी नहीं की है.
अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने चीन से अपील की है कि वह ईरान को होर्मुज़ जलडमरूमध्य (स्ट्रेट) बंद करने से रोके.
यह बयान उस वक़्त आया जब ईरान के सरकारी चैनल प्रेस टीवी ने बताया कि ईरान की संसद ने होर्मुज़ जलडमरूमध्य को बंद करने की योजना को मंज़ूरी दे दी है, हालांकि इसका आख़िरी फ़ैसला अब भी सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल के हाथ में है.
अमेरिका की ओर से ईरान के परमाणु ठिकानों पर किए गए हमलों के बाद कच्चे तेल की कीमतों में उछाल देखा गया.
रविवार को फ़ॉक्स न्यूज़ को दिए इंटरव्यू में मार्को रुबियो ने कहा, "मैं चीन की सरकार से कहना चाहता हूं कि वे ईरान से इस बारे में फ़ोन करके बात करें, क्योंकि चीन भी अपने तेल के लिए होर्मुज़ जलडमरूमध्य पर काफ़ी हद तक निर्भर है."
उन्होंने आगे कहा, "अगर ईरान जलडमरूमध्य को बंद करता है तो यह उनके लिए आर्थिक आत्महत्या जैसा होगा. हमारे पास इससे निपटने के विकल्प मौजूद हैं. लेकिन बाकी देशों को भी इस पर ध्यान देना चाहिए, क्योंकि इसका असर उनके आर्थिक हालात पर हमसे कहीं ज़्यादा पड़ेगा."
होर्मुज़ जलडमरूमध्य दुनिया भर में गैस और तेल की आपूर्ति के लिए रणनीतिक तौर पर बहुत महत्वपूर्ण है. यह मध्य पूर्व के तेल भंडार वाले देशों को एशिया, यूरोप और उत्तरी अमेरिका समेत दुनिया के अन्य हिस्सों से जोड़ता है.
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रविवार को अपने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म ट्रुथ सोशल पर ईरान के तीन परमाणु ठिकानों पर हमलों की घोषणा की थी.
ईरान ने इन हमलों की पुष्टि की थी और इसके जवाब में ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराग़ची ने अमेरिका पर यूएन चार्टर का उल्लंघन करने का आरोप लगाया था.
इसके अलावा, अमेरिका में डेमोक्रेटिक पार्टी के कई नेताओं ने ईरान के परमाणु ठिकानों पर अमेरिकी हमलों की निंदा की.
वहीं, ईरान के परमाणु ठिकानों पर अमेरिका के हमले की मुस्लिम और अरब देशों ने आलोचना की और इसे अंतरराष्ट्रीय क़ानून का उल्लंघन बताया.
ट्रंप के इस फ़ैसले के बाद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अमेरिका और ट्रंप के ख़िलाफ़ दुनिया के कुछ देशों में विरोध प्रदर्शन शुरू हुए.
ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज़ ने ईरान के परमाणु ठिकानों पर किए गए अमेरिकी हमलों का समर्थन किया है.
इसके साथ ही उन्होंने सभी पक्षों से फिर से बातचीत शुरू करने की अपील की है.
ऑस्ट्रेलिया की राजधानी कैनबरा में विदेश मंत्री पेनी वॉन्ग के साथ एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में अल्बनीज़ ने कहा, "हम किसी भी तरह की लड़ाई या बड़े स्तर का युद्ध नहीं चाहते हैं."
उन्होंने आगे कहा, "हम लगातार बातचीत और कूटनीति की अपील कर रहे हैं."
इसके अलावा ऑस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज़ ने ईरान से अपील की है कि वह कोई भी ऐसा क़दम न उठाए जिससे क्षेत्र में अस्थिरता पैदा होने का ख़तरा हो.
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर एक पोस्ट में कहा है कि अमेरिका ने ईरान के सभी परमाणु ठिकानों पर हमले कर भारी नुकसान पहुंचाया है.
उन्होंने लिखा कि 'पूर्ण विनाश' इस हमले को सही तरीके से बयान करता है.
ट्रंप ने लिखा, "सैटेलाइट तस्वीरों से पता चलता है कि ईरान के सभी परमाणु ठिकानों को बहुत बड़ा नुकसान हुआ है. इसे 'पूर्ण विनाश' कहना बिल्कुल सही होगा."
"जो सफेद संरचना दिखाई दे रही है, वह चट्टानों के अंदर गहराई तक बनी है, जिसकी छत भी ज़मीन के नीचे है और वह आग से पूरी तरह सुरक्षित है. लेकिन असली और सबसे बड़ा नुकसान ज़मीन के काफ़ी नीचे हुआ है. एकदम निशाने पर."
ईरान के तीन परमाणु ठिकानों पर अमेरिका के हमले के बाद ट्रंप ने रविवार को ईरान को चेतावनी दी थी.
उन्होंने कहा था, "या तो अब शांति होगी या फिर ईरान के लिए एक ऐसी त्रासदी आएगी जो पिछले आठ दिनों में देखी गई घटनाओं से कहीं ज़्यादा बड़ी होगी."
अमेरिका के विदेश मंत्रालय ने रविवार को एक नया सुरक्षा अलर्ट जारी किया, जिसमें विदेशों में रह रहे या यात्रा कर रहे अमेरिकी नागरिकों को ज़्यादा सतर्क रहने के लिए कहा गया है.
नए सुरक्षा अलर्ट में कहा गया है, "इसराइल और ईरान के बीच चल रहे संघर्ष की वजह से मध्य पूर्व में यात्रा में रुकावटें आ रही हैं और कुछ इलाकों में हवाई क्षेत्र बंद किए जा रहे हैं."
"साथ ही, दुनिया के कई हिस्सों में अमेरिकी नागरिकों और उनके हितों के ख़िलाफ़ प्रदर्शन होने की आशंका है. इसी वजह से अमेरिकी विदेश मंत्रालय ने दुनिया भर में सभी अमेरिकी नागरिकों को अतिरिक्त सावधानी बरतने की सलाह दी है."
अमेरिका ने रविवार को ईरान के तीन परमाणु ठिकानों फ़ोर्दो, नतांज़ और इस्फ़हान पर हमले किए थे.
अमेरिका के इस हमले के बाद ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराग़ची ने अमेरिका पर यूएन चार्टर के उल्लंघन का आरोप लगाया था.
इसके अलावा मुस्लिम और अरब देशों ने भी ईरान पर किए गए इस अमेरिकी हमले की आलोचना की और इसे अंतरराष्ट्रीय क़ानून का उल्लंघन बताया है.
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार को ईरान में सत्ता परिवर्तन को लेकर टिप्पणी की.
ट्रंप ने अपने ट्रुथ सोशल पर लिखा, "सत्ता परिवर्तन कहना राजनीतिक तौर पर सही नहीं माना जाता, लेकिन अगर मौजूदा ईरानी सरकार ईरान को फिर से महान नहीं बना पा रही है, तो फिर सत्ता परिवर्तन क्यों नहीं होना चाहिए? मेक ईरान ग्रेट अगेन."
हालांकि रविवार को हुई प्रेस ब्रीफिंग में अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने कहा था कि ईरान के परमाणु ठिकानों पर किया गया हमला सत्ता परिवर्तन के लिए नहीं था .
उन्होंने कहा था, "यह मिशन सत्ता बदलने के लिए नहीं था और न ही अब ऐसा कोई उद्देश्य है."
इसके अलावा अमेरिकी उप राष्ट्रपति जेडी वेंस ने रविवार को एबीसी न्यूज़ से कहा था, "सबसे पहली बात, हम सत्ता परिवर्तन नहीं चाहते. हम ईरान के परमाणु कार्यक्रम को ख़त्म करना चाहते हैं."
अमेरिका ने रविवार को ईरान के तीन परमाणु ठिकानों फ़ोर्दो, नतांज़ और इस्फ़हान पर हमले किए थे.
इसके बाद ईरान के अधिकारियों ने पुष्टि की थी कि इन परमाणु ठिकानों को निशाना बनाया गया था. हालांकि उन्होंने इस दावे को ख़ारिज किया था कि इससे कोई बड़ा नुकसान हुआ है.
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