पाकिस्तान के सरकारी टीवी चैनल के मुताबिक़, पाकिस्तानी सुरक्षा बलों के सूत्रों ने दावा किया है कि दक्षिण और उत्तरी वज़ीरिस्तान से सटे अफ़ग़ान इलाक़ों में हाफ़िज़ गुल बहादुर समूह के ठिकानों पर शुक्रवार रात सटीक हमले किए गए.
पाकिस्तान सरकार और सेना ने इस मामले पर आधिकारिक तौर पर कोई भी बयान जारी नहीं किया है. बीबीसी भी स्वतंत्र रूप से इसकी पुष्टि नहीं कर पाया है.
दूसरी ओर, अफ़ग़ान तालिबान के एक प्रांतीय अधिकारी ने बीबीसी अफ़ग़ान सेवा को बताया कि शुक्रवार को "पाकिस्तान ने पक्तिका प्रांत में एक घर पर बमबारी की."
बीबीसी अफ़ग़ान सेवा के मुताबिक़, तालिबान सरकार के राष्ट्रीय रेडियो और टेलीविजन स्टेशन ने कहा है कि इस हमले में अब तक 10 लोगों की मौत हो चुकी है और 13 लोग घायल हैं.
अफ़ग़ान तालिबान ने इसे संघर्षविराम समझौते का उल्लंघन बताया है.
पाकिस्तान और अफ़ग़ानिस्तान 48 घंटे के संघर्षविराम पर सहमत हुए थे. दोनों के बीच क़तर की मध्यस्थता में दोहा में बातचीत चल रही है.
हाफ़िज़ गुल बहादुर समूह क्या है?
बीबीसी उर्दू के मुताबिक़, 2014 में उत्तरी वज़ीरिस्तान में एक बड़ा सैन्य अभियान शुरू किया गया था. इस ऑपरेशन से पहले, हाफ़िज़ गुल बहादुर समूह को सरकार समर्थक माना जाता था.
ऐसी ख़बरें थीं कि यह समूह पाकिस्तान में तालिबान के भीतर सुरक्षा बलों पर हमलों का विरोध करता था. विश्लेषक इस समूह के बारे में कहते रहे हैं कि वे 'अच्छे तालिबान' थे.
2022 में जब तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (टीटीपी) के साथ बातचीत शुरू हो रही थी, तब तालिबान के हाफ़िज़ गुल बहादुर समूह के साथ बातचीत की ख़बरें आई थीं और यह भी ख़बर थी कि उत्तरी वज़ीरिस्तान तक युद्धविराम की घोषणा की गई है. लेकिन इसके बारे में और कोई जानकारी सामने नहीं आई.
अक्तूबर 2021 में अफ़ग़ानिस्तान में तालिबान सरकार की स्थापना के बाद पूर्व प्रधानमंत्री इमरान ख़ान ने एक टीवी इंटरव्यू में कहा था कि तालिबान के विभिन्न गुटों के साथ बातचीत की जा रही है. इसमें हाफ़िज़ गुल बहादुर समूह भी था.