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नीट यूजी 2025 के लिए रजिस्ट्रेशन शुरू, 4 मई को होगी परीक्षा

शुक्रवार को नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) ने घोषणा की कि मेडिकल प्रवेश परीक्षा नीट-यूजी 4 मई को आयोजित की जाएगी.

सारांश

लाइव कवरेज

हिमांशु दुबे, इफ़्तेख़ार अली

  1. नीट यूजी 2025 के लिए रजिस्ट्रेशन शुरू, 4 मई को होगी परीक्षा

    शुक्रवार को नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) ने घोषणा की कि मेडिकल प्रवेश परीक्षा नीट-यूजी 4 मई को आयोजित की जाएगी.

    नेशनल इलिजिबिलिटी कम इंट्रेस टेस्ट (नीट) यूजी के लिए आवेदन प्रक्रिया शुक्रवार को शुरू हुई और 7 मार्च को समाप्त होगी.

    न्यूज़ एजेंसी पीटीआई के मुताबिक़ परीक्षा में बैठने वाले उम्मीदवारों की संख्या के मामले में यह देश की सबसे बड़ी प्रवेश परीक्षा है.

    साल 2024 में रिकॉर्ड 24 लाख से ज़्यादा अभ्यर्थियों ने यह परीक्षा दी थी. मेडिकल कॉलेजों में प्रवेश के लिए एनटीए हर साल नीट का आयोजन करता है.

    पीटीआई के मुताबिक़, एमबीबीएस कोर्स के लिए कुल 1 लाख 8 हज़ार सीटें उपलब्ध हैं. उनमें से लगभग 56,000 सरकारी अस्पतालों में और लगभग 52,000 निजी कॉलेजों में हैं.

    पिछले साल नीट परीक्षा को लेकर विवाद पैदा हो गया था.

    चार जून, 2024 को नीट परीक्षा के परिणाम घोषित होने के बाद ऐसे कई दावे सामने आए हैं कि इस परीक्षा का आयोजन ठीक तरह से नहीं हुआ है.

    परीक्षा के परिणाम 14 जून को घोषित होने थे. हालांकि रिज़ल्ट दस दिन पहले यानी चार जून को घोषित कर दिए गए. इसे लेकर भी विवाद हुआ था.

    बाद में शिक्षा मंत्रालय ने 22 जून 2024 को नीट-यूजी परीक्षा में कथित गड़बड़ी की जांच सीबीआई को सौंप दी है.

  2. ऑस्ट्रेलिया: बगीचे में 102 ज़हरीले सांपों का रेस्क्यू, सांप पकड़ने वाले ने क्या बताया?

    सिडनी के एक बगीचे से 102 ज़हरीले सांपों को रेस्क्यू किया गया.

    इन सांपों को पकड़ने गए विशेषज्ञों की टीम के मुखिया कोरी केरेवरो ने बताया कि उनकी टीम को पहले सांपों के एक गुच्छे को रेस्क्यू के लिए बुलाया गया था, क्योंकि एक सांप ने वहां एक कुत्ते को काट लिया था.

    जब उनके साथी ने पहुंचकर देखा, तो उन्होंने वहां 40 सांप पाए, जिनमें से चार को सांप के रखने वाले थैले में जब डाला गया तो उन्होंने और सांपों को जन्म दिया.

    ये सांप ऑस्ट्रेलिया की सबसे सामान्य ज़हरीली प्रजातियों में से एक हैं, लेकिन अब तक इनके काटने से किसी इंसान की मौत नहीं हुई है.

    पांच वयस्क और 97 बच्चों वाले ये सांप फ़िलहाल क्वारंटाइन में हैं और मौसम ठंडा होने के बाद उन्हें एक राष्ट्रीय उद्यान में छोड़ा जाएगा.

  3. पूछताछ के बाद बांग्लादेशी अभिनेत्री शॉन और सबा को रिहा किया गया

    ढाका मेट्रोपॉलिटन पुलिस की डिटेक्टिव ब्रांच (डीबी) ने बांग्लादेशी अभिनेत्री मेहर अफ़रोज़ शॉन और सोहाना सबा को रिहा कर दिया है.

    उनको अवामी लीग से संबंधों के शक़ में हिरासत में लिया गया था.

    शॉन को गुरुवार शाम को उनके धानमंडी स्थित घर से और सबा को रात में गिरफ़्तार कर डीबी कार्यालय लाया गया था.

    मेट्रोपॉलिटन पुलिस के प्रवक्ता मुहम्मद तालेबुर रहमान ने बीबीसी बांग्ला से बताया कि शुक्रवार की शाम उन्हें हिरासत से छोड़ दिया गया है.

    इससे पहले शॉन को हिरासत में लिए जाने के बाद, डिटेक्टिव ब्रांच के प्रमुख रेज़ाउल करीम मल्लिक ने बीबीसी बांग्ला से कहा था, "हमें जानकारी मिली है कि वह एक राज्य-विरोधी साजिश में शामिल हैं. उन्हें पूछताछ के लिए डीबी कार्यालय लाया गया है."

    वहीं तालेबुर रहमान ने आज बीबीसी बांग्ला को बताया, "कुछ खुफिया जानकारी की पुष्टि के लिए उनसे पूछताछ की गई थी."

  4. भारत ने बांग्लादेश के उच्चायुक्त को तलब किया, विदेश मंत्रालय ने क्या बताया

    भारतीय विदेश मंत्रालय ने शुक्रवार को बांग्लादेश के कार्यवाहक उच्चायुक्त नज़रुल इस्लाम को तलब किए जाने पर जानकारी दी है.

    भारतीय विदेश मंत्रालय की ओर से जारी एक बयान में कहा गया, “विदेश मंत्रालय ने आज, 7 फरवरी को बांग्लादेश के कार्यवाहक उच्चायुक्त नज़रुल इस्लाम को साउथ ब्लॉक बुलाया.”

    “इस दौरान भारत की तरफ़ से यह संदेश दिया गया कि भारत बांग्लादेश के साथ सकारात्मक, रचनात्मक और पारस्परिक रूप से लाभकारी संबंध चाहता है, जैसा कि हाल की उच्च-स्तरीय बैठकों में कई बार दोहराया जा चुका है.”

    बयान में आगे कहा गया, “हालांकि, यह भी खेदजनक है कि बांग्लादेश के अधिकारी लगातार ऐसे बयान दे रहे हैं जो भारत को नकारात्मक रूप में पेश करते हैं और आंतरिक शासन संबंधी मुद्दों के लिए भारत को ज़िम्मेदार ठहराते हैं.”

    बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख़ हसीना पिछले साल पांच अगस्त को जनउभार के बाद भारत चली आई थीं और तबसे यहीं हैं.

    शेख़ हसीना की राजनीतिक गतिविधियों पर बांग्लादेश सरकार ने कई बार आपत्ति जताई है. उनके ख़िलाफ़ बांग्लादेश में कई मुकदमे दर्ज किए गए हैं और उन्हें प्रत्यर्पित करने को लेकर बांग्लादेश के नेताओं ने कई बयान भी दिए हैं.

    पिछले कई महीनों से भारत और बांग्लादेश की अंतरिम सरकार के बीच तनाव चल रहा है. भारत बांग्लादेश सीमा पर इस तनाव का असर साफ़ है. सीमा पर बीएसएफ़ की ओर से बाड़बंदी को लेकर बांग्लादेश की ओर से आपत्ति भी दर्ज कराई गई है.

  5. दिनभर- पूरा दिन, पूरी खबर: इंटरनेशनल क्रिमिनल कोर्ट पर ट्रंप की पाबंदी से क्या होगा?

  6. बांग्लादेश: मोहम्मद यूनुस ने कहा शेख़ हसीना और अवामी लीग की प्रॉपर्टी पर हो रहे हमले फ़ौरन रोके जाएं

    बांग्लादेश की अंतरिम सरकार के मुख्य सलाहकार प्रोफ़ेसर मोहम्मद यूनुस ने एक बयान जारी कर लोगों से शांति की अपील की है.

    बुधवार रात बांग्लादेश की राजधानी ढाका के धानमंडी-32 में स्थित शेख़ मुजीब-उर रहमान के घर पर हमला हुआ था.

    उसी के बाद यूनुस ने ये अपील जारी की.

    उनकी ओर से जारी एक बयान में कहा गया, “हम बांग्लादेश के सभी नागरिकों से तुरंत पूर्ण कानून और व्यवस्था बहाल करने की अपील करते हैं.”

    साथ ही यूनुस ने आह्वान किया है कि, "शेख़ हसीना के परिवार और 'फ़ासीवादी अवामी लीग पार्टी' के राजनेताओं से जुड़ी संपत्तियों पर या किसी भी बहाने से किसी भी नागरिक के ख़िलाफ़ कोई और हमला ना हो.”

    बयान में कहा गया, “संपत्तियों पर हमला करने वाले कार्यकर्ताओं का ग़ुस्सा समझ में आता है क्योंकि उन्हें और उनके रिश्तेदारों और दोस्तों को हसीना सरकार में सालों तक अत्याचार सहना पड़ा था.”

    “सरकार कार्यकर्ताओं की नाराज़गी को समझती है कि नई दिल्ली में शरण लेने के बावजूद शेख़ हसीना अपने लड़ाकों के ज़रिए हमारी सामान्य स्थिति में लौटने की कोशिशों में बाधा डाल रही हैं."

    बयान में आगे कहा गया, “ये समझने के बावजूद सरकार नागरिकों से क़ानून का पालन करने की अपील करती है ताक़ि दुनिया को दिखाया जा सके कि हम एक ऐसा राष्ट्र हैं जो कानून के शासन का सम्मान करता है.”

    बयान में उन्होंने कहा, “अगर किसी भी तरह की उत्तेजक गतिविधियों के ज़रिए देश को अस्थिर करने का कोई प्रयास किया जाता है, तो कानून प्रवर्तन एजेंसियां ​​अराजकता और अराजकता पैदा करने वाले किसी भी व्यक्ति के ख़िलाफ़ तुरंत सख़्त कार्रवाई करेंगी, जिसमें संपत्ति का विनाश भी शामिल है.”

    शेख़ हसीना पर तंज कसते हुए बयान में कहा गया, “'फासीवादी शासन के नेताओं ने देश को पूरी तरह बर्बाद कर दिया है. उनकी संपत्तियों पर कोई भी हमला उन्हें अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ध्यान आकर्षित करने और अपनी मनगढ़ंत कहानियों को उजागर करने का बहाना देता है.”

    “हम मानवता के ख़िलाफ उनके अपराधों के लिए उन पर मुक़दमा चलाने की प्रक्रिया में हैं. पूरी दुनिया हमारे साथ है. क़ानून व्यवस्था बिगड़ने से दुनिया में गलत संदेश जाएगा.”

  7. ‘आप के उम्मीदवारों को 15 करोड़ के ऑफ़र’ वाले आरोप पर केजरीवाल को एंटी करप्शन ब्रांच का नोटिस

    शुक्रवार को दिल्ली की एंटी करप्शन ब्रांच (एसीबी) ने आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल को एक क़ानूनी नोटिस भेजा है.

    इस नोटिस में अरविंद केजरीवाल की ओर से भारतीय जनता पार्टी पर लगाए गए आरोपों के संबंध में विवरण और सबूत मांगे गए हैं.

    'आप' ने भारतीय जनता पार्टी पर दिल्ली विधानसभा चुनाव परिणाम से पहले उनकी पार्टी के उम्मीदवारों को रिश्वत देने के प्रयास का आरोप लगाया था.

    आम आदमी पार्टी के सांसद संजय सिंह ने गुरुवार को कहा था कि भारतीय जनता पार्टी ने दिल्ली में विधानसभा चुनाव के नतीजों से पहले उनकी पार्टी के 7 विधायकों को फ़ोन कर 15 करोड़ रुपये का ऑफर दिया था.

    यह नोटिस 8 फ़रवरी को दिल्ली विधानसभा चुनाव के लिए होने वाली वोटों की गिनती से ठीक एक दिन पहले आया है.

  8. कोलकाता बलात्कार-हत्या केस के अभियुक्त को फांसी की सज़ा की मांग वाली सरकार की याचिका ख़ारिज़, प्रभाकर मणि तिवारी, बीबीसी हिंदी के लिए

    कलकत्ता हाईकोर्ट ने आरजी कर कांड के अभियुक्त संजय रॉय को फांसी की मांग वाली राज्य सरकार की ओर से दायर याचिका को ख़ारिज़ कर दिया है.

    सीबीआई ने भी इसी मांग में एक याचिका दायर की थी. अदालत ने उसे स्वीकार्य बताया है. शुक्रवार को हाईकोर्ट के न्यायमूर्ति देवांशु बसाक और न्यायमूर्ति मोहम्मद एस. रशीदी की खंडपीठ ने यह फै़सला सुनाया है.

    बीते साल 9 अगस्त को कोलकाता के आरजी कर मेडिकल कॉलेज अस्पताल में एक जूनियर डॉक्टर का शव बरामद किया गया था. उनके साथ बलात्कार के बाद उनकी हत्या कर दी गई थी.

    इस मामले में संजय रॉय नामक एक सिविक वालंटियर को गिरफ़्तार किया गया था. बीते महीने सियालदह की एक अदालत ने इस मामले में संजय रॉय को आजीवन उम्रकै़द की सज़ा सुनाई थी.

    जिसके बाद राज्य सरकार ने हाईकोर्ट में इस फै़सले को चुनौती दी थी. उसने अपनी याचिका में संजय को फांसी दिए जाने की मांग उठाई थी. बाद में सीबीआई ने भी इसी मांग में एक याचिका दायर करते हुए राज्य सरकार की याचिका की वैधता पर सवाल उठाया था.

    अदालत ने कहा है कि इस मामले की जांच सीबीआई कर रही है. इसलिए उसकी याचिका पर ही विचार किया जा सकता है, सरकार की याचिका स्वीकार्य नहीं है.

    इस मामले की सुनवाई के दौरान सीबीआई के वकील राजदीप मजूमदार की दलील थी कि एजेंसी ने भी संजय को फांसी की सज़ा दिए जाने की मांग की है. पीड़िता का परिवार, जांच एजेंसी या खुद अभियुक्त के हाईकोर्ट की शरण नहीं लेने की स्थिति में राज्य सरकार यह याचिका कैसे दायर कर सकती है.

    दूसरी ओर, राज्य सरकार की दलील थी कि जांच और कानून-व्यवस्था राज्य सरकार के अधिकार क्षेत्र का मामला है. इस घटना की जांच पहले पुलिस ने ही की थी. बाद में इसे सीबीआई को सौंप दिया गया था. इसलिए राज्य सरकार की याचिका पर भी विचार किया जाना चाहिए.

  9. नागरिकों के साथ सही सलूक होना ज़रूरी: विदेश मंत्रालय

    अमेरिका से बिना दस्तावेज़ वाले 104 भारतीय कामगारों को हथकड़ी और बेड़ियां लगाकर वापस भेजने पर भारतीय विदेश मंत्रालय ने प्रतिक्रिया दी है.

    शुक्रवार को होने वाली नियमित प्रेस ब्रीफ़िंग में मंत्रालय के सचिव विक्रम मिसरी ने पत्रकारों के सवाल के जवाब में कहा, "हम अमेरिकी अधिकारियों के नियमित संपर्क में रहते हैं. हमने हमेशा से इस बात पर ज़ोर दिया हो कि किसी भी देश में दूसरे देश के नागरिकों के साथ सही सलूक होना ज़रूरी है. चाहे उन्हें डिपोर्ट भी किया जाना हो तो भी सही सलूक होना ज़रूरी है."

    उन्होंने आगे कहा, “मौजूदा घटना को लेकर भी और पहले से भी हम लगातार अमेरिकी अधिकारियों के संपर्क में रहते हैं.”

    विक्रम मिसरी ने कहा कि अमेरिकी ने भारतीयों को जिस तरह से वापस भेजा है उसके बारे में विदेश मंत्री एस जयशंकर पहले ही सदन में बोल चुके हैं और इसके आगे उन्हें कुछ भी नहीं जोड़ना है.

    विदेश मंत्रालय के मुताबिक़ साल 2012 से ही अमेरिका में निर्वासन की यही प्रक्रिया अपनाई जाती रही है और इसमें कुछ नया नहीं है

    भारतीयों को जिस तरह से अमेरिका से वापस भेजा गया उसे लेकर गुरुवार को संसद में विपक्षी सांसदों ने इसे अपमानजनक बताया था. वहीं भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर ने संसद में कहा था कि भारत अमेरिका से कहेगा कि लोगों से मानवीय व्यवहार हो.

    भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 12 फ़रवरी को अमेरिका के दौरे पर जा रहे हैं. डोनाल्ड ट्रंप के दोबारा राष्ट्रपति बनने के बाद मोदी पहली बार अमेरिका जा रहे हैं.

  10. दिल्ली मेट्रो में आसाराम के विज्ञापन पर विवाद के बाद दिल्ली मेट्रो ने दिए हटाने के निर्देश

    दिल्ली मेट्रो में दुष्कर्म मामले में आजीवन कारावास की सज़ा काट रहे संत आसाराम बापू की तस्वीर वाले एक विज्ञापन को लेकर सोशल मीडिया पर बहस छिड़ने के बाद दिल्ली मेट्रो ने इसका जवाब दिया है.

    दरअसल, दिल्ली मेट्रो के अंदर आसाराम को लेकर एक विज्ञापन लगा है, जिस पर यूज़र्स ने दिल्ली मेट्रो पर सवाल खड़े किए हैं और सरकार पर निशाना साधा है.

    सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म एक्स पर एक यूज़र दिलखुश पांडे ने आसाराम बापू की सज़ा का हवाला देकर दिल्ली मेट्रो रेलवे कार्पोरेशन (डीएमआरसी) से सवाल पूछा था.

    दिल्ली मेट्रो ने दिलखुश पांडे का जवाब देते हुए लिखा, "डीएमआरसी ने लाइसेंसधारक को तत्काल निर्देश जारी कर दिए हैं कि वे मेट्रो परिसर से इन विज्ञापनों को जल्द से जल्द हटा लें."

    "इन विज्ञापनों को हटाने की प्रक्रिया आज रात से शुरू कर दी जाएगी. हालांकि, सिस्टम से इन्हें हटाने में कुछ समय लग सकता है."

    दुष्कर्म मामले में आजीवन कारावास की सज़ा काट रहे संत आसाराम बापू को जनवरी 2023 में गांधीनगर की एक अदालत ने महिला शिष्या से दुष्कर्म के एक मामले में दोषी क़रार दिया था.आसाराम को इस मामले में उम्रकैद की सज़ा सुनाई गई थी.

  11. राजस्थान: बीजेपी के कैबिनेट मंत्री ने अपनी ही पार्टी पर फ़ोन टैपिंग और जासूसी के लगाए आरोप, मोहर सिंह मीणा, बीबीसी हिन्दी के लिए

    राजस्थान में भारतीय जनता पार्टी की भजन लाल शर्मा सरकार के कैबिनेट मंत्री डॉक्टर किरोड़ी लाल मीणा ने अपनी ही सरकार पर फ़ोन टैपिंग और जासूसी करवाने के गंभीर आरोप लगाए हैं. मंत्री के इस आरोप के बाद राजस्थान की राजनीति भी गर्मा गई है.

    इसके बाद विपक्ष ने शुक्रवार सुबह विधानसभा सत्र की कार्रवाई शुरू होते ही सरकार को घेरते हुए मुख्यमंत्री के इस्तीफ़े की मांग की है.

    वहीं प्रदेश सरकार ने किरोड़ी लाल मीणा के आरोपों को निराधार बताया है.

    विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने कहा, "इस सरकार के कैबिनेट मंत्री का फ़ोन टैप हो रहा है और एक कैबिनेट मंत्री ही मुख्यमंत्री पर गंभीर आरोप लगा रहे हैं. मुख्यमंत्री का इस्तीफ़ा होना चाहिए."

    इसके बाद कांग्रेस विधायक, 'मुख्यमंत्री इस्तीफ़ा दो' के नारे लगाते हुए वैल में आ गए. हंगामा होने के कारण विधानसभा की कार्रवाई दो बार स्थगित करनी पड़ी है.

    टीकाराम जूली ने कहा, "जब तक मुख्यमंत्री सदन में जवाब नहीं देते, हम कार्रवाई नहीं चलने देंगे."

    मंत्री के बगावती तेवर

    कैबिनेट मंत्री किरोड़ी लाल मीणा ने एक कार्यक्रम में कहा था कि, "मैंने जब कहा कि सब इंस्पेक्टर भर्ती परीक्षा रद्द करो तो सरकार ने मेरी बात मानी नहीं. उल्टे सरकार ने चप्पे चप्पे पर सीआईडी से मेरी जासूसी करवाई और मेरा टेलीफ़ोन भी रिकॉर्ड किया जाता है."

    उन्होंने आगे कहा, "लेकिन मैं कोई बुरा काम नहीं करता , इसलिए मैं डरता नहीं और इसलिए मैं झुकता नहीं. मैं सच कहने से नहीं चूकता हूं. मैंने कुछ दिन पहले बयान दिया था कि जो हां कहता जाएगा वो लंबा चलेगा, चाहे मंत्री हो या अफ़सर हो और थोड़ा भी जो ना कहेगा तो उसका इलाज कर दिया जाएगा."

    मंत्री किरोड़ी लाल लगातार सब इंस्पेक्टर भर्ती परीक्षा को रद्द करने की भी मांग करते रहे हैं.

    इस भर्ती परीक्षा में पेपर लीक से जुड़े क़रीब 50 लोगों की गिरफ़्तारी होने के बावजूद भर्ती रद्द नहीं की गई है.

    किरोड़ी लाल मीणा पहले भी कई बार खुलकर अपनी ही सरकार को घेरते नज़र आए हैं. उन्होंने कई बार नाराज़गी जताते हुए सरकार पर नज़रंदाज़ करने के आरोप लगाए हैं.

    अशोक गहलोत क्या बोले

    राजस्थान में पूर्व की अशोक गहलोत सरकार पर भी अपने विधायकों के फ़ोन टैपिंग करवाने के आरोप लगे थे.

    क़ानून मंत्री जोगाराम पटेल ने कांग्रेस के समय हुए फ़ोन टैपिंग के मामले का ज़िक्र करते हुए कांग्रेस विधायकों को चोरों की जमात बताया है.

    इस पूरे मामले में पूर्व सीएम अशोक गहलोत ने कहा, "हमारी सरकार के समय मैंने सदन के पटल पर कहा था कि किसी भी मंत्री, सांसद और विधायक का टेलीफ़ोन सर्विलांस पर नहीं लिया गया और न ही लिया जाएगा. मगर भाजपा सरकार पर अपने ही कैबिनेट मंत्री द्वारा फ़ोन टैपिंग के आरोप लगाना भाजपा की सच्चाई उजागर करता है."

    उन्होंने आगे कहा, "यह मामला बहुत गंभीर प्रवृति का है क्योंकि आरोप राजनीतिक लाभ के लिए किसी विपक्षी नेता ने नहीं बल्कि सरकार के कैबिनेट मंत्री ने लगाए हैं. इनकी सच्चाई सामने आनी चाहिए. मुख्यमंत्री को सदन में जवाब देना चाहिए."

    प्रदेश सरकार का जवाब

    कैबिनेट मंत्री के लगाए आरोप को निराधार बताते हुए राज्य सरकार के गृह राज्य मंत्री जवाहर सिंह बेढम ने मीडिया से बातचीत में कहा, "अशोक गहलोत सरकार ने अपने उपमुख्यमंत्री और 25 से ज़्यादा विधायकों के फ़ोन टेप करवाए थे. लेकिन मैं दावे के साथ कह सकता हूं हमारी सरकार किसी विधायक का कोई फ़ोन टेप नहीं कराती है."

    डॉक्टर किरोड़ी लाल मीणा मंत्री पद से इस्तीफ़ा दे चुके हैं. हालांकि, उनका इस्तीफ़ा स्वीकार नहीं हुआ है. स्वास्थ्य कारणों से उन्होंने विधानसभा सत्र से छुट्टियां ली हुई हैं. उनके विधानसभा सत्र में शामिल नहीं होने को भी अपनी ही सरकार से नाराज़गी माना जा रहा है.

  12. दिल्ली चुनाव: ‘50 से ज़्यादा सीटों पर पक्की जीत’, गिनती से पहले ‘आप’ ने किया दावा

    दिल्ली विधानसभा चुनाव के नतीजे आठ फ़रवरी यानी कल आएंगे, लेकिन नतीजों से पहले आम आदमी पार्टी ने 50 सीटों से ज़्यादा आने का दावा किया है.

    वोटों की गिनती से पहले ‘आप’ नेता गोपाल राय ने पत्रकारों से बात करते हुए कहा, “अरविंद केजरीवाल जी के नेतृत्व में चुनाव लड़ रहे आम आदमी पार्टी के सभी उम्मीदवारों की बैठक हुई है.”

    उन्होंने कहा, “इस बैठक में सभी उम्मीदवारों ने रिपोर्टस् दी हैं, उससे साफ़ पता चल रहा है कि दिल्ली में आम आदमी पार्टी 50 से ज़्यादा सीटों पर कन्फ़र्म जीतने जा रही है.”

    उन्होंने ये भी कहा कि 7-8 सीटों पर काफ़ी कड़ा मुक़ाबला दिख रहा है.

    बीजेपी पर आरोप लगाते हुए गोपाल राय ने कहा, “कई उम्मीदवारों ने ये सच हमारे सामने रखा है कि उन्हें कॉल करके कहा जा रहा है कि पैसे ले लो और भारतीय जनता पार्टी में शामिल हो जाओ.”

    बीजेपी को लेकर उन्होंने दावा किया है कि एग्जिट पोल के ज़रीए साइकोलॉजिकल प्रेशर बनाकर ‘ऑपरेशन लोटस’ चलाने की कोशिश हो रही है.

    बुधवार को मतदान ख़त्म होने के बाद जो एग्ज़िट पोल जारी किए गए थे, लगभग सभी में बीजेपी को आम आदमी पार्टी पर भारी बढ़त दिखाई गई थी.

    बुधवार को जारी 11 में से 8 एग्ज़िट पोल में भारतीय जनता पार्टी को बढ़त मिलती दिखाई गई थी और सत्तारूढ़ आम आदमी पार्टी के बारे में दूसरे बड़े दल के रूप में सामने आने का अनुमान लगाया गया था.

  13. राहुल गांधी ने लगाए महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में वोटर लिस्ट में गड़बड़ी के आरोप

    लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में गड़बड़ी का आरोप लगाया है.

    राहुल गांधी ने एनसीपी (शरद पवार) की नेता सुप्रिया सुले और शिवसेना (उद्धव ठाकरे) के नेता संजय राउत के साथ नई दिल्ली में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव के दौरान वोटर लिस्ट में हेराफेरी की गई.

    राहुल गांधी ने कहा कि इस दौरान 39 लाख नए वोटर जोड़े गए. वहीं, लोकसभा चुनाव से पहले 32 लाख नए वोटर जोड़े गए थे.

    उन्होंने कहा, ''ये नए वोटर कौन हैं और कहां के हैं. हमें इसकी जानकारी मिलनी चाहिए. उन्होंने कहा कि विधानसभा चुनाव से पहले अल्पसंख्यकों के नाम वोटर लिस्ट से हटाए गए. हमें लोकसभा और विधानसभा के वोटरों की लिस्ट चाहिए. कई वोटरों के नाम लिस्ट से हटाए गए. एक बूथ के वोटरों को दूसरे बूथ में भेज दिया गया.''

    उन्होंने कहा,'' जिन मतदाताओं के नाम वोटर लिस्ट से हटाए गए, उनमें से ज्यादातर दलित,आदिवासी और अल्पसंख्यक समुदाय के हैं. हमने चुनाव आयोग को बार-बार वोटर लिस्ट देने को कहा है. लेकिन, उन्होंने हमारे आग्रह का कोई जवाब नहीं दिया. विपक्ष के नेता ने ये सब संसद में कहा है. लेकिन, चुनाव आयोग ने जवाब नहीं दिया है. इसका मतलब ये है कि वो जो कर रहे हैं, उसमें कुछ गलत है. मैं कोई आरोप नहीं लगा रहा हूं. मैं सिर्फ़ डेटा पेश कर रहा हूं. ये साफ बताता है कि गड़बड़ी हुई है.''

    महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में एकनाथ शिंदे गुट वाली शिवसेना, एनसीपी (अजित पवार) और बीजेपी के गठबंधन वाले महायुति को 235 सीटें मिली थीं. जबकि एनसीपी (शरद पवार), शिवसेना (उद्धव ठाकरे गुट) और कांग्रेस के गठबंधन महाविकास अघाड़ी को सिर्फ 47 सीटें मिली थीं.

    बीजेपी को 132 सीटों पर जीत मिली थीं. शिवसेना (एकनाथ) को 57 और अजित पवार की एनसीपी को 41 सीटों पर जीत हासिल हुई थी. महाविकास अघाड़ी में उद्धव ठाकरे की अगुआई वाली शिवसेना सिर्फ़ 20 सीटों पर जीत पाई.

    कांग्रेस को 16 और शरद पवार की एनसीपी 10 पर सिमट गई थी. समाजवादी पार्टी को दो सीटें मिलीं थीं.

  14. नमस्कार!

    दोपहर के दो बज चुके हैं. अभी तक बीबीसी संवाददाता हिमांशु दुबे आप तक ख़बरें पहुंचा रहे थे.

    अब से रात 10 बजे तक बीबीसी संवाददाता इफ़्तेख़ार अली आप तक अहम ख़बरें पहुंचाएंगे.

    बीबीसी हिंदी के पन्ने पर लगी कुछ अहम ख़बरें नीचे दिए लिंक्स पर क्लिक करके आप पढ़ सकते हैं.

    कुंभ भगदड़ः बीबीसी को दो और जगह भगदड़ के सबूत मिले, चश्मदीदों ने बताई आपबीती

    दिल्ली चुनाव में हार-जीत से अरविंद केजरीवाल और उनकी पार्टी पर क्या असर पड़ सकता है?

    सफ़ेद आलीशान 'इकराम' जहाँ सजती थीं सितारों की महफ़िलें, कहानी बलराज साहनी के बंगले की

    ईरान में बिजनेस करने गए तीन भारतीय कहां ग़ायब हो गए, भारत सरकार ने क्या बताया

    धन्यवाद.

  15. कर्नाटक हाई कोर्ट ने मुख्यमंत्री सिद्धारमैया को किस मामले में दी राहत?, इमरान क़ुरैशी, बेंगलुरु से बीबीसी हिंदी के लिए

    कर्नाटक हाई कोर्ट ने शुक्रवार को एक याचिका ख़ारिज कर दी, जिसमें कथित मैसूर अर्बन डेवलपमेंट अथॉरिटी स्कैम की जांच का मामला सीबीआई को ट्रांसफर किए जाने की मांग की गई थी.

    दरअसल, इस कथित घोटाले में कथित तौर पर राज्य के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया की पत्नी पार्वती और उनके भाई के शामिल होने का दावा किया गया था. कर्नाटक की लोकायुक्त पुलिस इस मामले की जांच कर रही है.

    जस्टिस एम. नागप्रसन्ना ने कहा, “रिकॉर्ड पर मौजूद सामग्री को देखने के बाद इस अदालत को ऐसा कोई संकेत नहीं मिला, जो यह बताता हो कि लोकायुक्त द्वारा की गई जांच पक्षपातपूर्ण, असंतुलित, या ग़लत है. ”

    दरअसल, सामाजिक कार्यकर्ता एस. कृष्णा ने कर्नाटक हाई कोर्ट में एक याचिका दाखिल करके इस मामले की जांच का केस सीबीआई को ट्रांसफर करने की अपील की थी.

    सामाजिक कार्यकर्ता कृष्णा इस मामले में मुख्य याचिकाकर्ता हैं. उन्होंने मैसूर अर्बन डेवलपमेंट अथॉरिटी द्वारा मुख्यमंत्री सिद्धारमैया की पत्नी पार्वती को 14 साइट आवंटित किए जाने पर सवाल उठाया था.

    ये साइटें उन्हें उनकी 3.16 एकड़ ज़मीन के बदले में दी गई थी, जिसे एमयूडीए ने अनाधिकृत ढंग से अपने क़ब्ज़े में ले लिया था. यह ज़मीन पार्वती को उनके भाई बीएम मल्लिकार्जुन स्वामी ने तोहफ़े में दी थी.

    येदियुरप्पा पर भी फ़ैसला

    इसके अलावा, जस्टिस नागप्रसन्ना ने राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा के मामले में भी एक फ़ैसला सुनाया.

    उन्होंने पूर्व सीएम येदियुरप्पा को पोस्को केस में अग्रिम जमानत दे दी. लेकिन, अपराधों का संज्ञान लेने के लिए इस मामले को वापस ट्रायल कोर्ट में भेज दिया है.

    दरअसल, एक 17 वर्षीय लड़की की मां ने पुलिस में यह शिकायत की थी कि येदियुरप्पा ने उनकी बेटी का यौन शोषण किया था.

    येदियुरप्पा के वकील ने बताया कि लड़की की मां ने येदियुरप्पा से इस मामले में मदद मांगी थी, और उन्होंने लड़की की मां को पुलिस कमिश्नर के पास भी भेजा था.

    लेकिन, जब महिला पुलिस कमिश्नर से मिली थी, तब उन्होंने पुलिस से इस कथित यौन शोषण की शिकायत नहीं की थी. वकील ने बताया कि क़रीब डेढ़ महीने बाद पुलिस से यह शिकायत की गई थी. पुलिस ने 14 मार्च, 2024 को यह शिकायत दर्ज की थी.

    बाद में शिकायतकर्ता की मृत्यु हो गई, वो बीमारी से जूझ रही थीं.

  16. दिल्ली और नोएडा के स्कूलों को मिली बम की धमकी पर पुलिस ने क्या बताया?

    दिल्ली एनसीआर के कुछ स्कूलों और नोएडा के शिव नादर स्कूल को शुक्रवार को मिली बम से उड़ाने की धमकी को पुलिस ने एक ग़लत सूचना बताया है.

    नोएडा पुलिस ने बताया कि बम डिस्पोज़ल टीम, फ़ायर ब्रिगेड और डॉग स्क्वॉड ने मौके पर पहुंच कर छानबीन की है. कहीं कुछ नहीं मिला. समाचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक, नोएडा पुलिस ने इस पर बयान भी जारी किया है.

    नोएडा पुलिस के डीसीपी राम बी. सिंह ने बताया, “सुबह शिव नादर स्कूल से आठ-सवा आठ बजे के बीच बम की सूचना मिली थी. इसके बाद पुलिस, बम डिस्पोज़ल टीम, डॉग स्क्वॉड, फ़ायर ब्रिगेड की टीमें यहां पहुंचीं. सभी ने परिसर की जांच की. कहीं कुछ नहीं मिला है. यह एक ग़लत सूचना है.”

    उन्होंने बताया, “यह धमकी ईमेल द्वारा मिली थी. अभी एग्ज़ाम भी चल रहे हैं. हो सकता है कि यह किसी बच्चे की शरारत हो. फिर भी हम इसे गंभीरता से ले रहे हैं. साइबर टीम इसकी जांच कर रही है.”

  17. संजय सिंह ने बीजेपी पर आप नेताओं को पैसे ऑफर करने के लगाए आरोप, बीजेपी क्या बोली

    दिल्ली विधानसभा चुनाव के नतीजों से पहले बीजेपी की ओर से आम आदमी पार्टी के नेताओं को कथित तौर पर पैसे ऑफर करने के मामले में राजनीति गरमा गई है.

    इस मामले में आम आदमी पार्टी के आरोपों का जवाब देते हुए दिल्ली बीजेपी के अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा ने कहा था कि वो एंटी करप्शन ब्यूरो के पास जाएंगे. अब इस मामले पर आम आदमी पार्टी के सांसद संजय सिंह ने प्रतिक्रिया दी है.

    समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, उन्होंने कहा, ''उनको जाने दीजिए. हमारे एक मंत्री ने तो नंबर भी बताए हैं. एंटी करप्शन ब्यूरो या किसी दूसरी एजेंसी के द्वारा इस मामले की जांच की जानी चाहिए.''

    दरअसल आम आदमी पार्टी के सांसद संजय सिंह ने गुरुवार को कहा था कि भारतीय जनता पार्टी ने दिल्ली में विधानसभा चुनाव के नतीजों से पहले उनकी पार्टी के एक विधायक को फ़ोन कर 15 करोड़ रुपये का ऑफर दिया था.

    दिल्ली विधानसभा चुनाव 2025 के लिए 5 फ़रवरी को वोटिंग हुई थी. 8 फ़रवरी को दिल्ली विधानसभा चुनाव के नतीजे घोषित होंगे.

  18. रिजर्व बैंक ने रेपो रेट चौथाई फ़ीसदी घटाया, क्या होम लोन होगा सस्ता?

    भारतीय रिज़र्व बैंक ने रेपो रेट में कटौती की है. आरबीआई ने इसमें 25 बेसिस पॉइंट की कटौती की है. इसके बाद अब मौजूदा रेपो रेट 6.25 फ़ीसदी हो गया है. पहले यह दर 6.50 फ़ीसदी थी.

    समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक़, यह जानकारी आरबीआई के नए गवर्नर संजय मल्होत्रा ने दी. उन्होंने कहा कि नई फ़सल के आने के बाद महंगाई के कम होने का अनुमान है.

    भारतीय रिज़र्व बैंक का अनुमान है कि वित्त वर्ष 2025 में महंगाई दर 4.8 फ़ीसदी रहेगी. आगे इसमें और कमी आ सकती है.

    रिजर्व बैंक की ओर से रेपो रेट में इस कटौती के बाद होम लोन की ईएमआई कम हो सकती है. लेकिन ये बैंकों के रुख़ पर निर्भर करेगा.

    आरबीआई गवर्नर ने कहा कि डिजिटल फ्रॉड का बढ़ना चिंता का विषय है. आरबीआई डिजिटल सिक्योरिटी बढ़ाने की दिशा में काम कर रहा है.

  19. अमेरिका से निर्वासित किए गए भारतीयों को लेकर संजय राउत ने मोदी-शाह से क्या कहा?

    महाराष्ट्र शिवसेना (यूबीटी) के सांसद संजय राउत ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर भी निशाना साधा है.

    समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक़ संजय राउत ने कहा, '' हमारे लोग अमेरिका के लिए अवैध आप्रवासी हो सकते हैं. लेकिन जब भारतीय सीमा में उनकी फ्लाइट का प्रवेश हुआ तो वो गुनहगार नहीं रहे. यहां हमारा कानून लागू होता है तो वो अपराधी नहीं हैं. फिर यहां उन्हें बेड़ियां क्यों लगाई गईं.''

    राउत ने कहा, ''लेकिन हमारी ज़मीन पर उनका विमान उतरा और उसी हालात में हमारे लोगों को उतारा गया. ये हमारे क़ानून का उल्लंघन है. क्या कर रहे जयशंकर जी, क्या कर रहे मोदी जी, क्या कर रहे हैं अमित शाह जी.''

    उन्होंने कहा, ''अमेरिका का विमान उड़ने नहीं देना था, अगर उन्होंने हमारे क़ानून का उल्लंघन किया था तो अमृतसर से उड़ने नहीं देना चाहिए था, हिम्मत दिखानी थी.''

    अमेरिकी सेना का एक विमान अमेरिका में कथित तौर पर बगैर वैध दस्तावेज़ों के रह रहे 100 से अधिक भारतीयों को लेकर बुधवार को अमृतसर हवाई अड्डे पर उतरा था. इसके बाद इस मामले पर राजनीति गरमा गई है.

  20. अमेरिकाः ट्रंप ने अब खेलों में इन लोगों के हिस्सा लेने पर लगाया बैन, क्या वजह बताई

    अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने गुरुवार को एक और एग्ज़ीक्यूटिव ऑर्डर पर हस्ताक्षर किए. ये ऑर्डर ट्रांसजेंडर महिलाओं को वुमन स्पोर्ट्स में मुकाबला करने से रोकता है.

    रिपब्लिकन नेताओं का कहना है कि यह आदेश खेलों में निष्पक्षता को बहाल करने वाला है. जबकि एलजीबीटी के समर्थकों और मानवाधिकार संगठनों ने इस कदम को भेदभावपूर्ण बताया है.

    ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म ट्रूथ सोशल पर इस बारे में जानकारी दी. उन्होंने लिखा कि यह हमारे देश की लड़कियों और महिलाओं के लिए बड़ा दिन है.

    ट्रंप ने लिखा, ''कल मैंने एक एग्ज़ीक्यूटिव ऑर्डर पर हस्ताक्षर किए. इस कारण एनसीएए ने आधिकारिक तौर पर महिलाओं के खेलों में पुरुषों को अनुमति देने की अपनी नीति में बदलाव किया है. अब यह प्रतिबंधित है.''

    एनसीएए यानी नेशनल कॉलेजिएट एथलेटिक एसोसिएशन. यह अमेरिका में इंटरकॉलेजिएट एथलेटिक्स को नियंत्रित करता है.

    उन्होंने लिखा, '' पुरुषों को कभी भी महिलाओं के ख़िलाफ़ मुकाबला करने की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए थी. मैं महिला खेलों को बचाने वाले राष्ट्रपति के तौर पर गौरवान्वित हूं.''

    ट्रंप ने लिखा, '' हम यह उम्मीद करते हैं कि ओलंपिक समिति भी कॉमन सेंस का इस्तेमाल करेगी, और इस नीति को लागू करेगी, जो अमेरिकी जनता और पूरी दुनिया के बीच लोकप्रिय है.''