राजस्थान में भारतीय जनता पार्टी की भजन लाल शर्मा सरकार के कैबिनेट मंत्री डॉक्टर किरोड़ी लाल मीणा ने अपनी ही सरकार पर फ़ोन टैपिंग और जासूसी करवाने के गंभीर आरोप लगाए हैं. मंत्री के इस आरोप के बाद राजस्थान की राजनीति भी गर्मा गई है.
इसके बाद विपक्ष ने शुक्रवार सुबह विधानसभा सत्र की कार्रवाई शुरू होते ही सरकार को घेरते हुए मुख्यमंत्री के इस्तीफ़े की मांग की है.
वहीं प्रदेश सरकार ने किरोड़ी लाल मीणा के आरोपों को निराधार बताया है.
विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने कहा, "इस सरकार के कैबिनेट मंत्री का फ़ोन टैप हो रहा है और एक कैबिनेट मंत्री ही मुख्यमंत्री पर गंभीर आरोप लगा रहे हैं. मुख्यमंत्री का इस्तीफ़ा होना चाहिए."
इसके बाद कांग्रेस विधायक, 'मुख्यमंत्री इस्तीफ़ा दो' के नारे लगाते हुए वैल में आ गए. हंगामा होने के कारण विधानसभा की कार्रवाई दो बार स्थगित करनी पड़ी है.
टीकाराम जूली ने कहा, "जब तक मुख्यमंत्री सदन में जवाब नहीं देते, हम कार्रवाई नहीं चलने देंगे."
कैबिनेट मंत्री किरोड़ी लाल मीणा ने एक कार्यक्रम में कहा था कि, "मैंने जब कहा कि सब इंस्पेक्टर भर्ती परीक्षा रद्द करो तो सरकार ने मेरी बात मानी नहीं. उल्टे सरकार ने चप्पे चप्पे पर सीआईडी से मेरी जासूसी करवाई और मेरा टेलीफ़ोन भी रिकॉर्ड किया जाता है."
उन्होंने आगे कहा, "लेकिन मैं कोई बुरा काम नहीं करता , इसलिए मैं डरता नहीं और इसलिए मैं झुकता नहीं. मैं सच कहने से नहीं चूकता हूं. मैंने कुछ दिन पहले बयान दिया था कि जो हां कहता जाएगा वो लंबा चलेगा, चाहे मंत्री हो या अफ़सर हो और थोड़ा भी जो ना कहेगा तो उसका इलाज कर दिया जाएगा."
मंत्री किरोड़ी लाल लगातार सब इंस्पेक्टर भर्ती परीक्षा को रद्द करने की भी मांग करते रहे हैं.
इस भर्ती परीक्षा में पेपर लीक से जुड़े क़रीब 50 लोगों की गिरफ़्तारी होने के बावजूद भर्ती रद्द नहीं की गई है.
किरोड़ी लाल मीणा पहले भी कई बार खुलकर अपनी ही सरकार को घेरते नज़र आए हैं. उन्होंने कई बार नाराज़गी जताते हुए सरकार पर नज़रंदाज़ करने के आरोप लगाए हैं.
राजस्थान में पूर्व की अशोक गहलोत सरकार पर भी अपने विधायकों के फ़ोन टैपिंग करवाने के आरोप लगे थे.
क़ानून मंत्री जोगाराम पटेल ने कांग्रेस के समय हुए फ़ोन टैपिंग के मामले का ज़िक्र करते हुए कांग्रेस विधायकों को चोरों की जमात बताया है.
इस पूरे मामले में पूर्व सीएम अशोक गहलोत ने कहा, "हमारी सरकार के समय मैंने सदन के पटल पर कहा था कि किसी भी मंत्री, सांसद और विधायक का टेलीफ़ोन सर्विलांस पर नहीं लिया गया और न ही लिया जाएगा. मगर भाजपा सरकार पर अपने ही कैबिनेट मंत्री द्वारा फ़ोन टैपिंग के आरोप लगाना भाजपा की सच्चाई उजागर करता है."
उन्होंने आगे कहा, "यह मामला बहुत गंभीर प्रवृति का है क्योंकि आरोप राजनीतिक लाभ के लिए किसी विपक्षी नेता ने नहीं बल्कि सरकार के कैबिनेट मंत्री ने लगाए हैं. इनकी सच्चाई सामने आनी चाहिए. मुख्यमंत्री को सदन में जवाब देना चाहिए."
कैबिनेट मंत्री के लगाए आरोप को निराधार बताते हुए राज्य सरकार के गृह राज्य मंत्री जवाहर सिंह बेढम ने मीडिया से बातचीत में कहा, "अशोक गहलोत सरकार ने अपने उपमुख्यमंत्री और 25 से ज़्यादा विधायकों के फ़ोन टेप करवाए थे. लेकिन मैं दावे के साथ कह सकता हूं हमारी सरकार किसी विधायक का कोई फ़ोन टेप नहीं कराती है."
डॉक्टर किरोड़ी लाल मीणा मंत्री पद से इस्तीफ़ा दे चुके हैं. हालांकि, उनका इस्तीफ़ा स्वीकार नहीं हुआ है. स्वास्थ्य कारणों से उन्होंने विधानसभा सत्र से छुट्टियां ली हुई हैं. उनके विधानसभा सत्र में शामिल नहीं होने को भी अपनी ही सरकार से नाराज़गी माना जा रहा है.