शुक्रवार को वायनाड से कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी
ने संसद में अपना पहला संबोधन दिया.
संसद के अपने पहले भाषण में प्रियंका गांधी ने कहा, “जो सुरक्षा कर्मी और जवान अफ़सर 13 दिसंबर को संसद की सुरक्षा में शहीद हुए उनको मैं
श्रद्धांजलि देना चाहती हूं.”
प्रियंका गांधी ने भारत के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू का ज़िक्र भी किया.
उन्होंने कहा, "जिसका नाम लेने से कभी-कभी आप लेने से झिझकते हैं और कभी-कभी जिनका नाम आप अपने आप को बचाने के लिए धड़ाधड़ इस्तेमाल करते हैं, उन्होंने एचएएल, बीएचएल, सेल, गेल ओएनजीसी, रेलवे, एनटीपीसी, आईआईटी, आईआईएम, ऑइल रिफ़ाइनरी जैसी तमाम सार्वजनिक उपक्रम बनाए."
"उनका नाम पुस्तकों, भाषणों से मिटाया जा सकता है, लेकिन उनकी जो भूमिका देश की आज़ादी की लड़ाई और देश के निर्माण में रही है उसे कभी नहीं मिटाया जा सकता."
प्रियंका गांधी ने अपने भाषण में संविधान और इसकी रक्षा को लेकर भी बात की.
उन्होंने
कहा, "हमारा स्वतंत्रता संग्राम भी वाद-विवाद की परंपरा और संस्कृति से उपजा था.
आज़ादी की लड़ाई से एक आवाज़ उभरी जो देश की आवाज़ थी वही आज हमारे देश का संविधान
है."
"यह केवल एक दस्तावेज़ नहीं है, बल्कि इसे बनाने में बाबा साहब भीमराव आंबेडकर, मौलाना आज़ाद, राजगोपालाचारी और जवाहरलाल नेहरू समेत उस समय के तमाम नेता
सालों तक जुटे रहे."
सत्ता पक्ष पर आरोप लगाते हुए प्रियंका गांधी ने कहा, “संविधान एक सुरक्षा कवच है जिसे सत्ता पक्ष तोड़ने में जुटा है. लैटरल एंट्री और निजीकरण के सहारे ये सरकार आरक्षण को कमज़ोर करने का काम कर रही है. अगर लोकसभा के ये नतीजे नहीं आए होते तो ये संविधान बदलने का काम भी शुरू कर देते.”
केरल के वायनाड में हुए लोकसभा उपचुनाव में प्रियंका गांधी चार लाख से भी ज़्यादा वोटों से जीती थीं. उपचुनाव में जीत के साथ ही उन्होंने चुनावी राजानीति में पदार्पण किया था.
राहुल गांधी के वायनाड की सीट को छोड़ने के बाद यहां उपचुनाव कराए गए थे. साल 2024 में राहुल गांधी ने रायबरेली और वायनाड दो जगहों से चुनाव लड़ा था.
ऐसा पहली बार है जब सोनिया गांधी, राहुल गांधी और प्रियंका गांधी तीनों एक साथ संसद के सदस्य हैं. सोनिया गांधी राजस्थान से राज्यसभा सांसद हैं.