असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने शुक्रवार को राज्य के धुबरी ज़िले में 'सांप्रदायिक तनाव फैला रहे उपद्रवियों' को देखते ही गोली मारने के आदेश दिए हैं.
मुख्यमंत्री हिमंत ने कहा है कि, धुबरी में 'एक विशेष वर्ग के लोग' मंदिरों को क्षति पहुंचाने की नीयत से सक्रिय हो चुके हैं.
मुख्यमंत्री ने यह भी जानकारी दी कि इलाके में रैपिड एक्शन फोर्स और केंद्रीय रिज़र्व पुलिस बल को तैनात किया गया है.
बांग्लादेश की सीमा से सटे धुबरी में सांप्रदायिक तनाव की घटनाएं पिछले रविवार से ही सामने आ रही है. बकरीद के दिन से ही धुबरी में तनाव पैदा हो गया था.
पुलिस ने बताया कि धुबरी शहर में रविवार को एक हिंदू मंदिर परिसर के पास एक पशु के अवशेष मिलने के बाद फैले सांप्रदायिक तनाव के सिलसिले में 22 लोगों को गिरफ़्तार किया गया है.
इस तरह की स्थिति को देखते हुए जिला प्रशासन ने निषेधाज्ञा लागू करने के साथ ही कई तरह के कदम उठाए जिससे बीते मंगलवार तक स्थिति नियंत्रित हो गई थी.
इसके बाद मुख्यमंत्री सरमा ने शुक्रवार को इलाके का दौरा किया और उन्होंने मीडिया के सामने कहा, "मैंने मौजूदा स्थिति की समीक्षा करने के लिए आज इलाके का दौरा किया और रात के समय देखते ही गोली मारने के आदेश जारी किए हैं."
इस सांप्रदायिक तनाव और देखते ही गोली मारने के आदेश पर धुबरी के जिला उपायुक्त दिबाकर नाथ ने बीबीसी हिंदी से कहा, "हमने स्थिति को नियंत्रण में कर लिया है. लेकिन जो लोग मंदिरों में मांस वगैरह फेंकने की कोशिश करेंगे उनको देखते ही गोली मारने का आज आदेश जारी किया गया है."
इससे पहले सीएम हिमंत ने धुबरी की घटना को लेकर सोशल प्लेटफॉर्म एक्स पर एक के बाद एक कई पोस्ट किए.
उन्होंने एक पोस्ट में लिखा,"इस बार ईद पर कुछ असामाजिक तत्वों ने धुबरी के हनुमान मंदिर में गौ मांस फेंक कर घृणित और निंदनीय अपराध किया है. आगामी ईद पर अगर आवश्यकता पड़ी, तो मैं खुद रात भर हनुमान बाबा के मंदिर में पहरेदारी करूंगा.."
उन्होंने एक और पोस्ट में लिखा, "मैं आज धुबरी में हालात का जायज़ा लेने गया था, और अगर आवश्यकता पड़ी तो फिर से जाऊंगा. मैंने धुबरीवासियों को आश्वस्त किया कि किसी को भी डरकर जीने की ज़रूरत नहीं है. असम सरकार आपके साथ है."
मुख्यमंत्री ने लिखा, "हाल ही में असम राज्य और बांग्लादेश में कुछ राजनीतिक परिवर्तन हुए हैं. इसके बाद एक विशेष वर्ग ऑनलाइन और ऑन ग्राउंड स्तर पर अत्यधिक सक्रिय हो गया है और एक सुनियोजित नकारात्मक वातावरण बनाने का प्रयास कर रहा है."
इससे पहले सीएम ने रविवार को कहा था कि बकरीद पर अवैध रूप से मवेशियों का वध करने के आरोप में राज्य में 16 लोगों को गिरफ़्तार किया गया है.
धुबरी लोकसभा सीट से ऑल इंडिया यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट के प्रमुख मौलाना बदरुद्दीन अजमल लगातार तीन बार सांसद चुने गए थे. लेकिन पिछले चुनाव में उन्हें कांग्रेस के रकिबुल हुसैन ने लाखों के अंतर से हरा दिया था. तब से धुबरी और निचले असम की राजनीति न केवल बदल रही है, बल्कि काफी गरमाई हुई है.