पेरिस ओलंपिक में एक महिला बॉक्सिंग मैच के दौरान हुए विवाद को लेकर अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक समिति ने बयान जारी किया है.
ओलंपिक में अल्जीरिया की मुक्केबाज ईमान ख़लीफ़ और इटली की मुक्केबाज़ एजेंला करिनी के बीच हुए मैच के बाद विवाद खड़ा हो गया है.
ख़लीफ और करिनी के बीच हुआ मैच 46 सेकेंड के बाद ही खत्म हो गया था.
इटली की मुक्केबाज एजेंला करिनी मैच के तीस सेकेंड के भीतर एक पंच खाने के बाद हेड गियर ठीक करने कोच के पास पहुंच गई थीं.
दोबारा मुकाबला शुरू होने के चंद सेकेंड बाद ही उन्होंने आगे मैच खेलने से मना कर दिया था.
इसके बाद से अल्जीरिया की मुक्केबाज़ ईमान ख़लीफ़ को लेकर विवाद शुरू हो गया था. उनके पुरुष होने की बात कही जा रही थी.
इस विवाद पर अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक समिति और पेरिस ओलपिंक की बॉक्सिंग यूनिट ने संयुक्त रूप से बयान जारी किया है.
जारी बयान में कहा गया है कि हर व्यक्ति को बिना किसी भेदभाव के खेलों में भाग लेने का अधिकार है.
जारी किए गए बयान में कहा गया है कि पेरिस ओलंपिक के बॉक्सिंग टूर्नामेंट में सभी खिलाड़ी पात्रता और प्रवेश नियमों के मुताबिक हिस्सा ले रहे थे. साथ ही सभी खिलाड़ी पेरिस ओलंपिक की बॉक्सिंग यूनिट के तय किए मेडिकल नियमों का अनुपालन भी करते हैं.
पिछली ओलंपिक प्रतियोगिताओं की तरह एथलीटों की उम्र और उनका जेंडर पासपोर्ट आधारित है.
बयान में कहा गया है कि पेरिस बॉक्सिंग यूनिट ने पेरिस ओलंपिक में नियमों को तैयार करने के लिए टोक्यो ओलंपिक की गाइडलाइन को आधार के रूप इस्तेमाल किया है.
दरअसल 2023 में वर्ल्ड बॉक्सिंग चैंपियनशिप के दौरान ईमान ख़लीफ़ को बाहर कर दिया गया था.
नई दिल्ली में आयोजित चैंपियनशिप में इंटरनेशनल बॉक्सिंग एसोसिएशन के प्रेसिडेंट उमर क्रेमलेव ने कहा था,’ '' जांच के आधार पर हमने पाया कि चैंपियशिप में हिस्सा ले रही कई बॉक्सरों ने चालाकी से ख़ुद को महिला के तौर पर पेश करने की कोशिश की. लेकिन टेस्ट के बाद पाया कि उनमें एक्स और वाई क्रोमोजोम थे. ऐसे एथलीट प्रतियोगिता से बाहर किए जाते हैं.'