एलन मस्क की इन दो कंपनियों ने एपल और ओपनएआई पर क्यों किया केस?
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इमेज कैप्शन, एलन मस्क और ओपनएआई के सैम ऑल्टमैन ने साल 2015 में मिलकर ओपनएआई की स्थापना की थी
अमेरिकी उद्योगपति एलन मस्क की दो कंपनियों ने आधिकारिक तौर पर एपल और ओपनएआई पर मुक़दमा दायर किया है.
उनका आरोप है कि एपल और ओपनएआई ने संभावित प्रतिस्पर्द्धियों से ख़तरा रोकने के लिए अवैध रूप से गठजोड़ किया है.
अमेरिका में एक्स और एक्सएआई ने एपल के उस क़दम के ख़िलाफ़ मुक़दमा किया है, जिसके तहत उसने ओपनएआई के चैटबॉट को अपने ऑपरेटिंग सिस्टम में शामिल कर लिया है.
एक्स का कहना है कि ये प्रतिस्पर्द्धा नियमों का उल्लंघन है.
एक्स के मालिक एलन मस्क दो बड़ी कंपनियों के ख़िलाफ़ ऐसी ही शिकायत इस महीने की शुरुआत में कर चुके हैं. उनका कहना है कि एपल अपने स्टोर पर ओपनएआई की रैकिंग भी बढ़ा रहा है जो ग़लत है.
एपल ने इस पर अभी कोई टिप्पणी नहीं की. वहीं ओपनएआई ने कहा कि यह मुक़दमा 'मस्क की ओर से की जा रही लगातार परेशानियों के पैटर्न' के अनुरूप है.
यूक्रेन के राष्ट्रपति ज़ेलेंस्की ने पीएम मोदी का क्यों कहा शुक्रिया, जानिए वजह
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यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर ज़ेलेंस्की ने मंगलवार को भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को यूक्रेन के स्वतंत्रता दिवस पर शुभकामनाएं देने के लिए धन्यवाद कहा.
ज़ेलेंस्की ने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म एक्स पर लिखा, "हम शांति और संवाद के प्रति भारत के समर्पण की सराहना करते हैं."
उन्होंने कहा, "आज जब पूरी दुनिया इस भयानक युद्ध को सम्मानजनक और स्थायी शांति के साथ ख़त्म करने की कोशिश कर रही है, तो हमें भारत के योगदान की उम्मीद है."
रूस और यूक्रेन के बीच तीन साल से ज़्यादा समय से युद्ध चल रहा है.
हालांकि अमेरिका समेत दुनियाभर के कई देश इस संघर्ष को रोकने के लिए लगातार कोशिश कर रहे हैं.
पिछले दिनों अमेरिका के अलास्का में रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच रूस-यूक्रेन युद्ध ख़त्म करने को लेकर बात हुई थी.
इसके बाद ट्रंप और यूरोपियन यूनियन में शामिल देशों के बीच भी इस मुद्दे पर बात हुई थी. लेकिन अभी तक इसका कोई ठोस नतीजा नहीं निकला है.
भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और ज़ेलेंस्की के बीच इस मुद्दे पर पहले भी कई बार बात हो चुकी है.
भारत ने इसका शांतिपूर्ण हल निकालने की अपील की है.
भारत पर 25% अतिरिक्त टैरिफ़ कल से लागू होगा, अमेरिका ने जारी किया नोटिस
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इमेज कैप्शन, अतिरिक्त टैरिफ़ लगाने के पीछे ट्रंप ने दलील दी थी कि भारत रूस से तेल ख़रीद कर यूक्रेन की जंग को बढ़ावा दे रहा है (सांकेतिक तस्वीर)
अमेरिका 27 अगस्त यानी बुधवार से भारतीय आयात पर अतिरिक्त 25 फ़ीसदी टैरिफ़ लगाएगा. राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के नए कार्यकारी आदेश के तहत यह क़दम उठाया गया है.
अमेरिका का कहना है कि भारत की ओर से रूस से तेल की लगातार ख़रीद राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए चिंता का विषय है.
यूएस डिपार्टमेंट ऑफ़ होमलैंड सिक्योरिटी ने कस्टम्स एंड बॉर्डर प्रोटेक्शन के ज़रिए सार्वजनिक सूचना जारी कर इस नए टैरिफ़ की जानकारी दी.
ट्रंप के इस क़दम का मक़सद उन देशों पर दबाव बढ़ाना है, जो अभी भी रूस के साथ व्यापारिक संबंध बनाए हुए हैं.
अगस्त में ही ट्रंप ने भारतीय आयात पर कुल टैरिफ़ दर को दोगुना करके 50 फ़ीसदी कर दिया था.
जिसके तुरंत बाद भारत के विदेश मंत्रालय ने प्रतिक्रिया में कहा था, "यह कार्रवाई अनुचित, अकारण और तर्कहीन है."
ट्रंप ने फिर किया भारत-पाकिस्तान का ज़िक्र, कहा- उन्होंने पहले ही 7 लड़ाकू विमान गिरा दिए थे
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इमेज कैप्शन, राष्ट्रपति ट्रंप कई बार दावा कर चुके हैं कि भारत और पाकिस्तान के बीच संघर्ष उन्होंने रुकवाया था
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि उन्होंने दुनियाभर में सात युद्ध रुकवाए हैं, जिसमें भारत और पाकिस्तान संघर्ष भी शामिल है.
व्हाइट हाउस में पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा, "मैंने इन सभी युद्धों को रुकवाया है. इनमें से सबसे बड़ा युद्ध भारत और पाकिस्तान के बीच होता."
भारत ट्रंप और अमेरिका के अतीत में किए गए ऐसे सभी दावों को ख़ारिज करता रहा है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संसद में भी किसी भी प्रकार की मध्यस्थता से इनकार किया था.
ट्रंप ने क्या कहा?
भारत पाकिस्तान के बीच हुए संघर्ष का ज़िक्र करते हुए ट्रंप ने कहा, "भारत और पाकिस्तान का युद्ध परमाणु युद्ध बन सकता था. उन्होंने पहले ही 7 लड़ाकू विमान गिरा दिए थे, यह बहुत भयंकर था. मैंने कहा, ‘क्या आप व्यापार करना चाहते हैं? अगर आप लड़ाई जारी रखते हैं तो हमारा आपके साथ कोई व्यापार नहीं होगा. आपके पास इसे सुलझाने के लिए 24 घंटे हैं.’ तब उन्होंने कहा, 'ठीक है, अब कोई युद्ध नहीं चल रहा है'."
अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा, "मैंने कई मौकों पर इसका इस्तेमाल किया. मैंने व्यापार का इस्तेमाल किया और जो भी मुझे करना था, मैंने किया."
ट्रंप ने यह साफ़ नहीं किया कि गिराए गए विमान भारत के थे, पाकिस्तान के थे या दोनों देशों के मिलाकर थे.
पिछले हफ्ते ट्रंप ने दावा किया था कि उन्होंने छह युद्ध ख़त्म कराए, जिनमें भारत और पाकिस्तान के बीच का युद्ध भी शामिल है.
भारत का क्या कहना है?
ट्रंप ने कई बार ये दावा किया है कि भारत और पाकिस्तान के बीच संघर्ष उन्होंने रुकवाया था. पाकिस्तान ने इसके लिए उन्हें धन्यवाद दिया था.
लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संसद में ट्रंप के इस दावे को ख़ारिज करते हुए कहा था, "दुनिया के किसी भी नेता ने भारत को ऑपरेशन रोकने के लिए नहीं कहा."
इसके साथ ही मध्यस्थता के मामले में विदेश मंत्री एस जयशंकर ने भी कहा है कि, "भारत कश्मीर के मुद्दे पर किसी तीसरे मुल्क की मध्यस्थता स्वीकार नहीं करता. इस पर भारत का रुख़ स्पष्ट है."
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