संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने देशों का दौरा करने वाले नेताओं की पूरी लिस्ट जारी की है. इसके बाद कांग्रेस ने इस पर प्रतिक्रिया दी है.
दरअसल, 'ऑपरेशन सिंदूर' और 'सीमापार आतंकवाद के ख़िलाफ़ भारत की निरंतर लड़ाई के संदर्भ में' दुनिया के कई देशों को जानकारी देने के लिए 7 प्रतिनिधिमंडल जल्द ही विदेश के दौरे पर रवाना होंगे.
कांग्रेस के राज्यसभा सांसद जयराम रमेश के हवाले से कांग्रेस पार्टी ने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में कहा, "16 मई की सुबह मोदी सरकार ने पाकिस्तान से आतंकवाद पर भारत की स्थिति को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर समझाने के लिए विदेश भेजे जा रहे प्रतिनिधिमंडल में कांग्रेस के 4 सांसदों/नेताओं के नाम मांगे."
"ये 4 नाम लोकसभा में विपक्ष के नेता ने उसी दिन 16 मई को दोपहर 12 बजे तक संसदीय कार्य मंत्री को लिखित में भेज दिए थे."
बयान में कहा गया, "17 मई की देर रात जब सभी प्रतिनिधिमंडलों की पूरी सूची आधिकारिक रूप से जारी की गई, तो कांग्रेस की ओर से सुझाए गए 4 में से केवल 1 नाम को ही शामिल किया गया."
कांग्रेस ने कहा, "यह मोदी सरकार की गंभीरता की कमी और राष्ट्रीय मुद्दों पर उनकी घटिया राजनीतिक रणनीति को दिखाता है."
"हालांकि, मोदी सरकार की ओर से चुने गए कांग्रेस के जो 4 प्रतिष्ठित सांसद/नेता प्रतिनिधिमंडलों में शामिल किए गए हैं, वे ज़रूर जाएंगे और अपना योगदान देंगे."
किरेन रिजिजू की ओर से जारी की गई लिस्ट के मुताबिक़, इसमें बीजेपी, कांग्रेस समेत कई पार्टियों के नेता शामिल हैं.
इससे पहले कांग्रेस की ओर से सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल के लिए जिन लोगों का नाम दिया गया उनमें शशि थरूर का नाम नहीं था.
कांग्रेस नेता जयराम रमेश के मुताबिक़, शुक्रवार को दोपहर तक चार नाम दिए गए. जिनमें आनंद शर्मा, गौरव गोगोई, डॉ. सैयद नासिर हुसैन और राजा बरार के नाम थे.