You’re viewing a text-only version of this website that uses less data. View the main version of the website including all images and videos.

Take me to the main website

भारतीय वायुसेना का एक सुखोई विमान गुम, सर्च और रेस्क्यू ऑपरेशन जारी

भारतीय वायुसेना के एक सुखोई विमान के गुम होने की जानकारी मिली है. भारतीय वायुसेना ने कहा है कि विमान ने असम के जोरहाट से उड़ान भरी थी और आख़िरी बार शाम 7.42 बजे उससे संपर्क हुआ था.

सारांश

लाइव कवरेज

चंदन कुमार जजवाड़े, सुरभि गुप्ता

  1. ईरान ने इसराइल पर दाग़ी कई मिसाइलें

    इसराइली सेना का कहना है कि ईरान ने गुरुवार तड़के उसकी ओर कई मिसाइलें दागी हैं.

    लेकिन एएफपी की रिपोर्ट के अनुसार देश की आपातकालीन सेवा ने तत्काल किसी के हताहत होने की सूचना नहीं दी है.

    दो घंटे के भीतर तीन अलग-अलग अलर्ट जारी किए गए.

    फ़्रांस-प्रेस एजेंसी के संवाददाताओं ने यरूशलम में विस्फोटों की आवाज़ सुनी, हालांकि सेना ने बाद में लोगों को सुरक्षित ठिकानों (शेल्टर) से बाहर निकलने की अनुमति दे दी.

  2. चीन ने अमेरिका और इसराइल के हमलों के बाद मध्य-पूर्व में जारी तनाव पर ये कहा

    मिडिल-ईस्ट के हालात पर चीनी विदेश मंत्री वांग यी ने सऊदी अरब के विदेश मंत्री फैसल बिन फरहान अल सऊद से फ़ोन पर बात की है.

    चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता लिन जियान ने सोशल मीडिया एक्स पर बताया, "मिडिल-ईस्ट में लगातार बढ़ रही लड़ाई का असर सऊदी अरब और दूसरे खाड़ी देशों पर पड़ रहा है. चीन नहीं चाहता कि ऐसा हो."

    उन्होंने लिखा, "चीन सऊदी अरब के संयम और शांति से मतभेद सुलझाने के उसकी प्रतिबद्धता की तारीफ़ करता है. चीन सभी पक्षों से ज़ोर देकर कहता है कि वे मिलिट्री ऑपरेशन बंद करें, जल्द से जल्द बातचीत पर लौटें और तनाव को और बढ़ने से रोकें."

  3. ईरानी युद्धपोत पर अमेरिकी हमले को लेकर विपक्षी दलों ने मोदी सरकार पर लगाए ये आरोप

    अमेरिका ने हिंद महासागर में ईरान का एक युद्धपोत टॉरपीडो से हमला करके डुबो दिया है.

    अमेरिका ने इस युद्धपोत का नाम नहीं बताया है लेकिन उसका ये ऐलान श्रीलंकाई सरकार के उस बयान के बाद आया है जिसमें कहा गया था कि ईरानी युद्धपोत डेना की ओर से उनके पास एक डिस्ट्रेस कॉल (आपातकालीन संदेश) मिला जिसमें सहायता मांगी गई थी.

    ईरान के इस युद्धपोत ने हाल ही में मिलिट्री एक्सरसाइज़ (सैन्य अभ्यास) में हिस्सा लिया था. जिसे इंटरनेशनल फ़्लीट रिव्यू-2026 कहा गया. इसकी मेज़बानी भारत ने की थी.

    इस हमले पर विपक्षी दलों के कई नेताओं ने पीएम मोदी पर निशाना साधा है.

    कांग्रेस प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेत ने एक्स पर एक पोस्ट में लिखा, "ये ईरानी नौसैनिक भारत में एक कार्यक्रम में आए थे, जिन्हें हमने बुलाया था और वो हमारे मेहमान थे. जब वो वापस लौट रहे थे तब अमेरिकी सबमरीन ने उनके जहाज पर हमला कर उन्हें मार दिया."

    उन्होंने लिखा, "लेकिन पीएम मोदी की तरफ से कोई आवाज़ नहीं आई. यह कायरता मंज़ूर नहीं है. पीएम मोदी का समझौता भारत को शर्मिंदा कर रहा है."

    आम आदमी पार्टी के सांसद संजय सिंह ने ईरानी जहाज का एक वीडियो शेयर करते हुए एक्स पर प्रतिक्रिया दी है.

    उन्होंने लिखा, "ये वीडियो मोदी जी की कायरता को हमेशा-हमेशा के लिए दर्ज करेगा. भारत के बुलावे पर 'मिलन युद्धाभ्यास 2026' के लिए ईरान ने अपना जहाज भेजा था. महामहिम राष्ट्रपति जी के सामने इस जहाज की खूबियाँ बताई गई."

    संजय सिंह ने आगे लिखा, "इस जहाज को अमेरिका ने मार गिराया जिसमें 100 से अधिक नाविक मारे गए, हमारे मेहमान मारे गए और मोदी ख़ामोश हैं."

    वहीं महाराष्ट्र के भिवंडी (पूर्व) से समाजवादी पार्टी के विधायक रईस शेख़ ने लिखा, "श्रीलंका के पास 'आईआरआईएस डेना' के डूबने से बहुत दुख हुआ. कुछ दिन पहले ही इसके नाविकों ने समुद्री सहयोग के प्रतीक मिलन एक्सरसाइज के दौरान विशाखापत्तनम में मार्च किया था. 80 से ज़्यादा नाविकों के परिवारों के प्रति मेरी गहरी संवेदना है."

    इस हमले पर आरजेडी की प्रवक्ता प्रियंका भारती ने सरकार पर सवाल खड़े किए हैं.

    प्रियंका भारती ने एक्स पर लिखा, "ईरानी पोत ने भारत के न्योते पर नेवल एक्सरसाइज में भारत में हिस्सा लिया, जिसमें हमारी राष्ट्रपति भी मौजूद थीं. जब वह पोत वापस लौट रहा था, तब हिंद महासागर के जलक्षेत्र में उस पर अमेरिका ने हमला किया और डुबा दिया."

    "अमेरिकी पनडुब्बी तमाम हथियारों से लैस थी जिसने एक गैर-युद्धक कार्रवाई से लौटते युद्धपोत पर छुपकर वार किया. भारत ने कोई भी प्रतिक्रिया क्यों नहीं दी."

    इससे पहले श्रीलंका की नौसेना ने बताया था कि 'आईआरआईएस डेना' हिंद महासागर में डूब गया है, जिसमें सवार कुल 180 में से लगभग 140 लोग लापता हैं.

  4. ज़ेलेंस्की ने ईरान के हमलों से बचने में खाड़ी देशों को मदद की पेशकश की

    यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर ज़ेलेंस्की का कहना है कि यूक्रेन अपने विशेषज्ञों को खाड़ी देशों में तैनात करने की योजना बना रहा है ताकि सहयोगी देशों को ईरानी ड्रोन और मिसाइलों से बचने में मदद मिल सके.

    ज़ेलेंस्की का कहना है कि उन्होंने पिछले दो दिनों में संयुक्त अरब अमीरात, क़तर, जॉर्डन और बहरीन के अपने समकक्षों से बात की है.

    ज़ेलेंस्की का कहना है कि मध्य पूर्व संघर्ष पर अपने मंत्रियों और कमांडरों से परामर्श करने के बाद, उन्होंने यूक्रेन की सुरक्षा से समझौता किए बिना इन खाड़ी देशों की मदद करने के विकल्प विकसित करने को कहा है.

    सोशल मीडिया एक्स पर जारी एक बयान में राष्ट्रपति ज़ेलेंस्की ने कहा, "...हम अच्छी तरह जानते हैं कि लगातार मिसाइल और ड्रोन हमले क्या होते हैं और उनका मुक़ाबला कैसे किया जाए. हमने इस बारे में बात की कि हम इस क्षेत्र में कैसे सहयोग कर सकते हैं और इस बात पर सहमत हुए कि हमारी टीमें संपर्क में रहेंगी."

    अमेरिका और इसराइल के हमलों के बाद ईरान जवाबी हमला कर रहा है. इस दौरान ईरान ने खाड़ी देशों में अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाकर ड्रोन और मिसाइल दाग़े हैं.

  5. अमेरिका ने कुवैत में मारे गए अपने छठे सैनिक की पहचान बताई

    अमेरिकी रक्षा मंत्रालय ने कुवैत में मारे गए अपने छठे सैनिक की संभावित पहचान बताई है. पेंटागन ने इस संबंध में अभी-अभी जानकारी दी है.

    उसका कहना है कि कुवैत पर हुए हमले में मारे गए छठे सैनिक के बारे में माना जा रहा है कि वे कैलिफ़ोर्निया के सैक्रामेंटो के रहने वाले 54 साल के चीफ वारंट ऑफिसर-3, रॉबर्ट एम मार्ज़ान हैं.

    पेंटागन ने एक बयान में कहा, "मार्ज़ान 1 मार्च, 2026 को कुवैत के पोर्ट शुआइबा में घटना की जगह पर थे, और माना जा रहा है कि वह मौक़े पर मारे गए. मेडिकल टीम उनकी पहचान की पुष्टि करेगी."

    पेंटागन ने अभी तक मार्ज़ान की फ़ोटो जारी नहीं की है.

    इससे ठीक पहले अमेरिकी सेना ने कुवैत हमले में मारे गए पांचवें सैनिक की पहचान बताई थी, जो आयोवा के रहने वाले मेजर जेफरी ओब्रायन थे.

    रविवार को कुवैत के पोर्ट शुआइबा में एक कमांड सेंटर पर एक अनमैन्ड एयरक्राफ्ट सिस्टम के एयर डिफेंस को चकमा देने से छह अमेरिकी सैनिक मारे गए.

    अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने शुरू में कहा था कि हमले में तीन सैनिक मारे गए, लेकिन अधिकारियों ने बाद में मारे जाने वालों की संख्या छह बताई थी.

  6. नेपाल: जेन ज़ी प्रोटेस्ट के बाद हो रहे पहले चुनाव में वोटिंग शुरू

    भारत के पड़ोसी देश नेपाल में नई सरकार के लिए हो रहे चुनावों की वोटिंग शुरू हो गई है.

    नेपाल में पिछले साल 'जेन ज़ी' के आंदोलन के बाद सरकार गिर गई थी और उसके बाद देश में पहली बार चुनाव हो रहे हैं.

    इस चुनाव के बाद नेपाल में सुशीला कार्की के नेतृत्व वाली अंतरिम सरकार की जगह नई सरकार बनेगी.

    नेपाल में पिछले साल सितंबर में संसद भंग कर दी गई थी. उस वक़्त देश में युवाओं के आंदोलन को रोकने के दौरान काफ़ी हिंसा हुई थी.

    इस चुनाव में नेपाल में क़रीब एक करोड़ नब्बे लाख मतदाता हैं.

  7. इसराइली सेना का दावा, तेहरान में नए सिलसिलेवार हमले किए गए

    इसराइली सेना का कहना है कि उसने ईरान की राजधानी तेहरान में नए सिलसिलेवार हमले किए हैं.

    इसराइल डिफ़ेंस फ़ोर्स ने एक बयान में कहा, "आईडीएफ़ ने तेहरान में ईरानी सरकार के मिलिट्री इंफ़्रास्ट्रक्चर को निशाना बनाकर हमलों की एक और सिरीज़ शुरू की है."

    इस बयान में किसी ख़ास जगह पर हमले के बारे में ज़्यादा जानकारी नहीं दी गई, लेकिन बयान में कहा गया है कि आगे की जानकारी बाद में दी जाएगी.

    न्यूज़ एजेंसी एएफ़पी की रिपोर्ट के मुताबिक़ उसके पत्रकारों ने बुधवार रात राजधानी तेहरान में एक ज़ोरदार धमाका देखा.

    इससे पहले, इसराइली सेना ने घोषणा की कि उसकी एयर फ़ोर्स ने पूर्वी तेहरान के एक कंपाउंड पर "बड़े पैमाने पर हमला" किया है, जहाँ कमांड सेंटर और इंटरनल सिक्योरिटी के लोग थे.

  8. ट्रंप के ख़िलाफ़ अमेरिकी सीनेट में लाया गया बिल नहीं हो सका पास

    अमेरिकी सीनेट में राष्ट्रपति ट्रंप की युद्ध से जुड़ी शक्तियों को सीमित करने के लिए लाया गया बिल पास नहीं हो सका है.

    इस बिल के समर्थन में 47 सीनेटरों ने वोट डाले, जबकि इसके ख़िलाफ़ 53 वोट डाले गए. यानी ट्रंप के ख़िलाफ़ लाए गए बिल को कम वोट मिला. अगर यह बिल पास हो जाता तो युद्ध से जुड़े आदेश देने के लिए अमेरिकी राष्ट्रपति के पास शक्तियाँ कम हो जातीं.

    इस बिल में युद्ध से जुड़ा कोई भी आदेश देने से पहले ट्रंप को अमेरिकी कांग्रेस यानी संसद की मंज़ूरी लेनी होती.

    28 फ़रवरी को अमेरिका और इसराइल ने मिलकर ईरान पर हमला किया था. इसके जवाब में ईरान ने भी अमेरिकी सैन्य ठिकानों, इसराइल और अन्य जगहों पर हमले किए हैं.

    इस संघर्ष के बाद अमेरिकी सीनेट में इस तरह का यह पहला विधेयक था और यह ट्रंप को रोकने में नाकाम रहा है.

  9. नमस्कार!

    बीबीसी न्यूज़ हिन्दी के लाइव पेज पर आपका स्वागत है. मैं बीबीसी संवाददाता चंदन कुमार जजवाड़े अब से दोपहर दो बजे तक आप तक अहम ख़बरें पहुंचाऊंगा.

    कल के लाइव पेज की ख़बरें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें.

    हमारे पेज पर मौजूद कुछ अहम ख़बरों को पढ़ने के लिए नीचे दिए गए लिंक्स पर क्लिक करें.