ओडिशा के तटीय क्षेत्र से चक्रवाती तूफ़ान ‘दाना' के टकराने की प्रक्रिया शुरू हो गई है.
भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के मुताबिक़ इस प्रक्रिया के शुक्रवार सुबह तक जारी रहने की संभावना है.
ओडिशा की लगभग आधी जनसंख्या के इस चक्रवाती तूफ़ान से प्रभावित होने की आशंका है.
आईएमडी के एक वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक़, 'दाना' तूफ़ान पिछले छह घंटों में पंद्रह किलोमीटर प्रति घंटे की रफ़्तार से उत्तर-उत्तरपश्चिम की ओर बढ़ा और फिर केंद्रपाड़ा जिले के भीतकर्णिका और भद्रक जिले के धामरा के बीच पहुंचा. इस दौरान हवा की गति करीब 110 किलोमीटर प्रति घंटे थी.
'दाना' तूफ़ान का असर ओडिशा के साथ साथ पश्चिम बंगाल पर भी देखने को मिल रहा है. इस तूफ़ान की वजह से पश्चिम बंगाल के तटवर्ती इलाक़ों में भी तेज़ हवाएं चल रही हैं और लगातार बारिश हो रही है.
समाचार एजेंसी एएनआई के अनुसार भारतीय नौसेना ने 'दाना' चक्रवाती तूफ़ान के मद्देनज़र सहायता और बचाव अभियान की तैयारियों को भी शुरू कर दिया है.
ओडिशा के सीएम मोहन माझी के मुताबिक़, 'दाना' चक्रवात की वजह से राज्य के कुल 5,84,888 लोगों को सुरक्षित जगहों पर पहुंचाया गया है. हालांकि शुक्रवार की सुबह तक यह संख्या 600,000 से ज़्यादा पहुंच सकती है.
ओडिशा सरकार ने दाना प्रभावित इलाकों से निकाले गए लोगों को रखने के लिए 7200 साइक्लोन सेंटर बनाए हैं.
'दाना' चक्रवाती तूफ़ान की वजह से पश्चिम बंगाल और ओडिशा दोनों ही जगहों पर यातायात बुरी तरह से प्रभावित हुआ है.
हवाई, रेल और रोड तीनों ही तरह की यातायात सेवाओं पर असर पड़ा है. जहां भुवनेश्वर के बीजू पटनायक हवाई अड्डे पर हवाई सेवाएं प्रभावित हैं तो वहीं कोलकाता के कोलकाता के नेता सुभाष चंद्र बोस एयरपोर्ट पर भी उड़ानों पर असर देखा गया है.
इसके अलावा दोनों ही राज्यों के बस अड्डों पर भी यातायात प्रभावित हुआ है या रोका गया है.
भारतीय रेल ने इस क्षेत्र में चलने वाली करीब 150 ट्रेनों को कैंसिल कर दिया है. दोनों राज्यों के बड़े स्टेशनों पर यात्रियों की भीड़ देखी जा सकती है.
'दाना' चक्रवात की वजह से ओडिशा में लगातार बारिश हो रही है. समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक़, भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने ऐसी आशंका जताई है कि ओडिशा के 16 ज़िलों में लगातार हो रही बारिश की वजह से अचानक बाढ़ आ सकती है.
इसके अलावा लगातार हो रही बारिश से राज्य में कई सारे जगहों पर सड़कों पर पेड़ भी उखड़ कर गिर गए हैं. जिस वजह से लोगों को काफ़ी परेशानियों का सामना भी करना पड़ रहा है.