पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में 17 वर्षीय टिकटॉकर सना यूसुफ़ की हत्या के मामले में उनकी मां की शिकायत पर मामला दर्ज़ किया गया है.
सना यूसुफ़ की सोमवार को इस्लामाबाद स्थित उनके घर में हत्या कर दी गई थी, जहां वह अपने परिवार के साथ रह रहीं थीं.
मामले के अनुसार, सना यूसुफ़ की सोमवार शाम को उनके घर में एक अज्ञात व्यक्ति ने गोली मारकर हत्या कर दी.
इस्लामाबाद के संबल पुलिस स्टेशन में दर्ज एफ़आईआर में कहा गया है, "कल एक आदमी अचानक हमारे घर में घुस आया और मेरी बेटी सना यूसुफ़ पर सीधे गोली चला दी, जिसमें से दो गोलियां उसकी छाती में लगीं."
उनकी मां की ओर दर्ज कराई गई एफआईआर के अनुसार, "अज्ञात व्यक्ति सीढ़ियों से नीचे भाग गया और जब हमने आवाज़ लगाई तो स्थानीय लोग इकट्ठा हो गए. मैंने अपनी बेटी को पड़ोसी की कार में बिठाया और उसे अस्पताल ले गई, लेकिन मेरी बेटी पहले ही दम तोड़ चुकी थी."
सना की मां की दर्ज कराई गई प्राथमिकी में यह भी कहा गया है कि घटना के समय उनके पति घर पर मौजूद नहीं थे, बल्कि केवल वह, उनका देवर और उनकी बेटी सना यूसुफ़ ही घर पर थे.
बीबीसी ने सना के माता-पिता से संपर्क कर घटना पर उनकी स्थिति जानने की कोशिश की है, लेकिन अभी तक कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली है.
गौरतलब है कि पाकिस्तान में महिला टिकटॉकर की हत्या का यह पहला मामला नहीं है.
पुलिस के मुताबिक़ पिछले साल के अंत में पंजाब के खुशाब ज़िले में टिकटॉकर इकरा आज़म की उनके ही रिश्तेदार ने कथित तौर पर हत्या कर दी थी.
इस मामले की जांच टीम में शामिल सब-इंस्पेक्टर मनसबदार ने बीबीसी को बताया कि पीड़िता के शव का पाकिस्तान इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (पीआईएमएस) में पोस्टमॉर्टम कराने के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया और परिजन शव को लेकर चित्राल के लिए रवाना हो गए.
सना यूसुफ़ की हत्या की जांच कर रही टीम में शामिल सब-इंस्पेक्टर मनसबदार ने बीबीसी को बताया कि पुलिस ने घटनास्थल पर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी हासिल कर ली है.
'संदिग्ध घर में घुसा और सीधे सना के कमरे में चला गया'
पुलिस अधिकारी ने दावा किया कि इस घटना में शामिल अभियुक्तों के बारे में काफी सबूत मिल चुके हैं और अभियुक्तों को जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा.
उन्होंने बताया कि उपलब्ध सबूतों के अलावा पुलिस हत्या की घटना के विभिन्न पहलुओं की जांच कर रही है.
जांच टीम में शामिल एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि शुरुआती जांच में पता चला है कि अभियुक्त ने सना यूसुफ़ की हत्या करने से पहले उस घर की तलाशी ली थी, जहां पीड़िता रहती थी.
जब उसने (अभियुक्त ने) देखा कि सना के माता-पिता घर पर नहीं हैं, तो वह घर में घुसा और पिस्तौल निकालकर सना यूसुफ़ पर दो गोलियां चला दी.
जांच दल में शामिल एक अन्य अधिकारी ने बताया कि संदिग्ध व्यक्ति घर में घुसा, सीधे सना यूसुफ़ के कमरे में गया और बाहर निकलते ही उस पर गोलियां चलानी शुरू कर दी.
पुलिस अधिकारी के अनुसार, गोली से घायल सना यूसुफ के गिरते ही संदिग्ध व्यक्ति घटनास्थल से भाग गया.
सना यूसुफ कौन थीं?
सना यूसुफ़ सिर्फ़ 17 साल की थीं.
वह ख़ैबर पख़्तूनख़्वा प्रांत के चित्राल ज़िले की रहने वाली थीं, लेकिन उनका परिवार कुछ समय से इस्लामाबाद में रह रहा था.
उनके टिकटॉक अकाउंट पर करीब 81 हजार फॉलोअर्स हैं.
कल सना यूसुफ़ के जन्मदिन का एक वीडियो भी उनके इंस्टाग्राम अकाउंट पर शेयर किया गया, जिसमें वह अपने दोस्तों के साथ अपना जन्मदिन मनाती नजर आ रही हैं.