ट्रंप और शी जिनपिंग के बीच फ़ोन पर हुई बात, टिकटॉक और टैरिफ़ पर चर्चा

चीन की तरफ़ से कहा गया है कि दोनों देशों की तरक्की के लिए आपसी सम्मान और सहयोग ज़रूरी है.

सारांश

लाइव कवरेज

इफ़्तेख़ार अली और अंशुल सिंह

  1. अब इस लाइव पेज को विराम देने का वक़्त आ गया है. बीबीसी संवाददाता अंशुल सिंह को दीजिए इजाज़त.

    कल सुबह एक नए लाइव पेज के साथ हम फिर हाज़िर होंगे.

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  2. ट्रंप और शी जिनपिंग के बीच फ़ोन पर हुई बात, टिकटॉक और टैरिफ़ पर चर्चा

    शी जिनपिंग और ट्रंप

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    इमेज कैप्शन, बीते कुछ महीनों से टैरिफ़ के मुद्दे पर अमेरिका और चीन के बीच तनाव देखा जा रहा है

    अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने फ़ोन पर बातचीत की. डोनाल्ड ट्रंप ने इसकी जानकारी सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म ट्रुथ सोशल पर दी.

    ट्रंप ने लिखा, "मैंने अभी चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग से सार्थक बातचीत पूरी की. हमने कई अहम मुद्दों पर प्रगति की, जिनमें व्यापार, फ़ेंटानिल, रूस-यूक्रेन युद्ध को ख़त्म करने की ज़रूरत और टिकटॉक डील की मंज़ूरी शामिल है."

    "मैंने राष्ट्रपति शी से यह भी तय किया कि हम दक्षिण कोरिया में होने वाले एपीईसी समिट में मिलेंगे. मैं अगले साल की शुरुआत में चीन जाऊंगा और राष्ट्रपति शी भी सही समय पर अमेरिका आएंगे. यह बातचीत बहुत अच्छी रही. हम फ़ोन पर फिर बात करेंगे. टिकटॉक की मंज़ूरी के लिए धन्यवाद और हम दोनों एपीईसी में मुलाक़ात का इंतज़ार कर रहे हैं."

    चीन की तरफ़ से जारी बयान में कहा गया है कि राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने बातचीत में इस पर ज़ोर दिया है कि चीन और अमेरिका साथ मिलकर तरक्की कर सकते हैं और दुनिया में शांति ला सकते हैं, लेकिन इसके लिए आपसी सम्मान और सहयोग ज़रूरी है.

    बयान के मुताबिक़, "उन्होंने (शी जिनपिंग) यह भी कहा कि अमेरिका को एकतरफ़ा व्यापार प्रतिबंधों से बचना चाहिए और टिकटॉक पर निष्पक्ष समाधान को बढ़ावा देना चाहिए."

  3. एस्टोनिया में घुसे तीन रूसी लड़ाकू विमानों को नेटो ने रोका

    रूसी मिग

    इमेज स्रोत, Russian Defence Ministry Press Service

    इमेज कैप्शन, रूस ने घटना पर अब तक कोई टिप्पणी नहीं की है.

    नेटो ने कहा है कि एस्टोनिया की हवाई सीमा का उल्लंघन करने वाले तीन रूसी लड़ाकू विमानों को इंटरसेप्ट किया गया.

    एस्टोनिया के विदेश मंत्रालय ने इस घुसपैठ की निंदा करते हुए इसे दुस्साहसपूर्ण कार्रवाई क़रार दिया.

    मंत्रालय ने कहा कि तीन रूसी मिग-31 लड़ाकू विमान बिना अनुमति के एस्टोनिया की हवाई सीमा में दाख़िल हुए और शुक्रवार को फ़िनलैंड की खाड़ी के ऊपर कुल 12 मिनट तक उड़ते रहे.

    नेटो की प्रवक्ता एलिसन हार्ट ने कहा कि सैन्य गठबंधन ने तुरंत प्रतिक्रिया देते हुए इन रूसी विमानों को रोका.

    नेटो ने कहा कि यह रूस के बेपरवाह रवैये और नेटो की फ़ौरन कार्रवाई करने की क्षमता का एक और उदाहरण था .

    रूसी सेना ने इस मामले पर अब तक सार्वजनिक रूप से कोई टिप्पणी नहीं की है.

  4. ग़ज़ा सिटी से निकलने वाला अस्थायी रास्ता इसराइली सेना ने बंद किया, पॉल ब्राउन और एडम डर्बिन, बीबीसी वेरिफ़ाई

    इसराइल

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    इमेज कैप्शन, बीते बुधवार को सलाह अल-दीन स्ट्रीट को खोला गया था, जिसे अब बंद कर दिया गया है. (फ़ाइल फ़ोटो)

    इसराइली डिफ़ेस फ़ोर्स (आईडीएफ़) ने ग़ज़ा सिटी से बाहर निकलने के लिए बनाए गए अस्थायी रास्ते को बंद कर दिया है.

    इससे पहले इस इलाक़े में लोगों को बाहर निकलने का आदेश दिया गया था.

    आईडीएफ़ के प्रवक्ता अविचाय अद्राई ने एक्स पर अपडेट दिया कि सलाह अल-दीन स्ट्रीट, जिसे बुधवार को खोला गया था, अब ग़ज़ा सिटी से बाहर निकलने वालों के लिए उपलब्ध नहीं है.

    उन्होंने कहा कि अल-रशीद स्ट्रीट अब लोगों के निकलने के लिए इकलौती 'इजाज़त वाली' सड़क है.

    पिछले कुछ हफ़्तों में ग़ज़ा में इसराइल ने ज़मीनी हमले तेज़ कर दिए हैं.

    सलाह अल-दीन ग़ज़ा की मुख्य सड़क है, जो उत्तर से दक्षिण तक जाती है. यह उस इलाक़े से होकर गुज़रती है जिसे हाल ही में फिर से सैन्य इलाक़ा बना दिया गया है. इस जगह को नेट्ज़ारिम कॉरिडोर कहा जाता है, जिसे 2024 में आईडीएफ़ ने बनाया था और इसने ग़ज़ा को दो हिस्सों में बांट दिया था.

    अस्थायी निकासी वाला रास्ता सलाह अल-दीन से हटकर नेट्ज़ारिम से होकर गुज़रता था. इसराइल ने इस कॉरिडोर को इस साल की शुरुआत में युद्धविराम समझौते के तहत खाली कर दिया था.

    लेकिन सैटेलाइट तस्वीरों से पता चला कि सोमवार को सैन्य गाड़ियां फिर इस इलाक़े में आ गईं, जब इसराइली सेना ने ग़ज़ा पर हमला और तेज़ कर दिया.

    अपने पोस्ट में अद्राई ने यह भी कहा कि आईडीएफ़ "हमास और दूसरी दहशतगर्द समूहों के ख़िलाफ़ पहले से कहीं ज़्यादा और बेहद सख़्त कार्रवाई जारी रखेगी."

  5. आज का कार्टून

    कार्टून
    इमेज कैप्शन, भारत में आईफ़ोन 17 की बिक्री पर आज का कार्टून.
  6. सूडान: मस्जिद पर ड्रोन हमला, 78 लोगों की मौत, बारबरा प्लेट अशर, अफ़्रीका संवाददाता और पीटर मवाई, बीबीसी वेरिफ़ाई

    मस्जिद

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    इमेज कैप्शन, ड्रोन हमले में क्षतिग्रस्त हुई मस्जिद की तस्वीर

    सूडान के दारफ़ुर क्षेत्र में एक मस्जिद पर ड्रोन हमले के बाद 70 से ज़्यादा लोगों की मौत हो गई है. एक सीनियर मेडिकल सोर्स ने बीबीसी को यह जानकारी दी है.

    शुक्रवार को अल-फ़ाशर शहर में हुए इस हमले के लिए अर्धसैनिक संगठन रैपिड सपोर्ट फ़ोर्सेज़ (आरएसएफ़) को ज़िम्मेदार ठहराया जा रहा है लेकिन इस ग्रुप ने इसकी ज़िम्मेदारी नहीं ली है.

    आरएसएफ़ और सेना के बीच दो साल से भी ज़्यादा समय से भीषण गृहयुद्ध चल रहा है. पैरामिलिट्री बल अब ज़मीन पर बढ़त बना रहे हैं और पूरे अल-फ़ाशर पर क़ब्ज़ा करने की कोशिश कर रहे हैं.

    यह शहर दारफ़ुर में सेना का आख़िरी गढ़ है और यहां तीन लाख से ज़्यादा नागरिक फंसे हुए हैं.

    एक स्थानीय निवासी ने बीबीसी को बताया कि ड्रोन ने सुबह की नमाज़ के समय हमला किया, जिसमें दर्जनों लोग मौक़े पर मारे गए.

    मेडिकल सूत्र ने कहा कि 78 लोग मरे और क़रीब 20 घायल हुए हैं, लेकिन इमारत के मलबे से शव निकालने का काम अभी जारी है.

    बीबीसी वेरिफ़ाई ने वीडियो की पुष्टि की है, जिसमें लगभग 30 शव मस्जिद के पास कफ़न और चादरों में लिपटे दिख रहे हैं. यह मस्जिद शहर के पश्चिमी हिस्से में है.

  7. मणिपुर में असम राइफ़ल्स के ट्रक पर हमला, दो जवानों की मौत

    मणिपुर

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    इमेज कैप्शन, मई 2023 में जातीय हिंसा भड़कने के बाद मणिपुर में शांति नहीं है (फ़ाइल फ़ोटो)

    मणिपुर की राजधानी इम्फाल के बाहरी इलाक़े नाम्बोल में असम राइफ़ल्स के ट्रक पर हमला किया गया है. घटनास्थल इम्फाल एयरपोर्ट से लगभग आठ किलोमीटर दूर है.

    राज्य के गवर्नर ऑफ़िस के मुताबिक़, हमले में दो जवानों की मौत हुई है.

    गवर्नर ऑफ़िस के एक्स अकाउंट से लिखा गया, "मणिपुर के राज्यपाल ने आज शाम सुरक्षा बलों पर हुए हमले की कड़ी निंदा की है. इस हमले में असम राइफ़ल्स के दो जवान ड्यूटी निभाते हुए शहीद हो गए."

    "राज्यपाल ने गहरा दु:ख जताते हुए शहीद जवानों के परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की. उन्होंने कहा कि देश की रक्षा में जवानों का साहस और समर्पण हमेशा याद रखा जाएगा. राज्यपाल ने इस हमले में घायल लोगों के जल्द ठीक होने की कामना भी की."

    राज्यपाल ने कहा कि 'ऐसे हमलों को किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. शांति और स्थिरता बनाए रखने के लिए सख़्त कार्रवाई की जाएगी.'

    मणिपुर के पूर्व मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह ने एक्स पर लिखा, "नाम्बोल में हमारे बहादुर 33 असम राइफ़ल्स के जवानों पर घातक हमले की ख़बर सुनकर आहत हूं. दो जवानों की हत्या और कई अन्य के घायल होने की ख़बर हम सभी के लिए बड़ा झटका है."

    "शहीदों के परिवारों के प्रति मेरी गहरी संवेदना है और घायल जवानों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ के लिए प्रार्थना करता हूं. इस संगीन अपराध के अभियुक्तों को कड़ी सज़ा मिलनी चाहिए."

  8. कीएव में धमाके, यूक्रेन ने 71 रूसी ड्रोन गिराने का दावा किया, रिचर्ड इरविन-ब्राउन, बीबीसी वेरिफ़ाई

    यूक्रेन

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    यूक्रेन में स्थानीय मीडिया ने बताया कि रात भर आई तस्वीरों में कीएव में धमाके नज़र आए हैं और ये धमाके रूसी ड्रोन को गिराए जाने की वजह से हुए.

    ऊपर दिखाई दे रही तस्वीर रॉयटर्स की है जिसमें शूलियाव्स्का मेट्रो स्टेशन और प्रेस ऑफ़ यूक्रेन प्रिंटवर्क्स के पास हुआ धमाका दिख रहा है. यह इलाक़ा शहर के पश्चिमी हिस्से में है.

    बीबीसी के कीएव ब्यूरो में मौजूद सहयोगियों ने हमले को देखा और बताया कि उन्होंने कम से कम दो ड्रोन को आसमान से गिरते हुए देखा.

    यूक्रेनी एयर फ़ोर्स ने दावा किया कि रूस ने रात भर में 86 ड्रोन से हमले किए जिनमें 50 से ज़्यादा शाहिद अटैक ड्रोन शामिल थे. इनमें से 71 को मार गिराया गया.

    पूरे यूक्रेन में छह जगहों पर 15 हमले दर्ज किए गए.

    यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर ज़ेलेंस्की ने बताया कि निप्रो इलाक़े में दो लोग घायल हुए हैं.

  9. दिनभर: चाबहार पर अमेरिका का फ़ैसला भारत के लिए कितना बड़ा झटका?

    दिनभर: पूरा दिन,पूरी ख़बर सुनिए मानसी दाश और संदीप राय के साथ

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  10. चाबहार बंदरगाह पर अमेरिकी प्रतिबंध के जवाब में भारतीय विदेश मंत्रालय ने क्या कहा?

    रणधीर जायसवाल

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    इमेज कैप्शन, अमेरिकी विदेश मंत्रालय के उप प्रवक्ता थॉमस पिगॉट ने कहा है कि चाबहार में कामकाज के लिए 2018 में दी गई छूट को वापस लेना, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ईरान को अलग-थलग करने की की रणनीति का हिस्सा है.

    ईरान के चाबहार बंदरगाह प्रोजेक्ट पर अमेरिका ने पाबंदियों में जो छूट दी थी उसे ख़त्म करने का फ़ैसला किया है.

    अब भारत ने कहा कि इस फ़ैसले का उस पर क्या असर होगा, इसकी स्टडी की जा रही है.

    विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा, "चाबहार पोर्ट को लेकर अमेरिकी सरकार की ओर से दी गई छूट वापस लेने पर जारी प्रेस बयान हमने देखा है. इस फ़ैसले का भारत पर क्या असर होगा, हम इसकी जांच कर रहे हैं."

    2018 में अमेरिका ने चाबहार बंदरगाह परियोजना को प्रतिबंधों से छूट दी थी. इसकी मुख्य वजह अफ़ग़ानिस्तान को ईरानी पेट्रोलियम उत्पादों का आयात जारी रखने की सुविधा देना थी. उस समय अफ़ग़ानिस्तान में अमेरिकी सेना मौजूद थी.

    2023 में भारत ने चाबहार बंदरगाह के ज़रिए अफ़ग़ानिस्तान को 20,000 टन गेहूँ भेजा था. 2021 में इसी बंदरगाह से ईरान को इको-फ़्रेंडली कीटनाशक की सप्लाई की गई थी.

    लेकिन नई नीति के तहत अब ये छूट ख़त्म कर दी जाएगी.

  11. तालिबान की क़ैद में महीनों तक रहने के बाद ब्रिटिश दंपती रिहा हुए, कैरोलीन हॉले, कूटनीतिक संवाददाता और एलेक्स फ़िलिप्स

    पीटर रेनॉल्ड्स और उनकी पत्नी बार्बी रेनॉल्ड्स

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    इमेज कैप्शन, पीटर रेनॉल्ड्स और उनकी पत्नी बार्बी रेनॉल्ड्स

    अफ़ग़ानिस्तान में तालिबान की क़ैद में लगभग आठ महीने बिताने के बाद एक ब्रिटिश दंपती को रिहा कर दिया गया है.

    पीटर रेनॉल्ड्स (80) अपनी पत्नी बार्बी (76) के साथ पिछले क़रीब 20 साल से अफ़ग़ानिस्तान में रह रहे थे. एक फ़रवरी को वे घर लौट रहे थे, तभी उन्हें रास्ते में रोक लिया गया.

    क़तर की मध्यस्थता से दोनों को रिहा किया गया. क़तर के अधिकारियों ने बताया कि दंपती पहले क़तर जाएंगे, जहां उनकी मेडिकल जांच होगी. इसके बाद उन्हें ब्रिटेन भेजा जाएगा, जबकि उनका स्थायी घर अफ़ग़ानिस्तान के बामियान प्रांत में है.

    तालिबान का कहना है कि दंपती ने अफ़ग़ान क़ानून तोड़ा था और अदालती प्रक्रिया के बाद रिहाई हुई है. हालांकि, उनकी गिरफ़्तारी का असली कारण कभी नहीं बताया गया.

    बार्बी और पीटर रेनॉल्ड्स

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    इमेज कैप्शन, बार्बी और पीटर रेनॉल्ड्स (दाएं) पहले मेडिकल जांच के लिए क़तर जाएंगे और फिर ब्रिटेन लौटेंगे

    पीटर और बार्बी रेनॉल्ड्स ने 1970 में काबुल में शादी की थी. पिछले 18 साल से वे अफ़ग़ानिस्तान में एक चैरिटेबल ट्रेनिंग प्रोग्राम चला रहे थे, जिसे 2021 में तालिबान के सत्ता में आने के बाद भी स्थानीय अधिकारियों की मंज़ूरी मिली हुई थी.

    परिवार के मुताबिक़, दंपती को अफ़ग़ानिस्तान से गहरा लगाव था. इसी कारण उन्होंने अगस्त 2021 में तालिबान के क़ब्ज़े के बाद भी वहीं रहने का फ़ैसला किया, जबकि उस समय ज़्यादातर पश्चिमी देशों के नागरिक देश छोड़कर चले गए थे.

    उनके बेटे जोनाथन रेनॉल्ड्स ने जुलाई में बीबीसी को बताया था कि पिता को गंभीर दौरे पड़ रहे थे और मां एनीमिया और कुपोषण से बेहद कमज़ोर हो चुकी थीं.

    उन्होंने कहा, "मेरे पिताजी को क़ातिलों और अपराधियों के साथ ज़ंजीरों में बांधकर रखा गया था." उन्होंने यह भी बताया कि एक समय पर माता-पिता को छह हफ़्ते तक बेसमेंट में बिना धूप के रखा गया.

    वहीं संयुक्त राष्ट्र ने चेतावनी दी थी कि इलाज न मिलने पर दंपती को गंभीर नुक़सान हो सकता है.

  12. दिल्ली यूनिवर्सिटी के चुनाव में एबीवीपी की जीत पर अमित शाह ने दी बधाई

    अमित शाह

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    दिल्ली यूनिवर्सिटी छात्र संघ चुनाव (डूसू) में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद की जीत पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने बधाई दी है.

    अमित शाह ने एक्स पर लिखा, "दिल्ली विश्वविद्यालय छात्रसंघ चुनाव में एबीवीपी की प्रचंड जीत पर परिषद के कार्यकर्ताओं को बधाई."

    "यह जीत युवाओं की राष्ट्र प्रथम की विचारधारा में अटूट विश्वास का प्रतिबिंब है. इस विजय से परिषद की छात्र शक्ति को राष्ट्र शक्ति में परिवर्तित करने की यात्रा को और अधिक गति मिलेगी."

    दिल्ली यूनिवर्सिटी के छात्र संघ चुनाव (डूसू) में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) के आर्यन मान अध्यक्ष चुने गए हैं.

    आर्यन मान ने नेशनल स्टूडेंट्स यूनियन ऑफ़ इंडिया (एनएसयूआई) की प्रत्याशी जोसलीन नंदिता चौधरी को हराया है. कुल चार में से तीन पदों पर एबीवीपी ने जीत हासिल की है.

    अंतिम नतीजे

    • अध्यक्ष: आर्यन मान (एबीवीपी)
    • उपाध्यक्ष: राहुल झांसला यादव (एनएसयूआई )
    • सचिव: कुणाल चौधरी (एबीवीपी)
    • संयुक्त सचिव: दीपिका झा (एबीवीपी)
  13. मशहूर सिंगर ज़ुबिन गर्ग की मौत, स्कूबा डाइविंग के वक़्त हुआ हादसा, दिलीप कुमार शर्मा, गुवाहाटी से बीबीसी हिन्दी के लिए

    ज़ुबिन गर्ग

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    इमेज कैप्शन, ज़ुबिन गर्ग (फ़ाइल फ़ोटो)

    असम के जाने-माने सिंगर ज़ुबिन गर्ग की शुक्रवार को सिंगापुर में स्कूबा डाइविंग के दौरान हुई एक दुर्घटना में मौत हो गई है.

    असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने ज़ुबिन गर्ग के निधन की जानकारी देते हुए मीडिया से कहा,"असम और असमिया लोगों के लिए एक बेहद दुखद ख़बर है.आज असम ने अपने एक लाडले बेटे को खो दिया है. भारत के विदेश राज्य मंत्री पबित्रा मार्गेरिटा सिंगापुर में हैं और उन्होंने मुझे इस दुखद घटना की जानकारी दी है."

    मुख्यमंत्री ने एक्स पर लिखा,"असम के लिए ज़ुबिन का क्या मतलब था, यह बताने के लिए मेरे पास शब्द नहीं हैं. वह बहुत जल्दी चले गए. यह उनके जाने की उम्र नहीं थी.उन्होंने एक ऐसा शून्य छोड़ा है जो कभी नहीं भरेगा."

    ज़ुबिन नॉर्थ ईस्ट फेस्टिवल में 20 सितंबर को परफ़ॉर्म करने वाले थे. पूर्वोत्तर के रॉकस्टार नाम से मशहूर ज़ुबिन गर्ग तीन दशकों से भी ज़्यादा सक्रिय रहे. वह असमिया और बॉलीवुड की सबसे प्रभावशाली आवाज़ों में से एक थे.

    ज़ुबिन को साल 2006 में बॉलीवुड फिल्म गैंगस्टर के 'या अली' गाने से प्रसिद्धि मिली थी.

    ज़ुबिन गर्ग ने 2009 में ग़ैर-फ़ीचर फ़िल्म 'इकोज ऑफ साइलेंस' के लिए सर्वश्रेष्ठ संगीत निर्देशक का राष्ट्रीय पुरस्कार जीता था.

  14. वर्ल्ड एथलेटिक्स चैंपियनशिप में हार के बाद क्या बोले नीरज चोपड़ा?

    नीरज चोपड़ा

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    इमेज कैप्शन, 2020 ओलंपिक में नीरज चोपड़ा ने गोल्ड मेडल जीता था.

    जापान के टोक्यो में चल रही वर्ल्ड एथलेटिक्स चैंपियनशिप के जेवलिन थ्रो फ़ाइनल में भारत के नीरज चोपड़ा आठवें स्थान पर रहे और मौजूदा ओलंपिक चैंपियन पाकिस्तान के अरशद नदीम 10वें स्थान पर रहे.

    वहीं, भारत के एक और खिलाड़ी सचिन यादव चौथे नंबर पर रहे और मेडल से चूक गए.

    फ़ाइनल के बाद नीरज चोपड़ा ने एक्स पर लिखा, "मैंने सोचा नहीं था कि सीज़न का अंत ऐसा होगा, ख़ासकर टोक्यो की वर्ल्ड चैंपियनशिप में. मैं भारत के लिए अपनी पूरी कोशिश करना चाहता था, लेकिन वह रात (प्रतियोगिता वाली) मेरे लिए नहीं थी."

    "मैं सचिन के लिए बहुत खुश हूं, उसने अपना सबसे अच्छा प्रदर्शन किया और थोड़ा ही पीछे रह गया मेडल लाने से. केशोर्न वाल्कोट, एंडरसन पीटर्स और कर्टिस थॉम्पसन को जीत के लिए बधाई."

    नीरज चोपड़ा ने लिखा कि 'आप सभी के समर्थन के लिए धन्यवाद. यह अनुभव मुझे और मजबूत बनकर लौटने की प्रेरणा देता है.'

  15. दिल्ली यूनिवर्सिटी चुनाव: एबीवीपी के आर्यन मान अध्यक्ष चुने गए, उपाध्यक्ष पद पर एनएसयूआई की जीत

    आर्यन मान

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    इमेज कैप्शन, आर्यन मान

    दिल्ली यूनिवर्सिटी के छात्र संघ चुनाव (डूसू) में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) के आर्यन मान अध्यक्ष चुने गए हैं.

    समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक़, आर्यन मान ने नेशनल स्टूडेंट्स यूनियन ऑफ़ इंडिया (एनएसयूआई) की प्रत्याशी जोसलीन नंदिता चौधरी को हराया है.

    जीत के बाद आर्यन मान ने कहा, "मुझे अध्यक्ष पद पर चुनने के लिए मैं दिल्ली विश्वविद्यालय के सभी छात्रों का धन्यवाद करना चाहता हूं. साथ ही, मैं यह भी बताना चाहता हूँ कि इस बार अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) ने 4 में से 3 पदों पर जीत हासिल की है. मैं आप सभी को आश्वस्त करना चाहता हूं कि इस साल एबीवीपी के चुने हुए लोग पूरी लगन से काम करेंगे."

    कुल चार पदों में से एक पर एनएसयूआई ने जीत हासिल की है. उपाध्यक्ष पद पर एनएसयूआई के राहुल झांसला यादव ने एबीवीपी के गोविंद तंवर को हराया है.

    एबीवीपी के कुणाल चौधरी सचिव और इसी छात्र संगठन की दीपिक झा संयुक्त सचिव चुनी गई हैं.

    पिछले सत्र में अध्यक्ष पद पर एनएसयूआई के रौनक खत्री ने एबीवीपी उम्मीदवार को हराकर जीत दर्ज की थी.

    अंतिम परिणाम

    • अध्यक्ष: आर्यन मान (एबीवीपी)
    • उपाध्यक्ष: राहुल झांसला यादव (एनएसयूआई )
    • सचिव: कुणाल चौधरी (एबीवीपी)
    • संयुक्त सचिव: दीपिका झा (एबीवीपी)
  16. पाकिस्तान पर कांग्रेस नेता सैम पित्रोदा का बयान, बीजेपी ने क्या कहा?

    कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सैम पित्रोदा

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    इमेज कैप्शन, कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सैम पित्रोदा (फ़ाइल फोटो)

    कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सैम पित्रोदा ने केंद्र की मोदी सरकार को पड़ोसी देशों के साथ संबंध सुधारने की नसीहत दी है.

    इस दौरान उन्होंने कहा कि वह पाकिस्तान, बांग्लादेश और नेपाल गए और उन्हें वहां घर जैसा महसूस हुआ.

    सैम पित्रोदा के बयान के बाद भारतीय जनता पार्टी के प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने कहा है कि उन्हें कोई हैरानी नहीं है कि 26/11 के बाद भी यूपीए सरकार ने पाकिस्तान के ख़िलाफ़ सख्त कार्रवाई क्यों नहीं की थी.

    समाचार एजेंसी आईएएनएस से बातचीत में सैम पित्रोदा ने कहा, "मेरे हिसाब से हमारी विदेश नीति सबसे पहले पड़ोसी देशों पर केंद्रित होनी चाहिए. क्या हम वास्तव में पड़ोसी देशों के साथ अपने संबंध सुधार सकते हैं? वो सब छोटे देश हैं, उन सबको मदद की ज़रूरत है. वे कठिन समय से गुज़र रहे हैं और लड़ाई की कोई ज़रूरत नहीं है. निश्चित रूप से आतंकवाद और दूसरी समस्याएं हैं."

    पित्रोदा आगे कहते हैं, "मैं पाकिस्तान गया हूं और आपको बता दूं कि मुझे वहां घर जैसा ही महसूस हुआ. मैं बांग्लादेश गया हूं, मैं नेपाल गया हूं और मुझे वहां भी घर जैसा ही महसूस हुआ. मुझे ऐसा नहीं लगा कि मैं किसी दूसरे देश में हूं."

    सैम पित्रोदा का कहना है कि हमें उनके साथ शांति और सद्भाव से रहना सीखना होगा. यही मेरी प्राथमिकता है.

    बीजेपी प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने एक्स पर लिखा, "राहुल गांधी के ख़ास आदमी और कांग्रेस ओवरसीज के प्रमुख सैम पित्रोदा कहते हैं कि उन्हें पाकिस्तान में घर जैसा लगा. कोई हैरानी नहीं कि 26/11 के बाद भी यूपीए ने पाकिस्तान के खिलाफ कोई सख़्त कार्रवाई नहीं की. पाकिस्तान के पसंदीदा, कांग्रेस के चहेते!"

  17. अमेरिका ने संयुक्त राष्ट्र में ग़ज़ा पर इस प्रस्ताव को छठी बार किया वीटो, योलांद नेल, मध्य पूर्व संवाददाता

    इसराइल

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    अमेरिका ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में एक बार फिर उस प्रस्ताव पर वीटो लगा दिया, जिसमें ग़ज़ा में तुरंत और स्थायी युद्धविराम के साथ ही बंधकों की रिहाई की मांग की गई थी.

    ये छठी बार है जब अमेरिका ने इस प्रस्ताव पर वीटो लगाया है.

    मध्यपूर्व के लिए अमेरिकी उप दूत मॉर्गन ऑर्टागस ने कहा कि प्रस्ताव का मसौदा हमास की पर्याप्त निंदा नहीं करता और न ही इसराइल के आत्मरक्षा के अधिकार को मान्यता देता है.

    सुरक्षा परिषद के अन्य सभी 14 सदस्य देशों ने इस मसौदे के पक्ष में वोट दिया.

    इसमें ग़ज़ा में स्थिति को “विनाशकारी” बताया गया. इसमें इसराइल से सभी राहत प्रतिबंध हटाने की अपील की गई.

    अमेरिका ने ये कदम ऐसे समय में उठाया है जब संयुक्त राष्ट्र चेतावनी दे रहा है कि ग़जा सिटी में आखिरी लाइफलाइन भी टूट रही है, क्योंकि इसराइल ने अपना सैन्य अभियान और तेज कर दिया है.

    हमास संचालित स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक़ ग़ज़ा में इसराइली सैन्य अभियान में अब तक 65,141 लोग मारे जा चुके हैं.

  18. दोपहर के दो बज रहे हैं. अब तक बीबीसी संवाददाता इफ़्तेख़ार अली इस लाइव ब्लॉग के जरिये आप तक ताज़ा ख़बरें पहुंचा रहे थे.

    अब से बीबीसी संवाददाता अंशुल सिंह रात दस बजे तक आप तक ताज़ा ख़बरें पहुंचाएंगे.

    तब तक आप बीबीसी हिन्दी के पेज पर लगी कुछ अहम ख़बरों को उनके साथ दिए गए लिंक पर क्लिक करके विस्तार से पढ़ सकते हैं. \

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  19. अमेरिका ने भारतीय कंपनियों के अधिकारियों के ख़िलाफ़ क्यों लिया ये एक्शन?

    फेंटानिल

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    इमेज कैप्शन, भारतीय कंपनियों के अधिकारियों पर फेंटानिल तस्करी के आरोप लगे हैं.

    भारत में अमेरिकी दूतावास ने कुछ भारतीय कंपनियों के अधिकारियों के वीजा रद्द कर दिए हैं. उन्हें नया वीजा देने से भी इनकार कर दिया गया है.

    दूतावास के मुताबिक़ इनके ख़िलाफ़ फेंटानिल प्रीकसर्स ( ऐसे केमिकल जिनसे सिंथेटिक ओपिऑइड फेंटानिल बनाया जाता है) की तस्करी के आरोप हैं.

    फेंटानिल एक नशीली दवा है. फेंटानिल ओवरडोज अमेरिका में होने वाली मौतों की बड़ी वजहों में गिना जाता है.

    दूतावास ने गुरुवार को एक बयान में कहा, “ये व्यक्ति और इनके करीबी पारिवारिक सदस्य अमेरिका यात्रा के लिए अयोग्य हो सकते हैं.”

    दूतावास ने कहा कि जो कारोबारी ऐसी कंपनियों से जुड़े पाए जाएंगे और जिन पर फेंटानिल प्रीकर्सर्स की तस्करी का आरोप है, उनके वीज़ा आवेदनों की कड़ी जांच की जाएगी.

    हालांकि दूतावास ने प्रभावित लोगों के नाम सार्वजनिक नहीं किए हैं, लेकिन यह पुष्टि की है कि वे सभी भारतीय नागरिक हैं.

  20. उमर ख़ालिद समेत इन लोगों की ज़मानत याचिकाओं पर सुनवाई टली

    उमर ख़ालिद

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    इमेज कैप्शन, दिल्ली दंगों की साज़िश के मामले में उमर ख़ालिद अभियुक्त हैं (फ़ाइल फ़ोटो)

    सुप्रीम कोर्ट में दिल्ली दंगों के अभियुक्त उमर ख़ालिद, शरजील इमाम, मीरान हैदर, गुलफ़िशा फ़ातिमा और शिफ़ा उर रहमान की ओर से ज़मानत की मांग वाली याचिकाओं पर सुनवाई 22 सितंबर तक के लिए स्थगित कर दी गई.

    लाइव लॉ के मुताबिक़, जस्टिस अरविंद कुमार और जस्टिस मनमोहन की पीठ ने याचिकाओं पर सुनवाई स्थगित कर दी.

    यह मामला 12 सितंबर को जस्टिस कुमार और जस्टिस एनवी अंजारिया की खंडपीठ के समक्ष सूचीबद्ध था. हालांकि, अदालत ने सुनवाई में कठिनाई जताते हुए इसे स्थगित कर दिया. जजों ने कहा था कि फाइलें देर रात मिलीं और वे उन्हें देख नहीं सके थे.

    उमर ख़ालिद समेत इन अभियुक्तों ने हाई कोर्ट की ओर से ज़मानत ख़ारिज होने के बाद सुप्रीम कोर्ट का दरवाज़ा खटखटाया था.

    पिछली सुनवाई में दिल्ली हाई कोर्ट की जस्टिस नवीन चावला और जस्टिस शालिंदर कौर की बेंच ने 2 सितंबर को उमर ख़ालिद, शरजील इमाम और आठ अन्य अभियुक्तों की ज़मानत याचिकाएं ख़ारिज कर दी थीं.

    दिल्ली पुलिस का आरोप है कि इन लोगों ने नागरिकता संशोधन क़ानून (सीएए) के विरोध के दौरान फ़रवरी 2020 में दिल्ली में हुए सांप्रदायिक दंगों की साज़िश रची थी.