हॉकी एफ़आईएच प्रो लीग में भारत ने पाकिस्तान को 4-3 से दी शिकस्त
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इमेज कैप्शन, भारत ने एफ़आईएच प्रो लीग 2025-26 के शुरुआती मुकाबले में मंगलवार को पाकिस्तान को 4-3 से हराया है. (फ़ाइल फ़ोटो)
भारत ने हॉकी एफ़आईएच प्रो लीग 2025-26 के शुरुआती मुकाबले में मंगलवार को पाकिस्तान को 4-3 से शिकस्त दी है.
हॉकी इंडिया ने एक्स पर पोस्ट करके भारत की जीत के बारे में लिखा, "भारत का पाकिस्तान पर दबदबा जारी है."
लंदन के ली वैली हॉकी एंड टेनिस
सेंटर में भारत ने 1-0 से पिछड़ने के बाद मैच में वापसी की.
भारत की ओर से अभिषेक, नीलकांत शर्मा, सुखजीत सिंह और
राजिंदर सिंह ने भारत के लिए गोल किए. जबकि पाकिस्तान की ओर से अहमद नदीम, कप्तान अबू
महमूद और शकील मोईन ने गोल किए.
बता दें कि भारत और पाकिस्तान की पुरुष हॉकी टीम का सामना दो साल के बाद हुआ है.
इससे
पहले 2024 में
चीन के हुलुनबुइर में आयोजित एशियाई चैंपियंस ट्रॉफी में दोनों देशों के बीच मैच
खेला गया था. उस मुक़ाबले को भारत ने 2-1
से जीता था.
भारत ने मंगलवार की जीत से एक दिन पहले एफ़आईएच प्रो लीग के रॉटरडैम चरण के
अपने अंतिम मैच में नीदरलैंड्स को 3-2 से हराया था.
बांग्लादेश पीएम के सलाहकार के दिल्ली एयरपोर्ट से वापस लौटने को लेकर विदेश मंत्रालय ने ये बताया
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इमेज कैप्शन, भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा है कि बांग्लादेश पीएम के सलाहकार अपनी मर्ज़ी से ढाका लौट गए थे
बांग्लादेश के प्रधानमंत्री तारिक़ रहमान के सलाहकार ज़ाहेद उर रहमान के भारत
में प्रवेश करने से पहले ही दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से वापस लौट जाने के मामले में भारतीय विदेश मंत्रालय ने
प्रतिक्रिया दी है.
भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने बताया है कि बांग्लादेश
पीएम के सलाहकार 14 जून को निजी पासपोर्ट पर भारत आए थे. उनके पास
शार्क ग्रुप का वीज़ा था.
उन्होंने बताया कि “एयरपोर्ट पर इमीग्रेशन अधिकारियों
ने उनसे भारत आने को लेकर पूछताछ की. यह स्पष्ट हो जाने पर कि वो भारत में एक बहुपक्षीय
बैठक के संबंध में आ रहे थे, उन्हें प्रवेश की अनुमति दी गई थी. हालांकि वो अपनी मर्ज़ी से ढाका लौट गए.”
जायसवाल ने यह भी बताया कि बांग्लादेश पीएम के सलाहकार ज़ाहेद उर रहमान भारत
में इंडियन ओशन रिम एसोसिएशन की बैठक के लिए आ रहे थे.
बता दें कि यह संगठन, हिंद महासागर के किनारे बसे देशों के बीच आर्थिक, सामाजिक-सांस्कृतिक और राजनीतिक
सहयोग के लिए बनाया गया था.
ग़ौरतलब है कि इस मामले में बांग्लादेश ने ढाका में भारत के उप उच्चायुक्त को
तलब करके अपना विरोध दर्ज कराया था.
छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने डीजे, बैंड और आतिशबाज़ी पर वक़्फ़ बोर्ड के प्रतिबंध को फ़िलहाल किया स्थगित, आलोक पुतुल, रायपुर से बीबीसी हिंदी के लिए
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इमेज कैप्शन, छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने कहा है कि अभी आदेश लागू होने से मुहर्रम में शोक मना रहे लोगों के बीच असंतोष की स्थिति उत्पन्न हो सकती है.
छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने
प्रदेश के धार्मिक आयोजनों में डीजे, ब्रास बैंड, आतिशबाज़ी और अन्य सांस्कृतिक
गतिविधियों पर वक़्फ़ बोर्ड की ओर से लगाए बैन के आदेश को अगली सुनवाई तक रोक दिया है.
बीती 11 जून को छत्तीसगढ़
राज्य वक़्फ़ बोर्ड ने इस संबंध में एक आदेश जारी किया था, जिसमें उल्लंघन करने वाली
समिति या आयोजक के ऊपर 50 हज़ार रुपये तक के जुर्माने का प्रावधान है.
सूफ़ी इस्लामिक बोर्ड
की ओर से दायर याचिका में वक़्फ़ बोर्ड के आदेश को चुनौती दी गई थी. हाईकोर्ट ने स्पष्ट
किया कि फ़िलहाल यह आदेश अगली सुनवाई तक प्रभावी नहीं रहेगा.
इस मामले की सुनवाई मंगलवार
को हाईकोर्ट के न्यायमूर्ति अमितेंद्र किशोर प्रसाद की एकल पीठ में हुई.
याचिकाकर्ता की ओर से
अदालत में तर्क दिया गया कि इस प्रकार का प्रतिबंधात्मक आदेश ज़ारी करना राज्य
वक़्फ़ बोर्ड के अधिकार क्षेत्र से बाहर है.
साथ ही यह भी कहा गया
कि मुहर्रम का महीना जारी है और ऐसे समय में आदेश को लागू करने से लोगों में असंतोष
फैल सकता है. साथ ही, शांति व्यवस्था प्रभावित होने की आशंका है.
वहीं, वक़्फ़ बोर्ड की ओर से दलील दी गई
कि जिन परिसरों और स्थलों पर धार्मिक आयोजन होते हैं, वे वक़्फ़ की संपत्तियां हैं. इसी आधार पर बोर्ड ने अपने प्रशासनिक अधिकारों
का उपयोग करते हुए ये दिशा-निर्देश जारी किए हैं.
दोनों पक्षों की
दलीलें सुनने के बाद हाईकोर्ट ने माना कि मुहर्रम 26 जून को है और उससे जुड़ी
धार्मिक गतिविधियां पहले से जारी हैं.
ऐसे में अभी आदेश को लागू करने से मुहर्रम में शोक मना रहे लोगों के बीच असंतोष की स्थिति
उत्पन्न हो सकती है.
इसी को ध्यान में रखते
हुए अदालत ने अंतरिम राहत प्रदान की है और 11 जून के आदेश के प्रभाव और
संचालन पर अगली सुनवाई तक रोक लगा दी.
हाईकोर्ट ने
प्रतिवादियों को जवाब दाख़िल करने के लिए समय दिया है. इस मामले को चार सप्ताह बाद
सुनवाई के लिए लिस्ट किया गया है.
पश्चिम बंगाल: कई ज़िलों में मानसून की दस्तक, आंधी-तूफ़ान से दो की मौत, प्रभाकर मणि तिवारी, कोलकाता से बीबीसी हिंदी के लिए
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इमेज कैप्शन, कलकत्ता हाईकोर्ट परिसर में पेड़ गिरने से कई गाड़ियों को नुकसान पहुंचा.
पश्चिम बंगाल में तूफान के साथ भारी बारिश और
बिजली गिरने के कारण कम से कम दो लोगों की मौत हो गई. अलग-अलग जगहों पर आठ लोग घायल भी हो गए हैं.
राजधानी कोलकाता समेत कई जिलों में मंगलवार दोपहर से मौसम बदल गया.
सरकारी सूत्रों ने
इसकी जानकारी देते हुए बताया कि कूचबिहार जिले में अलग-अलग घटनाओं में बिजली गिरने
से एक महिला समेत दो लोगों की मौत हो गई.
आंधी और भारी बारिश के
कारण राजधानी समेत विभिन्न जिलों में सामान्य जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया.
मौसम विभाग ने बताया है कि अगले 24 घंटों के दौरान दक्षिण बंगाल के ज्यादातर जिलों में 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाओं के साथ भारी बारिश की संभावना है.
कुछ इलाकों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है. कोलकाता, हावड़ा और दक्षिण 24-परगना जिले में भी भारी बारिश का पूर्वानुमान है.
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इमेज कैप्शन, कोलकाता की एक सड़क पर पेड़ गिरा
सरकारी सूत्रों के मुताबिक़, कूचबिहार जिले के शीतलकुची ब्लाक में बिजली गिरने से मेनका बर्मन नामक एक महिला की मौत हो गई.
उसी ज़िले के सुटकाबाड़ी इलाके में खेत में काम कर रहे 20 साल अरमान हुसैन की भी बिजली गिरने से मौके पर मौत हो गई.
पुरुलिया जिले में बिजली गिरने से आठ लोग घायल हो गए. उनको पुरुलिया मेडिकल कालेज में भर्ती कराया गया है.
मंगलवार को हुई बारिश से पेड़ गिरने और निचले इलाकों में पानी जम जाने के कारण ट्रैफिक जाम की स्थिति पैदा हो गई. इससे लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा.
कलकत्ता हाईकोर्ट परिसर में पेड़ गिरने से वहां पार्क की गई कई कारों को नुक़सान पहुंचा. कोलकाता में बारिश दोपहर दो बजे शुरू हुई.
उसके साथ ही तेज़ हवाओं और बिजली गिरने से परिस्थिति गंभीर हो गई.
पेड़ गिरने से कुछ जगह बिजली के तार भी टूट गए और कुछ इलाकों में सड़कों पर आवाजाही ठप हो गई.
नगरासू गुरुद्वारा विवाद: तीन दिन बाद छत से उतरे चार निहंग सिख, पंजाब रवाना, आसिफ़ अली, बीबीसी हिन्दी के लिए
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उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग ज़िले के नगरासू स्थित गुरुद्वारा लंगर दमदमा साहिब में पिछले तीन दिनों से जारी विवाद मंगलवार को ख़त्म हो गया. गुरुद्वारे की चौथी मंजिल और छत पर डटे चार निहंग सिख आखिरकार नीचे उतर आए.
विवाद के दौरान कुल सात निहंग सिख गुरुद्वारे की ऊपरी मंजिल और छत पर मौजूद थे. इनमें से तीन निहंग सिख पिछले दो दिनों के दौरान बातचीत के बाद नीचे उतर चुके थे, जबकि अंतिम चार निहंग मंगलवार को गुरुद्वारे से बाहर आए.
मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए जिला प्रशासन और पुलिस लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए थे. इस दौरान गुरुद्वारे के आसपास सुरक्षा व्यवस्था भी बढ़ाई गई थी. पुलिस अधिकारियों की ओर से लगातार बातचीत के जरिए समाधान निकालने की कोशिश की जा रही थी.
मंगलवार को पंजाब और पांवटा साहिब से पहुंचे सिख प्रतिनिधियों ने गुरुद्वारा प्रबंधन और छत पर मौजूद निहंग सिखों से अलग-अलग बातचीत की. कई दौर की वार्ता के बाद दोनों पक्षों के बीच सहमति बनी, जिसके बाद चारों निहंग सिख नीचे उतरने को तैयार हो गए.
वार्ता सफल होने के बाद वे गुरुद्वारे से बाहर निकले और मोटरसाइकिलों से पंजाब के लिए रवाना हो गए.
प्रबंधक ने क्या बताया?
गुरुद्वारे के प्रबंधक बेअंत सिंह ने भी पीटीआई को बताया कि अब विवाद पूरी तरह सुलझ गया है.
उन्होंने कहा, “हमने पांवटा साहिब से जत्थेदार जी को बुलाया, जो उन्हें (निहंग सिखों को) जानते थे. उन्होंने समझाया, जिसके बाद वे नीचे उतर आए. कोई झगड़ा नहीं हुआ और उन्हें सम्मानपूर्वक गाड़ियों से भेज दिया गया. हमने उनके खिलाफ कोई मामला दर्ज नहीं कराया है. हमारी कामना है कि शांति बनी रहे और यात्रा भी शांतिपूर्ण तरीके से जारी रहे.”
रुद्रप्रयाग पहुंचे सिख प्रतिनिधियों ने मीडिया से बातचीत में कहा कि निहंग सिख किसी प्रकार की अराजकता फैलाने के उद्देश्य से नहीं आए थे. उनके अनुसार, कर्णप्रयाग में 16 जून को हुई घटना को लेकर उनमें नाराजगी थी.
प्रशासन ने क्या कहा?
रुद्रप्रयाग की पुलिस अधीक्षक निहारिका तोमर ने बताया कि 20 जून को गुरुद्वारे के सेवादारों और निहंग सिख यात्रियों के बीच विवाद शुरू हुआ था. इसके बाद कुछ निहंग सिख यात्री गुरुद्वारे की छत पर चले गए और वहीं रुक गए.
उन्होंने कहा कि पुलिस लगातार उनसे बातचीत कर रही थी और उन्हें शांतिपूर्ण तरीके से नीचे लाने का प्रयास किया जा रहा था.
निहारिका तोमर ने बताया कि मंगलवार को पहुंचे प्रतिनिधिमंडल ने मध्यस्थता करते हुए गुरुद्वारा प्रबंधन समिति और निहंग सिख यात्रियों के बीच विवाद को सुलझाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई. उन्होंने कहा कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की जाएगी और जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी.
रुद्रप्रयाग के जिलाधिकारी विशाल मिश्रा ने कहा कि जिला प्रशासन और पुलिस का प्रयास शुरू से ही विवाद का शांतिपूर्ण समाधान निकालना था. उन्होंने बताया कि मंगलवार को सभी निहंग सिख सुरक्षित रूप से गुरुद्वारे की छत से नीचे उतर आए और अपने गंतव्य के लिए रवाना हो गए.
अमेरिका-ईरान का समझौता होने के बाद से 11 जहाज़ होर्मुज़ पार कर भारत की ओर बढ़े
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इमेज कैप्शन, रणधीर जायसवाल ने क़तर की रास लाफ़ान इंडस्ट्रियल सिटी की एक फैक्ट्री में हुए धमाके के बारे में भी अपडेट दिया (फ़ाइल फ़ोटो)
अमेरिका और ईरान के बीच 17 जून को समझौता होने के बाद से अब तक कुल 11 जहाज़ होर्मुज़ स्ट्रेट को पार करके भारत की ओर बढ़ चुके हैं.
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने बताया कि फ़ारस की खाड़ी क्षेत्र में अब भी भारतीय झंडे वाले 10 जहाज़ मौजूद हैं.
साथ ही उन्होंने बताया कि भारत की ओर से स्ट्रेट की ओर दो जहाज़ गए हैं, जो वहां आवाजाही की ताज़ा स्थिति को दर्शाता है.
उन्होंने उम्मीद जताई कि ये भारतीय जहाज़ भी जल्द ही होर्मुज़ स्ट्रेट को पार कर लेंगे.
रणधीर जायसवाल ने बताया कि जो 11 जहाज़ होर्मुज़ स्ट्रेट पार करके भारत की ओर बढ़े हैं, उनमें से चार ऐसे जहाज़ हैं, जिस पर कच्चे तेल के टैंकर लदे हुए हैं.
इनमें तीन भारतीय और एक विदेशी झंडे वाला जहाज़ है. इसके अलावा एक विदेशी झंडे वाला एलपीजी कैरियर है और 6 विदेशी झंडे वाले जहाज़ उर्वरक का माल लेकर आ रहे हैं.
प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने क़तर की रास
लाफ़ान इंडस्ट्रियल सिटी की एक फैक्ट्री में हुए धमाके के बारे में भी अपडेट दिया. उन्होंने बताया कि इसमें कई भारतीय भी घायल हुए
हैं, हालांकि स्पष्ट संख्या पता नहीं लगी है.
उन्होंने बताया कि क़रीब 66 लोग घायल
हुए हैं जो भारत समेत अलग-अलग देशों के नागरिक हैं. बता दें कि इस हादसे में 12
भारतीयों की मौत की पुष्टि सरकार कर चुकी है.
कार्टून: ऐसा भी होता है!
इमेज कैप्शन, तृणमूल कांग्रेस के संकट पर आज का कार्टून
ममता बनर्जी के केस की सुनवाई से पहले हाईकोर्ट जज की साफ़गोई, कहा- ‘मेरे भाई बीजेपी के प्रवक्ता हैं’
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इमेज कैप्शन, कलकत्ता हाईकोर्ट के जज गौरांग कांत ने ममता बनर्जी मामले की सुनवाई की (सांकेतिक तस्वीर)
ममता बनर्जी से जुड़ी एक याचिका की
सुनवाई करने से पहले कलकत्ता हाईकोर्ट के न्यायाधीश गौरांग कांत ने अपने भाई के
बीजेपी से संबंध की जानकारी साझा की. कोर्ट ने ममता बनर्जी की भवानीपुर सीट के चुनावी रिज़ल्ट को चुनौती देने वाली याचिका को स्वीकार कर लिया है.
कानूनी मामलों पर रिपोर्ट करने वाली समाचार वेबसाइट बार एंड बेंच के मुताबिक़, न्यायाधीश
गौरांग कांत ने कहा, “मेरे बड़े भाई भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता हैं. इस मामले से
जुड़ी इस याचिका में इससे कुछ चिंता हो सकती है. इसलिए मैं पूरी जानकारी देने के
बाद ही इस पर सुनवाई करूँगा, ताकि बाद में आपको कोई दिक्कत न हो.”
इस जानकारी के साथ जज ने दोनों पक्षों से आपत्ति के बारे में पूछा.
तब ममता बनर्जी की ओर से पेश हुए वरिष्ठ वकील कल्याण बनर्जी ने कहा कि उन्हें जस्टिस कांत द्वारा मामले की सुनवाई किए जाने पर कोई आपत्ति नहीं है. उन्होंने कहा कि उन्हें न्यायाधीश पर पूरा भरोसा है.
यह मामला पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की याचिका से जुड़ा
है. जिसमें उन्होंने भावनीपुर सीट के नतीजों को चुनौती दी है. इस सीट से शुभेंदु
अधिकारी की जीत हुई थी.
मंगलवार को हुई सुनवाई के बाद कलकत्ता हाई कोर्ट ने एक अहम आदेश दिया है. जिसके तहत पश्चिम बंगाल की भवानीपुर
सीट में हुई वोटिंग के सभी रिकॉर्ड सुरक्षित रखने को कहा गया है. इसमें सीसीटीवी
फुटेज, ईवीएम
और वीवीपैट भी शामिल हैं.
मामले की सुनवाई करते हुए जस्टिस गौरांग कांत ने कहा कि मतगणना प्रक्रिया से
जुड़े किसी भी रिकॉर्ड को नष्ट या बदला नहीं जाएगा. इसके लिए अदालत की अनुमति
ज़रूरी होगी.
इस मामले की अगली सुनवाई अब दो महीने बाद होगी.
डेटॉल के ऐड से चीन में बढ़ी नाराज़गी तो कंपनी ने माफ़ी मांगी, क्या है पूरा मामला, केली एनजी
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इमेज कैप्शन, डेटॉल कंपनी के एक विज्ञापन को चीन में महिला विरोधी बताया जा रहा है (प्रतीकात्मक फ़ोटो)
डेटॉल कंपनी को अपने एक विज्ञापन के चलते चीन में आलोचनाओं का सामना करना पड़ रहा है. कंपनी ने माफ़ी मांगते हुए उस विवादास्पद विज्ञापन को वापस ले लिया है.
ब्रिटिश कंपनी डेटॉल
ऐसे उत्पादों का एक ब्रांड है, जो कीटाणुनाशक
और एंटीसेप्टिक के रूप में इस्तेमाल किए जाते हैं. कंपनी ने सोमवार को इसको लेकर एक बयान जारी किया.
डेटॉल का कहना
है कि "यह विज्ञापन सेक्सिज़्म (लिंग आधारित भेदभाव) को उजागर करने के मक़सद से बनाया गया था. लेकिन इसका
उल्टा असर हुआ."
दरअसल इस कंपनी ने क़रीब पांच मिनट लंबा विज्ञापन बनाया, इसमें एक पुरुष अपने लिए
पार्टनर की तलाश करता दिखाया गया है जो “दूसरे मर्दों से प्रभावित न हो.”
इस विज्ञापन के अंत में कहानी में मोड़ आता है, जब उस पुरुष की नई साथी उसके स्त्री-विरोधी रवैये के चलते रिश्ता तोड़ लेती है.
इसके बाद विज्ञापन में डेटॉल को “ज़हरीले पुरुषों” के
ख़िलाफ़ एक प्रतीकात्मक समाधान के रूप में दिखाया गया है.
चीन के सोशल मीडिया पर कुछ यूज़रों ने इस विज्ञापन को लेकर कहा कि यह महिलाओं
को कमोडिटी (वस्तु) की तरह दर्शाता है. साथ ही कुछ ने इस ब्रांड के बहिष्कार की मांग
की.
विवाद बढ़ने के
बाद डेटॉल ने सफ़ाई में कहा कि इस विज्ञापन के कुछ
हिस्से वायरल हुए जिससे इसके मूल संदेश को ग़लत तरीके से लिया गया.
कंपनी ने विशेष रूप से महिलाओं से माफ़ी मांगी.
ग़ौरतलब है कि यह
पहला मौका नहीं है जब डेटॉल किसी विवाद में आई हो. पिछले साल भी इसे एक
विज्ञापन को लेकर आलोचना का सामना करना पड़ा था.
उस विज्ञापन
में कहा गया था कि “शादी से पहले लड़की को वापस भेज दिया गया क्योंकि वह 'साफ़' (वर्जिन) नहीं थी.”
भारत ने अमेरिका-ईरान समझौते पर कहा- 'हम सावधानी भरे आशावाद के साथ आगे बढ़ रहे हैं'
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इमेज कैप्शन, ब्रिक्स समूह देशों के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकारों की बैठक हुई है जिसकी मेज़बानी भारत के एनएसए अजीत डोभाल ने की है
अमेरिका-ईरान के
बीच हुए समझौते (एमओयू) को लेकर भारत ने प्रतिक्रिया दी है. भारत ने इसे आशावान बताया है. ब्रिक्स की बैठक में कहा गया कि होर्मुज़ का खुलना एक सकारात्मक क़दम है.
मध्य पूर्व को
लेकर हुए हालिया घटनाक्रमों के बीच नई दिल्ली में ब्रिक्स देशों की एक
अहम बैठक आयोजित हुई. दो दिन के आयोजन में दुनिया की सुरक्षा व्यवस्था की
समीक्षा की जाएगी.
ब्रिक्स समूह
देशों के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकारों (एनएसए) की बैठक की मेज़बानी करते हुए भारत
के एनएसए अजीत डोभाल ने प्रतिक्रिया दी.
पीटीआई के मुताबिक़ डोभाल ने कहा, “अमेरिका और ईरान के बीच हुए समझौते का भारत स्वागत करता है.
हम सावधानी भरे आशावाद के साथ आगे बढ़ रहे
हैं. हमें उम्मीद है कि यह कामयाब रहेगा. इससे ऊर्जा सुरक्षा को मदद मिलेगी,”
उन्होंने कहा कि "होर्मुज़
स्ट्रेट का खुलना एक बहुत सकारात्मक क़दम है. इससे सप्लाई चेन की रुकावटें दूर
होंगी. उर्वरक और रसायन जैसे क्षेत्रों में कमी की समस्या भी कम होगी.”
डोभाल ने
दुनिया के अलग‑अलग हिस्सों में बढ़ते भू‑राजनीतिक तनाव और उसके अलग-अलग देशों पर
पड़ने वाले असर पर भी चर्चा की.
डोभाल ने ईरान
की सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल के रक्षा मामलों के उप सचिव ग़दीर नेज़ामीपूर
से मुलाक़ात की. उन्होंने चीन के विदेश मंत्री वांग यी से भी बात की.
ब्राज़ील के
बहुपक्षीय और राजनीतिक मामलों के सचिव कार्लोस कोज़ेंदे भी इस बैठक में शामिल हुए.
इनके अलावा कई अन्य प्रतिनिधि भी नई दिल्ली पहुँचे हैं.
अभी भारत ब्रिक्स समूह की अध्यक्षता कर रहा है. ब्रिक्स को पहले
ब्राज़ील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण
अफ़्रीका के समूह के तौर पर जाना जाता था.
मगर साल 2024 में इसका विस्तार हुआ. इसमें मिस्र, इथियोपिया, ईरान और
संयुक्त अरब अमीरात शामिल हुए. इसके बाद 2025 में इंडोनेशिया भी इसमें जुड़ा.
टी-20 सिरीज़ के लिए सूर्यांश शेडगे को मौक़ा, नीतीश कुमार रेड्डी हुए बाहर
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इमेज कैप्शन, सूर्यांश शेडगे आईपीएल-2026 में पंजाब किंग्स इलेवन की ओर से खेले (फ़ाइल फ़ोटो)
आयरलैंड और इंग्लैंड के ख़िलाफ़ होने वाली आगामी टी-20 सिरीज़ में युवा खिलाड़ी सूर्यांश
शेडगे को भारतीय टीम में शामिल किया गया है.
23 साल के सूर्यांश शेडगे एक मिडिल ऑर्डर बल्लेबाज़ और पार्ट-टाइम गेंदबाज़ हैं.
वो घरेलू क्रिकेट में मुंबई का प्रतिनिधित्व करते हैं. आईपीएल-2026 में वो पंजाब किंग्स इलेवन की ओर से खेले थे.
इस तरह हरफ़नमौला खिलाड़ी नीतीश कुमार रेड्डी दोनों टी-20 सिरीज़ नहीं खेल
सकेंगे.
पीटीआई के मुताबिक़, अफ़ग़ानिस्तान के ख़िलाफ़ हुई एकदिवसीय मैच सिरीज़ के दौरान उनकी बाईं जांघ की मांसपेशी
में चोट लगी थी.
टीम इंडिया को आयरलैंड के ख़िलाफ़ आगामी 26 और 28 जून
को दो मैचों की टी-20 सिरीज़ खेलनी
है जबकि इंग्लैंड के साथ भारतीय टीम को टी-20 फॉर्मेट के पांच मैचों की सिरीज़ एक जुलाई से 11 जुलाई के बीच खेलना तय है.
बीसीसीआई के मुताबिक़, इंग्लैंड के साथ भारत की दो मैचों की एक दिवसीय सीरीज़ भी होनी है. इसके मैच 16 और 19 जुलाई को खेले जाएंगे.
ईरान ने अमेरिकी उप राष्ट्रपति जेडी वेंस के इस दावे को किया ख़ारिज
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इमेज कैप्शन, अमेरिका के उप राष्ट्रपति जेडी वेंस ने स्विट्ज़रलैंड में हुई बातचीत के बाद बड़ा दावा किया था (फ़ाइल फ़ोटो)
अमेरिका के उप राष्ट्रपति जेडी वेंस ने कहा था कि ईरान परमाणु निरीक्षकों (न्यूक्लियर इंस्पेक्टर्स) को फिर से अपने देश में आने देगा. लेकिन ईरान ने जेडी वेंस के इस दावे को ख़ारिज किया है.
दरअसल, जेडी वेंस ने स्विट्ज़रलैंड में ईरान से हुई बातचीत के बाद यह दावा किया था. लेकिन ईरान के विदेश मंत्रालय ने सरकारी मीडिया को बताया कि अमेरिका से न्यूक्लियर इंस्पेक्टर्स पर कोई नया वादा नहीं किया गया है.
दरअसल, परमाणु निरीक्षक वे विशेषज्ञ होते हैं जो किसी देश की परमाणु गतिविधियों की जांच करते हैं. ये सुनिश्चित करते हैं कि परमाणु सामग्री और तकनीक का इस्तेमाल केवल शांति और ऊर्जा उत्पादन जैसे शांतिपूर्ण उद्देश्यों के लिए हो रहा है, न कि हथियार बनाने के लिए.
स्विट्ज़रलैंड में हुई इस बैठक के बाद मध्यस्थ की भूमिका निभा रहे पाकिस्तान के उप प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री इसहाक़ डार ने कहा है कि कुछ मुद्दों पर काम पूरा करने के लिए 30 दिन दिए गए हैं, जबकि बड़ा समझौता 60 दिनों में पूरा होने की उम्मीद है.
ऋषभ पंत दिल्ली कैपिटल्स में लौटे, कुलदीप यादव लखनऊ सुपरजायंट्स में शामिल
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इमेज कैप्शन, क्रिकेटर ऋषभ पंत और कुलदीप यादव (फ़ाइल फ़ोटो)
लखनऊ सुपरजायंट्स (एलएसजी) के पूर्व कप्तान ऋषभ पंत अब दिल्ली कैपिटल्स (डीसी) में वापस लौटेंगे. वहीं कुलदीप यादव एलएसजी से जुड़ेंगे.
ऋषभ पंत उस टीम में वापसी कर रहे हैं, जहां उन्होंने 2016 से 2024 तक नौ सीज़न खेले. उन्होंने डीसी के लिए 111 मैच खेले, जो किसी भी खिलाड़ी से सबसे ज़्यादा है. लगभग दस साल तक वह टीम का चेहरा रहे और 2021 से 2024 तक चार सीज़न में 43 मैचों में कप्तानी भी की.
2025 की नीलामी में पंत को एलएसजी ने 27 करोड़ रुपए की रिकॉर्ड बोली लगाकर खरीदा था. यह आईपीएल इतिहास की सबसे बड़ी बोली थी. अब वह दिल्ली कैपिटल्स में 15 करोड़ रुपये की नई फ़ीस पर लौटेंगे.
दूसरी ओर, कुलदीप ने दिल्ली कैपिटल्स के साथ पाँच सीज़न खेले. 2022 से टीम में आने के बाद उन्होंने 65 मैचों में 72 विकेट लिए और टूर्नामेंट के सबसे असरदार गेंदबाज़ों में जगह बनाई. अब एलएसजी में उनकी एंट्री हो गई, उनकी फ़ीस 13.50 करोड़ रुपए रहेगी.
राम मंदिर के चढ़ावे में कथित गड़बड़ी के मामले में एसआईटी ने सरकार को सौंपी प्रारंभिक रिपोर्ट, प्रेरणा, बीबीसी संवाददाता
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अयोध्या में राम मंदिर के चढ़ावे में कथित गड़बड़ी की जांच कर रही एसआईटी की तीन सदस्यीय टीम ने मंगलवार को अपर मुख्य सचिव (गृह और मुख्यमंत्री) संजय प्रसाद को प्रारंभिक रिपोर्ट सौंप दी है.
हालांकि, पूरी जांच और अंतिम रिपोर्ट तैयार होने में अभी सात दिन और लगेंगे.
एसआईटी की टीम को लखनऊ के डिविज़नल कमिश्नर विजय विश्वास पंत हेड कर रहे थे. उनके अलावा इसमें लखनऊ रेंज आईजी किरण एस और 2008 बैच के आईपीएस ऑफ़िसर नीलरतन कुमार भी शामिल हैं.
अयोध्या में राम मंदिर के चढ़ावे में कथित गड़बड़ी का मामला पिछले कुछ दिनों से चर्चा में है. एसआईटी की जारी जांच के बीच भी हर दिन नए दावे और आरोप सामने आ रहे हैं.
दरअसल, यह पूरा मामला तब चर्चा में आया जब बीती 7 जून को समाजवादी पार्टी प्रमुख और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने एक्स पर राम मंदिर के चढ़ावे से जुड़े करोड़ों रुपये ग़ायब होने का आरोप लगाया था.
मामला तूल पकड़ता देख उत्तर प्रदेश सरकार ने राम मंदिर में चंदा विवाद की जांच के लिए तीन सदस्यीय एसआईटी का गठन किया.
राज्य सरकार के मुताबिक़, एसआईटी गठित करने की अनुशंसा ख़ुद श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने की थी. यह वही ट्रस्ट है जिसका गठन साल 2019 में राम मंदिर से जुड़े सुप्रीम कोर्ट के ऐतिहासिक फ़ैसले के बाद केंद्र सरकार ने किया था.
ट्रस्ट को राम मंदिर निर्माण और उससे जुड़े वित्तीय और प्रशासनिक मामलों की ज़िम्मेदारी सौंपी गई थी.
ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने इस पर लग रहे इन आरोपों को ख़ारिज किया है, वहीं एसआईटी इन सभी आरोपों और कथित अनियमितताओं की जांच कर रही है.
ईरान के राष्ट्रपति बोले, 'अमेरिका से हुई बातचीत तभी कामयाब होगी जब...'
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इमेज कैप्शन, ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेज़ेश्कियान (फ़ाइल फ़ोटो)
ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेज़ेश्कियान ने कहा है कि अमेरिका से हुई बातचीत तभी कामयाब हो पाएगी जब वादे पूरे किए जाएंगे.
ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेज़ेश्कियान ने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म एक्स पर लिखा, "बातचीत तभी कामयाब होगी जब किए गए वादे पूरे किए जाएं और सही तरीके से लागू हों."
उन्होंने कहा, "आगे बढ़ने का पता भी तभी चलेगा जब ज़िम्मेदारियां सच में निभाई जाएं. लिखित समझौते से बाहर की बातें बातचीत को आगे नहीं बढ़ाती हैं."
गौरलतब है कि मसूद पेज़ेश्कियान मंगलवार को पाकिस्तान के आधिकारिक दौरे पर रहेंगे.
यहां वो पाकिस्तान के राष्ट्रपति आसिफ अली ज़रदारी और प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ़ से मुलाक़ात करेंगे.
पश्चिम बंगाल का हल्दिया बंदरगाह इमिग्रेशन चेकपॉइंट की सूची में शामिल, जानें इसका क्या मतलब है
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इमेज कैप्शन, हल्दिया भारत के समुद्री तट पर स्थित 41वां अधिकृत इमिग्रेशन चेक पोस्ट बन गया है (फ़ाइल फ़ोटो)
गृह मंत्रालय ने पश्चिम बंगाल के हल्दिया बंदरगाह को इमिग्रेशन चेकपॉइंट की सूची में शामिल किया है.
अब विदेशी नागरिकों, पर्यटकों, क्रू मेंबर्स और अंतरराष्ट्रीय यात्रियों को इस बंदरगाह के ज़रिए से भारत में वैध रूप से एंट्री करने और यहां से बाहर जाने की अनुमति होगी.
इस घोषणा के साथ हल्दिया भारत के समुद्री तट पर स्थित 41वां अधिकृत इमिग्रेशन चेक पोस्ट बन गया है.
इससे पहले मई 2026 में गुजरात के तीन बंदरगाहों (दहेज, सिक्का और टूना टेकरा) को भी यह दर्जा दिया गया था.
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इमेज कैप्शन, गृह मंत्रालय की ओर से हल्दिया बंदरगाह से जुड़ा नोटिफ़िकेशन जारी किया गया है
पाकिस्तान के विदेश मंत्री बोले, 'इसराइल के कारण अमेरिका और ईरान की बातचीत फ़ेल हो सकती थी'
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इमेज कैप्शन, पाकिस्तान के विदेश मंत्री और उप प्रधानमंत्री इसहाक़ डार (फ़ाइल फ़ोटो)
पाकिस्तान के विदेश मंत्री और उप प्रधानमंत्री इसहाक़ डार ने कहा है कि अमेरिका और ईरान को बातचीत की मेज़ पर लाने की कोशिशें लगभग नाकाम हो गई थीं, क्योंकि इसराइल ने लेबनान पर हमला किया था.
स्विट्ज़रलैंड के रिसॉर्ट में हुई अमेरिका-ईरान की बातचीत का ज़िक्र करते हुए इसहाक़ डार ने कहा कि ये बातचीत कुछ दिन पहले भी शुरू हो सकती थी, लेकिन लेबनान पर इसराइली हमले की वजह से सब रुक गया.
बीबीसी उर्दू के मुताबिक़, अल अरेबिया न्यूज़ चैनल से बात करते हुए इसहाक़ डार ने बताया, "ईरान और अमेरिका के बीच जिन मुद्दों पर आगे चर्चा होगी, उनमें तीन वर्किंग ग्रुप होंगे- ईरान का परमाणु मुद्दा, पाबंदियां और फ़्रीज़ हुए फ़ंड और लेबनान."
इसहाक़ डार ने यह भी कहा कि बातचीत करने वालों को कुछ मुद्दों पर काम पूरा करने के लिए 30 दिन दिए गए हैं, जबकि बड़ा समझौता 60 दिनों में पूरा होने की उम्मीद है.
गौरतलब है कि स्विट्ज़रलैंड में अमेरिका और ईरान के बीच हुई बातचीत के दौरान पाकिस्तान और क़तर भी मध्यस्थ के तौर पर मौजूद था.
भारत में फिर शुरू हुआ टेलीग्राम, नीट री-एग़्ज़ाम की वजह से लगा था बैन
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नीट-यूजी (2026) के री-एग़्ज़ाम होने के बाद भारत में टेलीग्राम फिर से शुरू हो गया है.
हालांकि, सोशल मीडिया पर कुछ लोगों ने दावा किया है कि उनका टेलीग्राम अकाउंट अब भी नहीं चल रहा.
दरअसल, इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000 की धारा 69ए के तहत आदेश जारी कर 22 जून तक भारत में टेलीग्राम प्लेटफ़ॉर्म पर बैन लगा दिया था.
एक अन्य आदेश में प्लेटफ़ॉर्म को 30 जून तक पहले से पोस्ट किए गए संदेशों में बदलाव (एडिट) करने की सुविधा बंद करने के निर्देश दिए गए थे.
सरकार ने कहा था कि 21 जून को होने वाली दोबारा परीक्षा की निष्पक्षता और विश्वसनीयता बनाए रखने के लिए यह क़दम ज़रूरी है.
अधिकारियों का तर्क था कि टेलीग्राम चैनलों का इस्तेमाल लीक या फ़र्ज़ी प्रश्न पत्र फैलाने, धोखाधड़ी की मिलीभगत और एडिट फ़ीचर के ज़रिए संदेशों के समय में हेरफेर करने के लिए किया जा रहा था.
दूसरी ओर, टेलीग्राम का कहना था कि 'पूरे ऐप को ब्लॉक करना न तो उचित है और न ही संवैधानिक.'
कंपनी ने यह भी दावा किया कि उसने नीट से जुड़ी गैरक़ानूनी सामग्री वाले 900 से अधिक लिंक हटा दिए थे और उल्लंघनों की पहचान के लिए एआई, मशीन लर्निंग टूल्स और मानवीय निगरानी का इस्तेमाल किया था.
टेलीग्राम ने इस प्रतिबंध को चुनौती देते हुए याचिका दायर की थी, लेकिन दिल्ली हाई कोर्ट ने इसे ख़ारिज कर दिया था.