कर्नल सोफ़िया क़ुरैशी पर विवादित टिप्पणी करने वाले मध्य प्रदेश के मंत्री विजय शाह ने फिर माफ़ी मांगी है.
उन्होंने शुक्रवार को सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म एक्स पर लिखा, "मेरा राष्ट्र के प्रति अपार प्रेम और भारतीय सेना के प्रति आदर एवं सम्मान हमेशा रहा है."
बीजेपी नेता विजय शाह ने कहा, "मेरे द्वारा कहे गए शब्दों से समुदाय, धर्म, देशवासियो को दुख पहुँचा है. यह मेरी भाषाई भूल थी, मेरा आशय किसी भी धर्म, जाति और समुदाय को ठेस पहुँचाने, आहत करने का नही था."
उन्होंने लिखा, "मैं भूलवश अपने द्वारा कहे गए शब्दों के लिए पूरी भारतीय सेना से, बहन कर्नल सोफ़िया से और समस्त देशवासियों से पूरी तरह से क्षमा प्रार्थी हूँ और पुनः हाथ जोड़कर माफी माँगता हूँ."
बीजेपी नेता विजय शाह ने कुछ दिन पहले इंदौर ज़िले के महू के रायकुंडा गांव में एक कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे.
उनके इस संबोधन का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया था.
जिसमें उन्होंने भारतीय सेना की पहली महिला इंफेंट्री अधिकारी, कर्नल सोफ़िया क़ुरैशी, को "आतंकवादियों की बहन" बताया.
वीडियो के वायरल होने के बाद न सिर्फ़ मध्य प्रदेश, बल्कि देशभर में शाह के ख़िलाफ़ लोगों ने विरोध व्यक्त किया है.
हालांकि वीडियो वायरल होने के बाद उन्होंने माफ़ी मांगी थी.
इस टिप्पणी पर हाई कोर्ट और सुप्रीम कोर्ट दोनों ने विजय शाह को फटकार लगाई.
मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने 14 मई को इस मामले का स्वत: संज्ञान लेते हुए राज्य के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) को उनके ख़िलाफ़ एफ़आईआर दर्ज करने का निर्देश दिया था.
इसके बाद, 15 मई को हाई कोर्ट ने पुलिस द्वारा दायर की गई एफ़आईआर की आलोचना की. कोर्ट ने कहा था कि मध्य प्रदेश पुलिस ने बहुत कमज़ोर धाराओं में एफ़आईआर दायर की है.
इसके बाद, सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले की जाँच के लिए एक विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया है. हालाँकि, सुप्रीम कोर्ट ने विजय शाह की गिरफ़्तारी पर रोक लगा दी.