ट्रंप और ज़ेलेंस्की की मुलाक़ात, सीज़फ़ायर को लेकर दोनों नेताओं ने क्या कहा?
बीते शुक्रवार को अलास्का में रूसी राष्ट्रपति से मिलने के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमिर ज़ेलेंस्की और यूरोपीय नेताओं से व्हाइट हाउस मुलाक़ात की.
सारांश
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक्स पर जानकारी दी है कि उनकी रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से फोन पर बातचीत हुई है.
महाराष्ट्र में दो दिनों से मूसलधार बारिश हो रही है. कई ज़िलों में रेड और ऑरेंज अलर्ट है. मुख्यमंत्री ने कहा कि यह स्थिति 21 अगस्त तक बनी रह सकती है.
म्यांमार में तख़्तापलट के बाद सैन्य सरकार के प्रमुख जनरल मिन ऑन्ग ह्लाइंग ने घोषणा की है कि वहां 28 दिसंबर को आम चुनाव होंगे.
लाइव कवरेज
आनंद मणि त्रिपाठी और अभय कुमार सिंह
बिहार: चुनाव आयोग ने वोटर लिस्ट से हटाए गए 65 लाख नामों की सूची जारी की, सीटू तिवारी, बीबीसी संवाददाता
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इमेज कैप्शन, वोटर लिस्ट से बाहर किए गए लोग आधार लेकर निर्वाचन अधिकारी से अपील कर सकते हैं
बिहार में चुनाव आयोग ने रविवार देर रात उन 65 लाख मतदाताओं की लिस्ट वेबसाइट पर जारी कर दी, जिन्हें स्पेशल इंटेंसिव रिवीज़न (एसआईआर) की ड्राफ़्ट लिस्ट में शामिल नहीं किया गया था.
सुप्रीम कोर्ट ने 14 अगस्त को एक अंतरिम आदेश जारी करते हुए कहा था कि वो उन 65 लाख मतदाताओं की लिस्ट जारी करे, जिन्हें ड्राफ़्ट लिस्ट से बाहर रखा गया है.
जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्या बागची की बेंच ने अपने आदेश में कहा था कि यह जानकारी बूथवार उपलब्ध कराई जाए और हर मतदाता इसे अपने ईपीआईसी नंबर से खोज सके.
कोर्ट ने आयोग से यह भी कहा था कि मतदाताओं के नाम किस आधार पर ड्राफ्ट में शामिल नहीं किए गए, इसका स्पष्ट उल्लेख होना चाहिए.
इसके अलावा, सुप्रीम कोर्ट ने निर्देश दिया था कि एसआईआर की प्रक्रिया में ज़रूरी दस्तावेज़ों के तौर पर आधार कार्ड को भी शामिल किया जाए.
सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव आयोग को ये लिस्ट मंगलवार, 19 अगस्त शाम 5 बजे तक पब्लिश करने का वक़्त दिया था.
'यूक्रेन को क्राइमिया वापस नहीं मिलेगा'-ज़ेलेंस्की के साथ बैठक से पहले बोले ट्रंप
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इमेज कैप्शन, अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप सोमवार को यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर ज़ेलेंस्की से मिलने वाले हैं
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमीर ज़ेलेंस्की और यूरोपीय नेताओं के साथ व्हाइट हाउस में होने वाली बैठक से पहले रूस और यूक्रेन के बीच चल रहे युद्ध को लेकर अपना रुख साफ़ कर दिया है.
उन्होंने अपने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म ट्रुथ सोशल पर लिखा, "यूक्रेन के राष्ट्रपति ज़ेलेंस्की अगर चाहें तो रूस के साथ युद्ध को तुरंत समाप्त कर सकते हैं, या फिर वह लड़ाई जारी रख सकते हैं."
उन्होंने आगे कहा, "याद कीजिए इसकी शुरुआत कैसे हुई थी. ओबामा की ओर से दिया गया क्राइमिया वापस नहीं मिलेगा (12 साल पहले, बिना एक भी गोली चलाए!), और यूक्रेन नेटो में शामिल नहीं होगा. कुछ चीज़ें कभी नहीं बदलतीं."
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर ज़ेलेंस्की सोमवार को बैठक करने वाले हैं. इस बैठक में ज़ेलेंस्की के साथ ब्रिटेन के प्रधानमंत्री किएर स्टार्मर और कई यूरोपीय नेता भी शामिल होंगे.
ट्रंप-ज़ेलेंस्की की बैठक में शामिल होने वाले नेता
ब्रिटेन के प्रधानमंत्री किएर स्टार्मर
इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी
जर्मनी के चांसलर फ़्रेडरिक मर्ज़
फ़िनलैंड के राष्ट्रपति अलेक्ज़ेंडर स्टब
फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों
नेटो के महासचिव मार्क रुट
यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन
'भारत-पाकिस्तान पर हर दिन निगाह रखता है अमेरिका', सीज़फ़ायर को लेकर मार्को रुबियो ने कही ये बात
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इमेज कैप्शन, अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो
अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने कहा है कि अमेरिका भारत और पाकिस्तान के बीच हो रही गतिविधियों पर 'हर दिन नज़र' रखता है.
रुबियो ने ये बात ‘एनबीसी न्यूज’ के ‘मीट द प्रेस’ कार्यक्रम में ये बात कही. उन्होंने रूस और यूक्रेन के बीच युद्ध विराम की उम्मीद पर भी अपने विचार रखे.
उन्होंने कहा, “युद्ध-विराम का एकमात्र तरीका यह है कि संघर्ष में शामिल पक्ष एक-दूसरे पर गोलीबारी बंद करने पर सहमत हों, और रूस अभी तक इस पर सहमत नहीं हुआ है.”
उन्होंने आगे कहा, “युद्ध विराम की एक जटिलता यह है कि उसे बनाए रखना होता है, जो बहुत मुश्किल है. मेरा मतलब है, हम हर दिन इस बात पर नज़र रखते हैं कि पाकिस्तान और भारत के बीच क्या हो रहा है? कंबोडिया और थाईलैंड के बीच क्या हो रहा है?”
दुनिया में शांति लाने के लिए हर संभव अवसर का लाभउठाएंगे
अमेरिकी विदेश मंत्री ने कहा, “युद्ध-विराम बहुत जल्दी टूट सकते हैं, ख़ासकर साढ़े तीन साल से जारी (यूक्रेन) युद्ध के बाद. लेकिन मुझे नहीं लगता कि कोई भी इस बात से असहमत होगा कि हम स्थायी युद्ध-विराम का प्रयास नहीं कर रहे हैं. हमारा लक्ष्य एक शांति समझौते पर पहुंचना है, ताकि न तो अभी युद्ध हो और न ही भविष्य में कोई युद्ध हो.”
वहीं, ‘फॉक्स न्यूज’ को दिए गए साक्षात्कार में रुबियो ने एक बार फिर भारत और पाकिस्तान के बीच हाल में हुए सैन्य संघर्ष का ज़िक्र किया.
रुबियो ने कहा, “मुझे लगता है कि हम बहुत भाग्यशाली हैं और हमें एक ऐसे राष्ट्रपति के लिए आभारी होना चाहिए, जिन्होंने शांति बहाली को अपने प्रशासन की प्राथमिकता बनाया है. हमने इसे कंबोडिया और थाईलैंड में देखा है. हमने इसे भारत-पाकिस्तान में देखा है. हमने इसे रवांडा और डीआरसी (डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ़ कांगो) में देखा है. और हम दुनिया में शांति लाने के लिए हर संभव अवसर का लाभ उठाते रहेंगे.”
अब तक 40 बार युद्ध रुकवाने का दावा
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 10 मई को सोशल मीडिया पर घोषणा की थी कि भारत और पाकिस्तान ने अमेरिका की मध्यस्थता में हुई वार्ता के बाद “पूर्ण और तत्काल” युद्ध विराम पर सहमति जताई है.
इसके बाद से ट्रंप लगभग 40 बार यह दावा कर चुके हैं कि उन्होंने भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव “सुलझाने में मदद की” और उन्होंने इन परमाणु-सशस्त्र पड़ोसियों से कहा कि यदि वे संघर्ष रोक देंगे तो अमेरिका उनके साथ “काफ़ी व्यापार” करेगा.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत की संसद में कहा है कि “ऑपरेशन सिंदूर” को स्थगित करने में किसी भी देश के किसी नेता की मध्यस्थता नहीं है.
पाकिस्तान: बारिश और बाढ़ में अब तक 323 की मौत, 156 घायल
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इमेज कैप्शन, खैबर पख़्तूनख़्वाह प्रांत बाढ़ की चपेट में है, मौसम विभाग ने 21 अगस्त रुक-रुक कर बारिश की संभावना जताई है.
पाकिस्तान के ख़ैबर पख़्तूनख़्वा में अधिकारियों के मुताबिक़ 17 अगस्त को शुरू हुई बारिश और बाढ़ के बाद 323 लोगों की मौत हो चुकी है.
बीबीसी उर्दू के अनुसार, ज़्यादातर हादसे प्रांत के स्वात, बुनेर, बाजौर, तोरघर, मनसेहरा, शांगला और बट्टाग्राम ज़िलों में हुए हैं.
सबसे ज़्यादा प्रभावित बुनेर ज़िले में 217 लोगों की मौत हुई है.
बारिश और अचानक आई बाढ़ से 336 घर क्षतिग्रस्त हुए, जिनमें 230 आंशिक और 106 पूरी तरह नष्ट हो गए.
पीडीएमए ने 17 से 19 अगस्त तक भारी और 21 अगस्त तक रुक-रुक कर बारिश होने की संभावना जताई है.
ग़ज़ा में युद्ध ख़त्म करने और बंधकों की रिहाई के लिए इसराइल की सड़कों पर उतरे लोग
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इमेज कैप्शन, तेल अवीव में राष्ट्रव्यापी हड़ताल के दौरान प्रदर्शनकारियों ने टायरों में आग लगा दी, जिससे यातायात बुरी तरह प्रभावित हुआ.
इसराइल में हज़ारों लोगों ने ग़ज़ा में चल रही जंग को ख़त्म करने और हमास से बंधकों की रिहाई के समझौते की मांग करते हुए विरोध प्रदर्शन किया.
तेल अवीव के "होस्टेजेस स्क्वायर" पर रविवार रात को भारी भीड़ जुटी.
एक दिवसीय राष्ट्रीय हड़ताल के कारण कुछ इलाकों में सड़कें, दफ्तर और विश्वविद्यालय बंद रहे. इस दौरान दिन भर में लगभग 40 लोगों को गिरफ्तार किया गया.
विरोध प्रदर्शन के आयोजकों ने कहा कि ग़ज़ा शहर पर नियंत्रण करने की योजना से हमास के पास बंधक बनाए गए 20 लोगों की जान को खतरा है.
प्रदर्शन की आलोचना
इसराइली प्रधानमंत्री बिन्यामिन नेतन्याहू ने विरोध प्रदर्शनों की आलोचना करते हुए कहा कि इससे "हमास का रुख और सख़्त हो जाएगा" और बंधकों की रिहाई में देरी होगी.
ग़ज़ा में युद्ध की शुरुआत 7 अक्तूबर 2023 को हमास के इसराइल पर हमले से हुई थी. इसमें लगभग 1,200 लोग मारे गए थे और 251 को बंधक बनाकर ग़ज़ा ले जाया गया था.
ग़ज़ा में हमास नियंत्रित स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, इसराइल के ग़ज़ा युद्ध में अब तक 61,000 से अधिक फ़लस्तीऩी मारे जा चुके हैं.
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