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पाकिस्तान: आत्मघाती हमले में मरने वाले सुरक्षाकर्मियों की संख्या बढ़कर 13 हुई, 14 चरमपंथी भी मारे गए

पाकिस्तानी सेना ने कहा है कि चरमपंथियों ने विस्फोटकों से भरे वाहन को निशाना बनाने की कोशिश की थी.

सारांश

लाइव कवरेज

प्रवीण और दीपक मंडल

  1. ट्रंप ने कनाडा के साथ व्यापार वार्ता समाप्त करने की घोषणा की

    अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि वो कनाडा के साथ व्यापार वार्ता को 'तुरंत' समाप्त कर रहे हैं.

    ट्रंप ने कहा कि कनाडा अमेरिका की टेक कंपनियों को टारगेट करके टैक्स लगाने की तैयारी कर रहा है.

    राष्ट्रपति ट्रंप ने ये क़दम ऐसे वक़्त में उठाया है जब अमेरिका और कनाडा जुलाई के मध्य तक व्यापार समझौते पर सहमत होने की दिशा में काम कर रहे थे.

    इस साल की शुरुआत में अमेरिका के राष्ट्रपति पद की कमान संभालने के बाद से ही ट्रंप ने 'ट्रेड वॉर' छेड़ रखी है. इसके बाद से दोनों देशों ने एक-दूसरे के सामान पर टैरिफ़ लगाया है.

    शुक्रवार को अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा कि वे टेक कंपनियों पर लगाए गए ज़्यादा टैक्स के कारण वार्ता समाप्त कर रहे हैं.

    ट्रंप ने ये भी कहा कि वो अगले हफ़्ते नए टैरिफ़ लगाने का ऐलान भी करेंगे. ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर लिखा, "हम कनाडा के साथ व्यापार पर सभी चर्चाओं को तत्काल प्रभाव से समाप्त कर रहे हैं."

    ट्रंप ने कहा, "हम कनाडा को अगले सात दिनों के अंदर बता देंगे कि अमेरिका के साथ व्यापार करने के लिए उन्हें कितना टैक्स देना होगा."

    हालांकि कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने अमेरिका के साथ वार्ता जारी रखने के संकेत दिए हैं. उन्होंने कहा, "हम कनाडा के लोगों के हित में इन वार्ताओं को जारी रखेंगे."

  2. ग़ज़ा: जीएचएफ़ के प्रमुख बोले- 'राहत केंद्रों के पास फ़लस्तीनियों की मौत से इनकार नहीं'

    अमेरिका और इसराइल समर्थित हेल्प ग्रुप के प्रमुख ने मदद मांगने वाले फ़लस्तीनियों की हत्या और घायल होने की घटनाओं के बाद अपने काम का बचाव किया है.

    ग़ज़ा ह्यूमैनिटेरियन फ़ाउंडेशन (जीएचएफ) के प्रमुख जॉनी मूर ने बीबीसी वर्ल्ड सर्विस के न्यूज़आवर को बताया कि वह राहत केंद्रों के पास मौतों से इनकार नहीं कर रहे हैं.

    उन्होंने कहा कि जीएचएफ़ के राहत केंद्रों के नज़दीक सभी घटनाओं के लिए उन्हें ज़िम्मेदार ठहराया जा रहा है, "ये सच नहीं है."

    जॉनी मूर ने संयुक्त राष्ट्र और अन्य अंतरराष्ट्रीय संगठनों पर ऐसी जानकारी फैलाने का आरोप लगाया, जिसकी वे पुष्टि नहीं कर सकते हैं.

    जीएचएफ़ सहायता प्रणाली की संयुक्त राष्ट्र एजेंसियों ने निंदा की है. शुक्रवार को संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने इसे असुरक्षित क़रार दिया.

    वहीं हमास संचालित स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा है कि जब से जीएचएफ़ ने राहत सामग्री बांटने का ज़िम्मा संभाला है तब से मदद हासिल करने की कोशिश में 500 से अधिक फ़लस्तीनियों की मौत हुई है.

    हमास संचालित स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा है कि मदद हासिल करने की कोशिश में चार हज़ार से ज़्यादा फ़लस्तीनी घायल भी हुए हैं.

    जीएचएफ़ ने ग़ज़ा में अपना ऑपरेशन मई के अंत में शुरू किया था. जीएचएफ़ के ऑपरेशन संभालने के कुछ दिन बाद ही एक जून और तीन जून को अलग-अलग घटनाओं में कई फ़लस्तीनियों की मौत हुई.

  3. ट्रंप ने आयतुल्लाह अली ख़ामेनेई को लेकर कही ये बात तो ईरान ने भी दिया जवाब

    इसराइल के साथ संघर्ष में ईरान के सर्वोच्च नेता आयतुल्लाह अली ख़ामेनेई के ईरान की जीत वाले दावे पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने प्रतिक्रिया दी है.

    राष्ट्रपति ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर लिखा, "आयतुल्लाह अली ख़ामेनेई ने मूर्खतापूर्ण तरीके़ से यह क्यों कहा कि उन्होंने इसराइल के साथ युद्ध जीत लिया है? उन्हें (आयतुल्लाह अली ख़ामेनेई) पता है कि उनका बयान झूठ है. उन्हें झूठ नहीं बोलना चाहिए."

    ट्रंप ने कहा, "उनका देश (ईरान) तबाह हो गया. उनके तीन परमाणु ठिकाने नष्ट हो गए. मुझे पता था कि वो कहां छिपे हुए हैं. मैं इसराइल या अमेरिकी सशस्त्र बलों को उनका जीवन समाप्त नहीं करने दूंगा."

    "मैंने उन्हें एक बहुत ही अपमानजनक मौत से बचाया. उन्हें यह कहने की ज़रूरत नहीं पड़ी, थैंक्यू, राष्ट्रपति ट्रंप!"

    ट्रंप ने कहा है कि वह ईरान से प्रतिबंध हटाने की संभावना पर काम कर रहे थे, लेकिन ईरान की ओर से आए हालिया बयानों के बाद उन्होंने इस पर काम करना बंद कर दिया है.

    वहीं ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराग़ची ने राष्ट्रपति ट्रंप के बयान पर प्रतिक्रिया दी है.

    उन्होंने कहा है कि अगर अमेरिका सच में ईरान के साथ कोई समझौता चाहता है तो राष्ट्रपति ट्रंप को ईरान के सर्वोच्च नेता आयतुल्लाह अली ख़ामेनेई के प्रति अपमानजनक और अस्वीकार्य लहजे को छोड़ देना चाहिए.

    उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, "एक राष्ट्र के रूप में हमारा मूल आधार बहुत सरल और सीधा है कि हम अपनी क़ीमत जानते हैं. हम अपनी स्वतंत्रता को महत्व देते हैं और कभी भी किसी और को अपना भाग्य तय करने की अनुमति नहीं देते हैं."

    गुरुवार को ईरान के सर्वोच्च नेता आयतुल्लाह अली ख़ामेनेई ने अपने भाषण में कहा कि ईरान के परमाणु ठिकानों पर हमला करके अमेरिका "कुछ नहीं कर पाया है."

  4. नमस्कार!

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