उत्तर प्रदेश: मेरठ के एक विश्वविद्यालय में नमाज़ पढ़ने पर छात्र गिरफ़्तार, क्या है पूरा मामला?, अमित सैनी, बीबीसी हिन्दी के लिए
इमेज स्रोत, Amit Saini
इमेज कैप्शन, उत्तर प्रदेश के मेरठ में एक निजी विश्वविद्यालय के खुले क्षेत्र में नमाज अदा करने के आरोप में पुलिस ने एक छात्र को गिरफ्तार किया है.
उत्तर प्रदेश के मेरठ की आईआईएमटी यूनिवर्सिटी में खुले कैंपस में नमाज़ पढ़ने को लेकर उठे विवाद के बाद पुलिस ने एक छात्र को गिरफ़्तार कर लिया है.
मेरठ के एसपी देहात डॉ राकेश मिश्रा ने बताया, “थाना गंगानगर क्षेत्र स्थित एक निजी विश्वविद्यालय में सामूहिक रूप से नमाज़ पढ़ने से जुड़ा एक वीडियो प्रकाश में आया था. इस संबंध में मुक़दमा दर्ज़ किया गया है और एक व्यक्ति जिसने ये वीडियो अपलोड किया था, उसे गिरफ़्तार किया जा चुका है.
उन्होंने बताया, "इस संबंध में विश्वविद्यालय प्रबंधन की ओर से भी जांच करवाई जा रही है.”
हिंदू जागरण मंच के पूर्व महानगर अध्यक्ष सचिन सिरोही ने इस पूरे मामले का वीडियो सामने आने के बाद इसे लेकर चेतावनी दे थी.
वो कहते हैं, “छात्र खालिद मेवाती के साथ, 50-60 और छात्र आईआईएमटी यूनिवर्सिटी के खुले कैंपस में नमाज़ पढ़ रहे थे.”
"उन्होंने अपने इंस्टाग्राम पर तीन वीडियो अपलोड किए हैं. हमने इसका विरोध किया और कार्रवाई की मांग की, जिसके बाद पुलिस ने पहले उसे हाउस अरेस्ट किया और उसके बाद एक हिंदूवादी युवा की तरफ से दी गई तहरीर पर मुकदमा दर्ज किया."
बीते दिनों मेरठ के गंगानगर इलाके़ में स्थित आईआईएमटी यूनिवर्सिटी में रमज़ान के दौरान 50 से 60 मुस्लिम छात्रों के कैंपस में खुले में नमाज़ पढ़ने का वीडियो वायरल हुआ था.
इस वीडियो को लेकर विवाद होने के बाद पुलिस ने 14 मार्च को मुक़दमा दर्ज़ किया था.
इस मामले में आईआईएमटी के मीडिया प्रभारी सुनील शर्मा ने एक बयान जारी कर कहा है, “इसकी जांच के लिए गठित कमेटी ने पाया कि यूनिवर्सिटी परिसर में इस प्रकार नमाज़ पढ़ने के लिए विश्वविद्यालय से अनुमति नहीं ली गई थी.”
“विश्वविद्यालय प्रशासन के संज्ञान में लाए बिना परिसर में नमाज़ पढ़ना और उसका वीडियो बना कर सोशल मीडिया पर पोस्ट करने का उद्देश्य विश्वविद्यालय में सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने और आपसी वैमनस्य को बढ़ावा देना लगता है.”
बयान में ये भी कहा गया, “मुख्य अभियुक्त को अपना पक्ष रखने के लिए जांच समिति ने बुलाया था मगर वो उपस्थित नहीं हुआ. विश्वविद्यालय प्रशासन ने मुख्य अभियुक्त छात्र खालिद प्रधान (खालिद मेवाती) को निलंबित कर दिया है. इस प्रकरण में तीन सुरक्षाकर्मियों को भी निलंबित किया गया है.”
उत्तराखंड: वित्त मंत्री प्रेमचंद अग्रवाल ने दिया इस्तीफ़ा, बोले- मुझे निशाना बनाया जा रहा, आसिफ़ अली, बीबीसी हिन्दी के लिए
इमेज स्रोत, Asif Ali
इमेज कैप्शन, ऋषिकेश से विधायक प्रेमचंद अग्रवाल
उत्तराखंड के शहरी विकास और वित्त मंत्री और ऋषिकेश से विधायक प्रेमचंद अग्रवाल ने रविवार शाम अचानक पत्रकार वार्ता बुलाकर अपने पद से इस्तीफ़ा देने की घोषणा कर दी है.
इस दौरान वह भावुक नज़र आए और कहा कि उन्हें व्यक्तिगत रूप से निशाना बनाया जा रहा है, जिससे वह बेहद आहत हैं.
प्रेमचंद अग्रवाल के इस्तीफे़ को हाल ही में संपन्न हुए विधानसभा के बजट सत्र के दौरान उनकी ओर से पहाड़वासियों पर की गई विवादित टिप्पणी से जोड़ा जा रहा है.
इस बयान के बाद प्रदेशभर में भारी विरोध शुरू हो गया था. जगह-जगह उनके पुतले फूंके गए और भाजपा आलाकमान से उन्हें पद से हटाने की मांग तेज़ हो गई थी.
इस्तीफे़ की घोषणा करते हुए प्रेमचंद अग्रवाल ने कहा कि “मैंने हमेशा उत्तराखंड के लिए निःस्वार्थ भाव से काम किया है. राज्य आंदोलन के दौरान संघर्ष किया, लाठियाँ खाईं और अपनी भूमिका निभाई.”
“इसके बावजूद मेरे ख़िलाफ़ ऐसा माहौल बनाया गया कि मुझे इस्तीफ़ा देने के लिए मजबूर होना पड़ा.”
इस घटनाक्रम पर अब तक भाजपा के शीर्ष नेतृत्व का कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है.
पीएम मोदी ने रूस और यूक्रेन युद्ध ख़त्म करने को लेकर क्या सलाह दी?
इमेज स्रोत, Getty Images
इमेज कैप्शन, तीन घंटे 17 मिनट के इस पॉडकास्ट में मोदी ने अपनी ज़िंदगी के अलावा, आरएसएस और हिंदू राष्ट्र, महात्मा गांधी, पड़ोसी मुल्कों के साथ संबंधों के अलावा कई और मुद्दों पर प्रतिक्रिया दी है.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अमेरिकी पॉडकास्टर लेक्स फ्रीडमैन के यूट्यूब चैनल पर एक पॉडकास्ट के लिए दिए इंटरव्यू में रूस और यूक्रेन के बीच जारी युद्ध पर प्रतिक्रिया दी है.
तीन घंटे 17 मिनट के इस पॉडकास्ट में मोदी ने कई मुद्दों पर फ्रीडमैन से बात की है.
उन्होंने कहा, “हमारा बैकग्राउंड इतना मज़बूत है कि जब भी हम शांति के लिए बात करते हैं, तो विश्व हमें सुनता है. ऐसा इसलिए क्योंकि यह बुद्ध और महात्मा गांधी की भूमि है.”
रूस-यूक्रेन को लेकर उन्होंने कहा, “मेरे रूस और यूक्रेन दोनों के साथ अच्छे संबंध हैं. मैं राष्ट्रपति पुतिन के सामने यह कह सकता हूं कि ये युद्ध का समय नहीं है. और एक मित्र भाव से ज़ेलेंस्की को भी कहता हूं कि दुनिया कितनी भी आपके साथ खड़ी क्यों न हो जाए रणभूमि में कभी भी परिणाम नहीं निकलने वाला है.”
पीएम मोदी ने कहा कि उनका मानना है कि युद्ध का परिणाम टेबल पर ही निकलने वाला है और ये तभी निकलेगा जब उस टेबल पर रूस और यूक्रेन दोनों मौजूद होंगे.
साथ ही प्रधानमंत्री ने कहा, “पूरी दुनिया यूक्रेन के साथ बैठकर कितनी भी बातचीत कर ले, दोनों पक्ष का होना ज़रूरी है.”
उन्होंने कहा, “मैं हमेशा कहता हूं कि मैं शांति के पक्ष में हूं.”
ब्रेकिंग न्यूज़, ट्रंप ने वॉयस ऑफ़ अमेरिका को बंद करने को लेकर किया ये फै़सला
इमेज स्रोत, Getty Images
इमेज कैप्शन, 1942 में नाज़ी और जापानी प्रोपेगेंडा का मुक़ाबला करने के उद्देश्य से ‘वॉयस ऑफ अमेरिका’ की स्थापना की गई थी
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने संघ की ओर से फंडेड समाचार संगठन 'वॉयस ऑफ़ अमेरिका' को बंद करने के आदेश पर हस्ताक्षर किए है.
इस समाचार संगठन पर "ट्रंप विरोधी" और "उग्र" होने का आरोप लगाया है.
व्हाइट हाउस की ओर से जारी एक बयान में कहा गया कि यह आदेश "यह सुनिश्चित करेगा कि टैक्सपेयर अब कट्टरपंथी प्रचार के लिए ज़िम्मेदार नहीं होंगे."
बयान में "वामपंथी", "कट्टरपंथी " वीओए के ख़िलाफ़ बोलने वाले राजनेताओं और दक्षिणपंथी मीडिया के उदाहरण शामिल हैं.
अभी भी मुख्य रूप से एक रेडियो सेवा 'वॉयस ऑफ़ अमेरिका' द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान नाज़ी प्रचार का मुक़ाबला करने के लिए स्थापित की गई थी.
वीओए के डायरेक्टर माइक अब्रामोविट्ज़ ने कहा कि उन्हें और उनके लगभग पूरे 1,300 कर्मचारियों को पेड लीव पर भेज दिया गया है.
पाकिस्तान पर बोले पीएम मोदी - 'दुनिया में कहीं भी आंतकवाद की घटना हो...'
इमेज स्रोत, Getty Images
इमेज कैप्शन, पॉडकास्टर के साथ पीएम मोदी ने पाकिस्तान के सवाल पर जवाब दिया है (फ़ाइल फोटो)
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अमेरिकी पॉडकास्टर लेक्स फ्रीडमैन के यूट्यूब चैनल पर एक पॉडकास्ट के लिए इंटरव्यू दिया है.
तीन घंटे 17 मिनट के इस पॉडकास्ट में मोदी ने अपनी ज़िंदगी के अलावा, आरएसएस और हिंदू राष्ट्र, महात्मा गांधी, पड़ोसी मुल्कों के साथ संबंधों के अलावा कई और मुद्दों पर प्रतिक्रिया दी है.
भारत के पड़ोसी पाकिस्तान के बारे में पीएम मोदी ने कहा, "दुनिया में कहीं भी आंतकवाद की घटना घटती है. सूत्र कहीं न कहीं पाकिस्तान जाकर अटकते हैं.”
उन्होंने कहा, “अमेरिका में 9/11 की इतनी बड़ी घटना घटी. उसका मेन सूत्रधार ओसामा बिन लादेन आखिर में कहां से मिला? पाकिस्तान में शरण लेकर बैठा था.”
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, "पाकिस्तान सिर्फ भारत के लिए नहीं दुनियाभर के लिए परेशानी का केंद्र बन चुका है. हम लगातार उसको कहते रहे हैं कि इस रास्ते से किसका भला होगा. आप आतंकवाद के रास्ते को छोड़ दीजिए. स्टेट स्पॉन्सर्ड आतंकवाद बंद होना चाहिए."
फ्रीडमैन के साथ बातचीत में उन्होंने कहा, “शांति के प्रयासों के लिए मैं खुद लाहौर चला गया था. मेरे प्रधानमंत्री बनने के बाद मैंने अपने शपथ ग्रहण समारोह में पाकिस्तान को खास तौर से आमंत्रित किया था ताकि एक शुभ शुरुआत हो.”
“हर बार अच्छे प्रयासों का परिणाम नकारात्मक निकला. हम आशा करते हैं कि उनको सदबुद्धि मिले, सुख शांति के रास्ते पर जाएंगे और वहां की अवाम भी दुखी होगी ऐसा मैं मानता हूं.”
केदारनाथ में गैर हिंदुओं पर प्रतिबंध लगाने को लेकर बीजेपी विधायक ने क्या कहा?
इमेज स्रोत, ANI
इमेज कैप्शन, केदारनाथ से विधायक आशा नौटियाल
भारतीय जनता पार्टी की नेता और केदारनाथ से विधायक आशा नौटियाल ने केदारनाथ धाम में गैर हिंदुओं पर प्रतिबंध लगाने की बात कही है.
न्यूज़ एजेंसी पीटीआई से बात करते हुए उन्होंने कहा, "स्थानीयों व्यवसायों के साथ एक बैठक की थी. उस बैठक में ये बात सामने आई है कि वहां कुछ गैर हिंदू ऐसी हरकतें कर रहे हैं जिससे लोगों की भावनाओं को ठेस पहुंच रही है."
उन्होंने कहा, "दुनिया से लोग वहां पर बाबा केदार के दर्शन करने आते हैं और उन लोगों की धार्मिक भावना को आहत करने का काम ये कर रहे हैं, इसलिए ऐसे लोगों पर प्रतिबंध लगना चाहिए."
इस बयान के बाद कांग्रेस नेता हरीश सिंह रावत ने प्रतिक्रिया दी है.
न्यूज़ एजेंसी पीटीआई से बात करते हुए उन्होंने कहा, "आज कल भाजपा के नेताओं में सनसनीखेज बयान देने की होड़ मची हुई है."
उन्होंने कहा, "उत्तराखंड देवभूमी है आप कहां-कहां किस चीज़ को धर्म के साथ जोड़ेंगे. वे ऐसा इसलिए कर रहे हैं क्योंकि उनके पास लोगों को बताने के लिए कुछ नहीं है."
सर्बिया: सरकार के विरोध में 3 लाख से ज़्यादा लोग सड़कों पर उतरे, देखिए तस्वीरें, गाय दे लाउने, बीबीसी बालकान्स संवाददाता
इमेज स्रोत, REUTERS/Igor Pavicevic
इमेज कैप्शन, शनिवार को हुए विरोध प्रदर्शन को अब तक का सर्बिया का सबसे बड़ा विरोध प्रदर्शन बताया जा रहा है
शनिवार को सर्बिया की राजधानी बेलग्रेड की सड़कों पर लाखों लोग उमड़ पड़े. ये लोग सरकार विरोधी प्रदर्शन का हिस्सा बनने आए थे.
सरकार का कहना है कि शनिवार को हुए विरोध प्रदर्शन में 1 लाख 7 हज़ार लोगों से शिरकत की.
हालांकि स्वतंत्र निगरानी समूह का कहना है कि कम से कम तीन लाख 25 हज़ार लोग शनिवार को सड़कों पर इकट्ठा हुए थे.
इसे सर्बिया का अब तक का सबसे बड़ा विरोध प्रदर्शन बताया जा रहा है.
इमेज स्रोत, REUTERS/Stringer
इमेज कैप्शन, सर्बिया में बड़ा विरोध प्रदर्शन
दरअसल नवंबर के महीने में सर्बिया के दूसरे सबसे बड़े शहर नोवी साद में मौजूद रेलवे स्टेशन का एक हिस्सा गिर गया था. इस दुर्घटना में 15 लोगों की मौत हो गई थी.
प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि स्टेशन की छत का ऊपरी हिस्सा गिरना रेलवे स्टेशन के निर्माण में व्यापक भ्रष्टाचार और ख़राब रख-रखाव का एक उदाहरण है.
इमेज स्रोत, REUTERS/Djordje Kojadinovic
इमेज कैप्शन, सर्बिया की संसद के बाहर विरोध प्रदर्शन
राष्ट्रपति वुचिच ने शनिवार को देश को संबोधित किया.
उन्होंने पुलिसकर्मियों की तारीफ की और कहा कि उन्हें इस बात का गर्व है कि "हमने शांति बनाए रखी."
उन्होंने कहा कि वो प्रदर्शनकारियों का संदेश "समझ रहे हैं" और "हमें खुद को बदलना होगा."
हालांकि प्रदर्शनकारियों का कहना है कि सरकार से उन्हें और उम्मीदें हैं.
इमेज स्रोत, REUTERS/Djordje Kojadinovic
इमेज कैप्शन, 'ब्लडी हैंड्स' (हाथ पर लाल रंग से सना दस्ताना) यहां विरोध का प्रतीक बन गया है
विरोध प्रदर्शन में हिस्सा लेने आई एक महिला याना वासिच ने बीबीसी से कहा, "हम बस ये चाहते हैं कि देश सही तरीके से काम करे. हम चाहते हैं संस्थाएं अपना काम सही तरीके से करें."
वो कहती हैं, "सत्ता में कौन सी पार्टी है इससे हमें फर्क नहीं पड़ता, एक ऐसा देश जहां काम होता हो, ऐसा नहीं जहां चार महीने तक न्याय ही न हो."
बिहार चुनाव से पहले कांग्रेस की 'पलायन रोको, नौकरी दो' यात्रा, कन्हैया कुमार ने क्या कहा?
इमेज स्रोत, Getty Images
इमेज कैप्शन, जेएनयू छात्रसंघ के पूर्व अध्यक्ष कन्हैया कुमार
बिहार में होने वाले आगामी चुनाव से पहले रविवार को कांग्रेस ने 'पलायन रोको, नौकरी दो' थीम पर एक यात्रा की शुरुआत की है.
यह यात्रा बिहार के पश्चिम चंपारण ज़िले के बेतिया में शुरू हुई. इस यात्रा में जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) छात्रसंघ के पूर्व अध्यक्ष कन्हैया कुमार भी शामिल हैं.
पत्रकारों से बातचीत करते हुए कन्हैया कुमार ने कहा, "पलायन और नौकरी की समस्या को ध्यान में रखते हुए यह यात्रा शुरू की जा रही है.
उन्होंने कहा, "इसका उद्देश्य है – सबको शिक्षा, सबको काम और हर बिहारी को बराबरी का आत्मसम्मान मिले. चाहे वह हिंदू हो या मुसलमान सभी को बराबर सम्मान मिलना चाहिए."
उन्होंने यह भी कहा कि इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य नौकरी के अवसर सुनिश्चित करना है, न कि विधानसभा में सीट हासिल करना.
अमित शाह ने कहा, 88 करोड़ रुपये की ड्रग्स जब्त, माफ़ियाओं पर कोई रहम नहीं होगा
इमेज स्रोत, Getty Images
इमेज कैप्शन, अमित शाह ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में जानकारी दी है कि 88 करोड़ रुपये की मेथमफे़टामाइन टैबलेट्स जब्त किए गए हैं
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने रविवार को जानकारी दी है कि इंफाल और गुवाहाटी क्षेत्रों में 88 करोड़ रुपये के मेथमफे़टामाइन टैबलेट्स ज़ब्त किए गए हैं, साथ ही अंतरराष्ट्रीय ड्रग गिरोह के चार सदस्यों को भी गिरफ़्तार किया गया है.
उन्होंने कहा कि मादक पदार्थों की बरामदगी निचले स्तर से लेकर ऊपरी स्तर तक की प्रभावी कार्रवाई का सबूत है.
शाह ने यह भी स्पष्ट किया कि नरेंद्र मोदी सरकार का मादक पदार्थों के ख़िलाफ़ अभियान लगातार जारी रहेगा.
गृह मंत्री ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में लिखा, "ड्रग माफ़ियाओं के प्रति कोई दया नहीं दिखाई जाएगी. मोदी सरकार के नशा मुक्त भारत के निर्माण के अभियान को तेज़ी से आगे बढ़ाते हुए, 88 करोड़ रुपये की मेथमफेटामाइन टैबलेट्स की एक बड़ी खेप जब्त की गई है और इंफाल, गुवाहाटी क्षेत्रों में अंतरराष्ट्रीय ड्रग गिरोह के चार सदस्यों को गिरफ्तार किया गया है."
इसके साथ ही, उन्होंने इस सफलता के लिए नार्कोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) को भी बधाई दी है.
धरती पर कब तक लौटेंगी सुनीता विलियम्स, इसरो वैज्ञानिक ने क्या बताया?
इमेज स्रोत, Getty Images
इमेज कैप्शन, अंतरिक्ष यात्री सुनीता विलियम्स अगले तीन-चार दिन में धरती पर लौट सकती हैं.
अंतरिक्ष में फंसे अंतरिक्ष यात्री सुनीता विलियम्स और बुच विलमोर की धरती पर वापसी कब तक हो पाएगी? इसका जवाब इसरो वैज्ञानिक एम.अन्नादुराई ने दिया है.
समाचार एजेंसी पीटीआई द्वारा पूछे गए सवाल के जवाब में इंडियन स्पेस रिसर्च ऑर्गनाइजे़शन (इसरो) के वैज्ञानिक एम. अन्नादुराई ने कहा है कि ऐसी उम्मीद है कि अगले तीन-चार दिनों में सुनीता विलियम्स की वापसी हो जाएगी.
उन्होंने कहा, “हालांकि, शुरुआत में कुछ दिक्कतें आईं, मगर सुनीता विलियम्स को सुरक्षित लाना महत्वपूर्ण है. मुझे लगता है कि इसके लिए आवश्यक योजनाएं और
ज़रूरी कामों को किया जा चुका है.”
“अब जैसी योजना बनाई गई हैं, उस हिसाब
से सुनीता विलियम्स जल्दी वापस आ पाएंगी.”
उन्होंने कहा, “सुनीता विलियम्स ने उनकी कमांडर पोजिशन को
रूसी अंतरिक्ष यात्री को सौंप दिया है. उम्मीद है कि अगले तीन-चार दिनों में वह
वापस आ जाएंगी.”
अंतरिक्ष में क्यों फंस गए थे अंतरिक्ष यात्री?
अंतरिक्ष यात्री सुनीता विलियम्स और बुच विल्मोर क़रीब दस महीने से अंतरारष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (आईएसएस) में रहे हैं.
दोनों ने 5 जून 2024 को इस परीक्षण मिशन के लिए बोइंग स्टारलाइनर अंतरिक्षयान से उड़ान भरी थी. उन्हें आठ दिन के बाद वापस लौटना था.
लेकिन, स्टारलाइनर अंतरिक्षयान जब आईएसएस के क़रीब पहुंचा, तो उसमें समस्याएं पैदा हो गईं और इसके पांच थ्रस्टर्स बंद हो गए, जो यान को दिशा देते हैं.
इसमें हीलियम भी ख़त्म हो गया. इससे जलने वाले ईंधन पर यान को निर्भर होना पड़ा और दोनों अंतरिक्षयात्रियों की वापसी अटक गई.
ब्रेकिंग न्यूज़, पाकिस्तान: बलूचिस्तान के नोश्की में बम धमाका, पांच सुरक्षाकर्मियों की मौत, 32 घायल
इमेज स्रोत, Social Media
इमेज कैप्शन, एक वरिष्ठ सरकारी अधिकारी के मुताबिक़, विस्फोट क्वेटा और ताफ्तान के बीच आरसीडी हाईवे पर नोश्की शहर के पास हुआ है
पाकिस्तान के बलूचिस्तान प्रांत के नोश्की ज़िले में एक बम धमाका हुआ है, जिसमें कम से कम पांच सुरक्षाकर्मी मारे गए हैं और 32 लोग घायल हो गए हैं.
संघीय गृह मंत्री मोहसिन नक़वी और बलूचिस्तान सरकार के प्रवक्ता शाहिद रिंद ने घटना की निंदा की है. हालांकि उन्होंने यह नहीं बताया कि इस घटना में कितने लोग और कौन-कौन मारे गए हैं.
नोश्की पुलिस प्रमुख हाशिम मोहम्मद ने भी इस धमाके की पुष्टि की है, लेकिन उन्होंने आगे की जानकारी नहीं दी है.
नोश्की में एक वरिष्ठ सरकारी अधिकारी ने बताया कि विस्फोट नोश्की शहर के पास क्वेटा और ताफ्तान के बीच आरसीडी हाईवे पर हुआ है.
उनके मुताबिक़ सुरक्षाबलों का एक काफिला क्वेटा से नोकुंडी जा रहा था, जिसमें सात बसें और दो कार शामिल थे.
उन्होंने बताया कि जब आरसीडी हाईवे पर एक आटा मिल के पास काफिला पहुंचा तो काफिले में शामिल एक बस के पास विस्फोट हुआ.
नोश्की के स्थानीय लोगों ने बताया कि विस्फोट इतना शक्तिशाली था कि उसकी आवाज दूर-दूर तक सुनी गई है. कुछ घायलों की हालत गंभीर बताई जा रही है.
मोहसिन नक़वी का कहना है कि देश के दुश्मन पाकिस्तान में अस्थिरता पैदा करने के लिए घिनौनी साजिश रच रहे हैं.
ब्रेकिंग न्यूज़, नॉर्थ मैसेडोनिया के नाइट क्लब में आग, 59 की मौत, 150 से ज़्यादा घायल, रशेल हेगन, लंदन से
इमेज स्रोत, Social media
इमेज कैप्शन, ये नाइट क्लब मैसेडोनिया की राजधानी स्कोप्जे से क़रीब सौ किलोमीटर दूर है
नॉर्थ मैसेडोनिया के एक नाइट क्लब में
रविवार तड़के आग लग गई. गृह मंत्रालय के मुताबिक़ इस घटना में कम से कम 59 लोगों की मौत हुई है और 150 से ज़्यादा लोग घायल हुए हैं.
यह आग देश के पूर्वी हिस्से में स्थित कोकानी शहर के
पल्स क्लब में लगी थी. यह जगह मैसेडोनिया की राजधानी स्कोप्जे से क़रीब सौ किलोमीटर
दूर है.
सोशल मीडिया पर पोस्ट की गई तस्वीरों
में एक इमारत आग और धुएं की लपटों में घिरी नज़र आ रही है.
अब तक मिली जानकारी के अनुसार आग रविवार तड़के क़रीब तीन बजे भड़की. यह हादसा
बैंड एडीएन की परफ़ॉर्मेंस के दौरान हुआ.
कई घंटों बाद तक इस जगह से आग की लपटें
उठती रहीं.
कहा जा रहा है कि इस समारोह में लगभग 1,500 लोग शामिल हुए थे.
स्थानीय मीडिया का कहना है कि आग संभवतः आतिशबाज़ी के उपकरणों के कारण लगी थी.
दोपहर के दो बज चुके हैं. अभी तक बीबीसी संवाददाता हिमांशु दुबेआप तक ख़बरें पहुंचा रहे थे.
अब से रात 10 बजे
तक बीबीसी संवाददाता इफ़्तेख़ार अलीआप तक अहम ख़बरें पहुंचाएंगे.
बीबीसी हिंदी के पन्ने पर लगी कुछ
अहम ख़बरें नीचे दिए लिंक्स पर क्लिक करके आप पढ़ सकते हैं.
बिहारः भागलपुर में भीड़ ने किया पुलिस टीम पर हमला, चार पुलिसकर्मी घायल, सीटू तिवारी, बीबीसी संवाददाता
इमेज स्रोत, Getty Images
इमेज कैप्शन, बिहार में पुलिस पर पिछले पांच दिनों में तीसरी बार भीड़ ने हमला किया है.
बिहार के भागलपुर ज़िले में भीड़ ने
पुलिस टीम पर हमला कर दिया. इस घटना में चार पुलिसकर्मी घायल हो गए. यह जानकारी अधिकारियों ने रविवार को दी.
भागलपुर एसएसपी ह्दयकांत ने बताया, “14 मार्च की रात को अंतिचक पुलिस स्टेशन के
अंतर्गत दो गुटों में तनाव की ख़बरें आई थीं. बच्चों की लड़ाई थी, जो दो गुटों के
तनाव में बदल गई.”
“जब पुलिस टीम वहां गई तो लोगों के साथ उनकी
हाथापाई हुई. इसके विज़ुअल्स भी हैं. इसमें एक अधिकारी और चार पुलिसकर्मी घायल
हो गए हैं. इस मामले में 24 नामजद और बाकी अज्ञात हैं."
“इनमें से पांच की गिरफ़्तारी की गई
है. घायल पुलिसकर्मियों की हालत अब स्थिर है.”
प्रदेश में पिछले पांच दिनों में यह तीसरा मौका
है, जब पुलिस पर इस तरह का हमला किया गया है.
इससे पहले, मुंगरे ज़िले में भीड़ ने
एक असिस्टेंट सब इंस्पेक्टर पर हमला कर दिया था. शनिवार को उनकी मौत हो
गई.
एक और
पुलिसकर्मी की बुधवार को मौत हो गई थी. वह भी अररिया ज़िले में पुलिस पर भीड़ के हमले
में घायल हो गए थे.
सुनीता विलियम्स को लेने के लिए इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन पहुंची क्रू-10 की टीम
इमेज स्रोत, Getty Images
इमेज कैप्शन, अंतरिक्ष यात्री सुनीता विलियम्स 9 महीने से अंतरिक्ष में फंसी हैं
अंतरिक्ष में फंसे एस्ट्रोनॉट्स सुनीता विलियम्स और बैरी विल्मोर को धरती पर वापस लाने के लिए क्रू-10 टीम
इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन पर पहुंच चुकी है.
इस टीम में नासा के एनी मैकक्लेन और निकोल एयर्स,
जापान एयरोस्पेस एक्सप्लोरेशन एजेंसी के ताकुया ओनिशी और रॉस्कॉस्मॉस के अंतरिक्ष
यात्री किरिल पेस्कोव शामिल हैं.
यह टीम अंतरिक्ष यात्री सुनीता विलियम्स और बैरी विलमोर की जगह लेगी.
स्पेसक्राफ्ट क्रू ड्रैगन इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन से जुड़ चुका है.
इस बीच, अरबपति बिज़नेसमैन एलन मस्क ने एक्स पर लिखा, “स्पेसएक्स ड्रैगन कुछ ही दिनों में अंतरिक्ष यात्रियों को वापस ले आएगा.”
अंतरिक्ष यात्री सुनीता विलियम्स और
बैरी बुच विल्मोर क़रीब नौ महीने से
अंतरारष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (आईएसएस) में फंसे हैं.
दोनों ने 5 जून 2024 को इस परीक्षण मिशन के लिए स्टारलाइनर अंतरिक्षयान से उड़ान भरी थी.
उन्हें आठ दिन के बाद वापस लौटना था. स्टारलाइनर अंतरिक्षयान जब आईएसएस के
क़रीब पहुंचा तो उसमें समस्याएं पैदा हो गईं.
इसके पांच थ्रस्टर्स बंद हो गए, जो यान को दिशा देते हैं. इसमें हीलियम भी ख़त्म हो गया.
इससे
जलने वाले ईंधन पर यान को निर्भर होना पड़ा और दोनों अंतरिक्षयात्रियों की वापसी
अटक गई थी.
दक्षिण अमेरिका में तूफ़ान, कम से कम 34 लोगों की मौत, देखिए तस्वीरें, थॉमस मैकिनटोश/लिसा लैम्बर्ट, बीबीसी न्यूज़
इमेज कैप्शन, दक्षिण अमेरिका में तूफ़ान
दक्षिण अमेरिका में भयंकर तूफ़ान आया है. इसमें कम से कम 34 लोग मारे गए हैं. इनमें से 12 लोगों की मौत मिसौरी में हुई है. जबकि कैनसस में आठ लोग मारे गए हैं.
इस ख़तरनाक तूफ़ान ने दक्षिण-पूर्व के राज्यों में भारी नुक़सान किया. कई गाड़ियां पलट गई और कई घरों को नुक़सान पहुंचा है.
ट्रैकर पॉवरआउटेज के मुताबिक, शनिवार दोपहर को सात राज्यों में 2 लाख 50 हज़ार से ज़्यादा मकानों में बिजली नहीं थी.
इन राज्यों में मिशिगन, मिसौरी और इलिनोइस शामिल है. तस्वीरों में देखिए, तूफ़ान के कारण हुआ नुक़सान.
इमेज कैप्शन, घरों को हुआ नुक़सान
इमेज कैप्शन, गाड़ियों को हुआ नुक़सान
इमेज कैप्शन, पेड़ भी टूट गए
इमेज कैप्शन, मशीनों को भी नुक़सान पहुंचा
इमेज कैप्शन, बिजली के खंभे भी गिर गए
इमेज कैप्शन, दक्षिण अमेरिका में तूफ़ान से ख़ूब नुक़सान हुआ है.
विराट कोहली ने अपने क्रिकेट करियर को लेकर बयान दिया है, क्या इसमें कोई संदेश भी है?
इमेज स्रोत, Getty Images
इमेज कैप्शन, विराट कोहली ने कहा है कि हो सकता है कि अगले चार वर्षों में ऑस्ट्रेलिया का फ़िर से दौरा ना कर पाऊं.
भारतीय क्रिकेट टीम के बल्लेबाज़
विराट कोहली ने बेंगलुरू में हुए एक इवेंट के दौरान बातों ही बातों में टेस्ट क्रिकेट में उनके करियर को लेकर एक संकेत दिया है.
इस
इवेंट में हुई बातचीत के दौरान विराट कोहली ने कहा, “साल 2014 में हुआ इंग्लैंड दौरा, लंबे समय तक
मुझे सबसे ज़्यादा परेशान करता रहा. मगर, मैं उसे इस तरह से नहीं देख सकता.”
“हो
सकता है कि अगले चार वर्षों में मैं फ़िर ऑस्ट्रेलिया का दौरा ना कर पाऊं. मैं
नहीं जानता. आपके जीवन में जो कुछ भी होता है, आपको शांति से उसका सामना करना होता
है.”
“साल 2014 में मेरे पास मौक़ा था कि मैं साल 2018 के लिए आगे बढ़ूं, और मैंने ऐसा किया भी.
अगर ऐसा ना होता, तो शायद यह एक बड़ी ग़लती होती. लेकिन, वैसा नहीं हुआ.”
साल 2014 में 5 मैचों की टेस्ट सिरीज़ में भारत को 3-1 से हार का सामना करना पड़ा था.
मध्य प्रदेश: आदिवासी परिवार और पुलिस के बीच हिंसा, एएसआई की मौत, विष्णुकांत तिवारी, बीबीसी हिंदी के लिए
इमेज कैप्शन, मऊगंज के जिलाधिकारी अजय श्रीवास्तव ने बताया कि अब हालात सामान्य हैं.
मध्य प्रदेश के मऊगंज जिले के गड़रा गांव में शनिवार को आदिवासी
परिवार और पुलिस के बीच हुई हिंसा में एक सहायक उपनिरीक्षक की मौत हो गई, जबकि
तहसीलदार समेत 10 लोग घायल हो गए.
यह घटना दो महीने पहले हुए सड़क हादसे से जुड़े विवाद के बाद हुई, जिसमें
एक आदिवासी युवक की मृत्यु हो गई थी.
मऊगंज के जिलाधिकारी अजय श्रीवास्तव ने बताया, “मऊगंज
के शाहपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत गडरा गांव में हिंदू समुदाय के ही दो गुटों में
झड़प हो गई थी. इसमें एक पुलिस साथी और एक अन्य नागरिक की मृत्यु हुई है.”
“घटना के
बाद गांव में भारतीय न्याय संहिता की धारा 163 (पहले धारा 144 की नाम से जानी जाती
थी) लागू कर दी गई. हालात अब सामान्य हैं और हम सभी से शांति बनाए रखने की अपील
करते हैं.”
प्रशासन ने स्थिति को देखते हुए सीमावर्ती जिलों सीधी और रीवा से
अतिरिक्त पुलिस बल बुलाया है.
एक पुलिस अधिकारी के अनुसार, शनिवार 15 मार्च
की दोपहर को गड़रा गांव में आदिवासी परिवार ने सनी द्विवेदी नाम के युवक को बंधक
बनाकर उसकी पिटाई की.
सनी पर दो महीने पहले हुई अशोक कोल नामक आदिवासी
व्यक्ति की हत्या का आरोप था.
सनी की पिटाई और हत्या की बात पता चलते ही पुलिस टीम, जिसमें
शाहपुर थाने के प्रभारी संदीप भारती और अन्य अधिकारी शामिल थे, सनी
को बचाने पहुंची. लेकिन पुलिस पर गांववालों ने पथराव कर दिया.
स्थिति इतनी बिगड़
गई कि पुलिसकर्मियों को बंधक बनाकर पीटा गया.
हमले में एसएएफ के सहायक उपनिरीक्षक रामगोविंद गौतम की मौत हो गई.
थाना प्रभारी संदीप भारती के सिर में गंभीर चोटें आईं. हनुमना तहसीलदार कुमारे लाल
पनका को हाथ-पैर में फ्रैक्चर हुआ.
पुलिस का दावा है कि उपविभागीय पुलिस अधिकारी (एसडीओपी) अंकिता
शूल्या और सहायक (एसआई) आरती वर्मा ने खुद को एक कमरे में बंद कर जान बचाई.
इमेज कैप्शन, मऊगंज में हुई हिंसा में घायल पुलिसकर्मी से बात करते हुए रीवा के प्रभारी आईजी साकेत प्रकाश पांडे.
दो महीने पहले का जमीन विवाद बना हिंसा की वजह
इस घटना की जड़ें दो महीने पहले के एक सड़क हादसे से जुड़ी हैं.
मऊगंज में पदस्थ एक पुलिस अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया, “अशोक गांव के ही एक अन्य परिवार के खेत में अधिया व्यवस्था के तहत खेती करते थे. उन्होंने कुछ महीने पहले ही गड़रा गांव में एक जमीन खरीदी थी.”
“इसी जमीन को लेकर अशोक और गांव के ही सनी द्विवेदी और उनके परिवार के बीच विवाद चल रहा था”.
अधिकारी ने बताया, “दो महीने पहले अशोक अपनी खरीदी हुई ज़मीन की रजिस्ट्री करवाकर लौट रहे थे, जब एक बाइक दुर्घटना में उनकी मृत्यु हो गई. हालांकि उनके परिजन सनी द्विवेदी पर उनकी हत्या का आरोप लगाते रहे. कल हुई हिंसक झड़प का आधार दो महीने पहले हुए विवाद के समय से ही बना हुआ था.”
8 महीने बाद रिटायर होने वाले थे मृतक एएसआई रामगोविंद गौतम
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि, मृतक एएसआई रामगोविंद गौतम मध्यप्रदेश पुलिस के भोपाल स्थिति 25वीं बटालियन के सदस्य थे.
मऊगंज से 120 किलोमीटर दूर सतना जिले के कोठी थाना इलाके के पवैया गांव के निवासी थे और लगभग 8 महीने बाद ही सेवानिवृत्त होने वाले थे.
एक अन्य पुलिस अधिकारी ने कहा, “इस मामले की उच्चस्तरीय जांच होगी और दोषियों के ख़िलाफ़ सख्त कारवाई हो यह सुनिश्चित किया जाएगा”.