नाइजीरिया: अपहर्ताओं ने फिरौती मिलने के बाद भी 38 बंधकों की हत्या की
एक स्थानीय अधिकारी ने बीबीसी को बताया कि नाइजीरिया में अपहर्ताओं ने कम से कम 38 लोगों को अगवा कर उनकी हत्या कर दी है, जबकि उनकी रिहाई के लिए फिरौती की रकम दी जा चुकी थी.
सारांश
एक स्थानीय अधिकारी ने बीबीसी को बताया कि नाइजीरिया में अपहरणकर्ताओं ने कम से कम 38 लोगों को अगवा कर उनकी हत्या कर दी है, जबकि उनकी रिहाई के लिए फिरौती की रकम दी जा चुकी थी.
नाइजीरिया: अपहर्ताओं ने फिरौती मिलने के बाद भी 38 बंधकों की हत्या की
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एक स्थानीय अधिकारी ने बीबीसी को बताया कि नाइजीरिया में अपहर्ताओं ने कम से कम 38 लोगों को अगवा कर उनकी हत्या कर दी है, जबकि उनकी रिहाई के लिए फिरौती की रकम दी जा चुकी थी.
घटनाक्रम के अनुसार, मार्च में उत्तरी ज़म्फारा राज्य में बंगा गांव से 56 लोगों को अगवा कर लिया गया था.
नाइजीरियाई मीडिया की रिपोर्ट के अनुसार, बंदूकधारियों ने अपहरण के बाद प्रति व्यक्ति दस लाख नाइरा (655 डॉलर) की फिरौती मांगी.
स्थानीय सरकार के चेयरमैन मन्निरू हैदरा कौरा ने कहा कि मारे गए लोगों में से अधिकांश युवा थे, जिन्हें 'भेड़ों की तरह काटा गया.'
हैदरा ने कहा, "अपहर्ताओं ने फिरौती की रकम मांगी और कुछ देर की बातचीत के बाद उन्हें वह रकम दे दी गई. इसके बाद उन्होंने शनिवार को 17 महिलाओं और एक युवा लड़के सहित 18 लोगों को रिहा कर दिया."
शनिवार को रिहा किए गए लोगों में से 16 अस्पताल में उपचार करा रहे हैं, जबकि मारे गए 38 लोगों के शव वापस मिलने की संभावना नहीं है.
आतंकवाद के ख़िलाफ़ भारत ने निर्धारित किए ये पांच बिंदु, लोकसभा में बोले जयशंकर
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इमेज कैप्शन, विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर
लोकसभा में "ऑपरेशन सिंदूर" पर विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर ने सरकार का पक्ष रखा.
उन्होंने भारत और पाकिस्तान के बीच सैन्य संघर्ष को ख़त्म करने में किसी तीसरे पक्ष की मध्यस्थता के दावों को पूरी तरह से ख़ारिज़ कर दिया.
विदेश मंत्री ने कहा कि 22 अप्रैल से 17 जून के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच कोई बातचीत नहीं हुई.
उन्होंने यह भी बताया कि 9 मई को अमेरिकी उप राष्ट्रपति जेडी वेंस ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को फोन कर ये जानकारी दी कि अगले कुछ घंटों में पाकिस्तानी बड़ा हमला कर सकता है.
उन्होंने बताया, "प्रधानमंत्री ने अपने जवाब में यह स्पष्ट कर दिया कि यदि ऐसा कोई हमला होता है, तो हमारी ओर से इसका उचित जवाब दिया जाएगा."
उन्होंने कहा, "सीमा पार आतंकवाद की चुनौती जारी है, लेकिन ऑपरेशन सिंदूर ने भारत का एक चेहरा पेश किया है."
आतंक और बातचीत एक साथ संभव नहीं हैं. केवल आतंकवाद पर बातचीत होगी.
परमाणु ब्लैकमेल के आगे न झुकना.
आतंक और अच्छे पड़ोसी एक साथ नहीं रह सकते, खून और पानी एक साथ नहीं बह सकते.
उन्होंने कहा कि आतंकवाद को लेकर भारत की स्थिति पूरी तरह से साफ है.
उन्होंने आगे कहा, "25 अप्रैल से लेकर 'ऑपरेशन सिंदूर' शुरू होने तक, कई फोन कॉल और बातचीत हुईं. मेरे स्तर पर 27 कॉल आई, प्रधानमंत्री मोदी के स्तर पर लगभग 20 कॉल आई."
विदेश मंत्री ने सदन को बताया, "करीब 35-40 समर्थन पत्र आए और हमने 'ऑपरेशन सिंदूर' के लिए एक नैरेटिव बनाने और कूटनीति तैयार करने की कोशिश की."
उन्होंने सदन को जानकारी दी, " संयुक्त राष्ट्र में 193 देश हैं; पाकिस्तान के अलावा केवल 3 देशों ने 'ऑपरेशन सिंदूर' का विरोध किया."
इमरान मसूद ने 'ऑपरेशन महादेव' पर उठाया सवाल, पूछा- एक घंटे में कहां से पकड़ लिए?
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'ऑपरेशन महादेव' पर कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने एएनआई से कहा, "एक सवाल है कि एक घंटे के अंदर आतंकवादी (पहलगाम हमले में शामिल) कहां से पकड़ लिए? पिछले 100 दिन से तो पकड़े नहीं जा रहे थे."
उन्होंने सवाल उठाया, "कौन थे ये आतंकवादी? कौन थे ये साजिशकर्ता? सुबह सवाल खड़ा हुआ तो आपने दोपहर को मार दिए."
उन्होंने कहा, "अरे वाह! कितना बड़ा तेज़ काम चल रहा है. इतनी तेज़ी दिखाई होती तो पीओके पर कब्ज़ा हो गया होता. पीओके हमारा होता. जिस समय पीओके पर कब्ज़ा करना था. उस समय तो सरेंडर हो गया."
सोमवार को सेना ने अपने एक बयान में बताया था, “ऑपरेशन महादेव में (श्रीनगर के बाहरी इलाके में) तीन आतंकवादियों को मुठभेड़ के दौरान मारा गया है और अभियान अभी जारी है."
कांग्रेस सांसद ने कहा, "चीन पाकिस्तान का समर्थन कर रहा है और आप चीन के साथ गलबहियां कर रहे हो. पाकिस्तान आतंक का पोषण कर रहा है और आप उनके साथ क्रिकेट खेल रहे हो."
उन्होंने कहा, "हमारी बहनों के सिंदूर उजड़ गए और आपको अपना क्रिकेट दिखाई देता है. हमारी बहनों के सिंदूर नहीं नज़र आते आपको."
उन्होंने कहा कि सरकार के पास किसी बात का जवाब नहीं है.
बिहार में एसआईआर के मुद्दे को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने ये कहा, उमंग पोद्दार, बीबीसी संवाददाता
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बिहार में विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के बाद मतदाता सूची के प्रकाशन को लेकर सुप्रीम कोर्ट मंगलवार को सुबह 10:30 बजे सुनवाई की तारीख तय करेगा.
सोमवार को हुई सुनवाई में जस्टिस सूर्य कांत और जस्टिस जोयमाल्या बागची ने मतदाता सत्यापन के लिए आधार कार्ड, राशन कार्ड और ईपीआईसी कार्ड को शामिल करने पर मौखिक रूप से चर्चा की.
चुनाव आयोग की तरफ़ से पेश हुए वकील राकेश द्विवेदी ने कहा कि राशन कार्ड में बड़े पैमाने पर दिक्कतें हैं.
ईपीआईसी कार्ड को लेकर उन्होंने कहा कि प्री-फिल्ड गणना फॉर्म में ईपीआईसी नंबर होता है, लेकिन यह व्यापक संशोधन है, ऐसे में मतदाताओं को अन्य दस्तावेज भी देने होंगे.
उन्होंने यह भी कहा कि आधार लिया जा रहा है, लेकिन आधार अधिनियम के अनुसार आधार नागरिकता का प्रमाण नहीं है.
जस्टिस बागची ने उनसे पूछा, "आपके अनुसार, एसआईआर की अधिसूचना में कोई भी दस्तावेज निर्णायक नहीं है, ऐसे में अगर कोई आधार देता है, तो आप इसे पहचान के प्रमाण के रूप में क्यों नहीं लेते?"
जस्टिस सूर्य कांत ने चुनाव आयोग के वकील से मौखिक रूप से कहा, "आप इन दो दस्तावेजों (आधार और ईपीआईसी) को शामिल करें, हो सकता है कि एक हज़ार ईपीआईसी कार्ड में एक जाली मिले. आपको जहां भी जालसाज़ी मिलेगी, इसे आपको केस-टू-केस देखना होगा."
हालांकि इसका लिखित आदेश जारी नहीं किया गया.
जस्टिस सूर्य कांत ने कहा कि चुनाव आयोग को बड़े पैमाने पर दस्तावेज़ों को ख़ारिज़ करने के बजाय समावेश की दिशा में जाना चाहिए.
सुनवाई के दौरान, जब एडीआर के वकील ने कोर्ट से अनुरोध किया कि मतदाता सूची को अंतिम रूप न देने का निर्देश दिया जाए, तो कोर्ट ने कहा कि अगर प्रक्रिया गलत होगी, तो कोर्ट के पास प्रक्रिया को रद्द करने की शक्ति है.
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यूक्रेन के साथ समझौते के लिए रूस के पास 10 से 12 दिन: ट्रंप
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अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि रूस को यूक्रेन से समझौता करने की नई समय सीमा अब से '10-12 दिन' की है.
उन्होंने बताया कि यूक्रेन से समझौता करने के लिए रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन को दी गई 50 दिनों की समयसीमा को कम कर दिया गया है.
इसे लेकर जब उनसे पूछा गया कि नई समय सीमा क्या है? तो उन्होंने कहा कि अब आज से यह "10 या 12" दिन बाद है.
उन्होंने बताया कि दो सप्ताह पहले उन्होंने राष्ट्रपति पुतिन से कहा था कि उनके पास समझौते पर पहुंचने के लिए 50 दिन का समय है.
ग़ज़ा में सहायता सामग्री चुरा रहा है हमास: डोनाल्ड ट्रंप
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अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने स्कॉटलैंड में पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा कि ग़ज़ा में सहायता पहुंचाने के लिए अमेरिका "बहुत सारा धन दे रहा है." और हमास ने उसमें से बहुत कुछ चुरा लिया है.
हालांकि हमास ने अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की इस बात से पूरी तरह से इनकार किया है.
ग़ज़ा में भुखमरी के सवाल पर अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा, "ग़ज़ा में विशेष रूप से कोई भुखमरी नहीं है."
उन्होंने कहा, उन्होंने टीवी पर देखा है और "वे बच्चे बहुत भूखे दिखते हैं."
ग़ज़ा में पिछले 24 घंटों में कुपोषण से दो बच्चों सहित 14 की मौत
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इमेज कैप्शन, मानवीय सहायता एजेंसियों का कहना है कि ग़ज़ा में हर पांचवां व्यक्ति भूख के संकट से जूझ रहा है.
ग़ज़ा में हमास के स्वास्थ्य मंत्रालय ने कुपोषण के कारण मरने वाले लोगों की संख्या के बारे में एक बयान जारी किया है.
बयान में बताया गया है कि पिछले 24 घंटों में कुपोषण के कारण 14 और मौतें दर्ज की गई हैं. इसमें दो बच्चे शामिल हैं.
इसके साथ ही, भोजन की कमी के कारण मरने वालों की कुल संख्या अब 147 हो गई है. इसमें से 88 बच्चे हैं.
संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने पिछले दिनों कहा था कि ग़ज़ा की 21 लाख आबादी बुनियादी ज़रूरतों की गंभीर कमी का सामना कर रही है, कुपोषण 'बढ़ रहा है' और ग़ज़ा में 'भुखमरी हर दरवाजे पर दस्तक दे रही है.'
थाईलैंड और कंबोडिया के बीच युद्ध विराम की घोषणा
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इमेज कैप्शन, थाईलैंड और कंबोडिया के युद्धविराम में मलेशिया के प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम ने मध्यस्थता की
मलेशिया के प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम ने कहा कि कंबोडिया और थाईलैंड युद्ध विराम लागू करने पर सहमत हो गए हैं.
उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री हुन मानेत और थाईलैंड के कार्यवाहक प्रधानमंत्री फुमथाम वेचायाचाई ने "तत्काल युद्ध विराम के प्रति अपनी इच्छा व्यक्त की है."
उन्होंने कहा, थाईलैंड और कंबोडिया के बीच स्थानीय समयानुसार सोमवार मध्य रात्रि से "तत्काल और बिना शर्त युद्ध विराम" लागू होगा.
अनवर इब्राहिम ने कहा, "यह तनाव कम करने तथा शांति और सुरक्षा की बहाली की दिशा में पहला महत्वपूर्ण कदम है."
थाईलैंड और कंबोडिया के बीच तीन बातों पर सहमति बनी है. इसमें मलेशियाई समयानुसार मध्य रात्रि से "बिना शर्त युद्ध विराम" होगी.
इसके साथ ही दोनों देशों के सैन्य कमांडर मंगलवार को सुबह 7 बजे एक "अनौपचारिक बैठक" करेंगे और इसके बाद 4 अगस्त को आसियान के अध्यक्ष की अगुवाई में रक्षा अताशे की बैठक होगी.
जम्मू-कश्मीर: सेना ने तीन चरमपंथियों को मुठभेड़ में मारने का दावा किया, माजिद जहांगीर, बीबीसी संवाददाता श्रीनगर से
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इमेज कैप्शन, चिनार कॉर्प्स ने कहा है कि सैन्य बलों की श्रीनगर के बाहरी इलाके में चरमपंथियों से मुठभेड़ हुई है. (सांकेतिक तस्वीर)
भारतीय सेना ने जम्मू-कश्मीर में श्रीनगर के बाहरी इलाके में सोमवार को एक मुठभेड़ में तीन चरमपंथियों को मारने का दावा किया है.
सेना ने अपने एक बयान में बताया है, “ऑपरेशन महादेव में तीन आतंकवादियों को मुठभेड़ के दौरान मारा गया है और अभियान अभी जारी है."
भारतीय सेना का यह सैन्य अभियान श्रीनगर के एक बाहरी इलाके दाचीगाम के जंगलों में चलाया जा रहा है.
मुठभेड़ में मारे गए चरमपंथी किस संगठन से जुड़े हुए थे और कहां के रहने वाले हैं इसकी जानकारी भारतीय सेना ने अभी आधिकारिक रूप से साझा नहीं की है.
सूत्रों ने बीबीसी को बताया कि मारे गए चरमपंथियों के पास से भारतीय सेना ने हथियार और गोला- बारूद बरामद किया है.
पहलगाम हमले के बाद कश्मीर घाटी की यह तीसरी बड़ी मुठभेड़ है.
इससे पहले मई 2025 में अवंतीपोरा और शोपियां में दो अलग-अलग मुठभेड़ों में छह चरमपंथी मारे गए थे.
अप्रैल 2025 में पहलगाम में एक चरमपंथी हमले में 26 आम लोगों की मौत हो गई थी. इस हमले में 25 पर्यटक और एक स्थानीय व्यक्ति की मौत हुई थी.
पीओके अब नहीं तो कब लेंगे- गौरव गोगोई ने सरकार से पूछा
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इमेज कैप्शन, गौरव गोगाई ने संसद में कहा कि हम सरकार के दुश्मन नहीं हैं.
पहलगाम हमले के बाद की गई सैन्य कार्रवाई पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के भाषण के बाद कांग्रेस सांसद गौरव गोगाई ने लोकसभा में अपनी बात रखी.
उन्होंने मोदी सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा, "हम सरकार के दुश्मन नहीं हैं, हम आतंकवाद के ख़िलाफ़ लड़ाई में आज भी सरकार के साथ हैं, लेकिन सच्चाई सामने आनी चाहिए. हमें उम्मीद थी कि गृह मंत्री नैतिक जिम्मेदारी लेंगे और प्रधानमंत्री बताएंगे (घटनाक्रम की जानकारी देंगे)."
गौरव गोगाई ने सवाल किया, "हम सब एकजुट हुए और पूरा समर्थन पीएम मोदी को दिया. पूरा देश पीएम मोदी जी के साथ था लेकिन 10 मई को सूचना आती है कि सीजफ़ायर हो गया. क्यों हुआ? पहले 21 टार्गेट चुने गए थे और फिर नौ क्यों हुए?"
उन्होंने कहा, "पाकिस्तान वास्तव में अगर घुटने टेकने के लिए तैयार था, तो आप क्यों रुके, आप क्यों झुके. किसके सामने आपने सरेंडर किया?"
उन्होंने कहा, "अमेरिका के राष्ट्रपति 26 बार कह चुके हैं कि हमने जंग रुकवाई. राष्ट्रपति ट्रंप यह कह चुके हैं कि पांच-छह जेट गिरे हैं. आप बताइए कि कितने जेट गिरे?"
गौरव गोगोई ने कहा कि राजनाथ सिंह ने कहा कि हमारा मकसद युद्ध नहीं था. "मैं पूछना चाहता हूं, क्यों नहीं था? होना चाहिए. हमारा मकसद जमीन लेना नहीं था. क्यों नहीं था. पीओके आज नहीं लेंगे तो कब लेंगे?"
उन्होंने कहा, "सीडीएस को ऐसा क्यों कहना पड़ा कि हमारे लड़ाकू जहाज रेंज में नहीं जा सकते, दूर से आक्रमण करना पड़ा. क्या पास से नहीं कर सकते, ये जानकारी हमें दें."
उन्होंने कहा, "हम ये जानना चाहते हैं कि लेफ्टिनेंट जनरल राहुल आर सिंह ने सिक्किम में जाकर कहा कि पाकिस्तान तो सिर्फ फ्रंट पर था, उसके पीछे चीन पूरी तरह से समर्थन कर रहा था. हम यही जानना चाहते हैं राजनाथ सिंह और पीएम मोदी जी से कि पाकिस्तान को चीन से कितना समर्थन मिल रहा है."
राजनाथ बोले- पाकिस्तान के साथ शांति स्थापित करने के लिए हमने दूसरा रास्ता अपनाया है
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इमेज कैप्शन, लोकसभा में राजनाथ सिंह ने कहा पाकिस्तान को गलतफ़हमी थी, उसे हमने दूर कर दिया है.
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने पहलगाम हमले और "ऑपरेशन सिंदूर" को लेकर सोमवार को लोकसभा में चर्चा शुरू की.
उन्होंने कहा, "पाकिस्तान के साथ कोई संघर्ष नहीं है. यह सभ्यता बनाम बर्बरता का संघर्ष है. अगर कोई हमारी संप्रभुता को नुकसान पहुंचाएगा तो उसे करारा जवाब दिया जाएगा."
उन्होंने कहा, "हमारी मूल प्रकृति बुद्ध की है, युद्ध की नहीं. हम आज भी कहते हैं कि समृद्ध पाकिस्तान हमारे हित में है."
उन्होंने कहा, "नरेंद्र मोदी सरकार का रुख स्पष्ट है- बातचीत और आतंकवाद साथ-साथ नहीं चल सकते."
उन्होंने कहा, "पीएम मोदी ने भी कहा है कि ऑपरेशन सिंदूर रुका है, समाप्त नहीं हुआ है. पाकिस्तान अगर फिर कोई हरकत करता है, तो हम और भी कठोर कार्रवाई करेंगे."
उन्होंने कहा, "पाकिस्तान के मन में गलतफ़हमी थी, उसे हमने ऑपरेशन सिंदूर से दूर कर दिया. अगर कुछ बचा होगा तो उसे भी दूर कर देंगे."
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा, "हमारी सरकार ने भी पाकिस्तान के साथ शांति स्थापित करने के लिए कई प्रयास किए हैं. लेकिन बाद में, 2016 की सर्जिकल स्ट्राइक, 2019 की बालाकोट एयर स्ट्राइक और 2025 के ऑपरेशन सिंदूर के माध्यम से, हमने शांति स्थापित करने के लिए दूसरा रास्ता अपनाया है."
राजनाथ सिंह ने कहा, "हमारी नीति भगवान राम और भगवान कृष्ण से प्रेरित है, जो हमें शौर्य और धैर्य, दोनों सिखाती है. हमारी नीति स्पष्ट है."
राजनाथ सिंह ने वीएस नायपाल को कोट करते हुए कहा, "उन्होंने सही ही लिखा था कि पाकिस्तान में होना एक कॉन्ट्रेस्टिंग रियलिटी है."
"पाकिस्तान प्रायोजित आतंकवाद पागलपन नहीं, सोची समझी साजिश का हिस्सा है. यह एक टूलकिट है, जिसे पाकिस्तान और उसकी एजेंसियों ने एक नीति के तहत अपनाया हुआ है."
'ग़ज़ा में इसराइल की कार्रवाई एक हफ़्ते तक रुकी रह सकती है'-संयुक्त राष्ट्र के अधिकारी बोले
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इमेज कैप्शन, टॉम फ़्लेचर ने ग़ज़ा में खाद्यान्न वितरण पर जानकारी दी
ग़ज़ा के कुछ हिस्सों में इसराइल ने दूसरी बार सैन्य कार्रवाई रोकी है. संयुक्त राष्ट्र के सहायता प्रमुख ने बीबीसी से बातचीत में ज़मीनी स्तर पर सहायता सामग्री पहुंचाने में आ रही चुनौतियों के बारे में बताया है.
संयुक्त राष्ट्र सहायता प्रमुख टॉम फ़्लेचर ने कहा है कि इसराइल की सैन्य कार्रवाई पर 'लगभग एक हफ़्ते' तक रोक रह सकती है.
टॉम फ़्लेचर से सवाल किया गया कि इसराइल का दावा है ग़ज़ा में सहायता सामग्री का इंतज़ार किया जा रहा है, लेकिन संयुक्त राष्ट्र की एजेंसियां इसे वितरित नहीं कर रही हैं.
इस पर टॉम फ़्लेचर ने कहा कि सयुक्त राष्ट्र का ध्यान ग़ज़ा में सहायता सामग्री पहुंचाने पर है, लेकिन ड्राइवरों को "नौकरशाही" और सुरक्षा संबंधी "बाधाओं" का सामना करना पड़ रहा है.
उन्होंने कहा कि रविवार को ग़ज़ा के लोगों को 'काफ़ी खाना' मिला, लेकिन 'काफ़ी कुछ लूट लिया गया'.
उन्होंने कहा कि वे (संयुक्त राष्ट्र की एजेंसियां) अगले कुछ हफ़्तों में ग़ज़ा में सभी तक पहुंच सकते हैं, लेकिन उन्हें काम करने के लिए सीमा पार करने के रास्ते खुले रखने, परमिट और सुरक्षा की ज़रूरत है.
यह पूछे जाने पर कि आगे सहायता पहुंचाने के लिए कितनी देर तक सैन्य कार्रवाई रुकी रहेगी, फ़्लेचर ने कहा कि उन्होंने 'ज़मीनी स्तर पर मौजूद टीम' से सुना है कि यह रोक 'लगभग एक हफ़्ते' तक रहेगी.
फ़्लेचर ने कहा कि भुखमरी को रोकने के लिए हफ़्तों या महीनों का समय लगेगा और अंततः युद्ध विराम की ज़रूरत होगी.
नमस्कार!
अभी तक बीबीसी संवाददाता सुमंत सिंह आप तक ख़बरें पहुंचा रहे थे. अब से रात 10 बजे तक बीबीसी संवाददाता आनंद मणि त्रिपाठी आप तक अहम ख़बरें पहुंचाएंगे.
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इमेज कैप्शन, स्पीकर ओम बिरला ने कहा कि अगर सदन चलेगा तो 'ऑपरेशन सिंदूर' की चर्चा होगी
लोकसभा में एसआईआर पर चर्चा की मांग को लेकर हंगामे के बाद कार्यवाही दोपहर दो बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई है.
दोपहर एक बजे जब लोकसभा की कार्यवाही शुरू हुई तो विपक्ष ने एसआईआर पर चर्चा की मांग की.
इस पर स्पीकर ओम बिरला ने कहा, "मैंने पहले भी आग्रह किया था, मैं फिर से निवेदन करना चाहता हूं. सभी दलों के नेताओं से मेरी बात हुई थी और सभी ने कहा था कि ऑपरेशन सिंदूर पर चर्चा होनी चाहिए. मैंने और सरकार ने इसकी अनुमति दी थी. मैं फिर से आग्रह कर रहा हूं कि ऑपरेशन सिंदूर पर चर्चा होने दें."
स्पीकर ओम बिरला के यह कहते ही विपक्ष में मौजूद सांसदों ने कहा कि एसआईआर पर चर्चा होनी चाहिए.
इस पर ओम बिरला ने कहा, "सदन में बताने से चर्चा नहीं होगी. आप सर्वदलीय बैठक में इस बात की चर्चा करते कि पहले एसआईआर पर चर्चा होनी चाहिए."
बिरला ने कहा, "अगर सदन चलेगा तो ऑपरेशन सिंदूर पर चलेगा."
इसके बाद उन्होंने लोकसभा की कार्यवाही दोपहर दो बजे तक के लिए स्थगित कर दी.
इससे पहले भी आज दो बार लोकसभा की कार्यवाही स्थगित की जा चुकी है. सुबह 11 बजे कार्यवाही शुरू होने के बाद हंगामा होने पर दोपहर 12 बजे तक के लिए कार्यवाही स्थगित की गई थी.
कार्यवाही दोबारा शुरू होने पर लोकसभा में फिर हंगामा हुआ, जिसके बाद दोपहर एक बजे तक के लिए कार्यवाही स्थगित की गई थी.
आज रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह 'ऑपरेशन सिंदूर' पर लोकसभा को संबोधित करेंगे.
दिल्ली में कुत्तों के काटने के मामलों पर सुप्रीम कोर्ट ने स्वतः संज्ञान लिया
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इमेज कैप्शन, सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि दिल्ली में हर रोज़ कुत्तों के काटने की सैकड़ों ख़बरें आती हैं
सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली में बच्चों पर हो रहे कुत्तों के हमलों के मामले में स्वतः संज्ञान लिया है और कहा है कि दिल्ली में 'हर रोज़ कुत्तों के काटने की सैकड़ों खबरें आती हैं'.
लाइव लॉ के मुताबिक़, सुप्रीम कोर्ट ने अंग्रेज़ी अख़बार 'टाइम्स ऑफ इंडिया' के दिल्ली एडिशन में "शहर आवारा कुत्तों से परेशान और बच्चे चुका रहे क़ीमत" शीर्षक से प्रकाशित रिपोर्ट को संज्ञान में लिया है.
जस्टिस जेबी पारदीवाल और जस्टिस आर महादेवन की बेंच ने एक आदेश जारी किया.
इस आदेश में कहा गया, "सप्ताह शुरू हो गया है और सबसे पहले हमें टाइम्स ऑफ इंडिया के दिल्ली एडिशन में आज प्रकाशित हुई एक बहुत ही परेशान करने वाली और चिंताजनक ख़बर पर स्वतः संज्ञान लेना चाहिए, जिसका शीर्षक है 'शहर आवारा कुत्तों से परेशान और बच्चे चुका रहे हैं कीमत'."
कोर्ट ने कहा, "इस ख़बर में कुछ चिंताजनक और विचलित करने वाले आंकड़े और तथ्य हैं. हर रोज़ शहरों और बाहरी इलाक़ों में कुत्तों के काटने की सैकड़ों खबरें आती हैं, जिससे रेबीज़ होता है और शिशु, छोटे बच्चे और बुजुर्ग इस भयानक बीमारी का शिकार हो रहे हैं."
सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि वह इस मामले का स्वतः संज्ञान ले रहा है.
'आतंकवादी कहां से आए, कोई सबूत नहीं है', पहलगाम हमले पर चिदंबरम के बयान पर छिड़ा विवाद
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इमेज कैप्शन, पी चिदंबरम ने एक इंटरव्यू में पहलगाम हमले को लेकर बयान दिया है (फ़ाइल फ़ोटो)
कांग्रेस नेता पी चिदंबरम के पहलगाम हमले को लेकर दिए बयान पर विवाद छिड़ गया है. बीजेपी ने उनके इस बयान पर निशाना साधा है.
पी चिदंबरम ने 'द क्विंट' को दिए इंटरव्यू में कहा है कि पहलगाम में हमला करने वाले 'आतंकवादी कहां से आए, इसका कोई सबूत नहीं है.'
इंटरव्यू के दौरान चिदंबरम से सवाल किया गया कि 'आपके हिसाब से सरकार क्या छिपाने की कोशिश कर रही है?'
इस पर चिदंबरम कहते हैं, "यह एक अनुमान है, लेकिन मेरे हिसाब से वह यह छिपाने की कोशिश कर रहे हैं और सीडीएस ने भी इशारा किया है कि 'हमने सामरिक ग़लतियां कीं. हमने इस पर फिर से रणनीति बनाई.' तो कौन सी सामरिक ग़लतियां हमने कीं? और हमने फिर कौन सी रणनीति अपनाई? इन सवालों पर या तो वह जवाब देने में सक्षम नहीं हैं या तो वह जवाब देना नहीं चाहते हैं."
"दूसरा यह कि ये लोग एनआईए की रिपोर्ट को ज़ाहिर नहीं करना चाहते कि एजेंसी ने इस दौरान क्या जांच की. क्या एजेंसी आतंकवादियों की पहचान कर पाई कि वह कहां से आए? मेरा मतलब है कि हम सब यह जानते हैं कि वह हमारे घर में तैयार हुए आतंकवादी भी हो सकते हैं. आप यह क्यों मानते हैं कि वे पाकिस्तान से आए हैं? इसका कोई सबूत नहीं है. ये लोग नुक़सान को भी छिपा रहे हैं."
चिदंबरम ने कहा, "मैंने एक कॉलम में भी कहा है कि युद्ध में दोनों तरफ़ नुक़सान होता है. मैं समझता हूं कि भारत को नुक़सान हुआ होगा. इसे खुलकर बताइए."
चिदंबरम के बयान पर बीजेपी नेता और सांसद अनुराग ठाकुर ने कहा कि 'जब-जब पाकिस्तान और आतंकवाद की बात आती है तो पाकिस्तान भी अपनी उतनी पैरवी नहीं करता जितनी राहुल ऑक्युपाइड कांग्रेस करती है.'
वहीं, शिवसेना (उद्धव गुट) की सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने कहा, "जो भी आतंकवादी गतिविधियां हैं देशवासियों को कोई प्रमाण की ज़रूरत नहीं है. हमने भुगता है. और हम जानते हैं कि पाकिस्तान की नापाक हरकतें हैं जो चाहती हैं ना खुद प्रगति कर पाए हैं और दूसरे देश को भी नहीं करने देंगे."
वहीं, कांग्रेस सांसद प्रमोद तिवारी ने चिदंबरम के सवाल को दोहराते हुए उनका बचाव किया.
प्रमोद तिवारी ने कहा, "हम ये जानना चाहते हैं कि आतंकवादी कहां हैं, जिन्होंने 26 बहनों का सिंदूर उजाड़ा? सरकार अभी तक अक्षम है, असफल है."
उन्होंने कहा, "सरकार बताए ये आतंकवादी कौन हैं, कहां से आए? ये अब तक ज़िंदा कैसे हैं? इसका जवाब देना पडे़गा."
विपक्ष के हंगामे के बाद संसद दोपहर 12 बजे तक स्थगित, 'ऑपरेशन सिंदूर' पर आज होनी है चर्चा
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इमेज कैप्शन, स्पीकर ओम बिरला ने लोकसभा के सभी सदस्यों से शांति बनाए रखने की अपील की
'ऑपरेशन सिंदूर' को लेकर लोकसभा-राज्यसभा में हंगामे के बाद कार्यवाही को दोपहर 12 बजे तक के लिए स्थगित कर दिया गया है. दोपहर 12 बजे रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह 'ऑपरेशन सिंदूर' पर लोकसभा को संबोधित करेंगे.
सोमवार सुबह 11 बजे लोकसभा में प्रश्न काल शुरू हुआ. इस दौरान पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत सवालों का जवाब दे रहे थे. इसी दौरान लोकसभा में हंगामा हुआ.
स्पीकर ओम बिरला ने सभी सदस्यों से शांति बनाए रखने की अपील की.
उन्होंने कुछ सांसदों का नाम लेकर कहा कि "आप सब ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर पर चर्चा होनी चाहिए, फिर आप सदन बाधित कर रहे हैं. आप सदन क्यों नहीं चलने दे रहे? प्रश्नकाल सबसे महत्वपूर्ण समय है."
इसके बाद ओम बिरला ने लोकसभा की कार्यवाही दोपहर 12 बजे तक के लिए स्थगित कर दी.
बराक ओबामा बोले- 'ग़ज़ा में लोगों तक खाना नहीं पहुंचने देने का कोई तर्क नहीं है'
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इमेज कैप्शन, विश्व स्वास्थ्य संगठन ने चेतावनी जारी की है कि ग़ज़ा में कुपोषण 'ख़तरनाक स्तर' पर पहुंच गया है
अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा ने कहा है कि ग़ज़ा में लोगों तक सहायता पहुंचने की अनुमति दी जानी चाहिए, लोगों से खाना और पानी दूर रखने का कोई तर्क नहीं है.
ओबामा ने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म एक्स पर अमेरिकी अख़बार न्यूयॉर्क टाइम्स की दो रिपोर्ट्स साझा कीं. इन रिपोर्ट्स में ग़ज़ा में भुखमरी, कुपोषण और अकाल को लेकर बात की गई है और कहा गया है कि दुनिया ग़ज़ा की यह स्थिति देखकर चुप नहीं रह सकती.
पूर्व राष्ट्रपति ने कहा, "ग़ज़ा संकट के स्थायी समाधान के लिए इसराइली बंधकों की रिहाई और इसराइली सैन्य अभियान को ख़त्म करना ज़रूरी है. ऐसे आर्टिकल्स निर्दोष लोगों की भुखमरी से होने वाली मौतों की त्रासदी को रोकने के लिए तत्काल कार्रवाई की ज़रूरत पर ज़ोर देते हैं."
ओबामा ने कहा, "ग़ज़ा में लोगों तक सहायता पहुंचने की अनुमति दी जानी चाहिए. लोगों से खाना और पानी दूर रखने का कोई तर्क नहीं है."
ग़ज़ा में खाने की कमी की वजह से अकाल की स्थिति बन गई है. विश्व स्वास्थ्य संगठन ने चेतावनी जारी की है कि ग़ज़ा में कुपोषण 'ख़तरनाक स्तर' पर पहुंच गया है और यह तेज़ी से बढ़ रहा है.
रविवार को जॉर्डन और यूएई ने हवाई मार्ग से सहायता सामग्री गिराई है.
वहीं, इसराइल ने कहा है कि वह ग़ज़ा के कुछ हिस्सों में हर रोज़ 10 घंटे के लिए सैन्य अभियान रोकेगा और संयुक्त राष्ट्र (यूएन) की ओर से सहायता सामग्री भेजे जाने के लिए कॉरिडोर खोलेगा.