You’re viewing a text-only version of this website that uses less data. View the main version of the website including all images and videos.

Take me to the main website

आईपीएल 2025 : सनराइजर्स हैदराबाद ने पंजाब किंग्स को 8 विकेट से हराया, अभिषेक शर्मा का तूफानी शतक

अभिषेक शर्मा ने 55 गेंदों में 141 रन की तूफानी पारी खेली. उन्हें अर्शदीप सिंह ने आउट किया. शर्मा ने अपनी पारी में 14 चौके और 10 छक्के मारे.

सारांश

लाइव कवरेज

सुरभि गुप्ता और अश्वनी पासवान

  1. अमेरिका में बिना रजिस्ट्रेशन कराए 30 दिनों से ज़्यादा रहने पर होगी सज़ा

    अमेरिका में 30 दिनों से अधिक समय से रह रहे विदेशी नागरिकों ने अगर एलियन रजिस्ट्रेशन एक्ट के तहत रजिस्ट्रेशन नहीं कराया है, तो उन्हें जेल हो सकती है.

    प्रेस सचिव कैरोलाइन लैवेट ने शुक्रवार को कहा, "एलियन रजिस्ट्रेशन एक्ट के तहत रजिस्ट्रेशन की आज (11 अप्रैल) अंतिम तारीख़ है. संयुक्त राज्य अमेरिका में 30 दिनों से अधिक समय तक रहने वाले सभी विदेशी नागरिकों को संघीय सरकार के साथ पंजीकरण कराना होगा."

    उन्होंने आगे कहा, "इसका पालन न करना एक अपराध है जिसके लिए जुर्माना, जेल की सज़ा या दोनों हो सकती है."

    कैरोलाइन ने राष्ट्रपति ट्रंप की बात याद दिलाते हुए कहा, "जैसा कि राष्ट्रपति ट्रंप और होमलैंड सिक्योरिटी सेक्रेटरी क्रिस्टी नोएम दोनों ने कहा है कि अगर आप रजिस्ट्रेशन नहीं कराते हैं, तो आपको गिरफ़्तार किया जाएगा, जुर्माना लगाया जाएगा, देश से निकाल दिया जाएगा और आप कभी भी हमारे देश वापस नहीं आ सकेंगे."

    वहीं अमेरिका के डिपार्टमेंट ऑफ होमलैंड सिक्योरिटी की ओर से 11 अप्रैल को जारी एक प्रेस रिलीज़ में भी विदेशी नागरिकों से इस एक्ट के तहत रजिस्ट्रेशन कराने को कहा.

    इसमें होमलैंड सिक्योरिटी सेक्रेटरी क्रिस्टी नोएम ने कहा, "हमारे देश में अवैध रूप से आए लोगों के लिए राष्ट्रपति ट्रंप और मेरा साफ़ संदेश है, अभी हमारा देश छोड़ दीजिए."

    इस प्रेस रिलीज़ में 11 अप्रैल, 2025 तक 30 दिन या उससे अधिक समय तक बिना पंजीकरण प्रमाण के अमेरिका में मौजूद विदेशी नागरिकों को 11 अप्रैल तक तुरंत रजिस्ट्रेशन कराने को कहा गया.

    वहीं 11 अप्रैल, 2025 को या उसके बाद बिना पंजीकरण प्रमाण के अमेरिका आने वाले विदेशी नागरिकों को अपने आगमन के 30 दिनों के अंदर रजिस्ट्रेशन कराने को कहा गया है.

  2. अमेरिका में अफ़ग़ानिस्तान और कैमरून के लोगों को मिला ये ख़ास दर्जा होगा ख़त्म

    अमेरिका में अफ़ग़ानिस्तान और कैमरून के हज़ारों लोगों को मिला टेंपररी प्रोटेक्टेड स्टेटस (टीपीएस) यानी अस्थायी संरक्षण का दर्जा ख़त्म होने वाला है.

    ये जानकारी अमेरिका के डिपार्टमेंट ऑफ होमलैंड सिक्योरिटी (डीएचएस) ने दी है.

    डीएचएस ने कहा है कि हज़ारों अफ़ग़ान और कैमरून के लोगों की अस्थायी निर्वासन सुरक्षा समाप्त कर दी जाएगी.

    डीएचएस एसिस्टेंट सेक्रेटरी ट्रेसिया मैकलॉगलिन के एक बयान के अनुसार, होमलैंड सिक्योरिटी सेक्रेटरी क्रिस्टी नोएम ने अफ़ग़ानिस्तान और कैमरून में जो हालात हैं, उसके आधार पर ये फ़ैसला किया है.

    ऐसा अनुमान है कि टेंपररी प्रोटेक्टेड स्टेटस (टीपीएस) के लिए पात्र 14,600 अफ़ग़ान लोग अब मई में इस स्टेटस को खोने वाले हैं. वहीं कैमरून के लगभग 7,900 लोगों को दिया गया ये दर्जा जून में ख़त्म हो जाएगा.

    ये दर्जा उन देशों के नागरिकों को दिया जाता है, जो सशस्त्र संघर्ष या पर्यावरणीय आपदाओं जैसी परिस्थितियों का सामना कर रहे हैं, जिससे उनके लिए अपने देश लौटना असुरक्षित हो जाता है.

    यह दर्जा आमतौर पर 18 महीने तक रहता है, इसे होमलैंड सिक्योरिटी सेक्रेटरी द्वारा रिन्यू किया जा सकता है. इससे निर्वासन से सुरक्षा और वर्क परमिट पाने में मदद मिलती है.

  3. महमूद ख़लील: अमेरिकी अदालत ने कोलंबिया यूनिवर्सिटी के इस छात्र को देश से निकालने की मंज़ूरी दी

    अमेरिका के एक जज ने फ़ैसला सुनाया है कि ट्रंप प्रशासन कोलंबिया यूनिवर्सिटी के छात्र महमूद ख़लील को निर्वासित कर सकता है.

    इमिग्रेशन कोर्ट के फैसले का मतलब ये नहीं है कि महमूद ख़लील को तुरंत देश से निकाल दिया जाएगा.

    जज ने ख़लील के वकीलों को इस आदेश के ख़िलाफ़ अपील करने के लिए 23 अप्रैल तक का समय दिया है.

    महमूद ख़लील को पिछले महीने फ़लस्तीन के समर्थन में किए गए प्रदर्शनों में उनकी भूमिका के लिए हिरासत में लिया गया था.

    महमूद ख़लील को 8 मार्च से लुइसियाना हिरासत केंद्र में रखा गया है.

    एक ख़त में ख़लील ने कहा है कि उनकी गिरफ़्तारी फ़लस्तीनियों के अधिकारों के लिए आवाज़ उठाने का नतीजा है.

    महमूद ख़लील कानूनी तौर पर अमेरिका के स्थायी निवासी हैं, उन पर किसी अपराध का आरोप नहीं है.

    हालांकि, अमेरिकी सरकार ने शीत युद्ध युग के एक आव्रजन कानून का हवाला देते हुए महमूद ख़लील की देश में मौजूदगी को अमेरिकी विदेश नीति के हितों के प्रतिकूल बताया है.

  4. व्लादिमीर पुतिन से मिले अमेरिकी दूत स्टीव विटकॉफ़, क्या बात हुई?

    अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के विशेष दूत स्टीव विटकॉफ़ ने शुक्रवार को सेंट पीटर्सबर्ग में रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से मुलाक़ात की.

    क्रेमलिन ने कहा कि ये बैठक चार घंटे से अधिक समय तक चली और इस दौरान 'यूक्रेनी समझौते के पहलुओं' पर ध्यान केंद्रित किया गया.

    बता दें कि रूस में हुई इस बैठक से पहले अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने ट्रूथ सोशल अकाउंट पर रूस-यूक्रेन युद्ध को लेकर एक पोस्ट किया था.

    ट्रंप ने लिखा था, "रूस को आगे बढ़ना होगा. बहुत सारे लोग, हज़ारों लोग हर हफ़्ते, एक भयानक और निरर्थक युद्ध में मर रहे हैं - एक ऐसा युद्ध जो कभी नहीं होना चाहिए था, और अगर मैं राष्ट्रपति होता तो कभी नहीं होता!!"

    रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के विशेष दूत किरिल दिमित्रिव ने पुतिन के साथ विटकॉफ़ की इस साल की तीसरी वार्ता को 'उत्पादक' बताया.

  5. बीबीसी हिंदी के लाइव पेज पर आपका स्वागत है. मैं बीबीसी संवाददाता सुरभि गुप्ता अब से दोपहर दो बजे तक आप तक अहम ख़बरें पहुंचाऊंगी.

    कल के लाइव पेज की ख़बरें आप यहां क्लिक कर पढ़ सकते हैं.

    फ़िलहाल, हमारे होम पेज पर मौजूद कुछ अहम ख़बरों को आप नीचे दिए गए लिंक्स पर क्लिक करके पढ़ सकते हैं.