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अमेरिका ने किया चीन के साथ व्यापार समझौते का एलान

अमेरिका का चीन के साथ व्यापार समझौता हो गया है. व्हाइट हाउस ने जेनेवा में हुए इस समझौते की घोषणा भी कर दी है.

सारांश

लाइव कवरेज

कीर्ति रावत, इफ़्तेख़ार अली और आनंद मणि त्रिपाठी

  1. अमेरिका ने किया चीन के साथ व्यापार समझौते का एलान

    अमेरिका का चीन के साथ व्यापार समझौता हो गया है. व्हाइट हाउस ने जेनेवा में हुए इस समझौते की घोषणा भी कर दी है.

    अमेरिका के सेक्रेटरी ऑफ ट्रेज़री स्कॉट बेसेंट ने कहा,"मुझे यह बताते हुए खुशी हो रही है​ कि अमेरिका और चीन ने व्यापार समझौते में महत्वपूर्ण प्रगति कर ली है. इस समझौते की जानकारी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को दे दी गई है. इसका विवरण कल जारी किया जाएगा."

    अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि राजदूत जेमीसन ग्रीर, "पिछले दो दिन बहुत ही रचनात्मक रहे. हम बहुत जल्दी ही सहमति के बिंदु पर पहुंच गए. यह दर्शाता है कि हमारे बीच मतभेद उतने बड़े नहीं थे जितना बड़ा सोचा गया था."

    उन्होंने कहा कि "अमेरिका इस समय 1200 अरब डालर के व्यापार घाटे में है. यही वजह है कि अमेरिका के राष्ट्रपति ने टैरिफ़ लगाने की घोषणा की थी."

  2. ट्रंप ने कहा- पुतिन के तुर्की में मुलाक़ात करने के प्रस्ताव पर यूक्रेन को सहमत होना चाहिए

    अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रविवार को यूक्रेन और रूस से जंग ख़त्म करने के लिए बैठक करने की अपील की है.

    ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'ट्रुथ सोशल' पर एक पोस्ट कर कहा, "रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन यूक्रेन के साथ सीज़फ़ायर नहीं करना चाहते हैं, बल्कि वे गुरुवार को तुर्की में बैठक कर इस जंग को ख़त्म करने के लिए बातचीत करना चाहते हैं. यूक्रेन को तुरंत इस पर सहमत होना चाहिए."

    उन्होंने लिखा, "कम से कम वे यह तय कर सकेंगे कि कोई समझौता संभव है या नहीं. और अगर नहीं है, तो यूरोपीय नेता और अमेरिका यह समझ जाएंगे कि स्थिति क्या है और उसके अनुसार आगे की कार्रवाई कर सकेंगे."

    ट्रंप ने आगे लिखा, "मुझे अब शक़ होने लगा है कि यूक्रेन, पुतिन के साथ कोई समझौता करेगा, जो इस समय द्वितीय विश्व युद्ध में मिली जीत का जश्न मनाने में ही व्यस्त हैं जबकि वह युद्ध अमेरिका के बिना कभी न जीता जा सकता था और न कभी जीत के क़रीब पहुंचा जा सकता था."

    रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने रविवार को कहा था कि वह यूक्रेन के साथ सीधी और तुरंत बातचीत शुरू करना चाहते हैं.

    उन्होंने यह बातचीत 15 मई से इस्तांबुल में शुरू करने की बात कही है.

    यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर ज़ेलेंस्की ने कहा है कि यूक्रेन रूस के साथ तभी मुलाक़ात करने को तैयार होगा जब युद्धविराम पर सहमति हो.

  3. पाकिस्तान से साथ बात कैसे शुरू हुई, लेफ्टिनेंट जनरल राजीव घई ने बताया

    डीजीएमओ लेफ्टिनेंट जनरल राजीव घई ने रविवार को पाकिस्तान के साथ सीमापार गोलाबारी और आसमान से हमले रोकने पर बात की शुरुआत के बारे में जानकारी दी है.

    भारतीय सेना की ओर से की गई प्रेस कॉन्फ्रेंस में लेफ्टिनेंट जनरल राजीव घई ने कहा, "मैंने कल (शनिवार) दोपहर 3 बजकर 35 बजे पाकिस्तानी डीजीएमओ के साथ बात की, जिसके बाद शनिवार को पांच बजे सीमापार गोलाबारी और आसमान से हमले रोकने पर सहमति बनी."

    "ये भी तय हुआ कि मैं अपने पाकिस्तानी समकक्ष के साथ 12 मई यानी सोमवार को चर्चा करूंगा, ताकि बात की जा सके कि इस सहमति को कैसे लंबे वक़्त तक सुनिश्चित किया जाए."

    उन्होंने कहा, "लेकिन मुझे निराशा के साथ कहना पड़ रहा है, या ये कहूं जैसी आशंका थी, कुछ ही घंटों बाद पाकिस्तानी सेना ने सहमति का उल्लंघन किया."

    लेफ्टिनेंट जनरल राजीव घई ने कहा, "सीमा पार और नियंत्रण रेखा पर सहमति का उल्लंघन हुआ. ये केवल शनिवार देर रात नहीं हुआ बल्कि रविवार सवेरे तक चलता रहा. इसका कड़ाई से मुक़ाबला किया गया."

    उन्होंने कहा कि इसके बारे में पाकिस्तान को जानकारी दी गई है.

    लेफ्टिनेंट जनरल राजीव घई ने कहा, "रविवार को मेरे समकक्ष को सहमति के उल्लंघन के इन मामलों के बारे में हॉटलाइन पर जानकारी दी गई है और साथ ही कहा गया है कि इनसे कड़ाई से निपटा जाएगा और उचित उत्तर दिया जाएगा. अगर रविवार रात को या फिर कभी और एसी कार्रवाई हुई तो इसका कड़ा जवाब दिया जाएगा."

  4. पाकिस्तान के 'रफ़ाल गिराने' के दावे पर भारतीय सेना ने क्या कहा?

    रविवार शाम भारतीय सेना की ओर से की गई प्रेस कॉन्फ्रेंस में रफ़ाल से जुड़े एक सवाल पर एयर फ़ोर्स की तरफ से एयर मार्शल एके भारती ने जवाब दिया.

    पाकिस्तानी सेना ने दावा किया था कि उसने भारत के हमले का बदला लेते हुए भारत के दो रफ़ाल विमानों को गिराया है.

    उन्होंने इसके जवाब में कहा, "हम कॉम्बैट की स्थिति में हैं और नुक़सान इसका एक हिस्सा है. आपको जो सवाल पूछना चाहिए वह यह है कि क्या हमने अपने उद्देश्य हासिल कर लिए हैं? क्या हमने आतंकवादी शिविरों को नष्ट करने के अपने उद्देश्य को हासिल कर लिया है? और इसका जवाब हां है."

    एयर मार्शल एके भारती ने कहा, "इसका परिणाम पूरी दुनिया को देखना चाहिए. जहां तक ​​इसकी डीटेल्स की बात है कि क्या हो सकता था, कितनी संख्या, हमने कौन-सा प्लेटफॉर्म खो दिया. इस समय मैं इस पर टिप्पणी नहीं करना चाहूंगा. क्योंकि हम अभी भी कॉम्बैट की स्थिति में हैं और अगर हम किसी भी चीज़ पर टिप्पणी करते हैं तो यह केवल विरोधी के लिए फ़ायदेमंद होगा."

    उन्होंने कहा, "इसलिए हम इस समय उसे कोई फ़ायदा नहीं देना चाहते हैं. मैं सिर्फ़ इतना कह सकता हूं कि हमने अपने चुने हुए उद्देश्य हासिल कर लिए हैं और हमारे सभी पायलट वापस घर लौट आए हैं."

    शनिवार शाम को भारत और पाकिस्तान के बीच संघर्षविराम पर सहमति बनने के बाद रविवार शाम भारतीय सेना ने पहली बार प्रेस कॉन्फ्रेंस की है.

    इस दौरान डीजीएमओ लेफ़्टिनेंट जनरल राजीव घई ने कहा है कि 'ऑपरेशन सिंदूर' में 100 से ज़्यादा 'आतंकवादी' मारे गए हैं.

  5. ऑपरेशन सिंदूर में मारे गए 100 आतंकवादी: भारतीय सेना

    भारत और पाकिस्तान के बीच संघर्षविराम पर सहमति बनने के बाद रविवार शाम भारतीय सेना ने पहली बार प्रेस कॉन्फ्रेंस की है.

    इस दौरान डीजीएमओ लेफ़्टिनेंट जनरल राजीव घई ने कहा है कि 'ऑपरेशन सिंदूर' में 100 से ज़्यादा 'आतंकवादी' मारे गए हैं.

    प्रेस कॉन्फ्रेंस में सेना की तरफ से लेफ़्टिनेंट जनरल राजीव घई, एयर फ़ोर्स की तरफ से एयर मार्शल एके भारती और नौसेना के वाइस एडमिरल एएन प्रमोद और मेजर जनरल एसएस शारदा शामिल हुए और उन्होंने ऑपरेशन सिंदूर के बारे विस्तार से जानकारी दी है.

    राजीव घई ने ब्रीफ़िंग के दौरान कहा, "सेना ने सटीक निशाना बनाकर नौ आतंकवादी ठिकानों पर हमले किए. इन हमलों में 100 से ज़्यादा आतंकवादी मारे गए. इनमें यूसुफ अजहर, अब्दुल मलिक रऊफ और मुदस्सिर अहमद जैसे हाई वैल्यू वाले आतंकवादी भी शामिल थे."

    राजीव घई ने कहा, "ये तीनों आईसी 814 के हाईजैक और पुलवामा विस्फोट में शामिल थे."

    साथ ही लेफ्टिनेंट जनरल राजीव घई ने कहा कि भारत की कार्रवाई के "तुरंत बाद पाकिस्तान की ओर से नियंत्रण रेखा का भी उल्लंघन किया गया. ये दुश्मन की अनिश्चित और घबराई हुई प्रतिक्रिया थी जो दुर्भाग्यवश बड़ी संख्या में नागरिकों, गांवों और गुरुद्वारे जैसे धार्मिक स्थलों को निशाना बनाकर दी गई. इसमें कई नागरिकों की जान गई."

  6. भारतीय सेना ने कहा, उल्लंघन की जवाबी कार्रवाई का सेना कमांडरों को पूरा अधिकार

    भारतीय सेना के प्रवक्ता ने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में बताया है कि चीफ़ ऑफ़ आर्मी स्टाफ़ ने उल्लंघन पर जवाबी कार्रवाई के लिए सेना कमांडरों को पूरे अधिकार दिए हैं.

    भारतीय सेना के प्रवक्ता (एडीजी पीआई) ने एक्स पर पोस्ट में लिखा, "10-11 मई 2025 की रात हुए सीज़फ़ायर और हवाई क्षेत्र के उल्लंघनों के बाद चीफ़ ऑफ़ आर्मी स्टाफ़ जनरल उपेन्द्र द्विवेदी ने पश्चिमी सीमाओं पर तैनात सेना कमांडरों के साथ सुरक्षा स्थिति की समीक्षा की."

    बयान में कहा गया कि चीफ़ ऑफ़ आर्मी स्टाफ़ ने 10 मई 2025 की डीजीएमओ वार्ता के ज़रिए बनी सहमति के किसी भी उल्लंघन पर जवाबी कार्रवाई के लिए सेना कमांडरों को पूरे अधिकार दिए हैं.

    इससे पहले भारतीय विदेश सचिव विक्रम मिसरी ने शनिवार देर रात एक प्रेस ब्रीफिंग में कहा, "जिस समझौते पर हम पहुंचे हैं उसका लगातार उल्लंघन किया जा रहा है."

  7. इस्लामिक देशों के संगठन ओआईसी ने भारत-पाकिस्तान के सीज़फ़ायर पर क्या कहा?

    इस्लामिक देशों के संगठन ऑर्गेनाइज़ेशन ऑफ़ इस्लामिक कोऑपरेशन (ओआईसी) ने भारत और पाकिस्तान के बीच सीज़फ़ायर की घोषणा का स्वागत किया है.

    ओआईसी की ओर से एक बयान जारी कर कहा गया है, "महासचिव ने इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ़ पाकिस्तान और रिपब्लिक ऑफ़ भारत के बीच सीज़फ़ायर का स्वागत किया और उन सभी देशों की सराहना की जिन्होंने इस समझौते तक पहुंचने के लिए मध्यस्थता करने और दोनों पक्षों को एक साथ लाने के लिए ईमानदारी से प्रयास किए."

    बयान के मुताबिक़, "महासचिव ने अंतरराष्ट्रीय समुदायों से अपनी कोशिशों को दोगुना करने की अपील की है. वहीं पाकिस्तान और भारत से अपील की है कि वो जम्मू और कश्मीर सहित अन्य मुद्दों को शांतिपूर्ण तरीक़ों से और संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्तावों के मुताबिक़ हल करने के लिए बातचीत में शामिल हों."

    ओआईसी के बयान में दोनों पक्षों से अधिकतम संयम बरतने और ऐसे कदमों से बचने की अपील की गई जो 'क्षेत्र की स्थिरता को ख़तरे में डाल सकते हैं.'

    ओआईसी के इस बयान पर अब तक भारत ने प्रतिक्रिया नहीं दी है.

  8. शनिवार शाम के घटनाक्रम पर कांग्रेस नेता पी चिदंबरम की टिप्पणी, 'दिलचस्प है'

    पूर्व केंद्रीय वित्त मंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पी चिदंबरम ने सीज़फ़ायर की टाइमलाइन पर टिप्पणी करते हुए सोशल मीडिया पर एक पोस्ट किया है और सवाल उठाए हैं.

    उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म एक्स पर सीज़फ़ायर के लिए हुई बातचीत, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की घोषणा और भारतीय विदेश सचिव की ब्रीफ़िंग के समय पर टिप्पणी की है.

    चिदंबरम ने लिखा, "पाकिस्तान के सैन्य अभियानों के महानिदेशक (डीजीएमओ) ने दोपहर तीन बजकर 35 मिनट पर भारत के डीजीएमओ को फ़ोन किया और सीज़फ़ायर का प्रस्ताव रखा, जिस पर भारत सहमत हो गया."

    "इसके बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शाम पांच बजकर 25 मिनट पर ट्वीट कर सीज़फ़ायर की घोषणा की."

    "कुछ ही मिनट बाद, अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने ट्वीट किया कि भारत और पाकिस्तान न्यूट्रल जगह पर बातचीत के लिए मिलेंगे. फिर भारत के विदेश सचिव ने शाम छह बजे एक संक्षिप्त बयान दिया और हमले रोकने पर सहमति बनने की पुष्टि की."

    चिदंबरम ने लिखा है कि "घटनाओं और घोषणाओं की टाइमलाइन दिलचस्प है. भारत के विदेश सचिव ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप या विदेश मंत्री मार्को रुबियो या किसी आगामी बैठक या किसी न्यूट्रल जगह का कोई संदर्भ नहीं दिया. यह भी दिलचस्प है."

  9. रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने 'ऑपरेशन सिंदूर' और ब्रह्मोस पर क्या कहा?

    रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने रविवार को उत्तर प्रदेश के लखनऊ में ‘ब्रह्मोस एयरोस्पेस इंटिग्रेशन एंड टेस्टिंग फैसिलिटी’ का वर्चुअल उद्घाटन किया. इस मौक़े पर उन्होंने भारतीय सेना के "ऑपरेशन सिंदूर, ब्रह्मोस और आतंकवाद" पर बात की.

    राजनाथ सिंह ने कहा, "ऑपरेशन सिंदूर सिर्फ़ एक सैन्य कार्रवाई भर नहीं है, बल्कि भारत की राजनीतिक, सामाजिक और सामरिक इच्छाशक्ति का प्रतीक है. यह ऑपरेशन आतंकवाद के ख़िलाफ़ भारत की दृढ़ इच्छा शक्ति का और सैन्य शक्ति की क्षमता और संकल्प शक्ति का भी प्रदर्शन है."

    राजनाथ सिंह ने कहा, "हमने दिखाया है कि भारत आतंकवाद के ख़िलाफ़ जब भी कोई कार्रवाई करेगा तो आतंकवादियों और उनके आकाओं के लिए सरहद पार की ज़मीन भी सुरक्षित नहीं रहेगी."

    रक्षा मंत्री ने अपने सोशल मीडिया एक्स पर ब्रह्मोस मिसाइल के जुड़ा एक वीडियो भी शेयर किया है और लिखा है, "ब्रह्मोस अपने आप में एक मैसेज है."

    साथ ही उन्होंने कहा, "ब्रह्मोस सिर्फ एक मिसाइल नहीं, ये हमारी सेना की ताकत और सरहद की सुरक्षा के प्रति हमारे संकल्प का प्रतीक है."

  10. शनिवार रात हुई गोलाबारी के सवाल पर पाकिस्तान ने क्या कहा?

    शनिवार शाम भारत और पाकिस्तान के बीच एक-दूसरे पर हमले रोकने को लेकर बनी सहमति के कुछ घंटों बाद ही भारतीय विदेश मंत्रालय ने पाकिस्तान पर सहमति के उल्लंघन का आरोप लगाया था.

    भारतीय विदेश सचिव विक्रम मिसरी ने शनिवार देर रात एक प्रेस ब्रीफिंग में कहा, "जिस समझौते पर हम पहुंचे हैं उसका लगातार उल्लंघन किया जा रहा है."

    सीमा के आसपास के इलाक़ों में हो रही गोलाबारी से जुड़े मीडिया के एक सवाल के जवाब में पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने भी भारत पर आरोप लगाया है.

    अब से कुछ देर पहले पाकिस्तानी विदेश मंत्रालय ने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म एक्स पर एक बयान जारी कर कहा, "पाकिस्तान और भारत के बीच घोषित किए गए सीज़फ़ायर को ईमानदारी से लागू करने के लिए पाकिस्तान पूरी तरह प्रतिबद्ध है."

    बयान में शनिवार रात की घटना के बारे में कहा गया, "हालांकि कुछ इलाक़ों में भारत की ओर से उल्लंघन किए जा रहे हैं, लेकिन हमारी सेनाएं ज़िम्मेदारी और संयम के साथ हालात संभाल रही हैं."

    पाकिस्तान ने कहा, "हम मानते हैं कि सीज़फ़ायर को सही तरीके़ से लागू करने में अगर कोई समस्या आती है, तो उसे सही स्तर पर बातचीत के ज़रिए सुलझाया जाना चाहिए और ज़मीन पर तैनात सैनिकों को भी संयम बरतना चाहिए."

  11. सीज़फ़ायर और 'ऑपरेशन सिंदूर' पर राहुल गांधी ने पीएम मोदी से की ये मांग

    कांग्रेस सांसद और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को एक पत्र लिखकर संसद का विशेष सत्र बुलाने की अपील की है.

    शनिवार शाम भारत और पाकिस्तान के बीच संघर्ष रोकने को लेकर सहमति बनने के बाद रविवार को राहुल ने पीएम मोदी को एक पत्र लिखा.

    इस पत्र में उन्होंने लिखा, "मैं विपक्ष की सर्वसम्मति से, एक बार फिर अपील करता हूं कि संसद का विशेष सत्र तुरंत बुलाया जाए."

    संसद में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने लिखा, "पहलगाम आतंकी हमले, ऑपरेशन सिंदूर और सीज़फ़ायर पर चर्चा करना लोगों और उनके प्रतिनिधियों के लिए बहुत ज़रूरी है, जिसकी घोषणा सबसे पहले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने की थी."

    "यह हमारे सामने आने वाली चुनौतियों का मिलकर सामना करने के हमारे संकल्प को दिखाने का एक मौक़ा भी होगा."

    राहुल गांधी ने पीएम मोदी से पत्र में कहा कि मुझे विश्वास है कि आप इस मांग पर गंभीरता से विचार करेंगे और जल्द इस पर पहल करेंगे.

  12. पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने अपने बयान में क्यों किया 'जम्मू और कश्मीर विवाद' का ज़िक्र?

    भारत और पाकिस्तान के बीच सीज़फ़ायर पर पाकिस्तानी विदेश मंत्रालय ने अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से जारी किए गए बयान का स्वागत किया है.

    विदेश मंत्रालय ने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में लिखा, "भारत-पाकिस्तान के रिश्तों को लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बयान का पाकिस्तान स्वागत करता है."

    "हम पाकिस्तान और भारत के बीच हाल ही में हुए सीज़फ़ायर का समर्थन करने में अन्य मित्र देशों के साथ-साथ अमेरिका की ओर से निभाई गई रचनात्मक भूमिका की सराहना करते हैं."

    बयान में विदेश मंत्रालय ने कहा, "हम राष्ट्रपति ट्रंप की इस बात के लिए सराहना करते हैं कि उन्होंने जम्मू और कश्मीर विवाद को सुलझाने की कोशिशों का समर्थन करने की इच्छा जताई है. यह एक पुराना मुद्दा है, जिसका न केवल दक्षिण एशिया, बल्कि पूरी दुनिया की शांति और सुरक्षा पर गंभीर असर पड़ता है."

    विदेश मंत्रालय ने अपने बयान में आगे कहा, "पाकिस्तान इस बात को दोहराता है कि जम्मू और कश्मीर विवाद का कोई भी उचित और स्थायी समाधान संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्तावों के मुताबिक़ होना चाहिए और उसमें कश्मीरी लोगों के बुनियादी अधिकारों, खासकर उनके आत्मनिर्णय के अधिकार को मान्यता दी जानी चाहिए."

    इससे पहले डोनाल्ड ट्रंप ने रविवार को एक सोशल मीडिया पोस्ट में कश्मीर मुद्दे पर भारत और पाकिस्तान के साथ मिलकर शांतिपूर्ण हल निकालने की कोशिश का जिक्र किया था.

  13. अभी तक बीबीसी संवाददाता कीर्ति रावत आप तक ख़बरें पहुंचा रही थीं.

    अब से रात 10 बजे तक बीबीसी संवाददाता इफ़्तेख़ार अली आप तक बड़ी ख़बरें पहुंचाएंगे.

    बीबीसी हिंदी के पन्ने पर लगी कुछ अहम ख़बरें पढ़ने के लिए नीचे दिए गए लिंक्स पर क्लिक करें.

  14. सीज़फ़ायर पर ट्रंप के बयान पर कांग्रेस की प्रेस कॉन्फ़्रेंस, सचिन पायलट ने क्या कहा?

    राजस्थान के पूर्व उपमुख्यमंत्री और कांग्रेस महासचिव सचिन पायलट ने अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप के भारत और पाकिस्तान के बीच सीज़फ़ायर पर बयान देने को लेकर प्रतिक्रिया दी है.

    उन्होंने पार्टी की प्रेस कॉन्फ़्रेंस में कहा, "मैं भारतीय थल सेना और वायु सेना, हमारे सैनिकों का जो पराक्रम और शौर्य है, मैं उसको सलाम करना चाहता हूं. भारतीय सेना ने एक बार दोबारा कर दिखाया है कि वो दुनिया की सर्वोत्तम सेनाओं में से एक है."

    पायलट ने कहा कि पिछले 24 घंटों में घटनाक्रम बहुत तेज़ी से बदला है और अमेरिकी राष्ट्रपति द्वारा सीज़फ़ायर की घोषणा किया जाना हैरान करने वाला है.

    उन्होंने कहा, "हम सबको बड़ा आश्चर्य हुआ जब सीज़फ़ायर की घोषणा अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने की. शायद यह पहली बार है कि इस प्रकार की घोषणा सोशल मीडिया के माध्यम से किसी अमेरिकी राष्ट्रपति ने की हो."

    सचिन पायलट ने ट्रंप के सोशल मीडिया पोस्ट पर ज़ोर देते हुए कहा कि 'इसमें जो बातें कही गई हैं, वो भारत और पाकिस्तान के मसले को अंतरराष्ट्रीय मंच पर ले जाने के संकेत देती हैं.'

    इसी के साथ उन्होंने संसद का विशेष सत्र बुलाने की मांग की है.

  15. ब्रेकिंग न्यूज़, भारतीय वायु सेना ने कहा- अभियान अभी भी जारी है

    भारतीय वायु सेना ने सोशल मीडिया वेबसाइट एक्स पर पोस्ट करके बताया है कि उसके अभियान अभी भी जारी हैं और समय आने पर इस पर अधिक जानकारी दी जाएगी.

    वायु सेना ने रविवार दोपहर को एक्स पर लिखा, “भारतीय वायु सेना ने ऑपरेशन सिंदूर में सफलतापूर्वक अपने निर्धारित कामों को सटीकता और पेशेवराना अंदाज़ में अंजाम दिया. इन अभियानों को राष्ट्रीय उद्देश्यों के लिहाज़ से सोच-समझकर और विवेकपूर्ण तरीक़े से संचालित किया गया.”

    “ऑपरेशन अभी भी जारी हैं, इसलिए आगे अधिक जानकारी दी जाएगी. भारतीय वायुसेना सभी से अटकलें लगाने और असत्यापित जानकारी के प्रसार से बचने का अनुरोध करती है.”

    पहलगाम हमले के बाद भारत ने 6-7 मई की दरमियानी रात पाकिस्तान और पाकिस्तान प्रशासित कश्मीर में एयर स्ट्राइक की थी, जिसके बाद भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव गहरा गया था.

    इसके बाद दोनों देशों ने एक दूसरे के सैन्य ठिकानों पर हमले की बात कही थी.

    शनिवार की शाम को भारत और पाकिस्तान ने दोनों देशों के बीच सीज़फ़ायर की घोषणा की थी.

  16. सीज़फ़ायर पर ट्रंप की सराहना करने के बाद कपिल सिब्बल ने उठाए सवाल

    राज्यसभा सांसद कपिल सिब्बल ने अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप के भारत और पाकिस्तान के सीज़फ़ायर कायम रखने की सराहना करने वाले सोशल मीडिया पोस्ट पर सवाल उठाए हैं.

    उन्होंने कहा, "इस ट्वीट पर बड़े सवाल उठते हैं. अमेरिका के राष्ट्रपति ट्रंप और विदेश मंत्री रूबियो ने कहा कि पिछले 48 घंटों में बातचीत होती रही. अमेरिकी उप राष्ट्रपति वेंस ने भी यही दोहराया है. लेकिन क्या हुआ, कैसे हुआ, इसके बारे में हमें कोई जानकारी नहीं है."

    "हम आज कोई आलोचना नहीं करेंगे, हम इतना ही कहेंगे कि आप स्पेशल सेशन बुलाइए, एक स्पेशल ऑल पार्टी मीटिंग बुलाइए और मैं राजनीतिक दलों से इतना कहना चाहता हूं जब तक सरकार ये आश्वासन नहीं दे कि प्रधानमंत्री जी उस ऑल पार्टी मीटिंग में शामिल होंगे तब तक आपको उस मीटिंग में हिस्सा नहीं लेना चाहिए."

    अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रविवार को भारत और पाकिस्तान का संघर्ष विराम कायम रखने की सराहना की थी.

    रविवार को ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'ट्रुथ सोशल' पर एक पोस्ट में कहा, "मैं भारत और पाकिस्तान के मज़बूत और अडिग नेतृत्व पर बहुत गर्व महसूस करता हूं."

    इसके साथ ही ट्रंप ने ये भी कहा था कि "मुझे गर्व है कि अमेरिका इस ऐतिहासिक फ़ैसले तक पहुंचने में आपकी मदद कर पाया."

  17. सीज़फ़ायर के बाद जम्मू और नियंत्रण रेखा के पास अब कैसे हैं हालात, दिव्या आर्य, बीबीसी संवाददाता

    जम्मू में रविवार सुबह हालात सामान्य नज़र आए. लोग घरों से बाहर निकले, कुछ दुकानें खुलीं और सड़कों पर आवाजाही शुरू हो गई है.

    बीती शनिवार रात भारत और पाकिस्तान के बीच संघर्ष विराम की घोषणा के बाद भी जम्मू के स्थानीय निवासियों ने अपने घरों के आस-पास ड्रोन्स देखें.

    जम्मू के सीमावर्ती इलाकों के कई स्थानीय निवासियों ने अपने इलाकों में ड्रोन उड़ते देखे.

    पाकिस्तान से लगी अंतरराष्ट्रीय सीमा के पास बसे गांवों से फोन कर लोगों ने बताया कि संघर्ष विराम के कुछ समय बाद भी उनके घर के आसपास हल्की गोलीबारी की आवाज़ें भी सुनाई दीं.

    राजौरी से भी कुछ निवासियों ने नियंत्रण रेखा के पास ड्रोन देखे जाने की पुष्टि की.

    उनका कहना था कि ये ड्रोन काफी देर तक आसमान में मंडराते रहे. हालांकि कुछ घंटों बाद ये गतिविधियां थम गईं.

    भारत सरकार की ओर से देर रात प्रेस ब्रीफिंग की गई जिसमें सरकार ने बताया कि पाकिस्तान की तरफ से कुछ ड्रोन और हल्की गोलाबारी की घटनाएं हुई थीं. हालांकि, इसके बाद स्थिति शांत हो गई.

    रविवार सुबह एक बार फिर स्थानीय निवासियों से बात की तो उन्होंने बताया कि पूरी रात शांति से गुज़री.

    सीमा के पास कुछ गोलाबारी के बाद अब तक किसी जान-माल या संपत्ति को नुकसान की कोई ख़बर नहीं है.

    फिलहाल, जम्मू और आसपास के इलाकों में स्थिति सामान्य है और लोग रोज़मर्रा की जिंदगी की ओर लौटते दिख रहे हैं.

  18. भारत-पाकिस्तान के बीच हुए सीज़फ़ायर पर अब ट्रंप क्या बोले?

    अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रविवार को भारत और पाकिस्तान का संघर्षविराम कायम रखने की सराहना की.

    रविवार को ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'ट्रुथ सोशल' पर एक पोस्ट में कहा, "मैं भारत और पाकिस्तान के मज़बूत और अडिग नेतृत्व पर बहुत गर्व महसूस करता हूं."

    "उन्होंने सही समय पर समझदारी और हिम्मत दिखाते हुए इस संघर्ष को रोकने का फ़ैसला लिया, क्योंकि इस संघर्ष से लाखों निर्दोष लोगों की जान जा सकती थी और भारी नुकसान हो सकता था."

    ट्रंप ने ये भी कहा कि मुझे गर्व है कि अमेरिका इस ऐतिहासिक फ़ैसले तक पहुंचने में आपकी मदद कर पाया.

    उन्होंने अपनी इस पोस्ट में भारत और पाकिस्तान के साथ ट्रेड को बढ़ाने की बात भी कही.

    साथ ही, ट्रंप ने कश्मीर मुद्दे पर भारत और पाकिस्तान के साथ मिलकर शांतिपूर्ण हल निकालने का भी जिक्र किया.

  19. पुतिन ने यूक्रेन से सीधी वार्ता की पेशकश की

    रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने कहा है कि वह यूक्रेन के साथ सीधी और तुरंत बातचीत शुरू करना चाहते हैं. उन्होंने यह बातचीत 15 मई से शुरू करने की बात कही है.

    शनिवार देर रात टीवी के जरिए जनता को संबोधित करते हुए पुतिन ने कहा, "हम चाहते हैं कि बातचीत गंभीर हो ताकि इस युद्ध की जड़ तक पहुंचा जा सके और एक मजबूत और स्थायी शांति कायम हो सके."

    उनका यह बयान तब आया जब ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीएर स्टार्मर और फ़्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने शनिवार को यूक्रेन का दौरा किया.

    इसी दौरे के दौरान दोनों नेताओं ने रूस से 30 दिन के बिना शर्त सीजफायर की मांग की.

    रूस के प्रवक्ता दिमित्री पेस्कोव ने कहा कि मॉस्को इस पर विचार करेगा, लेकिन यह भी चेतावनी दी कि "दबाव डालना बेकार है."

    अपने बयान में पुतिन ने कहा कि वह इस संभावना से इनकार नहीं करते कि यह बातचीत जिसे वह तुर्की के शहर इस्तांबुल में करवाना चाहते हैं, एक नया सीजफायर या समझौता ला सकती है.

    उन्होंने बताया कि वह रविवार को तुर्की के राष्ट्रपति रेचेप तैय्यप अर्दोआन से इस विषय पर विस्तार से बात करेंगे.

    यूक्रेन ने अब तक इस बातचीत के न्योते पर कोई जवाब नहीं दिया है.