ईरान में युद्ध प्रबंधन की ज़िम्मेदारी संभाल रहे ख़ातम अल-अनबिया मुख्यालय ने दक्षिणी ईरान के कुछ हिस्सों में अमेरिकी
हमलों के एक घंटे बाद एक बयान जारी किया है.
बीबीसी फ़ारसी सेवा के मुताबिक़,
ख़ातम अल-अनबिया मुख्यालय ने अमेरिकी सेना के
हमलों के जवाब में मध्य-पूर्व में स्थित कुछ अमेरिकी ठिकानों को निशाना बनाने का
दावा किया है.
बयान में कहा गया, "अमेरिकी सेना की आक्रामकता के जवाब में क्षेत्र
में स्थित कुछ अमेरिकी ठिकानों को ईरान की सेना और इस्लामिक रिवॉल्यूशनरी गार्ड
कोर (आईआरजीसी) के बहादुर जवानों ने एक ताक़तवार हमले के ज़रिए निशाना
बनाया."
इसके अलावा आईआरजीसी ने भी एक बयान
जारी किया है, जिसमें बहरीन स्थित अमेरिकी सैन्य
अड्डे पर हमले का दावा किया गया.
ईरान की तसनीम न्यूज़ एजेंसी के
मुताबिक़, आईआरजीसी ने कहा, "रिवॉल्यूशनरी गार्ड्स की नौसेना ने सुबह 2:30 बजे
बहरीन में अमेरिका के पांचवें नौसैनिक बेड़े पर ड्रोन हमला किया."
फ़ार्स न्यूज़ एजेंसी ने बताया कि आईआरजीसी ने जॉर्डन में एक अमेरिकी सैन्य अड्डे पर मिसाइल हमला किया है.
आईआरजीसी ने कहा कि उसने 'जॉर्डन के अल-अज़राक में अमेरिकी हवाई अड्डे पर स्थित एफ़-35 लड़ाकू जेट हैंगर और सेना कमान सहित चार महत्वपूर्ण ठिकानों को अपनी लंबी दूरी की मिसाइलों से निशाना बनाया' है.
आईआरजीसी ने अपने एक अन्य बयान में
उत्तरी फ़ारस की खाड़ी में एक अमेरिकी ड्रोन को गिराने का दावा किया.
ईरानी मीडिया ने आईआरजीसी के हवाले
से बताया कि ड्रोन को 'बुशहर प्रांत के जाम काउंटी के ऊपर
आसमान में निशाना बनाया गया' और 'नष्ट कर दिया गया'.
उधर, अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने बुधवार सुबह कहा कि ईरान की ओर से उसके
हेलिकॉप्टर को गिराए जाने के बाद अमेरिकी सेना ने जवाबी कार्रवाई की है, जो कि अब समाप्त हो गई है.
मध्य-पूर्व के देशों में स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर ईरान के हमले के दावे को लेकर अब तक अमेरिका की ओर से कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है.