लाइव, ईरान ने मध्य-पूर्व स्थित इन अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाने का दावा किया

ईरान में युद्ध प्रबंधन की ज़िम्मेदारी संभाल रहे ख़ातम अल-अनबिया मुख्यालय ने दक्षिणी ईरान के कुछ हिस्सों में अमेरिकी हमलों के एक घंटे बाद एक बयान जारी किया है.

सारांश

छोड़कर वीडियो आगे बढ़ें
  •  किम जोंग और शी जिनपिंग
  • इसराइल-ईरान
  • romania drone blast
  • फ़िलीपींस में भूकंप
  • nepal sherpa
  • बांग्लादेश में एक टका लेकर पढ़ात हैं रहमान
  • rollercoaster

लाइव कवरेज

सुमंत सिंह

  1. ईरान ने मध्य-पूर्व स्थित इन अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाने का दावा किया

    मनामा स्थित अमेरिकी नौसेना के 5वें बेड़े के मुख्यालय पर हमला

    इमेज स्रोत, Stringer/Anadolu via Getty Images

    इमेज कैप्शन, अमेरिकी-इसराइली हमलों के जवाब में ईरान ने मनामा स्थित अमेरिकी नौसेना के 5वें बेड़े के मुख्यालय को निशाना बनाया था (तस्वीर 28 फ़रवरी,2026 की है)

    ईरान में युद्ध प्रबंधन की ज़िम्मेदारी संभाल रहे ख़ातम अल-अनबिया मुख्यालय ने दक्षिणी ईरान के कुछ हिस्सों में अमेरिकी हमलों के एक घंटे बाद एक बयान जारी किया है.

    बीबीसी फ़ारसी सेवा के मुताबिक़, ख़ातम अल-अनबिया मुख्यालय ने अमेरिकी सेना के हमलों के जवाब में मध्य-पूर्व में स्थित कुछ अमेरिकी ठिकानों को निशाना बनाने का दावा किया है.

    बयान में कहा गया, "अमेरिकी सेना की आक्रामकता के जवाब में क्षेत्र में स्थित कुछ अमेरिकी ठिकानों को ईरान की सेना और इस्लामिक रिवॉल्यूशनरी गार्ड कोर (आईआरजीसी) के बहादुर जवानों ने एक ताक़तवार हमले के ज़रिए निशाना बनाया."

    इसके अलावा आईआरजीसी ने भी एक बयान जारी किया है, जिसमें बहरीन स्थित अमेरिकी सैन्य अड्डे पर हमले का दावा किया गया.

    ईरान की तसनीम न्यूज़ एजेंसी के मुताबिक़, आईआरजीसी ने कहा, "रिवॉल्यूशनरी गार्ड्स की नौसेना ने सुबह 2:30 बजे बहरीन के पांचवें नौसैनिक बेड़े पर ड्रोन हमला किया."

    फ़ार्स न्यूज़ एजेंसी ने बताया कि आईआरजीसी ने जॉर्डन में एक अमेरिकी सैन्य अड्डे पर मिसाइल हमला किया है.

    आईआरजीसी ने कहा कि उसने 'जॉर्डन के अल-अज़राक में अमेरिकी हवाई अड्डे पर स्थित एफ़-35 लड़ाकू जेट हैंगर और सेना कमान सहित चार महत्वपूर्ण ठिकानों को अपनी लंबी दूरी की मिसाइलों से निशाना बनाया' है.

    आईआरजीसी ने अपने एक अन्य बयान में उत्तरी फ़ारस की खाड़ी में एक अमेरिकी ड्रोन को गिराने का दावा किया.

    ईरानी मीडिया ने आईआरजीसी के हवाले से बताया कि ड्रोन को 'बुशहर प्रांत के जाम काउंटी के ऊपर आसमान में निशाना बनाया गया' और 'नष्ट कर दिया गया'.

    उधर, अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने बुधवार सुबह कहा कि ईरान की ओर से उसके हेलिकॉप्टर को गिराए जाने के बाद अमेरिकी सेना ने जवाबी कार्रवाई की है, जो कि अब समाप्त हो गई है.

    मध्य-पूर्व के देशों में स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर ईरान के हमले के दावे को लेकर अब तक अमेरिका की ओर से कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है.

  2. अमेरिकी सेना ने कहा, 'अपाचे हेलिकॉप्टर पर हमले के बाद जवाबी कार्रवाई पूरी की'

    अमेरिकी अपाचे हेलिकॉप्टर

    इमेज स्रोत, Chung Sung-Jun/Getty Images

    इमेज कैप्शन, अमेरिकी सेना ने ईरान के 'एयर डिफ़ेंस सिस्टम, ग्राउंड कंट्रोल स्टेशनों और सर्विलांस रडार के ठिकानों' को निशाना बनाने का दावा किया है (फ़ाइल फ़ोटो)

    अमेरिकी सेंट्रल कमांड (सेंटकॉम) ने बुधवार को अपने ताज़ा बयान में कहा है कि उसने अमेरिका के अपाचे हेलिकॉप्टर पर हमले के जवाब में कार्रवाई पूरी कर ली है.

    सेंटकॉम ने कहा, "अमेरिकी सेना के एक अपाचे हेलिकॉप्टर को गिराए जाने के जवाब में सेना ने आत्मरक्षा के तहत 9 जून को ईरान के ख़िलाफ़ कार्रवाई पूरी कर ली. यह कार्रवाई कमांडर-इन-चीफ़ के निर्देश पर की गई."

    बयान में कहा गया कि अमेरिकी एयर फ़ोर्स और नेवी के लड़ाकू विमानों ने होर्मुज़ स्ट्रेट के नज़दीक 'ईरान के एयर डिफ़ेंस सिस्टम, ग्राउंड कंट्रोल स्टेशनों और सर्विलांस रडार के ठिकानों को निशाना बनाया'.

    सोमवार को अमेरिकी सेना का एक अपाचे हेलिकॉप्टर ओमान के तट के पास गिराया गया था. इस हेलिकॉप्टर में सवार दो क्रू सदस्यों को सुरक्षित बचा लिया गया था.

  3. मीनाक्षी नटराजन का नामांकन रद्द होने पर विपक्षी नेताओं की तीखी प्रतिक्रिया

    मीनाक्षी नटराजन

    इमेज स्रोत, ANI

    इमेज कैप्शन, कांग्रेस ने मीनाक्षी नटराजन को मध्य प्रदेश से राज्यसभा उम्मीदवार बनाया था (फ़ाइल फ़ोटो)

    कांग्रेस नेता मीनाक्षी नटराजन का राज्यसभा चुनाव के लिए नामांकन रद्द होने के बाद विपक्षी नेताओं ने कई तरह के सवाल उठाए हैं.

    कांग्रेस ने इसे 'सीट चोरी' कहा है, तो वहीं सत्ताधारी दल बीजेपी ने इसे 'सत्य की जीत' बताया है.

    इस बीच अन्य विपक्षी दलों की ओर से भी इस मामले पर तीख़ी प्रतिक्रियाएं आई हैं.

    शिवसेना (उद्धव गुट) के नेता आदित्य ठाकरे ने एक्स पर लिखा, "हम कभी लोकतंत्र थे. दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र, जहाँ संस्थाओं की निष्पक्षता और संप्रभुता राजनीतिक प्रभाव से मुक्त थी. अब... दुनिया का सबसे बड़ा पूर्व लोकतंत्र."

    वहीं, तृणमूल कांग्रेस की सांसद महुआ मोइत्रा ने कहा, "एक तुच्छ बहाना बनाकर कांग्रेस की राज्यसभा उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन को ख़ारिज करना यह दिखाता है कि मोदी और शाह दोनों सदनों पर नियंत्रण पाने और संविधान में शोधन करने के लिए कितने बेताब हैं. वरना 2029 में उनका समय समाप्त हो जाएगा."

    मंगलवार को मीनाक्षी नटराजन का राज्यसभा चुनाव के लिए नामांकन रद्द कर दिया गया. कांग्रेस ने उन्हें मध्य प्रदेश से उम्मीदवार बनाया था.

    नामांकन रद्द होने के बाद कांग्रेस नेता जयराम रमेश, भूपेश बघेल, सचिन पायलट और केसी वेणुगोपाल समेत कई पार्टी नेता नई दिल्ली में चुनाव आयोग के दफ़्तर पहुंचे और धरने पर बैठ गए.

  4. नमस्कार!

    बीबीसी न्यूज़ हिन्दी के लाइव पेज पर आपका स्वागत है. मैं बीबीसी संवाददाता सुमंत सिंह अब से दोपहर दो बजे तक आप तक अहम ख़बरें पहुंचाऊंगा.

    कल के लाइव पेज की ख़बरें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें.

    हमारे पेज पर मौजूद कुछ अहम ख़बरों को पढ़ने के लिए नीचे दिए गए लिंक्स पर क्लिक करें.